सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* बक्सर से रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम *‘सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए जदयू ने शनिवार को बक्सर से बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया। ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के जरिए पांच हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पार्टी ने गंगा के पानी पर बिहार के अधिकार का मुद्दा उठाया। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बक्सर पहुंचने पर जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। दोनों नेता गंगा और ठोरा नदी के संगम त्रिमुहानी पहुंचे और गंगा का निरीक्षण करने के बाद बगीचा उत्सव लॉन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संजय झा ने कहा कि *12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के 30 वर्ष* पूरे होने वाले हैं। आरोप लगाया कि तीन दशक पहले बिहार के हितों की अनदेखी कर ऐसी व्यवस्था बनाई गई, जिसका खामियाजा आज बिहार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी बिहार के लोगों का हक है और इसका सीधा संबंध खेती, सिंचाई और पेयजल से है। *‘आपकी ही सरकार है, फिर मांग पूरी क्यों नहीं?’* कार्यक्रम के दौरान जब संजय झा से सवाल किया गया कि बिहार और केंद्र दोनों जगह जदयू सत्ता में है, फिर बिहार के हित से जुड़ी यह मांग अब तक पूरी क्यों नहीं हुई, तो उन्होंने सीधे तौर पर पूर्ववर्ती सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 1996 में जब जल संधि लागू की गई थी, उस समय किसकी सरकार थी, यह किसी से छिपा नहीं है। संजय झा ने आरोप लगाया कि उस समय *सत्ता सुख के लिए जनता के हितों की अनदेखी की गई।* आज सवाल उठाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने ऐसी संधि क्यों की, जिसमें बिहार के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। *फरक्का बैराज से गाद और बाढ़ का मुद्दा* संजय झा ने कहा कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद की समस्या गंभीर हुई है। गर्मी में पानी की किल्लत और मानसून में बाढ़ बिहार की बड़ी समस्या है। 1975 में फरक्का बैराज बनने के बाद गंगा में भारी मात्रा में गाद जमा होने लगी, जिसका असर नदी के प्रवाह और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने संधि की जल बंटवारे की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि 70 हजार क्यूसेक या उससे कम पानी होने पर बांग्लादेश को 35 हजार क्यूसेक पानी देने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि बिहार के हित से जुड़ा यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा गया है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। *12 जिलों में चलेगा जनसंवाद* संजय झा ने कहा कि गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जनता से संवाद किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों से अवगत कराना और बिहार के जल अधिकार, सिंचाई, कृषि तथा बाढ़ की समस्या को लेकर जनमत तैयार करना है। कार्यक्रम में जदयू प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, राजपुर विधायक संतोष निराला, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा समेत पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाइट- संजय झा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जदयू
सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* बक्सर से रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम *‘सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए जदयू ने शनिवार को बक्सर से बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया। ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के जरिए पांच हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पार्टी ने गंगा के पानी पर बिहार के अधिकार का मुद्दा उठाया। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बक्सर पहुंचने पर जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। दोनों नेता गंगा और ठोरा नदी के संगम त्रिमुहानी पहुंचे और गंगा का निरीक्षण करने के बाद बगीचा उत्सव लॉन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संजय झा ने कहा कि *12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के 30 वर्ष* पूरे होने वाले हैं। आरोप लगाया कि तीन दशक पहले बिहार के हितों की अनदेखी कर ऐसी व्यवस्था बनाई गई, जिसका खामियाजा आज बिहार को भुगतना पड़ रहा
