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हत्या की आशंका जताने वाले युवक की खून से लथपथ लाश मिलने से हड़कंप, पुलिस और प्रशासन पर उठे सवाल अंबिकापुर/गढ़वा। सरगुजा जिले के अंबिकापुर निवासी युवक अमन ओझा की झारखंड में संदिग्ध परिस्थितियों में खून से लथपथ लाश मिलने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवक ने कुछ दिन पहले ही पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अपनी जान को खतरा बताया था। इसके बावजूद सुरक्षा नहीं मिलने पर अब पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार अमन ओझा, पिता विद्यासागर ओझा, निवासी मिशन चौक तिवारी बिल्डिंग रोड, अंबिकापुर ने कलेक्टर सरगुजा सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि एक युवक उसकी पत्नी आंचल ओझा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। अमन ने यह भी बताया था कि उसकी चार वर्षीय बेटी भी उसके साथ है। अपने आवेदन में अमन ओझा ने उल्लेख किया था कि जब भी वह अपनी पत्नी से संपर्क करने या उसका पता लगाने की कोशिश करता था, तब उसे मोबाइल नंबर 6265828643 से लगातार धमकियां दी जाती थीं। युवक ने आरोप लगाया था कि उसके साथ गाली-गलौज की जाती है तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा था कि आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा उस पर हमला कराने की कोशिश की गई है। अमन ओझा ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उसने विभिन्न हिंदू संगठनों और बजरंग दल से मदद की अपील भी की थी। हालांकि समय रहते न तो प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही उसे पर्याप्त सुरक्षा मिल सकी। इसी बीच झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड स्थित बुढ़ापरास ग्राम पंचायत क्षेत्र में अमन ओझा का शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ। शव पर कई गंभीर चोटों के निशान बताए जा रहे हैं, जिससे हत्या की आशंका और प्रबल हो गई है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अंबिकापुर से शव मिलने वाले स्थान की दूरी लगभग 125 किलोमीटर है, ऐसे में यह मामला सामान्य नहीं प्रतीत होता। आरोप लगाए जा रहे हैं कि युवक को अंबिकापुर से ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या की गई है। अब इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि युवक द्वारा दी गई शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश का माहौल है और लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

1 hr ago
user_Balrampur
Balrampur
Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

हत्या की आशंका जताने वाले युवक की खून से लथपथ लाश मिलने से हड़कंप, पुलिस और प्रशासन पर उठे सवाल अंबिकापुर/गढ़वा। सरगुजा जिले के अंबिकापुर निवासी युवक अमन ओझा की झारखंड में संदिग्ध परिस्थितियों में खून से लथपथ लाश मिलने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवक ने कुछ दिन पहले ही पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अपनी जान को खतरा बताया था। इसके बावजूद सुरक्षा नहीं मिलने पर अब पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार अमन ओझा, पिता विद्यासागर ओझा, निवासी मिशन चौक तिवारी बिल्डिंग रोड, अंबिकापुर ने कलेक्टर सरगुजा सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि एक युवक उसकी पत्नी आंचल ओझा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। अमन ने यह भी बताया था कि उसकी चार वर्षीय बेटी भी उसके साथ है। अपने आवेदन में अमन ओझा ने उल्लेख किया था कि जब भी वह अपनी पत्नी से संपर्क करने या उसका पता लगाने की कोशिश करता था, तब उसे मोबाइल नंबर 6265828643 से लगातार धमकियां दी जाती थीं। युवक ने आरोप लगाया था कि उसके साथ गाली-गलौज की जाती है तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा था कि आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा उस पर हमला कराने की कोशिश की गई है। अमन ओझा ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उसने विभिन्न हिंदू संगठनों और बजरंग दल से मदद की अपील भी की थी। हालांकि समय रहते न तो प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही उसे पर्याप्त सुरक्षा मिल सकी। इसी बीच झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड स्थित बुढ़ापरास ग्राम पंचायत क्षेत्र में अमन ओझा का शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ। शव पर कई गंभीर चोटों के निशान बताए जा रहे हैं, जिससे हत्या की आशंका और प्रबल हो गई है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अंबिकापुर से शव मिलने वाले स्थान की दूरी लगभग 125 किलोमीटर है, ऐसे में यह मामला सामान्य नहीं प्रतीत होता। आरोप लगाए जा रहे हैं कि युवक को अंबिकापुर से ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या की गई है। अब इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि युवक द्वारा दी गई शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश का माहौल है और लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

