#ब्रेकिंग उतरौला तहसील के हाशिम पारा बाजार में नशे का खुला खेल, नौजवानों का भविष्य खतरे में बलरामपुर जनपद के उतरौला तहसील अंतर्गत हाशिम पारा बाजार में इन दिनों एक गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहां नौजवानों की सेहत और उनके भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाजार में स्थित एक भांग की गुमटी पर खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं में तेजी से नशे की लत बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के चलते कई अच्छे-खासे नौजवान नशे के आदि बनते जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धंधा काफी समय से जारी है और इसके माध्यम से मोटी कमाई की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सूत्रों के मुताबिक इस गुमटी के पास न तो कोई वैध लाइसेंस है और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति, फिर भी खुलेआम नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि की जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं है या यदि है तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी नशे की गिरफ्त में पूरी तरह फंस सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या हाशिम पारा बाजार को नशे के इस जाल से मुक्त कराया जा सकेगा या नहीं। सूत्रों द्वारा बनाई गई वीडियो। #ब्रेकिंग उतरौला तहसील के हाशिम पारा बाजार में नशे का खुला खेल, नौजवानों का भविष्य खतरे में बलरामपुर जनपद के उतरौला तहसील अंतर्गत हाशिम पारा बाजार में इन दिनों एक गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहां नौजवानों की सेहत और उनके भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाजार में स्थित एक भांग की गुमटी पर खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं में तेजी से नशे की लत बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के चलते कई अच्छे-खासे नौजवान नशे के आदि बनते जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धंधा काफी समय से जारी है और इसके माध्यम से मोटी कमाई की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सूत्रों के मुताबिक इस गुमटी के पास न तो कोई वैध लाइसेंस है और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति, फिर भी खुलेआम नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि की जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं है या यदि है तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी नशे की गिरफ्त में पूरी तरह फंस सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या हाशिम पारा बाजार को नशे के इस जाल से मुक्त कराया जा सकेगा या नहीं। सूत्रों द्वारा बनाई गई वीडियो।
#ब्रेकिंग उतरौला तहसील के हाशिम पारा बाजार में नशे का खुला खेल, नौजवानों का भविष्य खतरे में बलरामपुर जनपद के उतरौला तहसील अंतर्गत हाशिम पारा बाजार में इन दिनों एक गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहां नौजवानों की सेहत और उनके भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाजार में स्थित एक भांग की गुमटी पर खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं में तेजी से नशे की लत बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के चलते कई अच्छे-खासे नौजवान नशे के आदि बनते जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धंधा काफी समय से जारी है और इसके माध्यम से मोटी कमाई की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सूत्रों के मुताबिक इस गुमटी के पास न तो कोई वैध लाइसेंस है और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति, फिर भी खुलेआम नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि की जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं है या यदि है तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी नशे की गिरफ्त में पूरी तरह फंस सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या हाशिम पारा बाजार को नशे के इस जाल से मुक्त कराया जा सकेगा या नहीं। सूत्रों द्वारा बनाई गई वीडियो। #ब्रेकिंग उतरौला तहसील के हाशिम पारा बाजार में नशे