है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी बिहार के लोगों का हक है और इसका सीधा संबंध खेती, सिंचाई और पेयजल से है। *‘आपकी ही सरकार है, फिर मांग पूरी क्यों नहीं?’* कार्यक्रम के दौरान जब संजय झा से सवाल किया गया कि बिहार और केंद्र दोनों जगह जदयू सत्ता में है, फिर बिहार के हित से जुड़ी यह मांग अब तक पूरी क्यों नहीं हुई, तो उन्होंने सीधे तौर पर पूर्ववर्ती सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 1996 में जब जल संधि लागू की गई थी, उस समय किसकी सरकार थी, यह किसी से छिपा नहीं है। संजय झा ने आरोप लगाया कि उस समय *सत्ता सुख के लिए जनता के हितों की अनदेखी की गई।* आज सवाल उठाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने ऐसी संधि क्यों की, जिसमें बिहार के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। *फरक्का बैराज से गाद और बाढ़ का मुद्दा* संजय झा ने कहा कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद की समस्या गंभीर हुई है। गर्मी में पानी की किल्लत और मानसून में बाढ़ बिहार की बड़ी समस्या
है। 1975 में फरक्का बैराज बनने के बाद गंगा में भारी मात्रा में गाद जमा होने लगी, जिसका असर नदी के प्रवाह और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने संधि की जल बंटवारे की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि 70 हजार क्यूसेक या उससे कम पानी होने पर बांग्लादेश को 35 हजार क्यूसेक पानी देने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि बिहार के हित से जुड़ा यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा गया है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। *12 जिलों में चलेगा जनसंवाद* संजय झा ने कहा कि गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जनता से संवाद किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों से अवगत कराना और बिहार के जल अधिकार, सिंचाई, कृषि तथा बाढ़ की समस्या को लेकर जनमत तैयार करना है। कार्यक्रम में जदयू प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, राजपुर विधायक संतोष निराला, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा समेत पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाइट- संजय झा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जदयू
- राघोपुर पहुंचे CM सम्राट, काज़ीकोरिया बांध का निरीक्षण राघोपुर पहुंचे CM सम्राट, काज़ीकोरिया बांध का निरीक्षण1
- सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* बक्सर से रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम *‘सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए जदयू ने शनिवार को बक्सर से बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया। ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के जरिए पांच हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पार्टी ने गंगा के पानी पर बिहार के अधिकार का मुद्दा उठाया। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बक्सर पहुंचने पर जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। दोनों नेता गंगा और ठोरा नदी के संगम त्रिमुहानी पहुंचे और गंगा का निरीक्षण करने के बाद बगीचा उत्सव लॉन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संजय झा ने कहा कि *12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के 30 वर्ष* पूरे होने वाले हैं। आरोप लगाया कि तीन दशक पहले बिहार के हितों की अनदेखी कर ऐसी व्यवस्था बनाई गई, जिसका खामियाजा आज बिहार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी बिहार के लोगों का हक है और इसका सीधा संबंध खेती, सिंचाई और पेयजल से है। *‘आपकी ही सरकार है, फिर मांग पूरी क्यों नहीं?’* कार्यक्रम के दौरान जब संजय झा से सवाल किया गया कि बिहार और केंद्र दोनों जगह जदयू सत्ता में है, फिर बिहार के हित से जुड़ी यह मांग अब तक पूरी क्यों नहीं हुई, तो उन्होंने सीधे तौर पर पूर्ववर्ती सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 1996 में जब जल संधि लागू की गई थी, उस समय किसकी सरकार थी, यह किसी से छिपा नहीं है। संजय झा ने आरोप लगाया कि उस समय *सत्ता सुख के लिए जनता के हितों की अनदेखी की गई।* आज सवाल उठाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने ऐसी संधि क्यों की, जिसमें बिहार के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। *फरक्का बैराज से गाद और बाढ़ का मुद्दा* संजय झा ने कहा कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद की समस्या गंभीर हुई है। गर्मी में पानी की किल्लत और मानसून में बाढ़ बिहार की बड़ी समस्या है। 