logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लखीसराय जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मौलानगर निवासी मो. इरशाद को पुलिस ने भरण-पोषण राशि का भुगतान न करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी किया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे उसके घर से हिरासत में लिया। बुधवार को पुलिस ने मो. इरशाद को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

10 hrs ago
user_Vinay kumar suman
Vinay kumar suman
पत्रकार सूरजगढ़ा, लखीसराय, बिहार•
10 hrs ago

लखीसराय जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मौलानगर निवासी मो. इरशाद को पुलिस ने भरण-पोषण राशि का भुगतान न करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी किया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे उसके घर से हिरासत में लिया। बुधवार को पुलिस ने मो. इरशाद को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

More news from बिहार and nearby areas
  • लखीसराय जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मौलानगर निवासी मो. इरशाद को पुलिस ने भरण-पोषण राशि का भुगतान न करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी किया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे उसके घर से हिरासत में लिया। बुधवार को पुलिस ने मो. इरशाद को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
    1
    लखीसराय जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मौलानगर निवासी मो. इरशाद को पुलिस ने भरण-पोषण राशि का भुगतान न करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी किया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे उसके घर से हिरासत में लिया। बुधवार को पुलिस ने मो. इरशाद को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
    user_Vinay kumar suman
    Vinay kumar suman
    पत्रकार सूरजगढ़ा, लखीसराय, बिहार•
    10 hrs ago
  • लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा वितरित मूंग के बीज से बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे लगभग 250 किसान भारी कर्ज और मायूसी में डूब गए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'धोखा' मिला है, क्योंकि अप्रैल में सरकारी बीज से बोई गई मूंग की फसल में एक भी दाना नहीं लगा। कृषि विभाग ने पिछले अप्रैल में प्रखंड के लगभग ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था, जिसके साथ दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, इसमें हरदा रोग नहीं लगेगा, और यह हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, न तो फसल में फल लगे और न ही फलियाँ आईं, और अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर बड़े उत्साह से मूंग बोया था, लेकिन अब मूलधन भी चला गया और समय भी बर्बाद हुआ। इस आक्रोश के बीच, किसानों ने सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी हुई क्षति की भरपाई मिल सके। इस संबंध में, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त हुआ था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी किसान सामूहिक रूप से लिखित आवेदन प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में जमा करें। उन्होंने उचित जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर हर संभव राहत प्रदान करने का भरोसा दिया। किसानों की प्रमुख मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिले।
    1
    लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा वितरित मूंग के बीज से बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे लगभग 250 किसान भारी कर्ज और मायूसी में डूब गए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'धोखा' मिला है, क्योंकि अप्रैल में सरकारी बीज से बोई गई मूंग की फसल में एक भी दाना नहीं लगा।

कृषि विभाग ने पिछले अप्रैल में प्रखंड के लगभग ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था, जिसके साथ दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, इसमें हरदा रोग नहीं लगेगा, और यह हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, न तो फसल में फल लगे और न ही फलियाँ आईं, और अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है।

परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर बड़े उत्साह से मूंग बोया था, लेकिन अब मूलधन भी चला गया और समय भी बर्बाद हुआ।

इस आक्रोश के बीच, किसानों ने सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी हुई क्षति की भरपाई मिल सके। इस संबंध में, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त हुआ था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी किसान सामूहिक रूप से लिखित आवेदन प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में जमा करें। उन्होंने उचित जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर हर संभव राहत प्रदान करने का भरोसा दिया। किसानों की प्रमुख मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिले।
    user_Kumar Amlesh
    Kumar Amlesh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    50 min ago
  • लखीसराय जिले में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में हुई इस सुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभू नाथ ने कुल नौ मामलों की गंभीरतापूर्वक सुनवाई की और प्रत्येक पक्ष से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सुनवाई पूरी होने के बाद, पदाधिकारी शंभू नाथ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी मामलों का शीघ्र, पारदर्शी और नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। जनसुनवाई के दौरान समस्याओं के त्वरित निपटारे पर विशेष जोर दिया गया।
    1
    लखीसराय जिले में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में हुई इस सुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभू नाथ ने कुल नौ मामलों की गंभीरतापूर्वक सुनवाई की और प्रत्येक पक्ष से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

