सौर बाजार थाना क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत हनुमान नगर सखुआ मुख्य सड़क मार्ग पर एक बार फिर मिट्टी लदे ट्रैक्टरों का आना-जाना शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में दुर्घटना का भय सताने लगा है। कुछ दिनों पहले स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग ने कार्रवाई करते हुए मिट्टी लदे ट्रैक्टरों के परिचालन पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब पिछले दो दिनों से यह सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। लोगों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक अक्सर अपनी गति पर नियंत्रण नहीं रखते, जिसके कारण बुजुर्गों और बच्चों के लिए सड़क मार्ग पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई लोगों का आरोप है कि जो लोग खनन विभाग से सांठगांठ रखते हैं, वे ही मिट्टी खनन कार्य में सक्रिय हैं, जबकि जो विभाग के संपर्क में नहीं हैं, उन्हें इस काम से वंचित रखा जा रहा है। यह भी बताया गया है कि खनन विभाग यह जांच भी नहीं करता कि खेतों में कितनी गहराई तक मिट्टी का खनन किया जा रहा है। देर शाम तक मिट्टी से लदे ट्रैक्टरों के लगातार चलने से लोगों में दुर्घटना का डर बना रहता है।
सौर बाजार थाना क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत हनुमान नगर सखुआ मुख्य सड़क मार्ग पर एक बार फिर मिट्टी लदे ट्रैक्टरों का आना-जाना शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में दुर्घटना का भय सताने लगा है। कुछ दिनों पहले स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग ने कार्रवाई करते हुए मिट्टी लदे ट्रैक्टरों के परिचालन पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब पिछले दो दिनों से यह सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। लोगों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक अक्सर अपनी गति पर नियंत्रण नहीं रखते, जिसके कारण बुजुर्गों और बच्चों के लिए सड़क मार्ग पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई लोगों का आरोप है कि जो लोग खनन विभाग से सांठगांठ रखते हैं, वे ही मिट्टी खनन कार्य में सक्रिय हैं, जबकि जो विभाग के संपर्क में नहीं हैं, उन्हें इस काम से वंचित रखा जा रहा है। यह भी बताया गया है कि खनन विभाग यह जांच भी नहीं करता कि खेतों में कितनी गहराई तक मिट्टी का खनन किया जा रहा है। देर शाम तक मिट्टी से लदे ट्रैक्टरों के लगातार चलने से लोगों में दुर्घटना का डर बना रहता है।
- सौर बाजार थाना क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत हनुमान नगर सखुआ मुख्य सड़क मार्ग पर एक बार फिर मिट्टी लदे ट्रैक्टरों का आना-जाना शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में दुर्घटना का भय सताने लगा है। कुछ दिनों पहले स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग ने कार्रवाई करते हुए मिट्टी लदे ट्रैक्टरों के परिचालन पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब पिछले दो दिनों से यह सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। लोगों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक अक्सर अपनी गति पर नियंत्रण नहीं रखते, जिसके कारण बुजुर्गों और बच्चों के लिए सड़क मार्ग पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई लोगों का आरोप है कि जो लोग खनन विभाग से सांठगांठ रखते हैं, वे ही मिट्टी खनन कार्य में सक्रिय हैं, जबकि जो विभाग के संपर्क में नहीं हैं, उन्हें इस काम से वंचित रखा जा रहा है। यह भी बताया गया है कि खनन विभाग यह जांच भी नहीं करता कि खेतों में कितनी गहराई तक मिट्टी का खनन किया जा रहा है। देर शाम तक मिट्टी से लदे ट्रैक्टरों के लगातार चलने से लोगों में दुर्घटना का डर बना रहता है।1
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित काशीपुर निवासी शिक्षक मोहम्मद चांद अली और आंगनबाड़ी सेविका अकबरी खातून के बड़े पुत्र मोहम्मद आदिल ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आदिल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुरलीगंज के चंद्रमणि मध्य विद्यालय से प्राप्त की, जिसके बाद बी.एल. हाई स्कूल से माध्यमिक शिक्षा और एल.पी.एम. कॉलेज से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बी.पी. मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मधेपुरा से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद आदिल बीपीएससी की तैयारी के लिए पटना चले गए। सफलता की राह आसान नहीं थी, पहले और दूसरे प्रयास में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार, अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने 70वीं बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी के पद पर सफलता प्राप्त की। आदिल की सफलता की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया, जहाँ परिजन, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दे रहे हैं। अपनी इस उपलब्धि पर आदिल ने कहा कि यदि ईमानदारी, लगन और धैर्य के साथ मेहनत की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि बीपीएससी की तैयारी उन्होंने मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के माध्यम से की और निरंतर प्रयास के बल पर यह मुकाम हासिल किया। वहीं, आदिल के पिता मोहम्मद चांद अली बेटे की सफलता पर भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी 40वीं बीपीएससी परीक्षा में भाग लिया था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी थी। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज उनके बेटे ने उनका वह सपना पूरा कर दिखाया है, और सीमित संसाधनों के बावजूद उसने कठिन परिश्रम के दम पर परिवार, गांव और जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने अपने बेटे को भविष्य में यूपीएससी की तैयारी कर और भी बड़ी सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं भी दीं।2