1975 में फरक्का बैराज बनने के बाद गंगा में भारी मात्रा में गाद जमा होने लगी, जिसका असर नदी के प्रवाह और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने संधि की जल बंटवारे की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि 70 हजार क्यूसेक या उससे कम पानी होने पर बांग्लादेश को 35 हजार क्यूसेक पानी देने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि बिहार के हित से जुड़ा यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा गया है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। *12 जिलों में चलेगा जनसंवाद* संजय झा ने कहा कि गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जनता से संवाद किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों से अवगत कराना और बिहार के जल अधिकार, सिंचाई, कृषि तथा बाढ़ की समस्या को लेकर जनमत तैयार करना है। कार्यक्रम में जदयू प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, राजपुर विधायक संतोष निराला, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा समेत पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाइट- संजय झा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जदयू4
- दिल्ली में हुआ शिक्षक दिवस पर विवाद डेढ़ सौ रुपया के कारण।1
- तारापुर में चाय-किराना दुकानों की आड़ में गांजा कारोबार का खुलासा, 475 ग्राम गांजा बरामद तारापुर थाना क्षेत्र के बंशीपुर मोड़ पर चाय एवं किराना दुकानों की आड़ में गांजा की खरीद-बिक्री का पुलिस ने खुलासा किया है। एसडीपीओ निशांत गौरव के निर्देश पर चलाए गए छापेमारी अभियान में दो दुकानदारों को गिरफ्तार किया गया। अभियान में सअनि कमला कांत पांडेय की टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, सूचना के आधार पर बंशीपुर मोड़ स्थित मनोज कुमार सिंह की चाय-किराना दुकान में तलाशी ली गई। दुकान के रैक से काली पॉलीथिन में रखा 225 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद मनोज की निशानदेही पर शेखर तांती की किराना दुकान में छापेमारी की गई। यहां आलू की बोरी के पीछे से 250 ग्राम गांजा बरामद हुआ। दोनों के पास से एक-एक मोबाइल भी जब्त किया गया। इस तरह पुलिस ने कुल 475 ग्राम गांजा बरामद किया। प्रभारी थानाध्यक्ष सुबन्ता कुमारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को शुक्रवार की शाम न्यायिक हिरासत में मुंगेर भेज दिया गया। मामले की जांच एसआई मोहम्मद हारून राशिद कर रहे हैं।1
- नवगछिया के लोगों के लिए अच्छी खबर, Thyrocare जांच केंद्र की मिली सुविधा नवगछिया में स्वास्थ्य जांच की सुविधा हुई आसान, Thyrocare सेंटर का शुभारंभ ° नवगछिया: क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। नवगछिया के बाजार समिति थाना रोड स्थित राज कॉम्प्लेक्स, सत्संग भवन में Thyrocare जांच केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ° जांच कराने के इच्छुक लोग पहले से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। होम कलेक्शन या जांच से संबंधित जानकारी के लिए 7050350605 और 8229834118 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- भागलपुर जिला सन्हौला थाना क्षेत्र से इस वक्त की दुखद खबर सामने आ रही है, जहां नदी में स्नान करने गए 22 वर्षीय युवक की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। भागलपुर जिला सन्हौला थाना क्षेत्र से इस वक्त की दुखद खबर सामने आ रही है, जहां नदी में स्नान करने गए 22 वर्षीय युवक की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना सन्हौला थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव के पास भुड़िया छिटा की बताई जा रही है। मृतक युवक की पहचान भगवानपुर गांव निवासी महेश दास के 22 वर्षीय पुत्र बिट्टू कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, बिट्टू कुमार अपने चार दोस्तों के साथ नदी में स्नान करने गया था। स्नान के दौरान तीन दोस्त नदी से बाहर निकल आए, जबकि बिट्टू कुमार गहरे पानी की ओर चला गया। इसी दौरान वह अचानक डूबने लगा। दोस्तों ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही सन्हौला थाना प्रभारी रूपेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं अंचलाधिकारी रजनीश चंद्र राय भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की पहल पर एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने नदी में तलाशी अभियान चलाया और काफी मशक्कत के बाद बिट्टू कुमार के शव को नदी से बरामद कर लिया। सबसे दुखद बात यह है कि बिट्टू कुमार की शादी महज तीन महीने पहले ही अटपरा गांव की पिंकी कुमारी के साथ हुई थी। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं परिजनों के चीत्कार से पूरा गांव गमगीन है। अंचलाधिकारी रजनीश चंद्र राय ने बताया कि आपदा के तहत मिलने वाली सरकारी सहायता राशि के लिए नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी और पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद भगवानपुर गांव सहित पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।1
