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मनकेशरी बाईपास में ट्रेलर और पिकअप में हुई भिड़ंत, एक की हुई मौत
Ashish parihar Parihar
मनकेशरी बाईपास में ट्रेलर और पिकअप में हुई भिड़ंत, एक की हुई मौत
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- *✰ऐतिहासिक महम चौबीसी सर्वखाप द्वारा संत रामपाल जी महाराज जी को पगड़ी पहना के सम्मानित किया गया✰* पूरी वीडियो अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel पर1
- नौकरी के नाम पर 2 लाख की ठगी! डोंगरगढ़ पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार एंकर – लवली साहू | चैनल – the Chhattisgarh डोंगरगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है… जहां नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला अछोली गांव का है, जहां पीड़िता ललिता सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपी आशीष पुर्ती ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में काउंसलर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4 लाख रुपये मांगे… जिसमें से 2 लाख रुपये एडवांस के रूप में ले लिए गए। लेकिन ना नौकरी लगी… और ना ही पैसे वापस किए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। ऐसी ही ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहिए the Chhattisgarh के साथ। मैं हूं लवली साहू।1
- विधायक ने राजपुर एसडीएम देवेंद्र प्रधान को हटाने कलेक्टर को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम, समर्थकों ने लगाए नारे बलरामपुर/राजपुर। शासकीय महाविद्यालय राजपुर में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक विवाद सामने आ गया। सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा कार्यक्रम में उस समय नाराज़ हो गईं जब उनके अनुसार आमंत्रण के बावजूद एसडीएम कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान विधायक ने इस बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा को फोन कर 24 घंटे के भीतर एसडीएम देवेंद्र प्रधान को राजपुर से हटाने का अल्टीमेटम दे दिया। विधायक ने यह भी कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो वे कार्यकर्ताओं और कुछ पत्रकारों के साथ तहसील एवं एसडीएम कार्यालय के सामने धरना देंगी।कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया जब कुछ कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक और सवाल खड़ा हो रहा है कि विधायक द्वारा “पत्रकारों के साथ धरना” देने की बात कही गई—जिससे पत्रकारों की निष्पक्षता पर भी चर्चा शुरू हो गई है।1
- राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटागहना में अटल चौक से जलाशय मार्ग पर कन्हाई घर के पास डीएमएफ मद से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बन रही पुलिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच अनिल तिवारी ने इस निर्माण कार्य में व्यापक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उपसरपंच का कहना है कि जिस स्थान पर नई पुलिया का निर्माण किया जा रहा है, वहां पहले से ही पंचायत द्वारा पुलिया बनाई जा चुकी थी और उस स्थान पर नई पुलिया की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जरूरत के पुरानी पुलिया को तोड़कर नई पुलिया का निर्माण केवल शासकीय राशि के दुरुपयोग और बंदरबांट के उद्देश्य से कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने भी इस मामले में उपसरपंच के आरोपों का समर्थन करते हुए बताया कि उक्त स्थल पर पानी की निकासी की कोई गंभीर समस्या नहीं थी। बरसात के दिनों में भी खेतों में पानी का भराव नहीं होता था और किसान ट्यूबवेल के माध्यम से धान की रोपाई करते थे। ऐसे में वहां पुलिया निर्माण को लेकर लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में कई ऐसे स्थान हैं जहां पुलिया की वास्तविक आवश्यकता है, लेकिन वहां कार्य स्वीकृत नहीं किया गया। ग्राम पंचायत कोटागहना के उपसरपंच अनिल तिवारी ने प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना उचित जांच के इस तरह के कार्यों को स्वीकृति देना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ठेकेदारों की मिलीभगत से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है और इसमें बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता की आशंका है। उपसरपंच ने स्पष्ट कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य की तत्काल जांच कराई जाए और जहां वास्तव में आवश्यकता है, वहां विकास कार्य कराए जाएं। इस पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संजय दुबे , सिईओ जनपद पंचायत राजपुर। कोटागहना पंचायत में जो पुलिया निर्माण के स्वीकृति मिली है, एसडीओ और इंजीनियर के द्वारा मौके पर जाकर विजिट कर सत्यापन किया गया। इसके बाद ही स्वीकृति मिलती है अगर गलत किया गया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।4
- नेशनल हाइवे 30 पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक और माजदा वाहन में हुईं भिड़त, दो की मौके पर मौत, दो गंभीर CHC फरसगांव में घायलों का उपचार जारी *एंकर* :- कोंडागांव जिले के फरसगांव नेशनल हाईवे 30 पर आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। चिचाड़ी पुल के पास माजदा और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बताया जा रहा है कि यह हादसा शुक्रवार तड़के सुबह करीब 5-6 बजे की है। जब छड़ से भरी माजदा वाहन जगदलपुर की ओर जा रही थी, वहीं गिट्टी से भरा ट्रक रायपुर की ओर जा रहा था। चिचाड़ी पुल के पास दोनों वाहनों की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि माजदा में सवार दो युवक छड़ के नीचे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही फरसगांव पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत उपचार के लिए फरसगांव अस्पताल भेजा गया। पुलिस टीम और नगरवासियों को ट्रक और माजदा वाहन में फंसे शवों को निकालने में काफ़ी मसक्क्त करना पड़ा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लम्बी क़तार लग गई, धीरे धीरे कर सभी गाड़ियों को जाने दिया गया, लगभग 3 घंटे से पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद ट्रक और माजदा चालक मौके से फरार हो गये । पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश जारी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।3
- भीम जयंती में आयोजित कव्वाली में सैकड़ो की संख्या में लोगों ने उठाया आनंद।1
- कोंडागांव में NH-30 पर दर्दनाक सड़क हादसा! ट्रक और मजदा गाड़ी की भीषण टक्कर, 6 से अधिक मजदूर दबे; 2 की मौके पर मौत, 4 की हालत नाजुक – फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक बार फिर नेशनल हाईवे-30 ने अपनी भूख नहीं मिटाई। आज सुबह NH-30 पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें मजदूरों से भरी एक मजदा गाड़ी और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मजदा गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार मजदूर पलक झपकते ही मलबे में दब गए। जानकारी के अनुसार, हादसा फरसगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत NH-30 पर चिचाड़ी या आसपास के इलाके में हुआ। मजदा गाड़ी में 6 से अधिक मजदूर सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी जान बचाने की कोशिश में जुटी हुई है। पुलिस, स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद मलबे में दबे हुए शवों और घायलों को बाहर निकाला। पूरे इलाके में मातम का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम कर लिया है और हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है। यह हादसा उन सैकड़ों मजदूरों की मजबूरी की याद दिलाता है जो रोजी-रोटी की तलाश में ऐसे वाहनों से सफर करते हैं, जहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होता। NH-30 पर पिछले कुछ समय में ऐसे हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा और आक्रोश फैला हुआ है। दोस्तों, सड़क हादसे सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि पूरी-पूरी परिवारों की टूटती उम्मीदें हैं। ड्राइवरों से खास अपील – तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से बचें, जान-माल दोनों की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। मजदूरों और यात्रियों से निवेदन है कि वाहन की स्थिति, ओवरलोडिंग और ड्राइवर की फिटनेस जरूर चेक करें। प्रशासन से मांग है कि NH-30 पर पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे कम से कम हों। जो घायल हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण स्वास्थ्य मिले और मृतकों की आत्मा को शांति मिले – यही हमारी कामना है। द छत्तीसगढ़ – सच्ची खबर, सही समय पर। अगली खबर तक, सड़क पर सावधानी बरतिए, सुरक्षित रहिए।1