झातला पंचायत में 31 साल के पट्टों का रिकॉर्ड गायब! 1995 से 2026 तक आवासीय भूखंडों के पट्टे किसे मिले? पंचायत ने कहा—“रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं” झातला। ग्राम पंचायत झातला में आवासीय भूखंडों के पट्टों को लेकर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वर्ष 1995 से 2026 तक पंचायत द्वारा आवासीय भूखंडों के संबंध में जारी किए गए पट्टों की जानकारी मांगे जाने पर पंचायत सचिव ने पंचायत के लेटरपैड पर लिखित जवाब देते हुए कहा कि पंचायत में संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। करीब 31 वर्षों के रिकॉर्ड का इस तरह उपलब्ध नहीं होना अपने आप में गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े करता है। आखिर इतने वर्षों में पंचायत द्वारा किन-किन लोगों को आवासीय भूखंडों के पट्टे दिए गए? कितने पट्टे जारी हुए? किसके नाम पर हुए और किस प्रक्रिया के तहत हुए—इन सवालों का जवाब अब रिकॉर्ड के अभाव में कौन देगा? मामले को लेकर प्रेस प्रतिनिधि द्वारा मंत्री से चर्चा कर उच्च अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देने तथा रिकॉर्ड गायब होने की स्थिति में पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पंचायत का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड आखिर कहां गया। वहीं पंचायत सचिव का कहना है कि उन्हें पद संभाले लगभग एक माह ही हुआ है और पुराने रिकॉर्ड के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 1995 से 2026 तक के महत्वपूर्ण पंचायत रिकॉर्ड का जिम्मेदार कौन है? यदि रिकॉर्ड वास्तव में उपलब्ध नहीं है तो वह कहां गया और उसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी? और क्या पुराने रिकॉर्ड की तलाश कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी? झातला पंचायत में 31 वर्षों के पट्टा रिकॉर्ड के गायब होने का मामला अब जांच की मांग कर रहा है। प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है, यह देखने वाली बात होगी। सिंगोली से ख्वाजा हुसैन मेवाती की रिपोर्ट
झातला पंचायत में 31 साल के पट्टों का रिकॉर्ड गायब! 1995 से 2026 तक आवासीय भूखंडों के पट्टे किसे मिले? पंचायत ने कहा—“रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं” झातला। ग्राम पंचायत झातला में आवासीय भूखंडों के पट्टों को लेकर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वर्ष 1995 से 2026 तक पंचायत द्वारा आवासीय भूखंडों के संबंध में जारी किए गए पट्टों की जानकारी मांगे जाने पर पंचायत सचिव ने पंचायत के लेटरपैड पर लिखित जवाब देते हुए कहा कि पंचायत में संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। करीब 31 वर्षों के रिकॉर्ड का इस तरह उपलब्ध नहीं होना अपने आप में गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े करता है। आखिर
इतने वर्षों में पंचायत द्वारा किन-किन लोगों को आवासीय भूखंडों के पट्टे दिए गए? कितने पट्टे जारी हुए? किसके नाम पर हुए और किस प्रक्रिया के तहत हुए—इन सवालों का जवाब अब रिकॉर्ड के अभाव में कौन देगा? मामले को लेकर प्रेस प्रतिनिधि द्वारा मंत्री से चर्चा कर उच्च अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देने तथा रिकॉर्ड गायब होने की स्थिति में पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पंचायत का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड आखिर कहां गया। वहीं पंचायत सचिव का कहना है कि उन्हें पद संभाले लगभग एक माह ही हुआ है और पुराने
रिकॉर्ड के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 1995 से 2026 तक के महत्वपूर्ण पंचायत रिकॉर्ड का जिम्मेदार कौन है? यदि रिकॉर्ड वास्तव में उपलब्ध नहीं है तो वह कहां गया और उसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी? और क्या पुराने रिकॉर्ड की तलाश कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी? झातला पंचायत में 31 वर्षों के पट्टा रिकॉर्ड के गायब होने का मामला अब जांच की मांग कर रहा है। प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है, यह देखने वाली बात होगी। सिंगोली से ख्वाजा हुसैन मेवाती की रिपोर्ट
- MBBS छात्र की संदिग्ध मौत! डकनिया स्टेशन यार्ड में मिला शव, अंता निवासी हरीश नायक की हुई पहचान कोटा के डकनिया रेलवे स्टेशन यार्ड में रविवार सुबह एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान अंता निवासी हरीश नायक के रूप में हुई है, जो कोटा में रहकर MBBS की पढ़ाई कर रहा था।जानकारी के अनुसार, डकनिया रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर जीआरपी को युवक का शव मिला। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। मृतक के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान हरीश नायक के रूप में हुई।परिजनों को सूचना मिलने के बाद वे मोर्चरी पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान की। बताया जा रहा है कि हरीश कोटा में किराए के मकान में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। फिलहाल जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।1
