*महुआडांड़ में नियमों को महुआडांड़ताक पर रख उगल रहा जहर: अवैध अलकतरा प्लांट से वन्यजीव और ग्रामीण संकट में - बलराम प्रसाद, समाजसेवी।* पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के अंतर्गत आने वाले महुआडांड़ वुल्फ सैंक्चुरी और इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) में अवैध औद्योगिक गतिविधियों का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय निवासी बलराम प्रसाद एवं अन्य ग्रामीणों ने जिला वन पदाधिकारी (बफर एरिया) व लातेहार उपायुक्त को पत्र लिखकर बांसकरचा में संचालित 'सरस्वती कंस्ट्रक्शन' नामक अलकतरा (Hot Mix Asphalt) प्लांट को तत्काल बंद कराने की मांग की है। *इको-सेंसिटिव जोन के नियमों की सरेआम अनदेखी* शिकायत के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र 'नो माइनिंग जोन' और 'इको-सेंसिटिव जोन' के अंतर्गत आता है। नियमानुसार, ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के प्रदूषण फैलाने वाले स्थायी या अस्थायी उद्योगों की स्थापना पूरी तरह वर्जित है। ग्रामीणों का आरोप है कि मनीष कुमार सिंह द्वारा संचालित इस प्लांट के पास न तो वन विभाग की अनुमति (Forest Clearance) है, न ही पर्यावरण क्लीयरेंस (EC) और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी (NOC) प्राप्त है। *वन्यजीवों के अस्तित्व और जन-स्वास्थ्य पर प्रहार* यह क्षेत्र दुनिया के दुर्लभ भारतीय ग्रे वुल्फ (Indian Grey Wolf) और बाघों का निवास स्थान है। बलराम प्रसाद ने बताया कि प्लांट से निकलने वाला अत्यधिक काला और जहरीला धुआँ पर्यावरण को दूषित कर रहा है। रिहायशी इलाके के करीब होने के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कत और अन्य गंभीर बीमारियाँ हो रही हैं। पेट्रोलियम उत्पादों के धुएँ से वुल्फ प्रजाति और अन्य पक्षियों को भारी क्षति पहुँच रही है। *प्रशासनिक सांठगांठ और भ्रष्टाचार के आरोप* बलराम प्रसाद एवं अन्य ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है एक ओर महुआडांड एसडीएम बिपिन कुमार दुबे व सीओ संतोष कुमार बैठा एक चिन्हित व्यक्ति बलराम प्रसाद के ईंट भट्टा पर कार्रवाई करते हुए सील कर देते है वहीं बाकी 45 ईंट भट्टे एवं अवैध अलकतरा प्लांट पर कोई कार्रवाई नही करते हैं। जबकि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार वर्षों से फल-फूल रहा है। *आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी* ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस अवैध प्लांट को अविलंब जब्त कर बंद नहीं करता है, तो वे उग्र आंदोलन करने के साथ-साथ न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करने के लिए बाध्य होंगे।
*महुआडांड़ में नियमों को महुआडांड़ताक पर रख उगल रहा जहर: अवैध अलकतरा प्लांट से वन्यजीव और ग्रामीण संकट में - बलराम प्रसाद, समाजसेवी।* पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के अंतर्गत आने वाले महुआडांड़ वुल्फ सैंक्चुरी और इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) में अवैध औद्योगिक गतिविधियों का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय निवासी बलराम प्रसाद एवं अन्य ग्रामीणों ने जिला वन पदाधिकारी (बफर एरिया) व लातेहार उपायुक्त को पत्र लिखकर बांसकरचा में संचालित 'सरस्वती कंस्ट्रक्शन' नामक अलकतरा (Hot Mix Asphalt) प्लांट को तत्काल बंद कराने की मांग की है। *इको-सेंसिटिव जोन के नियमों की सरेआम अनदेखी* शिकायत के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र 'नो माइनिंग जोन' और 'इको-सेंसिटिव जोन' के अंतर्गत आता है। नियमानुसार, ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के प्रदूषण फैलाने वाले स्थायी या अस्थायी उद्योगों की स्थापना पूरी तरह वर्जित है। ग्रामीणों का
