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दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को बर्बर तरीके से हिरासत में ले लिया है। कार्रवाई के दौरान उन्हें जमीन पर भी घसीटा गया।
Ashish Marmat
दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को बर्बर तरीके से हिरासत में ले लिया है। कार्रवाई के दौरान उन्हें जमीन पर भी घसीटा गया।
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- झालावाड़ के बारां-झालावाड़ मेगा हाईवे पर चिकली तालाब के पास एक घायल नीलगाय को बुधवार शाम वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पैर टूट जाने के कारण यह नीलगाय पिछले दो दिनों से खेतों में भटक रही थी। स्थानीय लोगों की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया। वन विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह पशु चिकित्सक की सहायता से घायल नीलगाय का उपचार कराया जाएगा। इसके साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा को सभी की जिम्मेदारी बताते हुए अपील की गई है कि संकट या घायल अवस्था में दिखने वाले वन्यजीवों की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।1
- झालावाड़ के जिला जनाना अस्पताल के मुख्य द्वार पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पहल के तहत 24×7 संचालित 'प्रसूता हेल्प डेस्क' की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर होकर आने वाली गर्भवती महिलाओं को बिना किसी परेशानी के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। अस्पताल पहुंचते ही प्रसूताओं का रजिस्ट्रेशन, प्राथमिक जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों से उपचार शुरू कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे पहले जानकारी के अभाव में होने वाली देरी से अब निजात मिलेगी। इस प्रणाली के तहत किसी भी ग्रामीण चिकित्सा संस्थान से गर्भवती महिला के रेफर होते ही उसकी सूचना मेडिकल कॉलेज के कंट्रोल रूम एवं व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा की जाती है। इससे कंट्रोल रूम, एनेस्थीसिया टीम, रक्तकोष, सोनोग्राफी और नर्सिंग स्टाफ तुरंत अलर्ट हो जाते हैं। 19 जुलाई को रात 8 बजे इस हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई और उसी रात 1 बजे तक ग्रामीण अस्पतालों से रेफर होकर आईं 19 गर्भवती महिलाओं का तत्काल उपचार शुरू किया गया, जिनमें 14 महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी की थीं। झालावाड़ मॉडल की सराहना करते हुए चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव ने हाड़ौती के कोटा, बारां एवं बूंदी जिलों के अस्पतालों में भी प्रसूता हेल्प डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इसे ग्रामीण प्रसूताओं के लिए वरदान बताया है, वहीं सीएमएचओ डॉ. साजिद खान के अनुसार यह पहल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मददगार साबित होगी। इस व्यवस्था के जरिए डिस्चार्ज के बाद भी प्रसूताओं को 104 एम्बुलेंस और फॉलोअप की सुविधा मिलती रहेगी।2
- कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर दरा नाल क्षेत्र में 40 घंटे बीत जाने के बाद भी जाम नहीं खुल सका है। मंगलवार को लगा यह जाम बुधवार को भी बरकरार रहा और दिनभर वाहन रेंग-रेंगकर चलते नजर आए। बारिश के चलते दरा नाल और कमलपुरा फोरलेन से दरा नाल सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, वहीं दरा अभ्यारण्य क्षेत्र में एक के बाद एक ट्रक खराब होने से स्थिति बिगड़ती चली गई। इसी बीच अबली मणी महल की चढ़ाई पर एक ट्रक खराब हो गया, जिससे सड़क की एक तरफ की लेन पूरी तरह बंद हो गई और दरा की तरफ करीब 10 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। इस भीषण जाम के चलते जालिमपुरा पेट्रोल पंप तक गाड़ियां खड़ी रहीं और सैकड़ों यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मौके पर पहुंची मोड़क थाना पुलिस ने यातायात सुचारू कराने के लिए मोर्चा संभाला और कोटा की तरफ जाने वाले वाहनों को कमलपुरा फोरलेन पर ही रोक दिया, जबकि छोटे वाहनों को कमलपुरा फोरलेन से पीपल्दा-चेचट सड़क के रास्ते निकाला गया। वहीं हाईवे पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जेसीबी मशीन की मदद से दरा नाल के अंदर हुए गड्ढों को भरवाया। पुलिस टीम शाम तक सड़क पर एक-एक तरफ से वाहनों की आवाजाही कराने में जुटी रही।4
- कोटा जिले के चेचट कस्बे में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केंद्र की भाजपा सरकार के विरोध में जोरदार आक्रोश रैली निकालकर प्रदर्शन किया। यह रैली रामद्वारा से शुरू होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए बस स्टैंड पहुँची, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। रैली के दौरान कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला साथ लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चले। बस स्टैंड पर पहुँचने पर प्रदर्शन और तेज हो गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शन में स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और पूरी स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।1
- राजस्थान के बारां जिले में शाहाबाद उपखंड के दांता कस्बे स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला निर्वाचन अधिकारी बालमुकुंद असावा तथा सीईओ व नोडल अधिकारी स्वीप राजवीर सिंह चौधरी के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान ईएलसी की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें आकाश चंदेल को अध्यक्ष और अनीता चंदेल को उपाध्यक्ष चुना गया। सह प्रभारी स्वीप अमित भार्गव ने नवगठित सदस्यों को लोकतंत्र सशक्तिकरण और मतदाता जागरूकता का संकल्प कराया। अमित भार्गव ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग द्वारा 17 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को मतदाता सूची में अपना पंजीकरण कराने की सुविधा दी गई है। उन्होंने नव मतदाताओं को प्लेस्टोर से ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करवाकर ऐप तथा मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया समझाई। इसके अलावा ईपिक नंबर, बार कोड, क्यूआर कोड या मोबाइल नंबर की सहायता से मतदाता सूची में नाम और मतदान केंद्र का पता लगाने की प्रक्रिया भी बताई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य राधेश्याम, उप प्रधानाचार्य राधेश्याम मेहता, स्वीप सदस्य रामचरण मीणा, ईएलसी प्रभारी व्याख्याता पाचू लाल मेहता, मुकेश गुर्जर, विद्यालय स्टाफ तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य "कोई मतदाता न छूटे" और "हर वोट महत्वपूर्ण है" के लक्ष्य को हासिल करना रहा।4
- बारां जिले के शाहाबाद उपखंड अंतर्गत फरेदुआ ऊपरेटी गांव में बिजली का तार टूटने से पूरी बस्ती में अचानक करंट फैल गया। इस अचानक हुए हादसे से बस्तीवासियों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करंट की चपेट में आने के कारण एक गाय समेत अन्य कई जीव-जंतुओं की जान चली गई। गनीमत यह रही कि जिस स्थान पर विद्युत तार टूटा, वहां उस समय कोई ग्रामीण मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था और जनहानि भी हो सकती थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लाइन का शटडाउन लेकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद टूटे हुए तारों को हटाकर उन्हें आपस में दोबारा जोड़ा गया और मरम्मत का कार्य पूरा कर विद्युत व्यवस्था सुचारू की गई, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना के बाद बस्ती के लोगों ने विद्युत विभाग को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा समय-समय पर बिजली लाइनों का सही तरीके से रखरखाव नहीं किया जाता है।4