मंडपिया सांवलिया:- सेठ दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा !! निम्बोदिया कलां (नागदा) से करीब 250 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे हमारे साथियों के साथ होटल व्यापारियों द्वारा कमरा नहीं लेने पर गाली-गलौज एवं मारपीट की घटना सामने आई है श्री सांवलिया सेठ दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा !! निम्बोदिया कलां (नागदा) से करीब 250 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे हमारे साथियों के साथ होटल व्यापारियों द्वारा कमरा नहीं लेने पर गाली-गलौज एवं मारपीट की घटना सामने आई है। यह कोई पहली घटना नहीं है। श्री सांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ पहले भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा इन मामलों पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। यदि श्रद्धालुओं के साथ लगातार दुर्व्यवहार और गुंडागर्दी होती रही, तो यह न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भी खिलवाड़ है। श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज अथवा किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच की जाए तथा हमारे साथियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने वाले दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार उचित एवं कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही शासन-प्रशासन से आग्रह है कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यदि श्रद्धालुओं के साथ अत्याचार और दुर्व्यवहार पर रोक नहीं लगाई गई तथा मंदिर क्षेत्र की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो करणी सेना परिवार श्रद्धालुओं के सम्मान और अधिकारों के लिए आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ने को मजबूर होगा।
मंडपिया सांवलिया:- सेठ दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा !! निम्बोदिया कलां (नागदा) से करीब 250 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे हमारे साथियों के साथ होटल व्यापारियों द्वारा कमरा नहीं लेने पर गाली-गलौज एवं मारपीट की घटना सामने आई है श्री सांवलिया सेठ दर्शन करने गए श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा !! निम्बोदिया कलां (नागदा) से करीब 250 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंडफिया स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे हमारे साथियों के साथ होटल व्यापारियों द्वारा कमरा नहीं लेने पर गाली-गलौज एवं मारपीट की घटना सामने आई है। यह कोई पहली घटना नहीं है। श्री सांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ पहले भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा इन मामलों पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। यदि श्रद्धालुओं के साथ लगातार दुर्व्यवहार और गुंडागर्दी होती रही, तो यह न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भी खिलवाड़ है। श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज अथवा किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच की जाए तथा हमारे साथियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने वाले दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार उचित एवं कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही शासन-प्रशासन से आग्रह है कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यदि श्रद्धालुओं के साथ अत्याचार और दुर्व्यवहार पर रोक नहीं लगाई गई तथा मंदिर क्षेत्र की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो करणी सेना परिवार श्रद्धालुओं के सम्मान और अधिकारों के लिए आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ने को मजबूर होगा।