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  • अवैध पशु तस्करी एवं पशु क्रूरता प्रकरण में फरार 01 आरोपी गिरफ्तार पूर्व में 01 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, कुल 02आरोपियों पर कार्यवाही जिला बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस द्वारा अवैध पशु तस्करी एवं पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में चौकी विजयनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/26 में पूर्व में गिरफ्तार 01 आरोपी के अतिरिक्त फरार चल रहे 01 अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के विरुद्ध 2004 कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(घ) के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।* *घटना का संक्षिप्त विवरण* *दिनांक 07.03.2026 को चौकी विजयनगर स्टाफ शासकीय वाहन से रात्रि गश्त पर रवाना थे। गश्त के दौरान रात लगभग 2:00 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ तस्कर मवेशियों को क्रूरता पूर्वक मारते पीटते मेघुली से कन्हऱ नदी होते हुए (झारखण्ड) की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी किया गया। रात व घने जंगल का फायदा उठाकर तस्कर भागने मे सफल रहे. परन्तु स्थानीय लोग जो खेत मे पानी पटा रहे थे, अपने हीं गांव से सहयोगी को पहचान लिए और पूछताछ में नाम उजागर कर दिए. घटना स्थल से 09 रास पशु गाय बैल की जप्ती की गई. क्षेत्र मे लगातार आने वाले व्यापारी सफीक पिता अजीम अंसारी, 56 वर्ष निवासी मानपुर रंका (झारखण्ड) को उसके सकुनत से गिरफ्तार किया गया था जो आज फरार चल रहे आरोपी क़ासिम हुसैन पिता हकीम हुसैन निवासी शारदापुर चलगली थाना चलगली को गिरफतार कर न्यायिक रिमांड पे भेजा गया ।* *पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की चौकी विजयनगर पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा लगातार पतासाजी की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना पे आरोपी कासिम पिता हकीम निवासी शारदापुर चलगली जिला बलरामपुर छत्तीसगढ़ को दिनांक 11.05 .2026 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
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    अवैध पशु तस्करी एवं पशु क्रूरता प्रकरण में फरार 01 आरोपी गिरफ्तार
पूर्व में 01 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, कुल 02आरोपियों पर कार्यवाही
जिला बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस द्वारा अवैध पशु तस्करी एवं पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में चौकी विजयनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/26 में पूर्व में गिरफ्तार 01 आरोपी के अतिरिक्त फरार चल रहे 01 अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के विरुद्ध 2004 कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(घ) के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।*
*घटना का संक्षिप्त विवरण*
*दिनांक 07.03.2026 को चौकी विजयनगर स्टाफ शासकीय वाहन से रात्रि गश्त पर रवाना थे। गश्त के दौरान रात लगभग 2:00 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ तस्कर मवेशियों को क्रूरता पूर्वक मारते  पीटते मेघुली से  कन्हऱ नदी होते हुए  (झारखण्ड) की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा  घेराबंदी किया गया। रात  व घने जंगल का फायदा उठाकर तस्कर  भागने मे सफल रहे. परन्तु स्थानीय लोग जो खेत मे पानी पटा रहे थे, अपने हीं गांव से सहयोगी को पहचान लिए और पूछताछ में  नाम उजागर कर दिए. घटना स्थल से 09 रास पशु गाय बैल की जप्ती की गई. क्षेत्र मे लगातार आने वाले व्यापारी सफीक पिता अजीम अंसारी, 56 वर्ष निवासी मानपुर रंका (झारखण्ड) को उसके सकुनत से गिरफ्तार किया गया था जो आज फरार चल रहे आरोपी क़ासिम  हुसैन पिता हकीम हुसैन निवासी शारदापुर चलगली थाना चलगली को गिरफतार कर न्यायिक रिमांड पे भेजा गया ।*
*पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की चौकी विजयनगर पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा लगातार पतासाजी की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना पे आरोपी कासिम पिता हकीम निवासी शारदापुर चलगली जिला बलरामपुर  छत्तीसगढ़ को दिनांक 11.05 .2026 को  गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • हत्या की आशंका जताने वाले युवक की खून से लथपथ लाश मिलने से हड़कंप, पुलिस और प्रशासन पर उठे सवाल अंबिकापुर/गढ़वा। सरगुजा जिले के अंबिकापुर निवासी युवक अमन ओझा की झारखंड में संदिग्ध परिस्थितियों में खून से लथपथ लाश मिलने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवक ने कुछ दिन पहले ही पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अपनी जान को खतरा बताया था। इसके बावजूद सुरक्षा नहीं मिलने पर अब पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार अमन ओझा, पिता विद्यासागर ओझा, निवासी मिशन चौक तिवारी बिल्डिंग रोड, अंबिकापुर ने कलेक्टर सरगुजा सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि एक युवक उसकी पत्नी आंचल ओझा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। अमन ने यह भी बताया था कि उसकी चार वर्षीय बेटी भी उसके साथ है। अपने आवेदन में अमन ओझा ने उल्लेख किया था कि जब भी वह अपनी पत्नी से संपर्क करने या उसका पता लगाने की कोशिश करता था, तब उसे मोबाइल नंबर 6265828643 से लगातार धमकियां दी जाती थीं। युवक ने आरोप लगाया था कि उसके साथ गाली-गलौज की जाती है तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा था कि आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा उस पर हमला कराने की कोशिश की गई है। अमन ओझा ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उसने विभिन्न हिंदू संगठनों और बजरंग दल से मदद की अपील भी की थी। हालांकि समय रहते न तो प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही उसे पर्याप्त सुरक्षा मिल सकी। इसी बीच झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड स्थित बुढ़ापरास ग्राम पंचायत क्षेत्र में अमन ओझा का शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ। शव पर कई गंभीर चोटों के निशान बताए जा रहे हैं, जिससे हत्या की आशंका और प्रबल हो गई है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अंबिकापुर से शव मिलने वाले स्थान की दूरी लगभग 125 किलोमीटर है, ऐसे में यह मामला सामान्य नहीं प्रतीत होता। आरोप लगाए जा रहे हैं कि युवक को अंबिकापुर से ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या की गई है। अब इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि युवक द्वारा दी गई शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश का माहौल है और लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
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    हत्या की आशंका जताने वाले युवक की खून से लथपथ लाश मिलने से हड़कंप, पुलिस और प्रशासन पर उठे सवाल
अंबिकापुर/गढ़वा। सरगुजा जिले के अंबिकापुर निवासी युवक अमन ओझा की झारखंड में संदिग्ध परिस्थितियों में खून से लथपथ लाश मिलने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवक ने कुछ दिन पहले ही पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अपनी जान को खतरा बताया था। इसके बावजूद सुरक्षा नहीं मिलने पर अब पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार अमन ओझा, पिता विद्यासागर ओझा, निवासी मिशन चौक तिवारी बिल्डिंग रोड, अंबिकापुर ने कलेक्टर सरगुजा सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि एक युवक उसकी पत्नी आंचल ओझा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। अमन ने यह भी बताया था कि उसकी चार वर्षीय बेटी भी उसके साथ है।
अपने आवेदन में अमन ओझा ने उल्लेख किया था कि जब भी वह अपनी पत्नी से संपर्क करने या उसका पता लगाने की कोशिश करता था, तब उसे मोबाइल नंबर 6265828643 से लगातार धमकियां दी जाती थीं। युवक ने आरोप लगाया था कि उसके साथ गाली-गलौज की जाती है तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा था कि आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा उस पर हमला कराने की कोशिश की गई है।
अमन ओझा ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। उसने विभिन्न हिंदू संगठनों और बजरंग दल से मदद की अपील भी की थी। हालांकि समय रहते न तो प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही उसे पर्याप्त सुरक्षा मिल सकी।