का खुला खेल, नौजवानों का भविष्य खतरे में बलरामपुर जनपद के उतरौला तहसील अंतर्गत हाशिम पारा बाजार में इन दिनों एक गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहां नौजवानों की सेहत और उनके भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाजार में स्थित एक भांग की गुमटी पर खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं में तेजी से नशे की लत बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के चलते कई अच्छे-खासे नौजवान नशे के आदि बनते जा रहे हैं। यह स्थिति न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धंधा काफी समय से जारी है और इसके माध्यम से मोटी कमाई की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सूत्रों के मुताबिक इस गुमटी के पास न तो कोई वैध लाइसेंस है और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति, फिर भी खुलेआम नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि की जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं है या यदि है तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी नशे की गिरफ्त में पूरी तरह फंस सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या हाशिम पारा बाजार को नशे के इस जाल से मुक्त कराया जा सकेगा या नहीं। सूत्रों द्वारा बनाई गई वीडियो।
- बलरामपुर। ग्राम पंचायत की बंजर एवं नवीन परती भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए एक महिला ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि गांव के हफीजुल्ला उर्फ बऊरे, इमरान अहमद उर्फ सोनू, अजीमुल्ला तथा कुदरूतउल्ला उर्फ गूंगे सहित कुछ लोग सरकारी भूमि पर लगातार अवैध कब्जा कर निर्माण करा रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि मामले की जानकारी कई बार उच्चाधिकारियों को दी गई। उनके निर्देश पर हल्का लेखपाल और राजस्व निरीक्षक मौके पर पहुंचे तथा कथित कब्जाधारियों को मौखिक रूप से निर्माण रोकने और कब्जा हटाने के लिए कहा, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि बंजर एवं नवीन परती भूमि पर बने पट्टों की जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके ससुर अब्बास पुत्र दियानत को आवंटित पट्टे की भूमि पर भी कथित रूप से अजीमुल्ला ने पक्का मकान बना लिया है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि की पैमाइश कराकर सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए तथा वास्तविक पट्टेदारों को उनकी भूमि का कब्जा दिलाया जाए। बलरामपुर। ग्राम पंचायत की बंजर एवं नवीन परती भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए एक महिला ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि गांव के हफीजुल्ला उर्फ बऊरे, इमरान अहमद उर्फ सोनू, अजीमुल्ला तथा कुदरूतउल्ला उर्फ गूंगे सहित कुछ लोग सरकारी भूमि पर लगातार अवैध कब्जा कर निर्माण करा रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि मामले की जानकारी कई बार उच्चाधिकारियों को दी गई। उनके निर्देश पर हल्का लेखपाल और राजस्व निरीक्षक मौके पर पहुंचे तथा कथित कब्जाधारियों को मौखिक रूप से निर्माण रोकने और कब्जा हटाने के लिए कहा, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि बंजर एवं नवीन परती भूमि पर बने पट्टों की जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके ससुर अब्बास पुत्र दियानत को आवंटित पट्टे की भूमि पर भी कथित रूप से अजीमुल्ला ने पक्का मकान बना लिया है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि की पैमाइश कराकर सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए तथा वास्तविक पट्टेदारों को उनकी भूमि का कब्जा दिलाया जाए।1