- जनवादी लेखक संघ के प्रदेश महासचिव ब्रिजेन्द्र कौशिक ने किया नेह का सम्मान जिनसे मिल कर जिंदगी से प्यार हो जाए वो लोग आपने शायद ना देखे हों, मगर होते तो हैं -हिमायत अली शायर कल कोटा के जाने-माने कवि और 27 किताबों के लेखक, 92 साल की उम्र में भी पूरी तरह सक्रिय और जनवादी लेखक संघ के प्रदेश महासचिव, सर्जना और बज्मे-अदब जैसी साहित्यिक संस्थाओं के संस्थापक और संचालक, मुझ अहकर पर खास शफक्कत रखने वाले भाई ब्रिजेन्द्र कौशिक साहब ने विकल्प जन सांस्कृतिक मंच के संस्थापक और संचालक, कवि लेखक और संपादक और उम्र में मुझ से बड़े होने के बावजूद मुखलिस दोस्त की तरह पेश आने वाले भाई महेंद्र नेह साहब का सम्मान किया: इस मौके पर हमने उनसे बात की जो किसी दस्तावेज से कम नहीं:एक बार इस वीडियो को पूरा सुन लीजिए, आप को तमाम अंधकार के बावजूद रोशनी की वो किरणें फूटती नजर आएंगी जो दोपहर के वक्त नजर आती हैं: वीडियो में कौशिक साहब के साथ आए योगेन्द्र मणि, राजेन्द्र पवार, आनंद हजारी, डॉ. ...?, अंत में महेंद्र नेह और ब्रिजेन्द्र कौशिक साहब...1
- 300 से अधिक धरोहरों को लाएंगे भारत : शेखावत ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक समूह की पांच अगस्त से चल रही बैठक भोपाल : ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक समूह की पांच अगस्त से चल रही बैठक का शनिवार को समापन हो गया। बैठक में विरासतों के संयुक्त नामांकन सहित विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी है, जिसके लिए साझा रणनीति घोषित की जाएगी। बैठक में तय मुद्दों की जानकारी देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत सरकार अपनी धरोहरों को वापस लाने में जुटी है। अगले पांच वर्षों में विदेश से 300 से अधिक सांस्कृतिक धरोहरों को भारत लाया जाएगा। इसमें भोजशाला की मां वाग्देवी की प्रतिमा भी शामिल है। शेखावत ने कहा कि भारतीय धरोहरों को विदेश से भारत लाने के प्रयास की शुरुआत वैसे तो 1960 के दशक से हुई थी लेकिन 2014 तक मात्र 13 धरोहरों को ही वापस लाया जा सका था। अब यह आंकड़ा 700 तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक समूह की चार दिवसीय बैठक में विरासतों के संयुक्त नामांकन सहित कई मुद्दों पर सहमति घोषणा पत्र की जानकारी देते (बाएं से) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल। संस्कृति का हमारा स्वर्णिम अध्याय रहा: मुख्यमंत्री सबसे अधिक धरोहरें अमेरिका में हैं। वहां से इन्हें लाने के लिए कल्चरल प्रापर्टी एग्रीमेंट किया गया है, जिससे कोई कानूनी दिक्कत न आए। बैठक पत्रकारवार्ता में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा, हमारे देश की संस्कृति का स्वर्णिम अध्याय रहा है, जो जीवंत हो रहा है। ब्रिक्स का आयोजन मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने ब्रिक्स देशों के सम्मेलन का आयोजन भोपाल में कराए जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया। में सऊदी अरब को छोड़ बाकी 10 सदस्य देशों, चार सहभागी देशों के मिलाकर 55 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ब्रिक्स घोषणा पत्र के प्रमुख बिंदु यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में धरोहरों को शामिल कराने के लिए अब संयुक्त नामांकन पर सहमति बनी है। सांस्कृतिक सहयोग और संस्थागत ढांचे को विकसित किया जाएगा। इसमें संस्कृति और विरासतों को संरक्षण के लिए विस्तृत रोडमैप बनाया जाएगा। सांस्कृतिक सहयोग के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। इसमें ऐसी नीति बनेगी कि एक-दूसरे के सहयोग से क्रिएटिव इंडस्ट्री बढ़ सके। रचनाकारों और कलाकारों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे डिजिटल माध्यमों से एक नेटवर्क में आकर बाजार व रूप में स्थान बना सके। सदस्य देशों के कलाकारों की डायरेक्टरी बनेगी, जिसमें उनका पूरा परिचय, विधा, पता, मेल आइडी, फोन नंब व अन्य जानकारी रहेगी, जिससे किसी भदेश के लिए कलाकारों को खोजना बहुत आसान हो जाएगा।1
- बच्चों के मनोरंजन के और शिलालेख जब इसका भूमि पूजन और इसका यह निर्माण हुआ अठाना नगर परिषद में बच्चों की सारी व्यवस्था मनोरंजन की सुचारू रूप से संचालित की जा रही है माननीय जी का बहुत-बहुत धन्यवाद ऐसे ही आपके गृह क्षेत्र जावद में भी किया जाए अच्छा है1
