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मेरा प्रयास सच दिखाने का
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- Post by मेरा प्रयास सच दिखाने का1
- मचकुंड में हजारों मछलियों की मौत से हड़कंप, सफाई के बाद उठे सवाल फिटकरी डालने के दो दिन बाद पानी में तैरती मिलीं मरी हुई मछलियां, स्थानीय लोगों ने जताई केमिकल डाले जाने की आशंका—आयुक्त बोले, पोस्टमार्टम से सामने आएगी मौत की वजह धौलपुर। तीर्थराज मचकुंड में एक रात में हजारों मछलियों की मौत ने सफाई व्यवस्था और पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह मचकुंड के पानी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां तैरती दिखाई दीं। अचानक हुई इस घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले नगर परिषद के नए सभापति गिरीश गर्ग ने मचकुंड पहुंचकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया था और आवश्यक निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब दो दिन पहले नगर परिषद की ओर से मचकुंड में सफाई कराई गई तथा पानी को साफ करने के लिए फिटकरी डाले जाने की बात सामने आई। सफाई के बाद बड़ी संख्या में मछलियों की मौत होने से अब सवाल उठ रहा है कि आखिर पानी में ऐसा क्या हुआ, जिससे इतनी बड़ी संख्या में जलीय जीवों की जान चली गई। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि फिटकरी के अलावा पानी में किसी अन्य रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुबह जब मचकुंड में हजारों मरी हुई मछलियां पानी में दिखाई दीं तो मौके पर मौजूद लोगों ने मामले की जांच की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाले मचकुंड में सफाई के नाम पर किसी भी पदार्थ का इस्तेमाल विशेषज्ञों की निगरानी में होना चाहिए, ताकि जलीय जीवों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। इस पूरे मामले को लेकर नगर परिषद आयुक्त विष्णु परमार ने बताया कि मचकुंड की सफाई के लिए फिटकरी डाली गई थी। इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत होना हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि मृत मछलियों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मछलियों की मौत महज पानी की गुणवत्ता में बदलाव के कारण हुई या सफाई के दौरान किसी रासायनिक पदार्थ के इस्तेमाल से? जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।4
- गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों से गुंजायमान हुआ भरतपुर: ढोल-नगाड़ों और मनमोहक झांकियों के साथ निकली गणेश विसर्जन शोभायात्रा धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी भरतपुर में गणेश विसर्जन के अवसर पर भव्य एवं विशाल शोभायात्रा बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ निकाली गई। पूरा शहर "गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ" के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। शहर के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक ट्रस्टों द्वारा इस शोभायात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से श्री बजरंग सेवक ट्रस्ट, श्री राम सेवक ट्रस्ट और श्री गणनायक सेवक ट्रस्ट सहित कई अन्य संस्थाओं की झांकियां शामिल थीं।मुख्य मार्गों से गुजरी शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत यह विशाल शोभायात्रा शहर के बिजली घर चौराहे से प्रारंभ होकर मुख्य बाजारों और धार्मिक स्थलों से गुजरी। शोभायात्रा मथुरा गेट, गंगा मंदिर, जामा मस्जिद और लक्ष्मण मंदिर होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ी। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया। *जयपुर-आगरा के बैंड और कलाकारों के प्रदर्शन ने मोहा मन* शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण बाहर से आए बैंड और कलाकार रहे। जयपुर और आगरा से आए मशहूर बैंड बाजों की मधुर धुनों पर भक्त झूमते नजर आए। वहीं, आगरा से आए कलाकारों ने अपनी विशेष प्रस्तुतियों और धार्मिक सांस्कृतिक झांकियों से भरतपुर वासियों का दिल जीत लिया। *भंडारों का आयोजन, वितरित की गई प्रसादी* गणेश विसर्जन के इस पावन अवसर पर शहर में जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। घरों में विराजित गजानन का भी हुआ विसर्जन एक तरफ जहां मुख्य सड़कों पर शोभायात्रा की धूम रही, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोचार के साथ विसर्जन कर प्रथम पूज्य देव को भावभीनी विदाई दी। विसर्जन के दौरान हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन दिल में बप्पा के अगले बरस जल्दी आने की उम्मीद और उमंग साफ दिखाई दे रही थी।3
- बाड़ी बाइक चोर और नाबालिग से जुड़ा मामला, तीन दिन तक अवैध रूप से थाने पर रखने बाड़ी बाइक चोर और नाबालिग से जुड़ा मामला, तीन दिन तक अवैध रूप से थाने पर रखने पर एसीजेएम कोर्ट हुआ था खफा, एसीजेएम कोर्ट संख्या एक ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को भेजी थी शिकायत, शिकायत पर धौलपुर एसपी ने लिया एक्शन, मामले के जांच अधिकारी एएसआई सुरेश चंद को किया सस्पेंड, मामले की जांच करेंगे सरमथुरा सीओ दुलीचंद, धौलपुर एसपी विकास सांगवान ने दी जानकारी।2
- विश्व पर्यटन दिवस: पर्यटन से बढ़ता है संस्कृति, रोजगार और विकास पुणे। प्रत्येक वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। पर्यटन केवल मनोरंजन और भ्रमण का माध्यम नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, परंपराओं और विरासत को एक-दूसरे से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। भारत अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, प्राकृतिक सुंदरता, कला, संस्कृति और विविध परंपराओं के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। पर्यटन क्षेत्र से स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और छोटे व्यवसायों को रोजगार एवं आर्थिक अवसर मिलते हैं। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन की ओर से लोगों से अपील की गई कि पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखें, प्राकृतिक संसाधनों एवं ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा करें और स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं का सम्मान करें। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी1
- 🚨 BREAKING NEWS | नई दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र नई दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र के बाहर छात्रों और प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई गई। #BreakingNews #DelhiNews #StudentProtest #DelhiProtest #ParliamentStreet #NewDelhi #LatestNews #viralreelsシ #viralfacebookpost1
- विश्व नदी दिवस: नदियों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश पुणे। विश्व नदी दिवस के अवसर पर नदियों के महत्व, संरक्षण और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया। नदियां मानव जीवन के साथ-साथ कृषि, पर्यावरण, वन्यजीव और जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन हैं। इस अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन की ओर से समाजसेवी एवं रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी ने कहा कि नदियों को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। नदियों में कचरा, प्लास्टिक और रासायनिक पदार्थों का प्रवाह रोकने के साथ-साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और जीवन-व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित जल उपलब्ध कराने हेतु आज से ही नदी संरक्षण के प्रति गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए। विश्व नदी दिवस पर नागरिकों से अपील की गई कि वे नदियों में कचरा न डालें, जल की बर्बादी रोकें और अपने आसपास के जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय योगदान दें। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी1
- घरों-अस्पतालों में भरा पानी; नदियां उफनाईं, छाता लेकर पुलिस कह रही- घर के अंदर रहो उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई शहरों और गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। राज्य में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिसके चलते लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर जैसे प्रमुख जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है घरों और अस्पतालों में जलभराव: शहरों की सड़कें तालाब बन चुकी हैं, जिससे बाढ़ का पानी लोगों के बेडरूम, किचन और अस्पताल परिसरों के अंदर तक घुस गया है।नदियां और बांध उफान पर: लगातार बारिश की वजह से राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पास बह रही हैं और कई बड़े बांध (Dams) ओवरफ्लो हो गए हैं।फसलों को भारी नुकसान: ग्रामीण इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र उत्तर प्रदेश1