जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें लगभग 21 लाख रुपये मूल्य का 135 ग्राम सोने के टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इस पूरे मामले का खुलासा सीओ कालपी राजेश कमल ने किया है। जानकारी के अनुसार, 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने आटा थाने में तहरीर दी थी कि उसकी माँ और बड़ी बहू के घर से सोने के टुकड़े चोरी हो गए हैं। इस सूचना पर थाना आटा में तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में थाना आटा पुलिस के साथ-साथ स्वाट और सर्विलांस यूनिट के जवानों को मिलाकर एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। गठित टीम ने 24 जून को चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों मिठठू और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। ये दोनों ग्राम आटा के पिपरांया के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए। बरामदगी के आधार पर सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें लगभग 21 लाख रुपये मूल्य का 135 ग्राम सोने के टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इस पूरे मामले का खुलासा सीओ कालपी राजेश कमल ने किया है। जानकारी के अनुसार, 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने आटा थाने में तहरीर दी थी कि उसकी माँ और बड़ी बहू के घर से सोने के टुकड़े चोरी हो गए हैं। इस सूचना पर थाना आटा में तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में थाना आटा पुलिस के साथ-साथ स्वाट और सर्विलांस यूनिट के जवानों को मिलाकर एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। गठित टीम ने 24 जून को चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों मिठठू और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। ये दोनों ग्राम आटा के पिपरांया के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए। बरामदगी के आधार पर सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुई आगजनी की घटना के बाद जालौन प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने जिले भर के कोचिंग सेंटरों और शिक्षण संस्थानों के खिलाफ एक व्यापक जांच अभियान चलाया, जिसमें अधिकांश संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए। जांच के दौरान अग्निशमन सुरक्षा, आपातकालीन निकास व्यवस्था, भवन मानकों, पंजीकरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया। कई कोचिंग संस्थानों में गंभीर खामियाँ मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। इस कार्रवाई की जद में शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थान जैसे इंफिनिटी विजन, जेटकिंग, महाश्वेता अकादमी और भदोरिया क्लासेस भी आए, जिन्हें अनियमितताएँ पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, कई अन्य संस्थानों को भी नोटिस जारी कर निर्धारित समयावधि में कमियाँ दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी कोचिंग सेंटरों को निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की चरणबद्ध जांच की जाएगी और जहाँ भी सुरक्षा या अन्य नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहाँ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान से जिले के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है, और प्रशासन ने यह भी चेताया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- एक व्यक्ति ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को 400 फीट गहरी खाई में धकेल कर मौत के घाट उतार दिया। यह क्रूर कृत्य इसलिए किया गया क्योंकि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ शादी करना चाहती थी। इस जघन्य वारदात के बाद अब सभी की यही पुकार है कि पीड़ित को न्याय मिलेगा, लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में न्याय मिलेगा?1
- जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें लगभग 21 लाख रुपये मूल्य का 135 ग्राम सोने के टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इस पूरे मामले का खुलासा सीओ कालपी राजेश कमल ने किया है। जानकारी के अनुसार, 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने आटा थाने में तहरीर दी थी कि उसकी माँ और बड़ी बहू के घर से सोने के टुकड़े चोरी हो गए हैं। इस सूचना पर थाना आटा में तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में थाना आटा पुलिस के साथ-साथ स्वाट और सर्विलांस यूनिट के जवानों को मिलाकर एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। गठित टीम ने 24 जून को चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों मिठठू और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। ये दोनों ग्राम आटा के पिपरांया के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए। बरामदगी के आधार पर सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।1
- राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद, प्रदेशभर में बिना फायर एनओसी और बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान शुरू हो गया है। इसी कड़ी में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे एक दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। यह अभियान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया। जनपद में तहसीलवार पाँच संयुक्त जांच टीमें गठित की गई हैं, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि इन टीमों द्वारा सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है। जाँच में यह देखा जा रहा है कि कौन से संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहाँ पर पर्याप्त फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। बुधवार को जिला प्रशासन की टीम ने एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की, और सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण उन सभी को सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा और अभियान तब तक चलेगा जब तक सभी अवैध तथा असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चला रहा है, जिसमें उन्हें ऐसी इमारतों में जाने की सलाह दी जा रही है जहाँ आपातकालीन निकास, अग्निशमन प्रबंध और अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा, और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान 'मिशन मोड' पर चलाया जा रहा है।6