- सहरसा जिला के सोनबरसा प्रखंड में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोनबरसा थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता थाना अध्यक्ष नागमणि कुमार ने की। बैठक में मौजूद आरओ सैयद बादशाह ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, शांति व्यवस्था कायम रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। उन्होंने सभी से पर्व को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का आग्रह किया। वहीं, थाना अध्यक्ष नागमणि कुमार ने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस के किसी भी ताजिया जुलूस को निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी और मुहर्रम के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने सभी लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील भी की।1
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- सहरसा जिले के महिषी निवासी शिवम मिश्रा ने 70वीं BPSC परीक्षा में सफलता हासिल की है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) का पद मिला है। उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनकी माँ का अथक परिश्रम रहा, जिन्होंने नर्स की नौकरी कर उन्हें पढ़ाया और इस मुकाम तक पहुँचने में मदद की। खास बात यह रही कि शिवम मिश्रा की बहन की शादी के ठीक अगले दिन ही इस परीक्षा का परिणाम आया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल और भी बढ़ गया।1
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री की हालत पर तीखी टिप्पणी की गई है। टिप्पणी में कहा गया है कि मंत्री की स्थिति ऐसी दिखती है जैसे उन्हें लकवा मार गया हो। इस बात पर हैरानी व्यक्त की गई है कि ऐसा व्यक्ति बिहार का स्वास्थ्य मंत्री कैसे बन सकता है। टिप्पणी में मंत्री को पहले अपने खुद के स्वास्थ्य को नियंत्रित करने की सलाह दी गई है।3
- सुपौल जिले के कटैया-निर्मली स्थित पिपरा प्रखंड मुख्यालय के टीसीपी भवन में सोमवार को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता पिपरा के थानाध्यक्ष किशोर कुमार और अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने की, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन्द्र पंडित भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने मोहर्रम को इस्लामिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए इसे शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे पर्व के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि मोहर्रम की अनुमति के लिए अब तक केवल 17 लोगों ने ही आवेदन दिया है। अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मोहर्रम बिना किसी विवाद के संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है और क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को मिलकर त्योहार मनाना चाहिए। प्रशासन द्वारा ताजिया जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग और समय का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए, साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और जुलूस मार्ग पर गश्ती दल से निगरानी रखने की बात कही गई। बैठक में जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के हथियार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने का निर्णय भी लिया गया। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जुलूस मार्ग की साफ-सफाई, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस की तैनाती जैसे व्यावहारिक सुझाव भी दिए। बैठक में वली उल्ला, प्रखंड अध्यक्ष उपेन्द्र कामत, सरपंच प्रतिनिधि बबलू यादव, मोहम्मद मेहरुद्दीन, बालेश्वर राम, मुनिन्दर झा, मकसूद आलम, पूर्व मुखिया इमामम आलम, मो इरफान सहित पिपरा के कई पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के सदस्य, मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी और हिन्दू समुदाय के गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी उपस्थित लोगों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया और आपसी सौहार्द के साथ मोहर्रम मनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पथरा उत्तर पंचायत के वार्ड संख्या-09 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-182 आज भी अपने स्वयं के भवन से वंचित है। भवन न होने के कारण इस केंद्र का संचालन किराए के मकान में हो रहा है, जिससे सेविका और सहायिका को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र की सेविका मीरा देवी ने बताया कि केशव नगर में बिहार सरकार की पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के बावजूद अब तक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन का निर्माण नहीं कराया गया है। इस वजह से उन्हें दूसरे के मकान में केंद्र चलाना पड़ता है और हर माह किराया भी देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अपना भवन बनने से बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी तथा केंद्र संचालन में भी कोई कठिनाई नहीं होगी। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्थायी भवन निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन उपलब्ध होने पर भी भवन निर्माण न होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है और उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द भवन निर्माण कराने की मांग की है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस दिशा में जल्द पहल कर केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराया जाएगा। मुखिया मरुद्दीन जी से बात करने पर उन्होंने बताया कि भवन निर्माण कार्य के लिए लिखकर दिया जा चुका है। पिपरा की सीडीपीओ ने जानकारी दी कि क्षेत्र के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का भवन निर्माण पूरा कर संचालन किया जा रहा है और केंद्र संख्या-182 का भवन निर्माण भी जल्द कराया जाएगा।1