रामगंज में संदिग्ध मौत से दहला कालपी — आत्महत्या या रची गई साजिश? कालपी के मोहल्ला रामगंज में मंगलवार सुबह एक व्यक्ति का शव कमरे के भीतर लटका मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सुबह करीब 7 बजे पुत्री दरवाजा खुलवाने पहुंची, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। झरोखे से देखने पर अफसार उर्फ लंबू लटके हुए दिखाई दिए। परिजन और मोहल्लेवासी मौके पर जुटे और शव को नीचे उतार लिया। मृतक अफसार (उम्र लगभग 50 वर्ष) मूल रूप से गुलौली के निवासी बताए जा रहे हैं और कई वर्षों से कालपी में रह रहे थे। वह भोगनीपुर में बैनर का कार्य करते थे। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही पत्नी को ओरछा मायके छोड़कर लौटे थे और रात में खाना खाकर कमरे में अकेले सोए थे। पास के कमरे में उनके बच्चे मौजूद थे। परिवार में तीन बेटियां (18, 16, 13 वर्ष) और एक छोटा बेटा है। सबसे बड़ा सवाल — पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई? इतनी गंभीर घटना के बाद भी पुलिस को आधिकारिक सूचना न दिया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या वजह रही कि मामला तुरंत प्रशासन तक नहीं पहुंचा? उठते तीखे सवाल: क्या यह सीधा आत्महत्या का मामला है या कुछ छुपाया जा रहा है? सूचना देने में देरी क्यों? क्या जांच से पहले ही सबूतों से छेड़छाड़ हुई? आखिर सच्चाई सामने आने से किसे डर? जब तक पुलिस की निष्पक्ष जांच नहीं होती, रहस्य बरकरार रहेगा। रामगंज में लोग दबी जुबान से चर्चा कर रहे हैं और प्रशासन से पारदर्शी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
रामगंज में संदिग्ध मौत से दहला कालपी — आत्महत्या या रची गई साजिश? कालपी के मोहल्ला रामगंज में मंगलवार सुबह एक व्यक्ति का शव कमरे के भीतर लटका मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सुबह करीब 7 बजे पुत्री दरवाजा खुलवाने पहुंची, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। झरोखे से देखने पर अफसार उर्फ लंबू लटके हुए दिखाई दिए। परिजन और मोहल्लेवासी मौके पर जुटे और शव को नीचे उतार लिया। मृतक अफसार (उम्र लगभग 50 वर्ष) मूल रूप से गुलौली के निवासी बताए जा रहे हैं और कई वर्षों से कालपी में रह रहे थे। वह भोगनीपुर में बैनर का कार्य करते थे। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही पत्नी को ओरछा मायके छोड़कर लौटे थे और रात में खाना खाकर कमरे में अकेले सोए थे। पास के कमरे में उनके बच्चे मौजूद थे। परिवार में तीन बेटियां (18, 16, 13 वर्ष) और एक छोटा बेटा है। सबसे बड़ा सवाल — पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई? इतनी गंभीर घटना के बाद भी पुलिस को आधिकारिक सूचना न दिया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या वजह रही कि मामला तुरंत प्रशासन तक नहीं पहुंचा? उठते तीखे सवाल: क्या यह सीधा आत्महत्या का मामला है या कुछ छुपाया जा रहा है? सूचना देने में देरी क्यों? क्या जांच से पहले ही सबूतों से छेड़छाड़ हुई? आखिर सच्चाई सामने आने से किसे डर? जब तक पुलिस की निष्पक्ष जांच नहीं होती, रहस्य बरकरार रहेगा। रामगंज में लोग दबी जुबान से चर्चा कर रहे हैं और प्रशासन से पारदर्शी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
- श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की उपस्थिति में विधि-विधान से होली दहन किया गया आप को बता दें कि इस दौरान इटौरा चौकी प्रभारी अनुपम मिश्रा ने अपनी टीम के मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया उन्होंने होली स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए वहीं पुलिस प्रशासन की मौजूदगी से लोगों में सुरक्षा का भाव बना रहा और पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बताते चलें कि होलिका दहन के दौरान बच्चों युवाओं और बुजुर्गों में उत्साह देखने को मिला और लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और सौहार्दपूर्ण माहौल में त्योहार2