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- चिंतौड़गढ़ और उदयपुर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए अगले एक महीने तक सफर में बदलाव रहेगा। चिंतौड़गढ़ और उदयपुर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए अगले एक महीने तक सफर में बदलाव रहेगा। अजमेर-चंदेरिया रेलखंड पर झरवास, बांदनवाड़ा और सिंघावल स्टेशनों के बीच दोहरीकरण के काम के चलते सितंबर-अक्टूबर में कई ट्रेनें रद्द रहेंगी। कुछ ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, जबकि कुछ का सफर बीच में ही खत्म होगा और कुछ ट्रेनों के स्टॉपेज भी अस्थायी रूप से हटाए गए हैं। कई ट्रेनें पूरी तरह रद्द रेलवे ने सबसे ज्यादा बदलाव उदयपुर और चित्तौड़गढ़ रूट से जुड़ी ट्रेनों में किए हैं। 4 से 8 अक्टूबर तक जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस (14801) और 4 से 9 अक्टूबर तक इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस (14802) रद्द रहेगी। इसी तरह 4 से 8 अक्टूबर तक मदार-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस (19605) और 3 से 7 अक्टूबर तक उदयपुर सिटी-मदार एक्सप्रेस (19606) भी नहीं चलेगी। अन्य रद्द ट्रेनें: उदयपुर सिटी-जयपुर इंटरसिटी (12991): 11, 15, 18, 22, 25, 29 सितंबर; 2 अक्टूबर; 4 से 8 अक्टूबर जयपुर-उदयपुर सिटी इंटरसिटी (12992): 11, 15, 18, 22, 25, 29 सितंबर; 2 अक्टूबर; 4 से 8 अक्टूबर उदयपुर सिटी-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस (19609): 5 और 8 अक्टूबर योगनगरी ऋषिकेश-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस (19610): 6 और 9 अक्टूबर उदयपुर सिटी-दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस (22985): 4 अक्टूबर दिल्ली सराय रोहिल्ला-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस (22986): 4 अक्टूबर सांतारागाछी-अजमेर स्पेशल (08611): 14, 21 और 28 सितंबर अजमेर-सांतारागाछी स्पेशल (08612): 17, 24 सितंबर और 1 अक्टूबर कुछ ट्रेनों के रूट बदले 7 अक्टूबर को जयपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल (09723) जयपुर-अजमेर-आबूरोड-पालनपुर-साबरमती-वडोदरा मार्ग से चलेगी। इस दौरान ट्रेन ब्यावर, मारवाड़, फालना, आबूरोड, पालनपुर और साबरमती स्टेशनों पर रुकेगी। 16 सितंबर से 3 अक्टूबर तक जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस (14801) मारवाड़-अजमेर-जयपुर-सवाई माधोपुर-रतलाम मार्ग से चलेगी। इस दौरान किशनगढ़, जयपुर, दुर्गापुरा, बनस्थली निवाई, सवाई माधोपुर, कोटा, नागदा और रतलाम में ठहराव रहेगा। वहीं 17, 19, 22, 24, 26, 29 सितंबर तथा 1, 3 और 6 अक्टूबर को अजमेर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस (12996) भी अजमेर-आबूरोड-पालनपुर-साबरमती-वडोदरा मार्ग से चलेगी। इस दौरान ब्यावर, मारवाड़ जंक्शन, फालना, आबूरोड, पालनपुर और साबरमती स्टेशन पर ठहराव रहेगा। कुछ ट्रेनों का सफर बीच में खत्म होगा 10 सितंबर से 3 अक्टूबर तक उदयपुर सिटी-मदार एक्सप्रेस (19606) अपने तय गंतव्य मदार तक नहीं जाएगी और अजमेर स्टेशन पर ही यात्रा समाप्त करेगी। वहीं जयपुर-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस (12992) 10 सितंबर, 12 से 14 सितंबर, 16-17 सितंबर, 19 से 21 सितंबर, 23-24 सितंबर, 26-28 सितंबर, 30 सितंबर, 1 अक्टूबर और 3 अक्टूबर को जयपुर से चलने के बाद उदयपुर सिटी की बजाय राणा प्रताप नगर स्टेशन तक जाएगी। यानी इन तारीखों में यात्रियों को उदयपुर सिटी स्टेशन से यह ट्रेन नहीं मिलेगी। कुछ स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी 8 अक्टूबर को चलने वाली उदयपुर सिटी-मदार एक्सप्रेस (19606) झरवास और बांदनवाड़ा स्टेशन पर नहीं रुकेगी। इसी तरह 6 से 8 अक्टूबर तक जयपुर-भोपाल एक्सप्रेस (19711) और भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस (19712) का बांदनवाड़ा स्टेशन पर ठहराव नहीं रहेगा। रेलवे के अनुसार, दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन और ज्यादा सुचारू होगा और भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी।1
