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थानाभवन सीट से राष्ट्रीय लोकदल के विधायक अशरफ अली खान की सफल हार्ट सर्जरी हुई है। उन्हें अचानक तबियत बिगड़ने के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विधायक के स्वास्थ्य में अब तेजी से सुधार हो रहा है, और उम्मीद है कि वह जल्द ही अपने काम पर लौटेंगे। अशरफ अली खान ने अपने सभी शुभचिंतकों का आभार भी व्यक्त किया है।
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थानाभवन सीट से राष्ट्रीय लोकदल के विधायक अशरफ अली खान की सफल हार्ट सर्जरी हुई है। उन्हें अचानक तबियत बिगड़ने के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विधायक के स्वास्थ्य में अब तेजी से सुधार हो रहा है, और उम्मीद है कि वह जल्द ही अपने काम पर लौटेंगे। अशरफ अली खान ने अपने सभी शुभचिंतकों का आभार भी व्यक्त किया है।
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- थानाभवन सीट से राष्ट्रीय लोकदल के विधायक अशरफ अली खान की सफल हार्ट सर्जरी हुई है। उन्हें अचानक तबियत बिगड़ने के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विधायक के स्वास्थ्य में अब तेजी से सुधार हो रहा है, और उम्मीद है कि वह जल्द ही अपने काम पर लौटेंगे। अशरफ अली खान ने अपने सभी शुभचिंतकों का आभार भी व्यक्त किया है।1
- अतरौली स्थित बिजौली ब्लॉक प्रमुख के आवास पर कार्यरत एक रसोइये ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।1
- शामली की झिंझाना कोतवाली में अपराधियों के खिलाफ पुलिस लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना के नेतृत्व में पुलिस ने इसी क्रम में एक आरोपी को अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना ने अपराधियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वे या तो अपराध छोड़ दें या फिर उत्तर प्रदेश।1
- मुजफ्फरनगरः डॉक्टर ने 8 हजार में जोड़ी हड्डी, बाकी पैसे नहीं मिले तो जबरन मरोड़कर दोबारा तोड़ी ! आरोपों पर CMO ने दिए जांच के आदेश उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर एक बेबस मां रेशमा अपनी 14 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी को लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची. इस पीड़ित विधवा महिला ने जिले के स्वास्थ्य विभाग पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली और घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने उसकी बेटी के समुचित इलाज के लिए न केवल पैसों की मांग की, बल्कि गलत तरीके से इलाज करके उसकी मासूम बेटी के पैर को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. मुफ्त इलाज के आदेश भी बेअसर पीड़ित मां रेशमा के अनुसार, करीब डेढ़ माह पूर्व उसकी बेटी के दाहिने पैर की हड्डी का ऑपरेशन जिला अस्पताल में हुआ था. इसके लिए अस्पताल कर्मियों ने उससे ₹25,000 की मांग की थी. महिला ने जब खुद को विधवा बताते हुए असमर्थता जताई, तो उन्होंने इलाज से मना कर दिया. इसके बाद महिला ने डीएम साहब के दरबार में अर्जी लगाई, जिन्होंने सीएमओ को मुफ्त इलाज के आदेश दिए. इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने ₹8,000 ले लिए और कहा कि बाकी पैसे बाद में देने होंगे. डॉक्टर ने जबरन मोड़ा घुटना महिला को डॉक्टर ने कुछ दिन बाद चेकअप के लिए आने को कहा था ताकि घुटना मुड़ सके. जब महिला बेटी को लेकर पहुंची, तो ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर चतुर्वेदी ने उसकी बेटी का घुटना जबरन मोड़ दिया. मासूम दर्द से चिल्ला पड़ी और पैर से हड्डी टूटने की आवाज आई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे वहां से भगा दिया. बाद में जब पैर का एक्स-रे कराया गया, तो उसमें हड्डी टूटी हुई आई. परेशान मां ने बड़े डॉक्टरों से शिकायत की, पर किसी ने नहीं सुनी. मामले की जांच में जुटा विभाग 5G+ इस पूरे गंभीर मामले को लेकर मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुनील तेवतिया का बयान भी सामने आया है. सीएमओ का कहना है कि दूसरे पक्ष की बात को सुने बगैर अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी. यदि जांच में अस्पताल कर्मियों या डॉक्टरों की किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.3
- गुरुवार सुबह मुजफ्फरनगर में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जूझ रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। सुबह तेज आंधी और धूल भरी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस व गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से किसानों और आम लोगों के चेहरों पर संतोष दिखाई दिया। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। फिलहाल, तेज आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर दिया है।1
- मुज़फ्फरनगर में लगभग एक दशक पुराने हत्या के प्रयास के एक बहुचर्चित मुकदमे में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें तीनों आरोपितों हरिओम सैनी, विपिन और रामकुमार को बरी कर दिया गया है। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। तत्कालीन मंसूरपुर चेयरमैन श्याम पाल ने अपने भाई मैनपाल पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगभग 10 वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी का विस्तृत परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँची कि आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद आरोपित पक्ष ने राहत जताई और इसे न्याय की जीत बताया।4
- deepak kumar thanks for the help with this budhana bhasan 251309 muzaffarnagar the help with this budhana bhasan 251309 muzaffarnagar1
- ककाना मुजफ्फरनगर बस स्टैंड के पास रहता है क्या मेरे से तो नही हो रही थी ककाना मुजफ्फरनगर बस स्टैंड के पास रहता है क्या मेरे से तो नही हो रही थी इसलिए बोल भसाधा1