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ब्रेकिंग न्यूज श्योपुर- राजस्थान के अलवर के पास कार में आग लगने से हुई दुर्घटना में हुई मौतो के बाद अंतिम संस्कार को ले जाते परिजन। राजस्थान के अलवर में हुए सड़क हादसे में श्योपुर निवासी एक परिवार के पांचो शव कार्टून में रखकर शुक्रवार को श्योपुर लाये गये, दोपहर करीब 12 बजे एक अर्थी पर कार्टून रखकर शव यात्रा निकाली गई जहां खेत में एक ही चिता पर पांचों कार्टन रखकर अंतिम संस्कार किया गया। सभी शवों को दामाद विनोद आदिवासी ने मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल पूरा गमगीन हो गया और परिवार को ढांढस बंधाते लोग नजर आए।
Noshad ahmad qureshi
ब्रेकिंग न्यूज श्योपुर- राजस्थान के अलवर के पास कार में आग लगने से हुई दुर्घटना में हुई मौतो के बाद अंतिम संस्कार को ले जाते परिजन। राजस्थान के अलवर में हुए सड़क हादसे में श्योपुर निवासी एक परिवार के पांचो शव कार्टून में रखकर शुक्रवार को श्योपुर लाये गये, दोपहर करीब 12 बजे एक अर्थी पर कार्टून रखकर शव यात्रा निकाली गई जहां खेत में एक ही चिता पर पांचों कार्टन रखकर अंतिम संस्कार किया गया। सभी शवों को दामाद विनोद आदिवासी ने मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल पूरा गमगीन हो गया और परिवार को ढांढस बंधाते लोग नजर आए।
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- Post by Noshad ahmad qureshi1
- चौथ का बरवाड़ा। विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बने पंचायत समिति भवन में लोकार्पण के महज 2 साल 11 माह बाद ही छत और दीवारों में दरारें पड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। हालत यह है कि भवन के अंदर कई कमरों की दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं और छतों पर भी क्रैक पड़ चुके हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में चौथ का बरवाड़ा को पंचायत समिति का दर्जा मिलने के बाद शुरुआत में राजकीय विद्यालय के खाली पड़े नेहरू ब्लॉक भवन में पंचायत समिति कार्यालय संचालित किया गया था। करीब आठ वर्षों तक अस्थायी व्यवस्था में काम चलने के बाद वर्ष 2023 में सवाई माधोपुर मार्ग की ओर नया पंचायत समिति भवन बनकर तैयार हुआ और बड़े उत्साह के साथ इसका लोकार्पण किया गया। उम्मीद थी कि नया भवन क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यों को मजबूती देगा, लेकिन निर्माण के कुछ ही वर्षों में सामने आई दरारों ने पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस कक्ष में पंचायत समिति के मुखिया विकास अधिकारी बैठते हैं, वहां भी दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। अन्य कमरों और छतों पर भी जगह-जगह क्रैक दिखाई दे रहे हैं। इससे कर्मचारियों और आमजन में भवन की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा है कि निर्माण के दौरान ठेकेदार ने मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि अधिकारियों ने दरारों वाली बिल्डिंग को हैंडओवर लेकर संचालन कैसे शुरू कर दिया। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है। हाल ही में उपखंड अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने पंचायत समिति भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन में पड़ी दरारों को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। हालांकि, सवाल अब भी बरकरार है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद इतनी जल्दी भवन की यह स्थिति क्यों बनी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पंचायत समिति भवन में आई दरारें केवल दीवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गहरी दरार का संकेत भी दे रही हैं।2
- सचिन पायलट ने किए खाटूश्यामजी के दर्शन1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय सहित आसपास क्षेत्र के नाले कचरे से लबालब भरे हुए हैं।आगामी आने वाले मानसून सवाई माधोपुर मुख्यालय सहित आसपास क्षेत्र के होंगे हालत खराब । जिम्मेदार मौन । आखिर देखने की बात है कि कौन सी राजनीति के चलते नहीं किया जा रहे नालों की सफाई का कार्य? #DM Sawai Madhopur, #Nagar Parishad ayukt Sawai Madhopur, #Nagar Nigam Jaipur, #swachh Bharat abhiyan brand ambassador k. k Gupta1