सुनवाई पूरी होने के बाद, पदाधिकारी शंभू नाथ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी मामलों का शीघ्र, पारदर्शी और नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। जनसुनवाई के दौरान समस्याओं के त्वरित निपटारे पर विशेष जोर दिया गया।
    user_Atmanand Singh
    Atmanand Singh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    18 hrs ago
  • बेगूसराय में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) संगठन ने राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया। इस विशेष अवसर पर, IMA अध्यक्ष डॉ. एके राय ने कार्यालय में उपस्थित सभी डॉक्टरों को शुभकामनाएँ और बधाई दीं।
    4
    बेगूसराय में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) संगठन ने राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया। इस विशेष अवसर पर, IMA अध्यक्ष डॉ. एके राय ने कार्यालय में उपस्थित सभी डॉक्टरों को शुभकामनाएँ और बधाई दीं।
    user_India khabar Begusarai.
    India khabar Begusarai.
    बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    8 hrs ago
  • आज SBI RSETI प्रशिक्षण केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सर और साथियों के साथ विद्यार्थियों को लुप्तप्राय देसी बीजों और औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।
    1
    आज SBI RSETI प्रशिक्षण केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सर और साथियों के साथ विद्यार्थियों को लुप्तप्राय देसी बीजों और औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।
    user_Yogendra Prajapati
    Yogendra Prajapati
    Farmer बरहट, जमुई, बिहार•
    9 hrs ago
  • लखीसराय के रामगढ़ चौक पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों ने 'इंसानियत की मिसाल' पेश करते हुए 10 टीबी मरीजों को गोद लिया है। यह पहल 'निश्चय पोषण योजना' के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक मरीज को अगले 6 महीनों तक हर माह ₹500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। मंगलवार का दिन टीबी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे इन मरीजों के लिए बेहद राहत भरा रहा, क्योंकि उन्हें पोषण का महत्वपूर्ण सहारा मिला। पीएचसी रामगढ़ चौक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कंचन, प्रबंधक अरुण कुमार, बीसीएम माला कुमारी, प्रधान लिपिक रवीश कुमार और अनु सरवन सह मूल्यांकन सहायक नीरज कुमार मंगलम ने संयुक्त रूप से इन 10 मरीजों को गोद लिया। इस अवसर पर सभी मरीजों को प्रतीक स्वरूप फूड बास्केट भी भेंट किए गए। गोद लिए गए मरीजों में शर्मा गांव के नेपो मांझी, महादेव के ललन कुमार, डकरा की सोनिया देवी, कोली के वीरेंद्र महतो और किशोरी महतो, नावाडीह के अमर कुमार, शर्मा के संतोष रविदास, कोली की विजेता कुमारी, तथा महादेव की कजली देवी और रोशनी कुमारी शामिल हैं। डॉ. कंचन ने बताया कि रामगढ़ चौक प्रखंड में कुल 22 टीबी रोगी चिन्हित हैं, जिनमें से 10 मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोद लिया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे 12 टीबी रोगियों को भी जल्द ही सहारा मिलेगा, जिन्हें प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और कल्याण पदाधिकारी गोद लेंगे। डॉ. कंचन के अनुसार, टीबी को हराने के लिए दवा के साथ-साथ सही पोषण भी अत्यंत आवश्यक है, और यह पहल मरीजों को बीमारी से लड़ने के लिए जरूरी मनोबल प्रदान करेगी।
    1
    लखीसराय के रामगढ़ चौक पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों ने 'इंसानियत की मिसाल' पेश करते हुए 10 टीबी मरीजों को गोद लिया है। यह पहल 'निश्चय पोषण योजना' के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक मरीज को अगले 6 महीनों तक हर माह ₹500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। मंगलवार का दिन टीबी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे इन मरीजों के लिए बेहद राहत भरा रहा, क्योंकि उन्हें पोषण का महत्वपूर्ण सहारा मिला।

पीएचसी रामगढ़ चौक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कंचन, प्रबंधक अरुण कुमार, बीसीएम माला कुमारी, प्रधान लिपिक रवीश कुमार और अनु सरवन सह मूल्यांकन सहायक नीरज कुमार मंगलम ने संयुक्त रूप से इन 10 मरीजों को गोद लिया। इस अवसर पर सभी मरीजों को प्रतीक स्वरूप फूड बास्केट भी भेंट किए गए। गोद लिए गए मरीजों में शर्मा गांव के नेपो मांझी, महादेव के ललन कुमार, डकरा की सोनिया देवी, कोली के वीरेंद्र महतो और किशोरी महतो, नावाडीह के अमर कुमार, शर्मा के संतोष रविदास, कोली की विजेता कुमारी, तथा महादेव की कजली देवी और रोशनी कुमारी शामिल हैं।

डॉ. कंचन ने बताया कि रामगढ़ चौक प्रखंड में कुल 22 टीबी रोगी चिन्हित हैं, जिनमें से 10 मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोद लिया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे 12 टीबी रोगियों को भी जल्द ही सहारा मिलेगा, जिन्हें प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और कल्याण पदाधिकारी गोद लेंगे। डॉ. कंचन के अनुसार, टीबी को हराने के लिए दवा के साथ-साथ सही पोषण भी अत्यंत आवश्यक है, और यह पहल मरीजों को बीमारी से लड़ने के लिए जरूरी मनोबल प्रदान करेगी।
    user_Vivek Anand
    Vivek Anand
    रामगढ़ चौक, लखीसराय, बिहार•
    11 hrs ago
  • बिहार में शिक्षा विभाग के दावों की पोल खुल गई है, जहाँ छात्रों को परीक्षा देने के लिए बेंच-डेस्क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, छात्र बरामदे और ज़मीन पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर हैं, जो शिक्षा प्रणाली की दयनीय स्थिति को उजागर करता है। यह घटना सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुविधाओं की कमी और अधिकारियों की लापरवाहियों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
    1
    बिहार में शिक्षा विभाग के दावों की पोल खुल गई है, जहाँ छात्रों को परीक्षा देने के लिए बेंच-डेस्क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, छात्र बरामदे और ज़मीन पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर हैं, जो शिक्षा प्रणाली की दयनीय स्थिति को उजागर करता है। यह घटना सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुविधाओं की कमी और अधिकारियों की लापरवाहियों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    12 hrs ago
  • लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा। पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है। इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।
    2
    लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा।

पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है।

परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है।

इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।
    user_Kumar Amlesh
    Kumar Amlesh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.