- जोल्हूपुर मोड़ पर तेज रफ्तार का तांडव अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को मारी जोरदार टक्कर, हालत बेहद नाज़ुक चर्चित जोल्हूपुर मोड़ से मदारपुर जाने वाली सड़क पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को भीषण टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि UP 77 A 8738 नंबर की बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक काफी देर तक सड़क पर तड़पता रहा। राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए तुरंत एम्बुलेंस बुलवाई और घायल को सीएचसी कालपी पहुंचाया। वहां डॉ. विशाल सचान ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया। डॉक्टरों के अनुसार एक हाथ फ्रैक्चर है और सिर पर गहरी चोट, हालत नाज़ुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली कालपी पुलिस सक्रिय हुई। घायल को गार्ड की निगरानी में उरई के जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज जारी है। खबर लिखे जाने तक घायल की पहचान नहीं हो सकी।1
- थाना रुरा पुलिस ने मारपीट के मामले में फरार चल रहे वांछित वारंटी गयारी सिंह निवासी ग्राम बनिपारा थाना रुरा को गांव के पास से गिरफ्तार किया।वहीं थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्त पर आवश्यक विधिक कारवाही की गई।1
- उकुरुआ में जल संकट बना अभिशाप चार साल से सूखे हैंडपंप, 50 घरों में पानी बंद रमजान में रोजेदार बेहाल कदौरा (जालौन) विकास खंड कदौरा की उकुरुआ ग्राम पंचायत इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रही है। हालात ऐसे हैं कि करीब 50 घरों में पाइपलाइन से पानी की सप्लाई ठप पड़ी है और गांव के लगभग चार हैंडपंप बीते कई वर्षों से खराब पड़े हैं। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता ने समस्या को और गहरा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, मगर समाधान के नाम पर केवल आश्वासन मिले। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि चार साल से हैंडपंप खराब पड़े हैं, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। क्या हम इंसान नहीं हैं? महिलाओं और बच्चों को रोजाना दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। इससे घर-गृहस्थी, बच्चों की पढ़ाई और स्वच्छता सभी प्रभावित हो रहे हैं। *रमजान में बढ़ी परेशानी* इस समय पवित्र माह रमजान चल रहा है। गांव की मस्जिद के पास लगा हैंडपंप भी खराब है, जिससे रोजेदारों को सेहरी और इफ्तार के लिए दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील समय में भी प्रशासन की अनदेखी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रोजेदारों के लिए पानी केवल सुविधा नहीं, बल्कि धार्मिक और दैनिक आवश्यकता का हिस्सा है। *मरम्मत’ के नाम पर मजाक!* ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि एक हैंडपंप से पाइप तक निकाल दिए गए और लोगों से कहा गया कि उसके मुंह पर पॉलिथीन लगाकर छोड़ दें। इस कथित लापरवाही का वीडियो भी सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समाधान नहीं, बल्कि उनके साथ खुला मजाक है। अगर मशीनरी ठीक नहीं है तो बदली जाए, लेकिन इस तरह दिखावा क्यों?—ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। अधूरी टंकी, खतरे का गड्ढा गांव में पानी की टंकी निर्माण के लिए आरसीसी खुदाई कराई गई, मगर निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। खुदा हुआ गड्ढा अब हादसे को न्योता दे रहा है। बच्चों के गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का बजट तो आया, पर काम जमीन पर नहीं उतरा। अधूरा निर्माण अब गांव के लिए नई मुसीबत बन गया है। *ग्रामीणों का वर्जन* शानू खान कहते हैं, हमने कई बार अधिकारियों को बताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पानी के बिना जीना मुश्किल हो गया है। हसीब खान का कहना है, रमजान में रोजेदारों को बहुत दिक्कत हो रही है। मस्जिद के पास का हैंडपंप भी खराब है, हमें दूर से पानी लाना पड़ता है। बाबू खां ने आरोप लगाया, मरम्मत के नाम पर पाइप निकालकर छोड़ दिया गया। यह सरासर लापरवाही है। कल्लू, शमीम, कमलेश और सलमान खान का कहना है, महिलाएं सुबह-शाम पानी के लिए भटकती हैं। अगर जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करेंगे। स्वास्थ्य पर