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गंजम के दो दिन के दौरे पर / संखेमुंडी, 5/8 (समीज़): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गंजम के अपने दो दिन के दौरे के मौके पर जिले के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए थे, और मंत्रियों और नेताओं की भीड़ देखी गई। नई पहचान पाने की उम्मीद में तप्तपानी गंजम का टूरिस्ट डेस्टिनेशन, तप्तपानी, इस साल नेशनल टूरिज़्म मैप पर अपनी खास पहचान बना रहा है। सल्फर वाले गर्म झरनों का लगातार बहना, कंधुनी देवी का पुराना शक्ति पीठ, पास में महादेव का मंदिर और कंधा आदिवासी समुदाय की जीती-जागती परंपरा ने तप्तपानी को सिर्फ़ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही नहीं, बल्कि आस्था, सेहत और आध्यात्मिक चेतना का एक अनोखा सबक भी बना दिया है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस पवित्र धरती पर आना गंजम के इतिहास में एक शानदार अध्याय लिख गया है। देश की पहली नागरिक पहली बार इस आदिवासी केंद्र में पहुंचीं और मां बंधुना देवी के दर्शन किए और पास के महादेव मंदिर के दर्शन और अनुष्ठानों में भाग लिया। एक आदिवासी लड़की के रूप में, माननीय राष्ट्रपति की इस आध्यात्मिक यात्रा ने स्थानीय आदिवासी समुदाय के मन में गर्व, जुनून और खुशी की एक नई भावना पैदा की है। यह यात्रा उनकी परंपरा, विश्वास और संस्कृति के लिए राष्ट्रीय सम्मान का एक अनूठा प्रतिबिंब माना जाता है। राज्य सरकार लगभग 100,000 रुपये की लागत से इस स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण का काम कर रही है। भविष्य में, तप्तपानी न केवल गंजम या ओडिशा में, बल्कि पूरे देश में प्रमुख आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म स्थलों में से एक के रूप में अपनी अनूठी पहचान स्थापित करेगा, गंजम के जिला मजिस्ट्रेट कौन रसन को उम्मीद और विश्वास है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गंजम यात्रा के अवसर पर आज पवित्र चौपानी में रंगों, गीतों, नृत्यों और परंपराओं का एक अनूठा समागम देखा गया। जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने अपने पारंपरिक कपड़े, पुराने ज़माने के संगीत वाद्ययंत्र और माने मुगल लोक नृत्य करते हुए गर्व के साथ देश के पहले नागरिकों के सामने गंजम की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को पेश किया। शिंगा, दुर्गा, झांझ, तंगू, मृदंगम और दूसरे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मिली-जुली आवाज़ों से पूरा तप्तपानी झूम उठा। राष्ट्रपति ने मां कंधुनी देवी का आशीर्वाद लिया। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पवित्र मां कंधुनी देवा पहुंचीं और दिव्य दर्शन और पूजा की। उन्होंने इस पवित्र आदिवासी धार्मिक केंद्र का दौरा करने वाली बेश की पहली कार्यकारी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। मंदिर परिसर शंखनाद, मंत्रोच्चार, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय माहौल से भर गया था। पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार, मंदिर के भक्तों और स्थानीय आदिवासी समुदाय ने पूरी श्रद्धा, भक्ति और ईमानदारी के साथ भगवान से प्रार्थना की। पवित्र रीति-रिवाजों और नियमों के अनुसार, राष्ट्रपति ने देवी कंधुनी की पूजा की और देश की शांति, समृद्धि, एकता और कल्याण के लिए प्रार्थना की। बाद में, उन्होंने पास के महादेव मंदिर का भी दौरा किया और दिव्य पूजा में भाग लिया। इस यादगार मौके पर मुख्य पुजारी प्रशांत कुमार जानी बहुत खुश हुए और कहा, *यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि हम अपनी पुरानी परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार राष्ट्रपति का स्वागत कर रहे हैं। मां कंधुनी के पवित्र मंदिर के इतिहास में यह एक खास मौका है। देश के पहले नागरिक की इस पवित्र यात्रा ने हमारे पूरे आदिवासी समुदाय को गर्व और आत्मविश्वास से भर दिया है। राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक यात्रा से पूरा तप्तपानी इलाका जश्न के मूड में था। राष्ट्रपति की इस पवित्र यात्रा ने न केवल मां कंधुनी देवी मंदिर के इतिहास को नया गौरव दिया है, बल्कि गंजामाई आदिवासियों की परंपरा, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक खास पहचान दी है। कुंभमपति और मुख्यमंत्री मौलाना करण माझी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे। राष्ट्रपति ने छात्रों को चॉकलेट बांटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संजम के दौरे पर पहुंची हैं। पहले दिन, वह बदर की सुरक्षा में बरहमपुर रेलवे स्टेशन से चप्तपानी के लिए रवाना हुईं। इस बीच, मिक्त मीनाक्षी नगर, अंबा बधार