आरोप है कि मनीष कुमार सिंह द्वारा संचालित इस प्लांट के पास न तो वन विभाग की अनुमति (Forest Clearance) है, न ही पर्यावरण क्लीयरेंस (EC) और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी (NOC) प्राप्त है। *वन्यजीवों के अस्तित्व और जन-स्वास्थ्य पर प्रहार* यह क्षेत्र दुनिया के दुर्लभ भारतीय ग्रे वुल्फ (Indian Grey Wolf) और बाघों का निवास स्थान है। बलराम प्रसाद ने बताया कि प्लांट से निकलने वाला अत्यधिक काला और जहरीला धुआँ पर्यावरण को दूषित कर रहा है। रिहायशी इलाके के करीब होने के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कत और अन्य गंभीर बीमारियाँ हो रही हैं। पेट्रोलियम उत्पादों के धुएँ से वुल्फ प्रजाति और अन्य पक्षियों को भारी क्षति पहुँच रही है। *प्रशासनिक सांठगांठ और भ्रष्टाचार के आरोप* बलराम प्रसाद एवं अन्य ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर सवाल उठाते हुए
कहा है एक ओर महुआडांड एसडीएम बिपिन कुमार दुबे व सीओ संतोष कुमार बैठा एक चिन्हित व्यक्ति बलराम प्रसाद के ईंट भट्टा पर कार्रवाई करते हुए सील कर देते है वहीं बाकी 45 ईंट भट्टे एवं अवैध अलकतरा प्लांट पर कोई कार्रवाई नही करते हैं। जबकि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार वर्षों से फल-फूल रहा है। *आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी* ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस अवैध प्लांट को अविलंब जब्त कर बंद नहीं करता है, तो वे उग्र आंदोलन करने के साथ-साथ न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करने के लिए बाध्य होंगे।
- अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई के बाद गांव में जागरूकता अभियान—पूर्ण रूप से शराब बंदी की दिशा में कदम बढ़ाये है। घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव ने नशा मुक्ति के लिए ग्रामीणों को किया था प्रेरित, जागरूकता से सामाजिक बदलाव की ओर बढ़ता गांव पंचायत, महिला समिति और ग्रामीणों की सहभागिता—मुनादी कर अवैध गतिविधियों पर निगरानी ऑपरेशन ‘आघात’ का असर—नशे के खिलाफ जनजागरण और सख्त कार्रवाई साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम में थाना प्रभारी ने साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा पर भी दी गई अहम जानकारी बीट आरक्षक प्रणाली से गांव-गांव निगरानी—पुलिस-जन सहयोग मजबूत 🚨 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश — “नशा मुक्त समाज के लिए जनभागीदारी सबसे बड़ी ताकत है ”1
- सिसई प्रखंड के मुर्गु चैलीटोली गांव में एक दर्दनाक हादसे में 11 वर्षीय रितिका कुमारी की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव और परिवार में मातम पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम रितिका अपनी बड़ी बहन के साथ बकरी चराने खेत की ओर गई थी। इसी दौरान दोनों बहनें नहाने के लिए पास के तालाब में उतर गईं। नहाने के क्रम में दोनों गहरे पानी की ओर चली गईं और डूबने लगीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान रितिका ने साहस दिखाते हुए अपनी बड़ी बहन को खींचकर किनारे करने की कोशिश की। बड़ी बहन किसी तरह किनारे पहुंच गई, लेकिन रितिका खुद गहरे पानी में डूब गई। बड़ी बहन ने उसे बचाने का काफी प्रयास किया, पर वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद बड़ी बहन ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तालाब से रितिका को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजन उसे जीवित होने की उम्मीद में तत्काल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिजन अस्पताल में दहाड़ मारकर रोने लगे।1