खतरा पानी की कमी से साफ-सफाई प्रभावित हो रही है। गर्मी बढ़ने के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता से डायरिया और अन्य जलजनित रोग फैल सकते हैं। गांव में जल संकट अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुका है। *प्रशासन से मांग* ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं— सभी खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत। अधूरी पड़ी पानी की टंकी का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए और क्षतिग्रस्त आरसीसी कार्य दुरुस्त हो। नियमित जलापूर्ति की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उकुरुआ ग्राम पंचायत का यह जल संकट प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। अब देखना यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पीड़ा को समझते हुए ठोस कदम उठाते हैं, या फिर ग्रामीणों को यूं ही प्यास से जूझना पड़ेगा।4
- Post by Shivganesh dwivedi कुलगाँव टाइ1
- हवासपुर गांव के पास सिकंदरा झींझक मार्ग पर मंगलवार देर शाम करीब 8 बजे एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में घायल अवस्था में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे तत्काल उपचार के लिए सीएचसी हवासपुर में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में युवक की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक सुरासी गांव निवासी सोनपाल सेंगुर नदी के पास सिकंदरा झींझक मार्ग पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। मौके पर पुलिस को एक बाइक भी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक नशे की हालत में दुर्घटना का शिकार हुआ होगा, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की गहन जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।1
- हनुमान की मूर्ति खंडित होने पर जताई नाराजगी राजपुर कानपुर देहात। सटटी थाना के अफसरिया गांव के समीप सड़क किनारे स्थापित हनुमान की मूर्ति खंडित मिलने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। हनुमान मूर्ति के सेवादार ने एक के एक युवक पर संदेह जाहिर कर आक्रोश जताया। जानकारी पर पहुंचे भोगनीपुर सीओ ने सिकन्दरा से नायाब तहसीलदार सुधीर कुमार ने लोगों को समझाकर अराजक तत्वों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। सेवादार ने एक युवक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। अफसरिया की मडैया निवासी नाथूराम ने पुलिस को बताया कि अफसरिया स्थित एक स्थान पर हनुमान की मूर्ति स्थापित है। उसने वहा मंदिर का स्वरूप देकर अपना जीवन जीर्णोद्धार के लिए समर्पित किया है। मंगलवार को एक युवक ने हनुमान की मूर्ति क्षतिग्रस्त कर दी। सूचना पर भोगनीपुर सीओ संजय कुमार मौके पर पहुँचें। सेवादार को समझाकर घटना की जांच का आश्वासन दिया। थानाध्यक्ष कालीचरन कुशवाहा ने बताया कि फिलहाल तहरीर नहीं मिली है मामले की छानबीन की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।4
- मृतक अफसार (उम्र लगभग 50 वर्ष) मूल रूप से गुलौली के निवासी बताए जा रहे हैं और कई वर्षों से कालपी में रह रहे थे। वह भोगनीपुर में बैनर का कार्य करते थे। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही पत्नी को ओरछा मायके छोड़कर लौटे थे और रात में खाना खाकर कमरे में अकेले सोए थे। पास के कमरे में उनके बच्चे मौजूद थे। परिवार में तीन बेटियां (18, 16, 13 वर्ष) और एक छोटा बेटा है। सबसे बड़ा सवाल — पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई? इतनी गंभीर घटना के बाद भी पुलिस को आधिकारिक सूचना न दिया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या वजह रही कि मामला तुरंत प्रशासन तक नहीं पहुंचा? उठते तीखे सवाल: क्या यह सीधा आत्महत्या का मामला है या कुछ छुपाया जा रहा है? सूचना देने में देरी क्यों? क्या जांच से पहले ही सबूतों से छेड़छाड़ हुई? आखिर सच्चाई सामने आने से किसे डर? जब तक पुलिस की निष्पक्ष जांच नहीं होती, रहस्य बरकरार रहेगा। रामगंज में लोग दबी जुबान से चर्चा कर रहे हैं और प्रशासन से पारदर्शी कार्रवाई की मांग उठ रही है।1