इसी बीच झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड स्थित बुढ़ापरास ग्राम पंचायत क्षेत्र में अमन ओझा का शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ। शव पर कई गंभीर चोटों के निशान बताए जा रहे हैं, जिससे हत्या की आशंका और प्रबल हो गई है।
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अंबिकापुर से शव मिलने वाले स्थान की दूरी लगभग 125 किलोमीटर है, ऐसे में यह मामला सामान्य नहीं प्रतीत होता। आरोप लगाए जा रहे हैं कि युवक को अंबिकापुर से ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या की गई है।
अब इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि युवक द्वारा दी गई शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश का माहौल है और लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बलरामपुर रामानुजगंज जिला में एक तरफ किसान हितैषी सरकार होने के दावे किए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ बलरामपुर जिले में एक बुजुर्ग बलरामपुर रामानुजगंज जिला में एक तरफ किसान हितैषी सरकार होने के दावे किए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ बलरामपुर जिले में एक बुजुर्ग आदिवासी किसान अपनी ही मेहनत की कमाई पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। मामला रामानुजगंज के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का है, जहाँ बीमारी से जूझ रहे एक किसान के खाते को होल्ड कर दिया गया है।ग्राम भवरमाल निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग किसान केदार सिंह ने इस साल (खरीफ वर्ष 2025-26) में अपना 38.80 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था। सरकार के हिसाब से उन्हें 1,20,280 रुपये मिलने थे। केदार सिंह लकवा और किडनी की पथरी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और उन्हें इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। लेकिन जब वे बैंक पहुँचे तो उन्हें पता चला कि उनका खाता ही बंद होल्ड कर दिया गया है। ​फर्जी कर्ज का लगा दिया अड़ंगा ​बैंक प्रबंधन का कहना है कि केदार सिंह के नाम पर साल 2022 का 1.92 लाख रुपये का कर्ज बकाया है। वहीं किसान का साफ कहना है कि उन्होंने कभी कोई लोन लिया ही नहीं। ​हैरानी की बात यह है कि पिछले साल (2025) भी ठीक यही समस्या आई थी। तब कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत के बाद उनकी धान की राशि जारी की गई थी। सवाल यह उठता है कि जब मामला पिछले साल सुलझ गया था, तो इस बार फिर उसी फर्जी कर्ज के नाम पर किसान को क्यों परेशान किया जा रहा है ​पीड़ित किसान ने कलेक्टर को दिए आवेदन में एक बेहद चौंकाने वाला आरोप भी लगाया है। केदार सिंह के ​29 अप्रैल 2026 को जब मैं बैंक गया तो एक कर्मचारी ने मुझसे 500 रुपये लिए और कहा कि 49 हजार रुपये दिला दूंगा। लेकिन बाद में उसने पैसे भी रख लिए और खाता होल्ड बताकर मुझे बैंक से भगा दिया ​इलाज के लिए भटक रहा अन्नदाता ​बीमार केदार सिंह आज लाचार हैं। उनके पास न दवा के पैसे हैं और न ही घर चलाने का सहारा। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि इस मामले की तुरंत जांच कराई जाए और बैंक की मनमानी पर रोक लगाते हुए उनकी धान की राशि दिलाई जाए ताकि वे अपना इलाज करा सकें। बाइट(1) केदार सिंह किसान भावरमाल
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    बलरामपुर रामानुजगंज जिला  में एक तरफ किसान हितैषी सरकार होने के दावे किए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ बलरामपुर जिले में एक बुजुर्ग
बलरामपुर रामानुजगंज जिला  में एक तरफ किसान हितैषी सरकार होने के दावे किए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ बलरामपुर जिले में एक बुजुर्ग आदिवासी किसान अपनी ही मेहनत की कमाई पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। मामला रामानुजगंज के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का है, जहाँ बीमारी से जूझ रहे एक किसान के खाते को होल्ड कर दिया गया है।ग्राम भवरमाल निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग किसान केदार सिंह ने इस साल (खरीफ वर्ष 2025-26) में अपना 38.80 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था। सरकार के हिसाब से उन्हें 1,20,280 रुपये मिलने थे। केदार सिंह लकवा और किडनी की पथरी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और उन्हें इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। लेकिन जब वे बैंक पहुँचे तो उन्हें पता चला कि उनका खाता ही बंद होल्ड कर दिया गया है।