- खेडली फाटक में निकली कांवड़ यात्रा, शिव भक्ति में झूमे श्रद्धालु कोटा सावन के पवित्र महीने में कोटा के विभिन्न क्षेत्रों में कांवड़ यात्राओं का दौर जारी है। इसी क्रम में खेडली फाटक क्षेत्र में शिव भक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कांवड़ यात्रा निकाली। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। श्रद्धालु डमरू बजाते हुए भगवान शिव के भजनों पर नाचते-गाते चल रहे थे। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आया। कांवड़ यात्रा में भगवान शिव की आकर्षक झांकी भी शामिल रही, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। भक्त कांवड़ लेकर खेडली फाटक स्थित ठाकुर जी के मंदिर पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा।2
- 🙏 भक्तों, देर किस बात की? जल्दी आइए और घर बैठे कीजिए श्री सांवरिया सेठ के दिव्य LIVE दर्शन — सबसे पहले सिर्फ Hello Chittorgarh पर! 🌹 🙏 भक्तों, देर किस बात की? जल्दी आइए और घर बैठे कीजिए श्री सांवरिया सेठ के दिव्य LIVE दर्शन — सबसे पहले सिर्फ Hello Chittorgarh पर! 🌹1
- 9 August ko aadivasi Divas manaya Gaya ravlbhata mein det 9 August ko aadivasi Divas manaya Gaya ravlbhata mein1
- जावद नगर परिषद से तो अठाना नगर परिषद अच्छा है यहां विकास की गंगा बह रही है ग्वालियर स्टेट के टाइम की जावद नगर परिषद और वहां के विधायक मंत्री और वहां के जावद नगर के माननीय भूत पूर्व स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार जी सकलेचा जो मुख्यमंत्री रह चुके थे और अभी वर्तमान में उनके सुपुत्र माननीय ओम प्रकाश जी सकलेचा जो की विधायक है वह जावद में विकास की गंगा के नाम पर कुछ नहीं किया है ज्यादातर भ्रष्टाचार ही हुआ है ना बच्चों के मनोरंजन के कोई साधन है और नहीं जावद के नगर के अंदर के रोड व्यवस्थित है क्या यहां का पार्षद विधायक अपने ही घर को साफ नहीं रख पाएगा आम जनता की अपील है माननीय तुरंत संज्ञान में ले जो की अभी वर्तमान में नगर परिषद बना है उसमें इतनी तरक्की हो चुकी है क्या जवाद नगर परिषद का अधिकार नहीं बनता क्या वहां के माननीय को यह विचार नहीं आता3
- हनी ट्रैप के शिकार विंग कमांडर ने साथी अधिकारी के फोन में डाले थे स्पाईवेयरदिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में दायर आरोप पत्र में किया दांवा नई दिल्ली: पाकिस्तानी हैंडलर के हनी ट्रैप में फंसे भारतीय वायु सेना के एक विंग कमांडर के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपपत्र दाखिल किया है। बीते 30 मई को वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत पर स्पेशल सेल ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील व गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में विंग कमांडर मनोरथ सिंह को उसके घर से गिरफ्तार किया था। रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ के बाद उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। अब बीते 30 जुलाई को विंग कमांडर के खिलाफ आफिशियल सीक्रेट एक्ट की विभिन्न धाराओं में पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। आरोप है कि पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर विंग कमांडर ने अपने एक साथी अधिकारी के मोबाइल में डाटा चुराने वाला एक खतरनाक एप (स्पाइवेयर) भी इंस्टाल कर दिया था, ताकि उस डिवाइस की जासूसी और लोकेशन ट्रैकिंग की जा सके। सीमा पार से संचालित जासूसी नेटवर्क का पता चला : स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस के एक अधिकारी के मुताबिक, जांच में सीमा पार से संचालित जासूसी नेटवर्क का पता महिला बनकर आइएसआइ के हैंडलर ने बनाया शिकार, 30 मई को स्पेशल सेल ने किया था विंग कमांडर को गिरफ्तार सैन्य इकाइयों की तैनाती और गतिविधियों से जुड़े फोटोग्राफ, वीडियो व दस्तावेज पाकिस्तान को पहुंचाए थे चला था। महिला बनकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के हैंडलर ने विंग कमांडर मनोरथ सिंह को 'हनी ट्रैप' का शिकार बना लिया था। आरोपित अधिकारी व्यक्तिगत जीवन में कठिन दौर से गुजर रहा था। इसी दौरान इंटरनेट मीडिया के जरिये एक महिला ने उससे संपर्क साधा था। संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से रखी जा रही थी नजर पुलिस अधिकारी का कहना है कि शुरुआती जांच से संकेत मिले थे कि यह भारतीय सैन्य खुफिया तंत्र को भेदने के लिए पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था। वायुसेना अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लीक जानकारियों से देश की सुरक्षा को कितना नुकसान पहुंचा है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और वीडियो काल तक जा पहुंची। महिला ने अधिकारी का विश्वास जीतकर और भरोसे में लेकर उससे सैन्य इकाइयों की तैनाती और गतिविधियों से जुड़े फोटोग्राफ, वीडियो और महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल कर लिए थे।1