में महामाई कॉलेज के छात्र हाथों में तिरंगा लेकर उनके स्वागत के लिए इंतज़ार कर रहे थे। यह देखकर राष्ट्रपति मुर्मू ने गाड़ी रुकवाई और गाड़ी से उतरकर उन्हें चॉकलेट बांटीं। छात्रों की पढ़ाई के बारे में पूछने के बाद, वह सीधे तपतापानी की ओर चल पड़ीं। इसी तरह, राष्ट्रपति की गाड़ी एक निजी शि शू मंदिर के पास रुकी और छात्रों को चॉकलेट बांटीं। नई पहचान पाने की उम्मीद में तप्तपानी गंजम का टूरिस्ट डेस्टिनेशन, तप्तपानी, इस साल नेशनल टूरिज़्म मैप पर अपनी खास पहचान बना रहा है। सल्फर वाले गर्म झरनों का लगातार बहना, कंधुनी देवी का पुराना शक्ति पीठ, पास में महादेव का मंदिर और कंधा आदिवासी समुदाय की जीती-जागती परंपरा ने तप्तपानी को सिर्फ़ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही नहीं, बल्कि आस्था, सेहत और आध्यात्मिक चेतना का एक अनोखा सबक भी बना दिया है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस पवित्र धरती पर आना गंजम के इतिहास में एक शानदार अध्याय लिख गया है। देश की पहली नागरिक पहली बार इस आदिवासी केंद्र में पहुंचीं और मां बंधुना देवी के दर्शन किए और पास के महादेव मंदिर के दर्शन और अनुष्ठानों में भाग लिया। एक आदिवासी लड़की के रूप में, माननीय राष्ट्रपति की इस आध्यात्मिक यात्रा ने स्थानीय आदिवासी समुदाय के मन में गर्व, जुनून और खुशी की एक नई भावना पैदा की है। यह यात्रा उनकी परंपरा, विश्वास और संस्कृति के लिए राष्ट्रीय सम्मान का एक अनूठा प्रतिबिंब माना जाता है। राज्य सरकार लगभग 100,000 रुपये की लागत से इस स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण का काम कर रही है। भविष्य में, तप्तपानी न केवल गंजम या ओडिशा में, बल्कि पूरे देश में प्रमुख आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म स्थलों में से एक के रूप में अपनी अनूठी पहचान स्थापित करेगा, गंजम के जिला मजिस्ट्रेट कौन रसन को उम्मीद और विश्वास है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गंजम यात्रा के अवसर पर आज पवित्र चौपानी में रंगों, गीतों, नृत्यों और परंपराओं का एक अनूठा समागम देखा गया। जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने अपने पारंपरिक कपड़े, पुराने ज़माने के संगीत वाद्ययंत्र और माने मुगल लोक नृत्य करते हुए गर्व के साथ देश के पहले नागरिकों के सामने गंजम की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को पेश किया। शिंगा, दुर्गा, झांझ, तंगू, मृदंगम और दूसरे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मिली-जुली आवाज़ों से पूरा तप्तपानी झूम उठा। राष्ट्रपति ने मां कंधुनी देवी का आशीर्वाद लिया। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पवित्र मां कंधुनी देवा पहुंचीं और दिव्य दर्शन और पूजा की। उन्होंने इस पवित्र आदिवासी धार्मिक केंद्र का दौरा करने वाली बेश की पहली कार्यकारी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। मंदिर परिसर शंखनाद, मंत्रोच्चार, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय माहौल से भर गया था। पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार, मंदिर के भक्तों और स्थानीय आदिवासी समुदाय ने पूरी श्रद्धा, भक्ति और ईमानदारी के साथ भगवान से प्रार्थना की। पवित्र रीति-रिवाजों और नियमों के अनुसार, राष्ट्रपति ने देवी कंधुनी की पूजा की और देश की शांति, समृद्धि, एकता और कल्याण के लिए प्रार्थना की। बाद में, उन्होंने पास के महादेव मंदिर का भी दौरा किया और दिव्य पूजा में भाग लिया। इस यादगार मौके पर मुख्य पुजारी प्रशांत कुमार जानी बहुत खुश हुए और कहा, *यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि हम अपनी पुरानी परंपराओं और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार राष्ट्रपति का स्वागत कर रहे हैं। मां कंधुनी के पवित्र मंदिर के इतिहास में यह एक खास मौका है। देश के पहले नागरिक की इस पवित्र यात्रा ने हमारे पूरे आदिवासी समुदाय को गर्व और आत्मविश्वास से भर दिया है। राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक यात्रा से पूरा तप्तपानी इलाका जश्न के मूड में था। राष्ट्रपति की इस पवित्र यात्रा ने न केवल मां कंधुनी देवी मंदिर के इतिहास