कोंडागांव में NH-30 पर दर्दनाक सड़क हादसा! ट्रक और मजदा गाड़ी की भीषण टक्कर, 6 से अधिक मजदूर दबे; 2 की मौके पर मौत, 4 की हालत नाजुक – फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कोंडागांव में NH-30 पर दर्दनाक सड़क हादसा! ट्रक और मजदा गाड़ी की भीषण टक्कर, 6 से अधिक मजदूर दबे; 2 की मौके पर मौत, 4 की हालत नाजुक – फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक बार फिर नेशनल हाईवे-30 ने अपनी भूख नहीं मिटाई। आज सुबह NH-30 पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें मजदूरों से भरी एक मजदा गाड़ी और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मजदा गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार मजदूर पलक झपकते ही मलबे में दब गए। जानकारी के अनुसार, हादसा फरसगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत NH-30 पर चिचाड़ी या आसपास के इलाके में हुआ। मजदा गाड़ी में 6 से अधिक मजदूर सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी जान बचाने की कोशिश में जुटी हुई है। पुलिस, स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद मलबे में दबे हुए शवों और घायलों को बाहर निकाला। पूरे इलाके में मातम का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम कर लिया है और हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है। यह हादसा उन सैकड़ों मजदूरों की मजबूरी की याद दिलाता है जो रोजी-रोटी की तलाश में ऐसे वाहनों से सफर करते हैं, जहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होता। NH-30 पर पिछले कुछ समय में ऐसे हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा और आक्रोश फैला हुआ है। दोस्तों, सड़क हादसे सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि पूरी-पूरी परिवारों की टूटती उम्मीदें हैं। ड्राइवरों से खास अपील – तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से बचें, जान-माल दोनों की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। मजदूरों और यात्रियों से निवेदन है कि वाहन की स्थिति, ओवरलोडिंग और ड्राइवर की फिटनेस जरूर चेक करें। प्रशासन से मांग है कि NH-30 पर पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे कम से कम हों। जो घायल हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण स्वास्थ्य मिले और मृतकों की आत्मा को शांति मिले – यही हमारी कामना है। द छत्तीसगढ़ – सच्ची खबर, सही समय पर। अगली खबर तक, सड़क पर सावधानी बरतिए, सुरक्षित रहिए।
कोंडागांव में NH-30 पर दर्दनाक सड़क हादसा! ट्रक और मजदा गाड़ी की भीषण टक्कर, 6 से अधिक मजदूर दबे; 2 की मौके पर मौत, 4 की हालत नाजुक – फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कोंडागांव में NH-30 पर दर्दनाक सड़क हादसा! ट्रक और मजदा गाड़ी की भीषण टक्कर, 6 से अधिक मजदूर दबे; 2 की मौके पर मौत, 4 की हालत नाजुक – फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक बार फिर नेशनल हाईवे-30 ने अपनी भूख नहीं मिटाई। आज सुबह NH-30 पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें मजदूरों से भरी एक मजदा गाड़ी और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मजदा गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार मजदूर पलक झपकते ही मलबे में दब गए। जानकारी के अनुसार, हादसा फरसगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत NH-30 पर चिचाड़ी या आसपास के इलाके में हुआ। मजदा गाड़ी में 6 से अधिक मजदूर सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी जान बचाने की कोशिश में जुटी हुई है। पुलिस, स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद मलबे में दबे हुए शवों और घायलों को बाहर निकाला। पूरे इलाके में मातम का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम कर लिया है और हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है। यह हादसा उन सैकड़ों मजदूरों की मजबूरी की याद दिलाता है जो रोजी-रोटी की तलाश में ऐसे वाहनों से सफर करते हैं, जहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होता। NH-30 पर पिछले कुछ समय में ऐसे हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा और आक्रोश फैला हुआ है। दोस्तों, सड़क हादसे सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि पूरी-पूरी परिवारों की टूटती उम्मीदें हैं। ड्राइवरों से खास अपील – तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से बचें, जान-माल दोनों की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। मजदूरों और यात्रियों से निवेदन है कि वाहन की स्थिति, ओवरलोडिंग और ड्राइवर की फिटनेस जरूर चेक करें। प्रशासन से मांग है कि NH-30 पर पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे कम से कम हों। जो घायल हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण स्वास्थ्य मिले और मृतकों की आत्मा को शांति मिले – यही हमारी कामना है। द छत्तीसगढ़ – सच्ची खबर, सही समय पर। अगली खबर तक, सड़क पर सावधानी बरतिए, सुरक्षित रहिए।
