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बीकानेर की ‘शेरनी’ इन्फ्लुएंसर की स्कॉर्पियो चोरी, ओसियां में एक्सीडेंट हालत में मिली

3 hrs ago
user_SSSO News
SSSO News
बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
3 hrs ago

बीकानेर की ‘शेरनी’ इन्फ्लुएंसर की स्कॉर्पियो चोरी, ओसियां में एक्सीडेंट हालत में मिली

More news from Rajasthan and nearby areas
  • बीकानेर पत्रकार इकबाल खान: बीकानेर शहर के नजदीक रायसर गांव में स्थित एक बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही ट्रांसफार्मर से धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में लपटें ऊंची उठने लगीं। घटना के दौरान आसपास के लोगों ने तुरंत सुरक्षित दूरी बना ली और बिजली विभाग को सूचना दी गई। इस घटना के चलते इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
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    बीकानेर  पत्रकार इकबाल खान:
बीकानेर शहर के नजदीक रायसर गांव में स्थित एक बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही ट्रांसफार्मर से धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में लपटें ऊंची उठने लगीं। घटना के दौरान आसपास के लोगों ने तुरंत सुरक्षित दूरी बना ली और बिजली विभाग को सूचना दी गई।
इस घटना के चलते इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    1 hr ago
  • Post by SSSO News
    1
    Post by SSSO News
    user_SSSO News
    SSSO News
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Babulal kaswan
    1
    Post by Babulal kaswan
    user_Babulal kaswan
    Babulal kaswan
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • "सादर निवेदन है कि कोटमदेसर (बीकानेर) के पास स्थित नहर से कुछ लोगों द्वारा खुलेआम पाइप डालकर अवैध रूप से पानी की चोरी की जा रही है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक लंबा पाइप नहर के अंदर डाला गया है, जो सीधे एक निजी प्लांट में पानी खींच रहा है। इस अवैध गतिविधि के कारण नहर के पानी का स्तर कम हो रहा है और टेल (छोर) पर स्थित किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कृपया इस पर तुरंत संज्ञान लें, मौके की जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें ताकि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके।"
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    "सादर निवेदन है कि कोटमदेसर (बीकानेर) के पास स्थित नहर से कुछ लोगों द्वारा खुलेआम पाइप डालकर अवैध रूप से पानी की चोरी की जा रही है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक लंबा पाइप नहर के अंदर डाला गया है, जो सीधे एक निजी प्लांट में पानी खींच रहा है। इस अवैध गतिविधि के कारण नहर के पानी का स्तर कम हो रहा है और टेल (छोर) पर स्थित किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कृपया इस पर तुरंत संज्ञान लें, मौके की जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें ताकि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके।"
    user_K.s
    K.s
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी. सूत्रों ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों में हालिया उछाल का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाला जा रहा है. भारत में फ्यूल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव है क्योंकि 28 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर मिलिट्री हमले किए थे, जिसके बाद तेहरान ने बड़ी जवाबी कार्रवाई की थी. नायरा एनर्जी, जो भारत के 102,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 चलाती है, ने इनपुट लागत में बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है. हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने इस खबर पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और बीपी पीएलयू का फ्यूल रिटेलिंग जॉइंट वेंचर, जियो-बीपी, जिसके 2,185 पेट्रोल पंप हैं, ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भारी नुकसान होने के बावजूद अभी तक कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. #bikaner #new #patrol
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    भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी. सूत्रों ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों में हालिया उछाल का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाला जा रहा है. भारत में फ्यूल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव है क्योंकि 28 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर मिलिट्री हमले किए थे, जिसके बाद तेहरान ने बड़ी जवाबी कार्रवाई की थी. नायरा एनर्जी, जो भारत के 102,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 चलाती है, ने इनपुट लागत में बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है. हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने इस खबर पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और बीपी पीएलयू का फ्यूल रिटेलिंग जॉइंट वेंचर, जियो-बीपी, जिसके 2,185 पेट्रोल पंप हैं, ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर भारी नुकसान होने के बावजूद अभी तक कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. #bikaner #new #patrol
    user_Bikaner local news
    Bikaner local news
    Local News Reporter बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • श्रीडूंगरगढ़ के कालू रोड पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ आज प्रशासन का पीला पंजा चला जिसमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण हटाए गए।
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    श्रीडूंगरगढ़ के कालू रोड पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ आज प्रशासन का पीला पंजा चला जिसमें बड़ी संख्या में अतिक्रमण हटाए गए।
    user_News 7 NETWORK
    News 7 NETWORK
