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🙏 भक्तों, देर किस बात की? जल्दी आइए और घर बैठे कीजिए श्री सांवरिया सेठ के दिव्य LIVE दर्शन — सबसे पहले सिर्फ Hello Chittorgarh पर! 🌹 🙏 भक्तों, देर किस बात की? जल्दी आइए और घर बैठे कीजिए श्री सांवरिया सेठ के दिव्य LIVE दर्शन — सबसे पहले सिर्फ Hello Chittorgarh पर! 🌹
Hello Chittorgarh News
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- राम मंदिर में दर्शन के लिए क्यों नहीं गए बृजभूषण शरण सिंह? बताई वजह1
- Post by Mukesh rathor1
- भीलवाड़ा में अल्पसंख्यक ऋण मेला एवं जागरूकता शिविर आयोजित : NN811
- नीमच से खाटू श्यामजी के लिए सीधी बस सेवा शुरू, विधायक परिहार ने दिखाई हरी झंडी नीमच। जिले के श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। राजस्थान परिवहन निगम द्वारा नीमच से प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्यामजी के लिए नई सीधी बस सेवा शुरू की गई है। स्थानीय बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह परिहार ने मंत्रोच्चार के बीच बस का पूजन-अर्चन कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विधायक परिहार ने कहा कि सीधी बस सेवा शुरू होने से नीमच और आसपास के यात्रियों को खाटू श्यामजी पहुंचने में सुविधा मिलेगी। पहले यात्रियों को कई बार बस बदलनी पड़ती थी। कार्यक्रम में प्रथम यात्रा के यात्रियों का स्वागत किया गया।1
- झातला पंचायत में 31 साल के पट्टों का रिकॉर्ड गायब! 1995 से 2026 तक आवासीय भूखंडों के पट्टे किसे मिले? पंचायत ने कहा—“रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं” झातला। ग्राम पंचायत झातला में आवासीय भूखंडों के पट्टों को लेकर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वर्ष 1995 से 2026 तक पंचायत द्वारा आवासीय भूखंडों के संबंध में जारी किए गए पट्टों की जानकारी मांगे जाने पर पंचायत सचिव ने पंचायत के लेटरपैड पर लिखित जवाब देते हुए कहा कि पंचायत में संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। करीब 31 वर्षों के रिकॉर्ड का इस तरह उपलब्ध नहीं होना अपने आप में गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े करता है। आखिर इतने वर्षों में पंचायत द्वारा किन-किन लोगों को आवासीय भूखंडों के पट्टे दिए गए? कितने पट्टे जारी हुए? किसके नाम पर हुए और किस प्रक्रिया के तहत हुए—इन सवालों का जवाब अब रिकॉर्ड के अभाव में कौन देगा? मामले को लेकर प्रेस प्रतिनिधि द्वारा मंत्री से चर्चा कर उच्च अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देने तथा रिकॉर्ड गायब होने की स्थिति में पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पंचायत का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड आखिर कहां गया। वहीं पंचायत सचिव का कहना है कि उन्हें पद संभाले लगभग एक माह ही हुआ है और पुराने रिकॉर्ड के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 1995 से 2026 तक के महत्वपूर्ण पंचायत रिकॉर्ड का जिम्मेदार कौन है? यदि रिकॉर्ड वास्तव में उपलब्ध नहीं है तो वह कहां गया और उसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी? और क्या पुराने रिकॉर्ड की तलाश कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी? झातला पंचायत में 31 वर्षों के पट्टा रिकॉर्ड के गायब होने का मामला अब जांच की मांग कर रहा है। प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है, यह देखने वाली बात होगी। सिंगोली से ख्वाजा हुसैन मेवाती की रिपोर्ट3
- भारत पर 100% तक टैरिफ लगाने वाला बिल सीनेट में पास अमेरिका में सीनेट ने लंबे समय से लंबित रूस की तेल और गैस बिक्री पर लगने वाले प्रतिबंधों से संबंधित विधेयक (बिल) को मंजूरी वाशिंगटन । अमेरिका में सीनेट ने लंबे समय से लंबित रूस की तेल और गैस बिक्री पर लगने वाले प्रतिबंधों से संबंधित विधेयक (बिल) को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक से संबंधित कानून लागू होने का सर्वाधिक असर भारत, चीन, जापान और यूरोप के कुछ देशों पर पड़ सकता है। इन देशों के माल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 100 प्रतिशत तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगा सकेंगे। इस विधेयक के प्रस्तावकों में रिपब्लिकन पार्टी के दिग्गज सांसद दिवंगत लिंडसे