​फर्जी कर्ज का लगा दिया अड़ंगा
​बैंक प्रबंधन का कहना है कि केदार सिंह के नाम पर साल 2022 का 1.92 लाख रुपये का कर्ज बकाया है। वहीं किसान का साफ कहना है कि उन्होंने कभी कोई लोन लिया ही नहीं।
​हैरानी की बात यह है कि पिछले साल (2025) भी ठीक यही समस्या आई थी। तब कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत के बाद उनकी धान की राशि जारी की गई थी। सवाल यह उठता है कि जब मामला पिछले साल सुलझ गया था, तो इस बार फिर उसी फर्जी कर्ज के नाम पर किसान को क्यों परेशान किया जा रहा है ​पीड़ित किसान ने कलेक्टर को दिए आवेदन में एक बेहद चौंकाने वाला आरोप भी लगाया है। केदार सिंह के 
​29 अप्रैल 2026 को जब मैं बैंक गया तो एक कर्मचारी ने मुझसे 500 रुपये लिए और कहा कि 49 हजार रुपये दिला दूंगा। लेकिन बाद में उसने पैसे भी रख लिए और खाता होल्ड बताकर मुझे बैंक से भगा दिया
​इलाज के लिए भटक रहा अन्नदाता
​बीमार केदार सिंह आज लाचार हैं। उनके पास न दवा के पैसे हैं और न ही घर चलाने का सहारा। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि इस मामले की तुरंत जांच कराई जाए और बैंक की मनमानी पर रोक लगाते हुए उनकी धान की राशि दिलाई जाए ताकि वे अपना इलाज करा सकें।
बाइट(1) केदार सिंह किसान भावरमाल
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के भवरमाल गांव में एक बीमार आदिवासी किसान को धान बिक्री का ₹1.2 लाख नहीं मिल रहा है। बैंक ने एक पुराने कर्ज का हवाला देकर राशि रोकी है, जबकि किसान का दावा है कि उसने कभी कोई ऋण नहीं लिया। लकवा और पथरी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे किसान ने इलाज के लिए अपनी बकाया राशि के जल्द भुगतान की मांग करते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।
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    बलरामपुर जिले के भवरमाल गांव में एक बीमार आदिवासी किसान को धान बिक्री का ₹1.2 लाख नहीं मिल रहा है। बैंक ने एक पुराने कर्ज का हवाला देकर राशि रोकी है, जबकि किसान का दावा है कि उसने कभी कोई ऋण नहीं लिया। लकवा और पथरी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे किसान ने इलाज के लिए अपनी बकाया राशि के जल्द भुगतान की मांग करते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका गांव में आधी रात एक जंगली हाथी घुस आया, जिसने एक ग्रामीण का खपरैल घर तोड़ दिया। परिवार किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकला, जिसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर हाथी को गांव से खदेड़ा। वन विभाग ने क्षतिग्रस्त घर का मुआयना कर मुआवजे का आश्वासन दिया है।
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    चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका गांव में आधी रात एक जंगली हाथी घुस आया, जिसने एक ग्रामीण का खपरैल घर तोड़ दिया। परिवार किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकला, जिसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर हाथी को गांव से खदेड़ा। वन विभाग ने क्षतिग्रस्त घर का मुआयना कर मुआवजे का आश्वासन दिया है।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    21 hrs ago
  • खाट पर दम तोड़ती जिंदगी, 25 किलोमीटर पैदल लोकतंत्र” — आखिर कब जामडीह तक पहुंचेगी विकास की सड़क? रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड का सुदूरवर्ती जामडीह गांव आज भी विकास की बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। जंगल-पहाड़ और दुर्गम रास्तों के बीच बसे इस गांव की पीड़ा ऐसी है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल द्रवित हो जाए। आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं बन सकी है। सड़क के अभाव में यहां के लोग हर दिन जिंदगी, बीमारी और बदहाल व्यवस्था से जंग लड़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने भावुक अपील करते हुए माननीय सांसद कालीचरण सिंह, जननायक विधायक रामचंद्र सिंह एवं उपायुक्त संदीप कुमार से जामडीह गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण गांव आज भी मानो दुनिया से कटा हुआ है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह जर्जर और खतरनाक है। चार पहिया वाहन गांव तक पहुंच ही नहीं पाते। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब पूरा रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है। ऐसे समय में गांव के लोग कई-कई दिनों तक बाहरी दुनिया से कट जाते हैं। सबसे दर्दनाक स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब गांव में कोई बीमार पड़ जाता है। सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। मजबूरी में मरीजों को खाट पर लादकर कई किलोमीटर तक कंधों के सहारे महुआडांड़ अस्पताल पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों ने भारी मन से बताया कि कई लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। गांव की माताओं, बुजुर्गों और बच्चों की आंखों में आज भी उन दर्दनाक घटनाओं की पीड़ा साफ दिखाई देती है। ग्रामीणों ने बताया कि लोकतंत्र के महापर्व चुनाव में मतदान करने के लिए भी उन्हें करीब 25 किलोमीटर की कठिन दूरी तय करनी पड़ती है। बावजूद इसके आज तक गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। गांव के अधिकांश लोग गरीब, अशिक्षित और बेरोजगार हैं। सड़क नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा और रोजगार के अवसर भी गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जामडीह के ग्रामीणों ने उम्मीद भरी निगाहों से जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की ओर देखते हुए कहा कि यदि गांव तक सड़क बन जाती है, तो यह केवल मिट्टी और पत्थर की सड़क नहीं होगी, बल्कि यह गांव के लोगों के सपनों, सम्मान और नई जिंदगी की राह बनेगी। अब जामडीह के लोगों को उस दिन का इंतजार है, जब विकास की पहली गाड़ी गांव तक पहुंचेगी और वर्षों से उपेक्षित इस गांव की तस्वीर बदल जाएगी।
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    खाट पर दम तोड़ती जिंदगी, 25 किलोमीटर पैदल लोकतंत्र” — आखिर कब जामडीह तक पहुंचेगी विकास की सड़क?

रामप्रवेश गुप्ता 
महुआडांड़ प्रखंड का सुदूरवर्ती जामडीह गांव आज भी विकास की बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। जंगल-पहाड़ और दुर्गम रास्तों के बीच बसे इस गांव की पीड़ा ऐसी है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल द्रवित हो जाए। आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं बन सकी है। सड़क के अभाव में यहां के लोग हर दिन जिंदगी, बीमारी और बदहाल व्यवस्था से जंग लड़ने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने भावुक अपील करते हुए माननीय सांसद कालीचरण सिंह, जननायक विधायक रामचंद्र सिंह एवं उपायुक्त संदीप कुमार से जामडीह गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण गांव आज भी मानो दुनिया से कटा हुआ है।
गांव तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह जर्जर और खतरनाक है। चार पहिया वाहन गांव तक पहुंच ही नहीं पाते। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब पूरा रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है। ऐसे समय में गांव के लोग कई-कई दिनों तक बाहरी दुनिया से कट जाते हैं।
सबसे दर्दनाक स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब गांव में कोई बीमार पड़ जाता है। सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। मजबूरी में मरीजों को खाट पर लादकर कई किलोमीटर तक कंधों के सहारे महुआडांड़ अस्पताल पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों ने भारी मन से बताया कि कई लोगों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। गांव की माताओं, बुजुर्गों और बच्चों की आंखों में आज भी उन दर्दनाक घटनाओं की पीड़ा साफ दिखाई देती है।
ग्रामीणों ने बताया कि लोकतंत्र के महापर्व चुनाव में मतदान करने के लिए भी उन्हें करीब 25 किलोमीटर की कठिन दूरी तय करनी पड़ती है। बावजूद इसके आज तक गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। गांव के अधिकांश लोग गरीब, अशिक्षित और बेरोजगार हैं। सड़क नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा और रोजगार के अवसर भी गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
जामडीह के ग्रामीणों ने उम्मीद भरी निगाहों से जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की ओर देखते हुए कहा कि यदि गांव तक सड़क बन जाती है, तो यह केवल मिट्टी और पत्थर की सड़क नहीं होगी, बल्कि यह गांव के लोगों के सपनों, सम्मान और नई जिंदगी की राह बनेगी।
अब जामडीह के लोगों को उस दिन का इंतजार है, जब विकास की पहली गाड़ी गांव तक पहुंचेगी और वर्षों से उपेक्षित इस गांव की तस्वीर बदल जाएगी।