को नया गौरव दिया है, बल्कि गंजामाई आदिवासियों की परंपरा, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक खास पहचान दी है। कुंभमपति और मुख्यमंत्री मौलाना करण माझी राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे। राष्ट्रपति ने छात्रों को चॉकलेट बांटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संजम के दौरे पर पहुंची हैं। पहले दिन, वह बदर की सुरक्षा में बरहमपुर रेलवे स्टेशन से चप्तपानी के लिए रवाना हुईं। इस बीच, मिक्त मीनाक्षी नगर, अंबा बधार में महामाई कॉलेज के छात्र हाथों में तिरंगा लेकर उनके स्वागत के लिए इंतज़ार कर रहे थे। यह देखकर राष्ट्रपति मुर्मू ने गाड़ी रुकवाई और गाड़ी से उतरकर उन्हें चॉकलेट बांटीं। छात्रों की पढ़ाई के बारे में पूछने के बाद, वह सीधे तपतापानी की ओर चल पड़ीं। इसी तरह, राष्ट्रपति की गाड़ी एक निजी शि शू मंदिर के पास रुकी और छात्रों को चॉकलेट बांटीं।1
- भोजन की गुणवत्ता पर नवोदय विद्यालय में प्रदर्शन, छात्रों की शिकायत पर डीएम सख्त श्रावस्ती। पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, भिनगा में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें परोसे गए चावल में कीड़े मिले हैं। इससे नाराज छात्रों ने भोजन का बहिष्कार करते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी और विद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।विरोध के दौरान छात्रों ने हॉस्टल के नीचे के प्रवेश द्वारों पर ताला लगा दिया तथा बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल की छत पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने विद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गुणवत्तापूर्ण भोजन, बेहतर छात्र सुविधाएं और समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग उठाई।छात्रों का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता को लेकर वे लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय प्रशासन ने छात्रों को समझाने और भोजन कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। वहीं, मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- Ram Mandir Donation Scam | Avadhesh Prasad: तुलसीदास जी की किस बात को अवधेश प्रसाद ने दोहराया? Ram Mandir Donation Scam | Avadhesh Prasad: तुलसीदास जी की किस बात को अवधेश प्रसाद ने दोहराया? #rammandircontroversy #donationscam #avadheshprasad #champatrai #tinnuyadav #viral #news #shorts #IndiaVisiontvchanne #IndiaVisionNews #भारत24x7न्यूज़ #हरखबर24x7 #IndiaVisionTV #IndiaVisionTVChannel #IndiaVision24x7 #shortvideo #viralvideo #latestnews #aajtakdigital #breakingnews #UPNews #Aninewslive #HindiNews #IndiaNews #NationalNews #NewsUpdate #LiveNews #HindiKhabar #DigitalNews #Journalism #NewsChannel1
- श्रावस्ती पुलिस को मिली दो अत्याधुनिक इंटरसेप्टर मोटरसाइकिलें, एसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना श्रावस्ती। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने, ओवरस्पीड वाहनों पर नियंत्रण तथा ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के उद्देश्य से श्रावस्ती पुलिस को यातायात निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा दो अत्याधुनिक इंटरसेप्टर मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं।1
- संगठन के जिला अध्यक्ष प्रभात शुक्ल ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सांसद पप्पू यादव द्वारा प्रभु श्रीराम के चित्र के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया गया है, जिससे करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन ने इसे आस्था का अपमान बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगठन के जिला अध्यक्ष प्रभात शुक्ल ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सांसद पप्पू यादव द्वारा प्रभु श्रीराम के चित्र के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया गया है, जिससे करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन ने इसे आस्था का अपमान बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।1