ग्राहम भी शामिल थे। इस विधेयक को सितंबर में रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देश होंगे अमेरिका के निशाने पर प्रतिनिधि सभा में पेश किए जाने की संभावना है। वहां से पारित होने के बाद यह विधेयक राष्ट्रपति के पास प्रतिनिधि सभा में जाएगा बिल, बाद में होंगे राष्ट्रपति के दस्तखत जाएगा और उनके हस्ताक्षर के बाद ये प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। ग्राहम यूक्रेन के कट्टर समर्थक अमेरिकी नेता थे। इस विधेयक के जरिये रूस पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य साढ़े चार वर्ष से यूक्रेन से युद्ध लड़ रहे रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है जिससे वह समझौते के लिए बाध्य हो। रूस पर प्रतिबंध के समर्थन में 86 वोट और विरोध में 11 वोट पड़े। इस प्रतिबंध के लागू होने का व्यापक असर रूस के साथ ही भारत और चीन पर पड़ेगा। भारत यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात कर रहा है। यह आयात प्रतिदिन 20 लाख बैरल से ज्यादा तेल कां है। ईरान युद्ध छिड़ने के बाद भारत रूस से गैस का भी आयात कर रहा है।1
- रोड का काम अधूरा 100 मी का टुकड़ा अठाना ग्राम से सुखानंद की तरफ अखाड़े के पास पूरा रोड बना है लेकिन उसके ऊपर 100 मीटर का टुकड़ा जो है उसको अधूरा छोड़ गया है कारण क्या है उसका पता नहीं लग रहे हैं या तो प्रशासन की मिली भगत है पीडब्ल्यूडी वाले ने पैसा खाया है 5 सालों से ऐसे ही पड़ा है3
- रांची छात्र आंदोलन के बीच बड़ी खबर, रद्द होगी 14वीं JPSC पीटी परीक्षा?1
- हनी ट्रैप के शिकार विंग कमांडर ने साथी अधिकारी के फोन में डाले थे स्पाईवेयरदिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में दायर आरोप पत्र में किया दांवा नई दिल्ली: पाकिस्तानी हैंडलर के हनी ट्रैप में फंसे भारतीय वायु सेना के एक विंग कमांडर के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपपत्र दाखिल किया है। बीते 30 मई को वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत पर स्पेशल सेल ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील व गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में विंग कमांडर मनोरथ सिंह को उसके घर से गिरफ्तार किया था। रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ के बाद उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। अब बीते 30 जुलाई को विंग कमांडर के खिलाफ आफिशियल सीक्रेट एक्ट की विभिन्न धाराओं में पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। आरोप है कि पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर विंग कमांडर ने अपने एक साथी अधिकारी के मोबाइल में डाटा चुराने वाला एक खतरनाक एप (स्पाइवेयर) भी इंस्टाल कर दिया था, ताकि उस डिवाइस की जासूसी और लोकेशन ट्रैकिंग की जा सके। सीमा पार से संचालित जासूसी नेटवर्क का पता चला : स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस के एक अधिकारी के मुताबिक, जांच में सीमा पार से संचालित जासूसी नेटवर्क का पता महिला बनकर आइएसआइ के हैंडलर ने बनाया शिकार, 30 मई को स्पेशल सेल ने किया था विंग कमांडर को गिरफ्तार सैन्य इकाइयों की तैनाती और गतिविधियों से जुड़े फोटोग्राफ, वीडियो व दस्तावेज पाकिस्तान को पहुंचाए थे चला था। महिला बनकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के हैंडलर ने विंग कमांडर मनोरथ सिंह को 'हनी ट्रैप' का शिकार बना लिया था। आरोपित अधिकारी व्यक्तिगत जीवन में कठिन दौर से गुजर रहा था। इसी दौरान इंटरनेट मीडिया के जरिये एक महिला ने उससे संपर्क साधा था। संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से रखी जा रही थी नजर पुलिस अधिकारी का कहना है कि शुरुआती जांच से संकेत मिले थे कि यह भारतीय सैन्य खुफिया तंत्र को भेदने के लिए पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था। वायुसेना अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लीक जानकारियों से देश की सुरक्षा को कितना नुकसान पहुंचा है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और वीडियो काल तक जा पहुंची। महिला ने अधिकारी का विश्वास जीतकर और भरोसे में लेकर उससे सैन्य इकाइयों की तैनाती और गतिविधियों से जुड़े फोटोग्राफ, वीडियो और महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल कर लिए थे।1