- नौकरी के नाम पर 2 लाख की ठगी! डोंगरगढ़ पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार एंकर – लवली साहू | चैनल – the Chhattisgarh डोंगरगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है… जहां नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला अछोली गांव का है, जहां पीड़िता ललिता सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपी आशीष पुर्ती ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में काउंसलर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4 लाख रुपये मांगे… जिसमें से 2 लाख रुपये एडवांस के रूप में ले लिए गए। लेकिन ना नौकरी लगी… और ना ही पैसे वापस किए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ऐसी ही ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहिए the Chhattisgarh के साथ। मैं हूं लवली साहू।1
- Post by Ashish parihar Parihar2
- भीम जयंती में आयोजित कव्वाली में सैकड़ो की संख्या में लोगों ने उठाया आनंद।1
- बॉयलर विस्फोट से मचा हड़कंप, सिंहितराय गांव में बड़ा औद्योगिक हादसा1
- अप्रैल में ही भीषण गर्मी का कहर, शहर को हरा-भरा बनाने की मांग तेज राजिम।अप्रैल माह की शुरुआत होते ही तेज धूप और बढ़ती तपन ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सुबह से ही सूरज की तीखी किरणें लोगों को झुलसा रही हैं, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है। गर्मी का असर इतना बढ़ गया है कि लोग जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। दिन चढ़ने के साथ ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे लोगों का घरों में रहना ही मजबूरी बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को तेज धूप में आना-जाना कठिन हो गया है, वहीं दिहाड़ी मजदूरों और ठेले-खोमचे वालों के लिए दोपहर का समय बेहद कठिन साबित हो रहा है। वहीं, बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या में कमी देखी जा रही है, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ने लगा है। गर्मी के बढ़ते प्रभाव के चलते बिजली और पानी की मांग भी बढ़ गई है। कई क्षेत्रों में दोपहर के समय बिजली कटौती और पानी की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। खासकर ग्रामीण और आसपास के इलाकों में पेयजल की समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप लेती जा रही है। इस भीषण गर्मी के बीच शहरवासियों ने नगर को हरा-भरा बनाने की मांग उठाई है। लोगों का मानना है कि यदि शहर में अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाए जाएं, तो तापमान में कुछ हद तक कमी लाई जा सकती है और वातावरण को भी शुद्ध रखा जा सकता है। पेड़ों की कमी के कारण गर्म हवाएं सीधे लोगों को प्रभावित कर रही हैं, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस हो रहा है। पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि शहर के प्रमुख स्थानों, सड़कों के किनारे, शासकीय कार्यालय परिसरों और खाली पड़ी जमीनों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए। साथ ही पहले से लगे पेड़ों की देखरेख, नियमित सिंचाई और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे गर्मी में लोगों को छाया और राहत प्रदान कर सकें। नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया है कि प्रत्येक वार्ड में हरियाली बढ़ाने के लिए जनभागीदारी से अभियान चलाया जाए। नगरवासियों का यह भी कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में इसी तरह की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते। उन्होंने प्रशासन से जल्द ही ठोस योजना बनाकर शहर को हरियाली से आच्छादित करने, पार्कों का विकास करने और जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में काम करने की मांग की है। यदि समय रहते इस दिशा में पहल की जाती है, तो आने वाले वर्षों में शहरवासियों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिल सकती है। साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और शहर को रहने योग्य बनाने में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।1
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