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    46 min ago
  • 🚨 मथुरा मंडी में ठेकेदारी विवाद ने पकड़ा तूल 🚨 मंडी समिति में नए ठेकेदार बदन सिंह और उनके पुत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा झूठे आरोप लगाकर धकेल वालों से मीडिया के सामने बयान दिलवाने की कोशिश की गई। लेकिन जब मीडिया टीम ने मौके पर धकेल वालों से बात की, तो उन्होंने साफ कहा कि वर्तमान में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं हो रही है और ₹1 तक नहीं लिया जाता। वहीं बदन सिंह को मंडी से बाहर करने और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। मामले को लेकर मंडी में तनाव का माहौल बना हुआ है। 📍 मुख्य रिपोर्ट: राहुल शर्मा 📍 मथुरा न्यूज़ | मंडी समिति से ग्राउंड रिपोर्ट #Mathura #MathuraNews #MandiSamiti #BreakingNews #RahulSharma #UPNews #GroundReport #मथुरा #मंडीसमिति
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    🚨 मथुरा मंडी में ठेकेदारी विवाद ने पकड़ा तूल 🚨
मंडी समिति में नए ठेकेदार बदन सिंह और उनके पुत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा झूठे आरोप लगाकर धकेल वालों से मीडिया के सामने बयान दिलवाने की कोशिश की गई।
लेकिन जब मीडिया टीम ने मौके पर धकेल वालों से बात की, तो उन्होंने साफ कहा कि वर्तमान में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं हो रही है और ₹1 तक नहीं लिया जाता।
वहीं बदन सिंह को मंडी से बाहर करने और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। मामले को लेकर मंडी में तनाव का माहौल बना हुआ है।
📍 मुख्य रिपोर्ट: राहुल शर्मा
📍 मथुरा न्यूज़ | मंडी समिति से ग्राउंड रिपोर्ट
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    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अवैध पशु तस्करी एवं पशु क्रूरता प्रकरण में फरार 02 आरोपी गिरफ्तार पूर्व में 03 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, कुल 05 आरोपियों पर कार्यवाही जिला बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस द्वारा अवैध पशु तस्करी एवं पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना राजपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 81/26 में पूर्व में गिरफ्तार 03 आरोपियों के अतिरिक्त फरार चल रहे 02 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के विरुद्ध 2004 कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(घ) के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।* *घटना का संक्षिप्त विवरण* *दिनांक 11.04.2026 को थाना राजपुर स्टाफ शासकीय वाहन से रात्रि गश्त पर रवाना थे। गश्त के दौरान रात्रि लगभग 10:00 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक JH01GN-8143 में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर तेज गति से अंबिकापुर से राजपुर होते हुए गुमला (झारखण्ड) की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा थाना के सामने अंबिकापुर रोड पर घेराबंदी कर उक्त वाहन को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में वाहन चालक द्वारा भ्रामक जानकारी दी गई, जिस पर संदेह होने से सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में वाहन स्वामी ने अपना नाम संदीप बड़ाईक, पिता चमन बड़ाईक, उम्र 27 वर्ष, निवासी टांगरझरिया थाना बसिया जिला गुमला (झारखण्ड) तथा चालक ने अपना नाम संदीप साहू, पिता सोमरा, उम्र 25 वर्ष, निवासी सुरसुरिया थाना गुमला जिला गुमला (झारखण्ड) बताया। पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ग्राम जयनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर निवासी गुड्डू पंडित द्वारा 02 नग गाय एवं 02 नग बछिया को गुमला निवासी अनुज राम के पास पहुंचाने हेतु उक्त वाहन में लोड कराया गया था। मवेशियों को वाहन में अत्यंत अमानवीय एवं क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर बांधकर परिवहन किया जा रहा था, जो विधि विरुद्ध पाया गया। पुलिस द्वारा वाहन सहित मवेशियों को जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण में संलिप्त 03 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया जा चुका है। वहीं मामले में फरार आरोपी देवेश मिश्रा एवं सलमान घटना दिनांक से लगातार फरार चल रहे थे।