- ब्रेकिंग बलरामपुर शादी में पुलिस सायरन का 'भौकाल' कानून की उड़ी धज्जियां बलरामपुर के चलगली में शादी की गाड़ी पर पुलिस सायरन बजाकर धौंस जमाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बारातियों द्वारा खुलेआम सायरन का दुरुपयोग कर ग्रामीणों को डराने की कोशिश की गई, लेकिन स्थानीय पुलिस घंटों तक गहरी नींद में सोई ररही ग्रामीणों की शिकायत पर एसपी के निर्देश के बाद मौके पर पहुंची चलगली पुलिस कार्रवाई करने के बजाय दूल्हा-दुल्हन के सामने हाथ जोड़ती और दोस्तों से हाथ मिलाती नजर आई कानूनन अपराध होने के बावजूद सायरन बजाने वालों पर कोई एक्शन न लेना और पुलिस का नरम रवैया प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वायरल वीडियो और पुलिस की सुस्त कार्रवाई को देख लोग पूछ रहे हैं क्या रसूखदारों के आगे नतमस्तक हो गया है कानून पूरा मामला बलरामपुर जिले के चलगली थाना क्षेत्र का है1
- Post by Sonu Ram1
- बलरामपुर(चांदो)@ बलरामपुर जिले के चांदो क्षेत्र में स्कूल परिसर के अंदर लावारिस अवस्था में बड़ी संख्या में स्कूल ड्रेस मिलने के मामले को जिला शिक्षा अधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.. मामले के सामने आते ही शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.. जानकारी के अनुसार, चांदो क्षेत्र के एक स्कूल परिसर के भीतर बड़ी मात्रा में सरकारी स्कूलों की ड्रेस बिखरी हुई हालत में मिली थी.. यह ड्रेस कूड़े के ढेर जैसी स्थिति में पड़ी थी, जिससे पूरे मामले में लापरवाही और अनियमितता की आशंका जताई जा रही है.. मामले की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच के लिए विशेष टीम गठित करने की बात कही है.. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि स्कूल परिसर में बने एक भवन में अज्ञात चोरों ने घुसने की कोशिश की थी.. दरवाजे और ताले तोड़े गए थे, हालांकि की समाचार लिखे जाने तक चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है.. शिक्षा विभाग की जांच के अनुसार कमरे के अंदर ड्रेस और फर्नीचर बिखरे हुए मिले.. जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह जांच का विषय है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में ड्रेस वहां कैसे पड़ी रही.. यह ड्रेस पुराना स्टॉक था, समय पर वितरण नहीं हुआ, या जरूरत से ज्यादा खरीदी की गई—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है.. उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.. फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी..1
- पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के अंतर्गत आने वाले महुआडांड़ वुल्फ सैंक्चुरी और इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) में अवैध औद्योगिक गतिविधियों का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय निवासी बलराम प्रसाद एवं अन्य ग्रामीणों ने जिला वन पदाधिकारी (बफर एरिया) व लातेहार उपायुक्त को पत्र लिखकर बांसकरचा में संचालित 'सरस्वती कंस्ट्रक्शन' नामक अलकतरा (Hot Mix Asphalt) प्लांट को तत्काल बंद कराने की मांग की है। *इको-सेंसिटिव जोन के नियमों की सरेआम अनदेखी* शिकायत के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र 'नो माइनिंग जोन' और 'इको-सेंसिटिव जोन' के अंतर्गत आता है। नियमानुसार, ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के प्रदूषण फैलाने वाले स्थायी या अस्थायी उद्योगों की स्थापना पूरी तरह वर्जित है। ग्रामीणों का आरोप है कि मनीष कुमार सिंह द्वारा संचालित इस प्लांट के पास न तो वन विभाग की अनुमति (Forest Clearance) है, न ही पर्यावरण क्लीयरेंस (EC) और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी (NOC) प्राप्त है। *वन्यजीवों के अस्तित्व और जन-स्वास्थ्य पर प्रहार* यह क्षेत्र दुनिया के दुर्लभ भारतीय ग्रे वुल्फ (Indian Grey Wolf) और बाघों का निवास स्थान है। बलराम प्रसाद ने बताया कि प्लांट से निकलने वाला अत्यधिक काला और जहरीला धुआँ पर्यावरण को दूषित कर रहा है। रिहायशी इलाके के करीब होने के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कत और अन्य गंभीर बीमारियाँ हो रही हैं। पेट्रोलियम उत्पादों के धुएँ से वुल्फ प्रजाति और अन्य पक्षियों को भारी क्षति पहुँच रही है। *प्रशासनिक सांठगांठ और भ्रष्टाचार के आरोप* बलराम