- 300 से अधिक धरोहरों को लाएंगे भारत : शेखावत ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक समूह की पांच अगस्त से चल रही बैठक भोपाल : ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक समूह की पांच अगस्त से चल रही बैठक का शनिवार को समापन हो गया। बैठक में विरासतों के संयुक्त नामांकन सहित विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी है, जिसके लिए साझा रणनीति घोषित की जाएगी। बैठक में तय मुद्दों की जानकारी देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत सरकार अपनी धरोहरों को वापस लाने में जुटी है। अगले पांच वर्षों में विदेश से 300 से अधिक सांस्कृतिक धरोहरों को भारत लाया जाएगा। इसमें भोजशाला की मां वाग्देवी की प्रतिमा भी शामिल है। शेखावत ने कहा कि भारतीय धरोहरों को विदेश से भारत लाने के प्रयास की शुरुआत वैसे तो 1960 के दशक से हुई थी लेकिन 2014 तक मात्र 13 धरोहरों को ही वापस लाया जा सका था। अब यह आंकड़ा 700 तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक समूह की चार दिवसीय बैठक में विरासतों के संयुक्त नामांकन सहित कई मुद्दों पर सहमति घोषणा पत्र की जानकारी देते (बाएं से) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल। संस्कृति का हमारा स्वर्णिम अध्याय रहा: मुख्यमंत्री सबसे अधिक धरोहरें अमेरिका में हैं। वहां से इन्हें लाने के लिए कल्चरल प्रापर्टी एग्रीमेंट किया गया है, जिससे कोई कानूनी दिक्कत न आए। बैठक पत्रकारवार्ता में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा, हमारे देश की संस्कृति का स्वर्णिम अध्याय रहा है, जो जीवंत हो रहा है। ब्रिक्स का आयोजन मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने ब्रिक्स देशों के सम्मेलन का आयोजन भोपाल में कराए जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया। में सऊदी अरब को छोड़ बाकी 10 सदस्य देशों, चार सहभागी देशों के मिलाकर 55 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ब्रिक्स घोषणा पत्र के प्रमुख बिंदु यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में धरोहरों को शामिल कराने के लिए अब संयुक्त नामांकन पर सहमति बनी है। सांस्कृतिक सहयोग और संस्थागत ढांचे को विकसित किया जाएगा। इसमें संस्कृति और विरासतों को संरक्षण के लिए विस्तृत रोडमैप बनाया जाएगा। सांस्कृतिक सहयोग के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। इसमें ऐसी नीति बनेगी कि एक-दूसरे के सहयोग से क्रिएटिव इंडस्ट्री बढ़ सके। रचनाकारों और कलाकारों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे डिजिटल माध्यमों से एक नेटवर्क में आकर बाजार व रूप में स्थान बना सके। सदस्य देशों के कलाकारों की डायरेक्टरी बनेगी, जिसमें उनका पूरा परिचय, विधा, पता, मेल आइडी, फोन नंब व अन्य जानकारी रहेगी, जिससे किसी भदेश के लिए कलाकारों को खोजना बहुत आसान हो जाएगा।1
- बच्चों के मनोरंजन के और शिलालेख जब इसका भूमि पूजन और इसका यह निर्माण हुआ अठाना नगर परिषद में बच्चों की सारी व्यवस्था मनोरंजन की सुचारू रूप से संचालित की जा रही है माननीय जी का बहुत-बहुत धन्यवाद ऐसे ही आपके गृह क्षेत्र जावद में भी किया जाए अच्छा है1
- छात्रसंघ चुनाव को लेकर MLV कॉलेज के बाहर छा्रों का प्रदर्शन1
- राम मंदिर में दर्शन के लिए क्यों नहीं गए बृजभूषण शरण सिंह? बताई वजह1
- जावद नगर परिषद से तो अठाना नगर परिषद अच्छा है यहां विकास की गंगा बह रही है ग्वालियर स्टेट के टाइम की जावद नगर परिषद और वहां के विधायक मंत्री और वहां के जावद नगर के माननीय भूत पूर्व स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार जी सकलेचा जो मुख्यमंत्री रह चुके थे और अभी वर्तमान में उनके सुपुत्र माननीय ओम प्रकाश जी सकलेचा जो की विधायक है वह जावद में विकास की गंगा के नाम पर कुछ नहीं किया है ज्यादातर भ्रष्टाचार ही हुआ है ना बच्चों के मनोरंजन के कोई साधन है और नहीं जावद के नगर के अंदर के रोड व्यवस्थित है क्या यहां का पार्षद विधायक अपने ही घर को साफ नहीं रख पाएगा आम जनता की अपील है माननीय तुरंत संज्ञान में ले जो की अभी वर्तमान में नगर परिषद बना है उसमें इतनी तरक्की हो चुकी है क्या जवाद नगर परिषद का अधिकार नहीं बनता क्या वहां के माननीय को यह विचार नहीं आता3
- कनाडा में भारतीय महिला की हत्या, 7 महीने बाद कैसे आरोपी हुआ गिरफ्तार? टोरंटो में भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने हिमांशी खुराना की मौत पर दुख और हैरानी जताई थी और कहा था कि वे उनके परिवार को हर संभव मदद दे रहे हैं. 7 महीने बाद उसका कातिल गिरफ्तार हुआ है.1