- AIMIM के पूर्व जिला प्रभारी अशरफ मंसूरी ने अपनी पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को छोड़ दिया है। उन्होंने AIMIM का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा है, जिसके बाद वह अब समाजवादी पार्टी के सदस्य बन गए हैं।1
- जालौन जिले के थाना कैलिया क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी मनोज कौरव ने मंगलवार को उरई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मनोज कौरव का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत चन्द्रप्रकाश ने रंजिश के चलते उनके विरुद्ध यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार, घटना 5 जून की बताई गई है, जबकि मुकदमा करीब 14 दिन बाद उसी दिन थाना कैलिया में शिकायत देकर दर्ज किया गया। मनोज कौरव का यह भी दावा है कि वे चन्द्रप्रकाश को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और न ही उनका उससे कोई परिचय या पुराना विवाद रहा है। मनोज कौरव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने विशेष रूप से कॉल डिटेल, घटना स्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि सभी वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्हें बाद में यह जानकारी मिली कि चन्द्रप्रकाश उन लोगों के यहां पंचायत सहायक हैं जिनसे उनका रंजिश विवाद है। मनोज कौरव का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्यायोचित कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया है।1
- जनपद जालौन के कोंच में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय कुमार सिंह ने कोंच कोतवाली का औचक और व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोतवाली परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रखरखाव, रात्रि गश्त व्यवस्था, लंबित शिकायतों के निस्तारण और निर्माणाधीन परियोजनाओं का बारीकी से जायजा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण की शुरुआत में, एसपी ने सबसे पहले कोतवाली में रखे जाने वाले महत्वपूर्ण अभिलेखों, रजिस्टरों और अपराध संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की। उन्होंने इन अभिलेखों को अद्यतन और सुव्यवस्थित रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पुलिस रिकॉर्ड की गुणवत्ता ही प्रभावी पुलिसिंग का आधार होती है। इसके बाद, उन्होंने क्षेत्र में संचालित रात्रि गश्त व्यवस्था की समीक्षा की, गश्ती दलों की सक्रियता और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के प्रयासों की जानकारी ली। एसपी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि रात्रि गश्त में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विनय कुमार सिंह ने शासन की प्राथमिकता वाली आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों के निस्तारण की स्थिति भी जांची, लंबित मामलों की समीक्षा की, और अधिकारियों को जन शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस की जवाबदेही और विश्वास को मजबूत करता है। साथ ही, उन्होंने कोतवाली परिसर में चल रहे निर्माणाधीन पुलिस आवास और बैरक का भी निरीक्षण किया, कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और निर्धारित समय सीमा के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए ताकि पुलिस कर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस दौरान, उन्होंने कोतवाली परिसर की साफ-सफाई, कार्यालय व्यवस्था, मालखाना और हवालात समेत अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। एसपी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन, बेहतर कार्य संस्कृति और जनसुनवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए जनता के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपेक्षा जताई। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने के लिए ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। कोंच कोतवाली परिसर में हुए इस निरीक्षण को पुलिस व्यवस्था की मजबूती, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और पुलिस कर्मियों के लिए बेहतर सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।4
- जनपद जालौन के कदौरा विकास खंड की ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित तौर पर एक गंभीर घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने और अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ देने का सीधा आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है, और उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पिछली पात्रता सूची में क्रमांक-04 पर दर्ज था। वंदना ने बताया कि उनके पति दिव्यांग हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, बावजूद इसके कथित तौर पर पुरानी सूची को रद्द कर एक नई सूची जारी की गई, जिससे उनका नाम हटा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नई सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो योजना की पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं, और योजना के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई, बल्कि मनमाने ढंग से लाभार्थियों का चुनाव किया गया। राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार और नीलू कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कदौरा से की जा चुकी थी, लेकिन आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई। इस उपेक्षा से लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है। न्याय की उम्मीद में, ग्रामीण लगभग 45 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर उरई पहुंचे और जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने कई अहम सवाल उठाए हैं, जैसे कि पात्र लाभार्थियों की पुरानी सूची क्यों बदली गई, नई सूची बनाने का आधार क्या था, चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, और शिकायतों के बावजूद जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वास्तविक पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। फिलहाल, यह मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आ चुका है, और सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी और पात्र लाभार्थियों को न्याय मिल पाएगा।1