    पत्रकार श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • वीडियो के बारे में: नमस्कार दोस्तों! आज हम पहुंचे हैं ग्राम पंचायत गंगाजली में, जहां हमने पंचायत के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानी। इस खास ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए गंगाजली गांव का असली हाल। हमने सीधे सरपंच जी से उनके 5 साल के कार्यकाल का हिसाब मांगा। साथ ही, हमने गांव के सरकारी स्कूल का भी मुआयना किया। सरपंच ने दावा किया है कि अगर उन्हें अगला मौका मिलता है, तो वे गंगाजली गांव को पूरी तरह से 'शहर' (Modern City) का रूप दे देंगे! क्या हैं उनके प्लान? और क्या है गांव की मौजूदा स्थिति? जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें। आपकी राय: क्या आपको लगता है कि एक गांव को शहर जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं! अगर आपको हमारी यह ग्राउंड रिपोर्ट पसंद आई हो, तो वीडियो को Like करें, Share करें और ऐसी ही सच्ची खबरों के लिए चैनल को Subscribe करना न भूलें। धन्यवाद!
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    वीडियो के बारे में:
नमस्कार दोस्तों! आज हम पहुंचे हैं ग्राम पंचायत गंगाजली में, जहां हमने पंचायत के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानी। इस खास ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए गंगाजली गांव का असली हाल। हमने सीधे सरपंच जी से उनके 5 साल के कार्यकाल का हिसाब मांगा। साथ ही, हमने गांव के सरकारी स्कूल का भी मुआयना किया।
सरपंच ने दावा किया है कि अगर उन्हें अगला मौका मिलता है, तो वे गंगाजली गांव को पूरी तरह से 'शहर' (Modern City) का रूप दे देंगे! क्या हैं उनके प्लान? और क्या है गांव की मौजूदा स्थिति? जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।
आपकी राय: क्या आपको लगता है कि एक गांव को शहर जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं!
अगर आपको हमारी यह ग्राउंड रिपोर्ट पसंद आई हो, तो वीडियो को Like करें, Share करें और ऐसी ही सच्ची खबरों के लिए चैनल को Subscribe करना न भूलें। धन्यवाद!
    user_Imamdeen
    Imamdeen
    Media company खाजूवाला, बीकानेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • पत्रकार इकबाल खान उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में घरेलू और कमर्शल एलपीजी गैस की भारी किल्लत ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि इसका असर अब औद्योगिक उत्पादन पर भी साफ दिखने लगा है। जानकारी के अनुसार, गैस संकट के चलते कई फैक्ट्रियों और इकाइयों में उत्पादन करीब 20 प्रतिशत तक गिर गया है। उद्योगों की रफ्तार धीमी पड़ने से कामगारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहे मजदूर अब मजबूरी में अपने गांवों की ओर पलायन करने लगे हैं। इस संकट की सबसे ज्यादा मार दिहाड़ी मजदूरों और कामगारों पर पड़ी है, जो बिल्डर साइटों, गारमेंट यूनिट्स और एक्सपोर्ट कंपनियों में काम करते हैं। इन कामगारों के पास स्थायी गैस कनेक्शन नहीं होता और वे छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर या पेट्रोमेक्स के जरिए अपना गुजारा करते थे।अब बाजार में गैस की उपलब्धता लगभग खत्म हो चुकी है। जहां कहीं गैस मिल भी रही है, वहां ऊंचे दाम वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब मजदूरों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। इधर बीकानेर में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां खुले बाजार में 1से 2 किलो गैस भरवाने पर 170 से 200 रुपये प्रति किलो तक वसूले जा रहे हैं। खासकर बाहर से आए प्रवासी मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिनके पास कोई गैस कनेक्शन नहीं है। ऐसे मजदूरों के लिए शहर में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नजर नहीं आ रही है, जिससे वे अपना दो वक्त का खाना बना सकें। सरकार को इन प्रवासी मजदूरों के लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए, जैसे अस्थायी रसोई या सस्ती गैस उपलब्ध कराना, ताकि उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और मजदूरों के लिए राहत कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर न केवल उद्योगों बल्कि सामाजिक ढांचे पर भी देखने को मिल सकता है।
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    पत्रकार इकबाल खान
उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में घरेलू और कमर्शल एलपीजी गैस की भारी किल्लत ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि इसका असर अब औद्योगिक उत्पादन पर भी साफ दिखने लगा है।
जानकारी के अनुसार, गैस संकट के चलते कई फैक्ट्रियों और इकाइयों में उत्पादन करीब 20 प्रतिशत तक गिर गया है। उद्योगों की रफ्तार धीमी पड़ने से कामगारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहे मजदूर अब मजबूरी में अपने गांवों की ओर पलायन करने लगे हैं।
इस संकट की सबसे ज्यादा मार दिहाड़ी मजदूरों और कामगारों पर पड़ी है, जो बिल्डर साइटों, गारमेंट यूनिट्स और एक्सपोर्ट कंपनियों में काम करते हैं। इन कामगारों के पास स्थायी गैस कनेक्शन नहीं होता और वे छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर या पेट्रोमेक्स के जरिए अपना गुजारा करते थे।अब बाजार में गैस की उपलब्धता लगभग खत्म हो चुकी है। जहां कहीं गैस मिल भी रही है, वहां ऊंचे दाम वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब मजदूरों के लिए खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है।
इधर बीकानेर में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां खुले बाजार में 1से 2 किलो गैस भरवाने पर 170 से 200 रुपये प्रति किलो तक वसूले जा रहे हैं। खासकर बाहर से आए प्रवासी मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिनके पास कोई गैस कनेक्शन नहीं है। ऐसे मजदूरों के लिए शहर में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नजर नहीं आ रही है, जिससे वे अपना दो वक्त का खाना बना सकें। सरकार को इन प्रवासी मजदूरों के लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए, जैसे अस्थायी रसोई या सस्ती गैस उपलब्ध कराना, ताकि उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और मजदूरों के लिए राहत कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर न केवल उद्योगों बल्कि सामाजिक ढांचे पर भी देखने को मिल सकता है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    6 hrs ago
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