- लखनऊ- मानसून सत्र के दूसरे दिन यूपी विधानसभा में जोरदार हंगामा, अयोध्या में कथित चंदा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर सपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की, सदन के भीतर भी प्लेकार्ड लहराते हुए वेल में पहुंचे सपा विधायक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जताई नाराजगी, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक स्थगित लखनऊ- मानसून सत्र के दूसरे दिन यूपी विधानसभा में जोरदार हंगामा, अयोध्या में कथित चंदा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर सपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की, सदन के भीतर भी प्लेकार्ड लहराते हुए वेल में पहुंचे सपा विधायक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जताई नाराजगी, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक स्थगित1
- “मेरी Image कहाँ खराब.."-क्या बोले Brijbhushan Sharan Singh? | “मेरी Image कहाँ खराब.."-क्या बोले Brijbhushan Sharan Singh? | #brijbhushansharansingh #shorts #IndiaVisiontvchanne #IndiaVisionNews #भारत24x7न्यूज़ #हरखबर24x7 #IndiaVisionTV #IndiaVisionTVChannel #IndiaVision24x7 #shortvideo #viralvideo #latestnews #aajtakdigital #breakingnews #UPNews #Aninewslive #HindiNews #IndiaNews #NationalNews #NewsUpdate #LiveNews #HindiKhabar #DigitalNews #Journalism #NewsChannel1
- "बहादुर मीनाक्षी और मूकदर्शक रथ": जब चलती ट्रेन में जागा ज़मीर, पर यात्रियों का सोया रहा ईमान! "बहादुर मीनाक्षी और मूकदर्शक रथ": जब चलती ट्रेन में जागा ज़मीर, पर यात्रियों का सोया रहा ईमान! गाजियाबाद से गोरखपुर की इस 'सुहानी' रेल यात्रा का हाल कुछ ऐसा था कि, "टिकट जनरल का हो या एसी का, समाज की रीढ़ की हड्डी हमेशा स्लीपर क्लास में ही रिजर्व रहती है।" मीनाक्षी अकेली सफर कर रही थीं। शायद उनकी सबसे बड़ी गलती यह थी कि उन्होंने अपने साथ किसी 'मर्दानी' तलवार या लाठी की बजाय केवल उम्मीद रख ली थी—यह उम्मीद कि इस देश में अभी भी कुछ इंसान यात्रा कर रहे हैं। ट्रेन के डिब्बे में एक 'कलाप्रेमी' मनचला भी सवार था, जिसकी कला का एकमात्र विषय मीनाक्षी को घूरना और अश्लील हरकतें करना था। भाई साहब की नजरें इतनी पैनी थीं कि एक्स-रे मशीन भी शरमा जाए। लेकिन असली ड्रामा तो तब शुरू हुआ जब डिब्बे में बैठे बाकी 'संस्कारी' यात्रियों की भूमिका सामने आई। आसपास दर्जनों लोग बैठे थे। किसी के हाथ में मोबाइल था, कोई मूँगफली छील रहा था, तो कोई गहरी नींद में देश की जीडीपी पर विचार कर रहा था। मनचला अपनी हरकतें जारी रखे हुए था, और हमारे सहयात्री ऐसे चुपचाप बैठे थे मानो वे किसी ऐतिहासिक महाकाव्य के 'मूक पत्थर' हों। यात्री नंबर 1 (मन ही मन): "अरे भाई, चक्कर क्या है? हमारा क्या लेना-देना, हमारी टिकट थोड़ी कटी है इस नाटक की?" यात्री नंबर 2: "अरे चुप रहो यार, पचड़े में कौन पड़े? पुलिस-थाना कौन जाएगा? वीडियो बना लेते हैं, शायद इंस्टाग्राम पर रील्स वायरल हो जाए!" जब चारों तरफ खामोश तमाशाइयों का समुद्र दिखा, तो मीनाक्षी ने खुद ही अपनी ट्रेन के ब्रेक थामे—उन्होंने चेन पुलिंग (Chain Pulling) कर दी! अरे भाई! चेन पुलिंग करते ही मानो ट्रेन के साथ-साथ रेलवे प्रशासन की आत्मा भी जग गई। आरपीएफ (RPF) के जवान तुरंत प्रकट हुए। मीनाक्षी ने जब रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, तो जवानों का भी खून खौल उठा। मनचले की सारी हेकड़ी एक झटके में कपूर की तरह उड़ गई। जो साहब डिब्बे में शेर बने घूम रहे थे, वे आरपीएफ को देखते ही चूहा बनने की कला में पीएचडी करते नजर आए। सोचने वाली बात यह है कि हमारे देश में चेन खींचना 'जुर्म' माना जाता है, ट्रेन लेट होने पर जुर्माना लगता है—लेकिन क्या किसी की इज्ज़त तार-तार होने पर तमाशबीन बने रहने वाले इन 'मूक यात्रियों' पर कोई जुर्माना नहीं लगना चाहिए? मीनाक्षी ने तो चेन खींचकर गाड़ी रोक ली, लेकिन समाज की इस गिरती हुई चेतना की गाड़ी को कौन रोकेगा? #MeenakshiBrave #IndianRailways #RPF #WomenSafety #SocialSatire #GhaziabadToGorakhpur #MoralPolicing #ShameOnYou #StandUpForWomen1