- पिपरपाती में झाड़ फूंक के चक्कर में गई महिला की जान,परिजनों में मचा कोहराम। गोगरी। पसराहा थाना क्षेत्र के पिपरपांती गांव में शनिवार को सर्पदंश से एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान पिपरपांती निवासी निर्मला देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में भी मातम का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, निर्मला देवी शनिवार को घर से घास लाने के लिए गई थीं। इसी दौरान रास्ते में एक सर्प ने उन्हें डंस लिया। सर्पदंश के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने में लग गए। काफी देर तक झाड़फूंक कराने के बाद जब महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी तो परिजन उन्हें इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने महिला की जांच की, जिसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा है कि समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से महिला की जान बच सकती थी। लोगों ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़फूंक कराने के बजाय बिना देरी किए पीड़ित को अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि चिकित्सकों द्वारा समय पर उपचार शुरू किया जा सके। घटना ने एक बार फिर सर्पदंश के मामलों में अंधविश्वास छोड़कर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत को उजागर किया है।1
- सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* बक्सर से रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम *‘सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए जदयू ने शनिवार को बक्सर से बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया। ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के जरिए पांच हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पार्टी ने गंगा के पानी पर बिहार के अधिकार का मुद्दा उठाया। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बक्सर पहुंचने पर जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। दोनों नेता गंगा और ठोरा नदी के संगम त्रिमुहानी पहुंचे और गंगा का निरीक्षण करने के बाद बगीचा उत्सव लॉन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संजय झा ने कहा कि *12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के 30 वर्ष* पूरे होने वाले हैं। आरोप लगाया कि तीन दशक पहले बिहार के हितों की अनदेखी कर ऐसी व्यवस्था बनाई गई, जिसका खामियाजा आज बिहार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी बिहार के लोगों का हक है और इसका सीधा संबंध खेती, सिंचाई और पेयजल से है। *‘आपकी ही सरकार है, फिर मांग पूरी क्यों नहीं?’* कार्यक्रम के दौरान जब संजय झा से सवाल किया गया कि बिहार और केंद्र दोनों जगह जदयू सत्ता में है, फिर बिहार के हित से जुड़ी यह मांग अब तक पूरी क्यों नहीं हुई, तो उन्होंने सीधे तौर पर पूर्ववर्ती सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 1996 में जब जल संधि लागू की गई थी, उस समय किसकी सरकार थी, यह किसी से छिपा नहीं है। संजय झा ने आरोप लगाया कि उस समय *सत्ता सुख के लिए जनता के हितों की अनदेखी की गई।* आज सवाल उठाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने ऐसी संधि क्यों की, जिसमें बिहार के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। *फरक्का बैराज से गाद और बाढ़ का मुद्दा* संजय झा ने कहा कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद की समस्या गंभीर हुई है। गर्मी में पानी की किल्लत और मानसून में बाढ़ बिहार की बड़ी समस्या है। 1975 में फरक्का बैराज बनने के बाद गंगा में भारी मात्रा में गाद जमा होने लगी, जिसका असर नदी के प्रवाह और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने संधि की जल बंटवारे की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि 70 हजार क्यूसेक या उससे कम पानी होने पर बांग्लादेश को 35 हजार क्यूसेक पानी देने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि बिहार के हित से जुड़ा यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा गया है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। *12 जिलों में चलेगा जनसंवाद* संजय झा ने कहा कि गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जनता से संवाद किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों से अवगत कराना और बिहार के जल अधिकार, सिंचाई, कृषि तथा बाढ़ की समस्या को लेकर जनमत तैयार करना है। कार्यक्रम में जदयू प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, राजपुर विधायक संतोष निराला, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा समेत पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाइट- संजय झा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जदयू3