प्रसाद एवं अन्य ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है एक ओर महुआडांड एसडीएम बिपिन कुमार दुबे व सीओ संतोष कुमार बैठा एक चिन्हित व्यक्ति बलराम प्रसाद के ईंट भट्टा पर कार्रवाई करते हुए सील कर देते है वहीं बाकी 45 ईंट भट्टे एवं अवैध अलकतरा प्लांट पर कोई कार्रवाई नही करते हैं। जबकि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार वर्षों से फल-फूल रहा है। *आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी* ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस अवैध प्लांट को अविलंब जब्त कर बंद नहीं करता है, तो वे उग्र आंदोलन करने के साथ-साथ न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करने के लिए बाध्य होंगे।1
- प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी जवाहर यादव (37 वर्ष) निवासी ग्राम अम्बाडीपा ने चौकी पंडरा पाठ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. बताया कि उनका परिवार पूर्वजों के समय से घर के पास स्थित शासकीय काबिज जमीन का उपयोग खलिहान और गोठान के रूप में करता रहा है. इसी जमीन को लेकर गांव के ही मदन यादव, ठाकुर दयाल यादव एवं सत्यपाल यादव (बाप-बेटे) लगातार अपना हक जताते हुए विवाद करते रहे हैं और जमीन को अपने नाम पर दर्ज कराने का दावा करते हैं.जानकारी के अनुसार सरकारी जमीन पर 2 पक्षों के अपने-अपने दावे को लेकर विवाद मारपीट तक पहुंच गया बताया जा रहा है,दिनांक 20 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे प्रार्थी पक्ष के परिवारजन भतीजी प्रतिभा, भतीजा मिथलेश, बेटी मंजू यादव और बेटा संदीप यादव सहित अन्य सदस्य खलिहान में पैरा लेने पहुंचे थे.इसी दौरान आरोपी पक्ष भी वहां मौजूद था. जमीन को लेकर फिर विवाद बढ़ा और आरोपियों ने प्रार्थी पक्ष को जान से मारने की धमकी देते हुए लाठी, डंडे और लोहे के सब्बल से अचानक हमला कर दिया.इस हमले में बिहारी यादव, सुमित्रा यादव एवं जयंती यादव के सिर, माथे और पैरों में गंभीर चोटें आईं.घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची.घायलों को इलाज के लिए शासकीय अस्पताल बगीचा में भर्ती कराया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चौकी पंडरा पाठ में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 351(2), 115(2), 191(3) व 109 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की आरोपी मदन यादव, ठाकुर दयाल यादव, सत्यपाल यादव निवासी ग्राम अम्बाडीपा सभी आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और पूछताछ की.आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया,जिसके बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लकड़ी, डंडे एवं लोहे के सब्बल को भी जब्त कर लिया है. एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर हिंसा करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि “कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, मामले की जांच जारी है।1
- बलरामपुर जिला के पस्ता थाना अंतर्गत पस्ता पुलिस ने आरोपी अनिश को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार अनिश मिंज पिता बिफना मिंज ने 22.04.2025 को सोमन बेक को जान से मारने के इरादे से उसके शरीर पर तेज धारदार हथियार से वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। उक्त मामले में आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था मुखबिर से मिली सूचना से पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है। पस्ता थाना प्रभारी जन्मजय पांडे ने बताया कि आरोपी अनिश मिंज के खिलाफ धारा 301(1), 118(2), 238 बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.. और आगे की जांच पुलिस कर रही है...1
- बलरामपुर ग्राम पंचायत सचिव पर वित्तीय अनियमितता के आरोप, वार्ड पंच ने जनपद पंचायत सीईओ से की लिखित शिकायत👍 देखिए खास रिपोर्ट अली खान के साथ mo 9754053874.62605961171