- समरानिया कस्बे के रातई रोड पर देर रात एक सड़क हादसा हो गया, जहां एक ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक घायल हो गया। घटना के बाद गुस्साए बाइक सवार ने ग्रामीणों को मौके पर बुला लिया, जिसके बाद लोगों ने ट्रैक्टर चालक की पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- शाहाबाद जहाँ देश को आजादी मिले 77 वर्ष हो गए लेकिन ऐसे में अगर दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी के लिए इतना संघर्ष करना पड़ जाए तो फिर यह सभी सरकारी योजनाओं की पोल खोलती नजर आती कि। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के डूडावर गांव में आज भी पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है इसके चलते गांव के लोग पास में वह रही कुन्नू एवं तिलपसी नदी से गंदा एवं मटमैला पानी पीने को मजबूर है गांव में करीब 180 मतदाता निवास करते हैं यह गांव राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से महज ढाई किलोमीटर दूरी पर बसा हुआ है ग्रामीण महिला शरबती सहरिया एवं गुजरिया सहरिया का कहना है कि गांव के सभी लोग 12 महीने नदी में जाने के लिए काफी दुर्गम रास्तों से होकर ये महिलाए नदी से पानी लाकर ही पीते हैं बरसात में गंदा पानी पीना पड़ता है। गर्मी में यह समस्या और बढ़ जाती है। शाहाबाद उपखंड के गांव डूडावर में वर्षों से पेयजल सुविधा नहीं होने का दंश झेल रहे हैँ न ही उन्हें मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में यहां के ग्रामीणों को अभी भी नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा न तो कोई व्यवस्था की गई और न ही पेयजल व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पानी को महिलाएं अपनी ही साड़ी या कपड़े से छानकर घर लाती हैं और इस पानी को ही पीने के लिए उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीण महिला कनपुतरी, गुजरिया, मुन्नी, रामकली, भभूती, फूलवती, मछला, अशरफी, कल्लो, गुड्डी, श्रीमती, कमलेश, नैना, मोनिका सहरिया आदि ने बताया कि यहां पर वर्षों से यही हाल है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनावों के समय वोट के लिए तरह-तरह के वादे कर जाते हैं फिर इन गांवों की ओर देखने तक नहीं आते। यहां पर एक हैंड पंप है जो पहले बंद था लेकिन कुछ दिनों पहले ठीक कराया उसमें भी खारा पानी एवं मटमैला लाल पानी आता ये जिसमें से कोई भी पानी नहीं भरता इस मामले में शाहाबाद विकास अधिकारी हर्ष महावर का कहना है कि यह गांव आबादी भूमि में आता होगा तो हमारे अधीनस्थ होता है फिर भी में जांच करवा लेता हूं, ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया यदि आवश्यकता होगी तो इसका जल्द समाधान किया जाएगा।3
- Post by बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश1
- चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की रजवाना ग्राम पंचायत मुख्यालय में स्वच्छ और सुंदर गांव के दावों की हकीकत कीचड़ में दबती नजर आ रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को साफ-सफाई और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए लाखों रुपये का बजट जारी किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल विपरीत है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण आज भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत मुख्यालय के प्रमुख आम रास्तों पर पक्की सड़क नहीं होने के कारण गंदा पानी कच्ची सड़क के बीच जमा हो जाता है। इससे रास्ते कीचड़ से भर जाते हैं और लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन इस रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को होती है, जिन्हें कीचड़ और गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चे इसी वजह से स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। बारिश के मौसम में तो स्थिति और भयावह हो जाती है, जब पूरा मार्ग दलदल में बदल जाता है।ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर सरपंच से लेकर पंचायत राज विभाग के उच्च अधिकारियों तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि बजट जारी होने के बावजूद विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे।यह समस्या केवल रजवाना तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। इससे पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।2
- लाखेरी मॉल की झोपड़ियों में गेहूं की नोलाइयों में आग लगने की घटना सामने आई सूचना पर लाखेरी नगर पालिका की दमकल तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया इस दौरान फायरमैन हरिओम भारती मनीष सैनी मृणाल शर्मा एवं ड्राइवर रंजीत जी मौके पर उपस्थित रहे जिन्होंने सफलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।1