* *पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की थाना राजपुर पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा लगातार पतासाजी की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आज दिनांक को दोनों फरार आरोपियो देवेश कुमार मिश्रा उर्फ गुड्डू पंडित पिता तारकेश्वर नाथ मिश्रा उम्र 26 वर्ष निवासी शिवनंदनपुर थाना जयनगर जिला सूरजपुर एवं मोहम्मद सलमान पिता मोहम्मद आरिफ उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम जयनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ को दिनांक 11.05 .2026 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।* *बलरामपुर पुलिस की अपील* *बलरामपुर पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि पशु तस्करी, अवैध परिवहन अथवा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जिले में पशु तस्करों एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सतत एवं कठोर कार्यवाही जारी रहेगी।
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    अवैध पशु तस्करी एवं पशु क्रूरता प्रकरण में फरार 02 आरोपी गिरफ्तार
पूर्व में 03 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, कुल 05 आरोपियों पर कार्यवाही
जिला बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस द्वारा अवैध पशु तस्करी एवं पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना राजपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 81/26 में पूर्व में गिरफ्तार 03 आरोपियों के अतिरिक्त फरार चल रहे 02 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के विरुद्ध 2004 कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(घ) के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।*
*घटना का संक्षिप्त विवरण*
*दिनांक 11.04.2026 को थाना राजपुर स्टाफ शासकीय वाहन से रात्रि गश्त पर रवाना थे। गश्त के दौरान रात्रि लगभग 10:00 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक JH01GN-8143 में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर तेज गति से अंबिकापुर से राजपुर होते हुए गुमला (झारखण्ड) की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा थाना के सामने अंबिकापुर रोड पर घेराबंदी कर उक्त वाहन को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में वाहन चालक द्वारा भ्रामक जानकारी दी गई, जिस पर संदेह होने से सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में वाहन स्वामी ने अपना नाम संदीप बड़ाईक, पिता चमन बड़ाईक, उम्र 27 वर्ष, निवासी टांगरझरिया थाना बसिया जिला गुमला (झारखण्ड) तथा चालक ने अपना नाम संदीप साहू, पिता सोमरा, उम्र 25 वर्ष, निवासी सुरसुरिया थाना गुमला जिला गुमला (झारखण्ड) बताया। पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ग्राम जयनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर निवासी गुड्डू पंडित द्वारा 02 नग गाय एवं 02 नग बछिया को गुमला निवासी अनुज राम के पास पहुंचाने हेतु उक्त वाहन में लोड कराया गया था। मवेशियों को वाहन में अत्यंत अमानवीय एवं क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर बांधकर परिवहन किया जा रहा था, जो विधि विरुद्ध पाया गया। पुलिस द्वारा वाहन सहित मवेशियों को जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण में संलिप्त 03 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया जा चुका है। वहीं मामले में फरार आरोपी देवेश मिश्रा एवं सलमान घटना दिनांक से लगातार फरार चल रहे थे।*
*पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की थाना राजपुर पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा लगातार पतासाजी की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आज दिनांक को दोनों फरार आरोपियो  देवेश कुमार मिश्रा उर्फ गुड्डू पंडित पिता तारकेश्वर नाथ मिश्रा उम्र 26 वर्ष निवासी शिवनंदनपुर थाना जयनगर जिला सूरजपुर एवं मोहम्मद सलमान पिता मोहम्मद आरिफ उम्र  24 वर्ष निवासी ग्राम जयनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ को दिनांक 11.05 .2026 को  गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।*
*बलरामपुर पुलिस की अपील*
*बलरामपुर पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि पशु तस्करी, अवैध परिवहन अथवा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जिले में पशु तस्करों एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सतत एवं कठोर कार्यवाही जारी रहेगी।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
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