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जनपद जालौन के कदौरा विकास खंड की ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित तौर पर एक गंभीर घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने और अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ देने का सीधा आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है, और उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पिछली पात्रता सूची में क्रमांक-04 पर दर्ज था। वंदना ने बताया कि उनके पति दिव्यांग हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, बावजूद इसके कथित तौर पर पुरानी सूची को रद्द कर एक नई सूची जारी की गई, जिससे उनका नाम हटा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नई सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो योजना की पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं, और योजना के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई, बल्कि मनमाने ढंग से लाभार्थियों का चुनाव किया गया। राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार और नीलू कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कदौरा से की जा चुकी थी, लेकिन आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई। इस उपेक्षा से लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है। न्याय की उम्मीद में, ग्रामीण लगभग 45 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर उरई पहुंचे और जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने कई अहम सवाल उठाए हैं, जैसे कि पात्र लाभार्थियों की पुरानी सूची क्यों बदली गई, नई सूची बनाने का आधार क्या था, चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, और शिकायतों के बावजूद जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वास्तविक पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। फिलहाल, यह मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आ चुका है, और सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी और पात्र लाभार्थियों को न्याय मिल पाएगा।

1 hr ago
user_Harsh Samvad
Harsh Samvad
Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

जनपद जालौन के कदौरा विकास खंड की ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित तौर पर एक गंभीर घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने और अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ देने का सीधा आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है, और उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पिछली पात्रता सूची में क्रमांक-04 पर दर्ज था। वंदना ने बताया कि उनके पति दिव्यांग हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, बावजूद इसके कथित तौर पर पुरानी सूची को रद्द कर एक नई सूची जारी की गई, जिससे उनका नाम हटा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नई सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो योजना की पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं, और योजना के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई, बल्कि मनमाने ढंग से लाभार्थियों का चुनाव किया गया। राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार और नीलू कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कदौरा से की जा चुकी थी, लेकिन आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई। इस उपेक्षा से लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है। न्याय की उम्मीद में, ग्रामीण लगभग 45 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर उरई पहुंचे और जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने कई अहम सवाल उठाए हैं, जैसे कि पात्र लाभार्थियों की पुरानी सूची क्यों बदली गई, नई सूची बनाने का आधार क्या था, चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, और शिकायतों के बावजूद जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वास्तविक पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। फिलहाल, यह मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आ चुका है, और सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी और पात्र लाभार्थियों को न्याय मिल पाएगा।

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  • एक व्यक्ति ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को 400 फीट गहरी खाई में धकेल कर मौत के घाट उतार दिया। यह क्रूर कृत्य इसलिए किया गया क्योंकि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ शादी करना चाहती थी। इस जघन्य वारदात के बाद अब सभी की यही पुकार है कि पीड़ित को न्याय मिलेगा, लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में न्याय मिलेगा?
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    एक व्यक्ति ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को 400 फीट गहरी खाई में धकेल कर मौत के घाट उतार दिया। यह क्रूर कृत्य इसलिए किया गया क्योंकि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ शादी करना चाहती थी। इस जघन्य वारदात के बाद अब सभी की यही पुकार है कि पीड़ित को न्याय मिलेगा, लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में न्याय मिलेगा?
    user_Uttar pradesh ki takat
    Uttar pradesh ki takat
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें लगभग 21 लाख रुपये मूल्य का 135 ग्राम सोने के टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इस पूरे मामले का खुलासा सीओ कालपी राजेश कमल ने किया है। जानकारी के अनुसार, 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने आटा थाने में तहरीर दी थी कि उसकी माँ और बड़ी बहू के घर से सोने के टुकड़े चोरी हो गए हैं। इस सूचना पर थाना आटा में तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में थाना आटा पुलिस के साथ-साथ स्वाट और सर्विलांस यूनिट के जवानों को मिलाकर एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। गठित टीम ने 24 जून को चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों मिठठू और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। ये दोनों ग्राम आटा के पिपरांया के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए। बरामदगी के आधार पर सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
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    जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें लगभग 21 लाख रुपये मूल्य का 135 ग्राम सोने के टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इस पूरे मामले का खुलासा सीओ कालपी राजेश कमल ने किया है।

जानकारी के अनुसार, 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने आटा थाने में तहरीर दी थी कि उसकी माँ और बड़ी बहू के घर से सोने के टुकड़े चोरी हो गए हैं। इस सूचना पर थाना आटा में तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में थाना आटा पुलिस के साथ-साथ स्वाट और सर्विलांस यूनिट के जवानों को मिलाकर एक संयुक्त टीम गठित की गई थी।

गठित टीम ने 24 जून को चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों मिठठू और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। ये दोनों ग्राम आटा के पिपरांया के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए। बरामदगी के आधार पर सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद, प्रदेशभर में बिना फायर एनओसी और बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान शुरू हो गया है। इसी कड़ी में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे एक दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। यह अभियान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया। जनपद में तहसीलवार पाँच संयुक्त जांच टीमें गठित की गई हैं, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि इन टीमों द्वारा सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है। जाँच में यह देखा जा रहा है कि कौन से संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहाँ पर पर्याप्त फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। बुधवार को जिला प्रशासन की टीम ने एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की, और सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण उन सभी को सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा और अभियान तब तक चलेगा जब तक सभी अवैध तथा असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चला रहा है, जिसमें उन्हें ऐसी इमारतों में जाने की सलाह दी जा रही है जहाँ आपातकालीन निकास, अग्निशमन प्रबंध और अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा, और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान 'मिशन मोड' पर चलाया जा रहा है।
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    राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद, प्रदेशभर में बिना फायर एनओसी और बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान शुरू हो गया है। इसी कड़ी में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे एक दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील करते हुए बड़ी कार्रवाई की है।

यह अभियान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया। जनपद में तहसीलवार पाँच संयुक्त जांच टीमें गठित की गई हैं, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि इन टीमों द्वारा सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है। जाँच में यह देखा जा रहा है कि कौन से संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहाँ पर पर्याप्त फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। बुधवार को जिला प्रशासन की टीम ने एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की, और सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण उन सभी को सील कर दिया गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा और अभियान तब तक चलेगा जब तक सभी अवैध तथा असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चला रहा है, जिसमें उन्हें ऐसी इमारतों में जाने की सलाह दी जा रही है जहाँ आपातकालीन निकास, अग्निशमन प्रबंध और अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा, और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान 'मिशन मोड' पर चलाया जा रहा है।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    रिपोर्टर उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • AIMIM के पूर्व जिला प्रभारी अशरफ मंसूरी ने अपनी पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को छोड़ दिया है। उन्होंने AIMIM का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा है, जिसके बाद वह अब समाजवादी पार्टी के सदस्य बन गए हैं।
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    AIMIM के पूर्व जिला प्रभारी अशरफ मंसूरी ने अपनी पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को छोड़ दिया है। उन्होंने AIMIM का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा है, जिसके बाद वह अब समाजवादी पार्टी के सदस्य बन गए हैं।
    user_मुजीब आलम पत्रकार
    मुजीब आलम पत्रकार
    Graphic designer उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं। विशेष रूप से, "एक जिला एक उत्पाद" (ODOP) योजना ने पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि आधारित और अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है। सरकार द्वारा उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही, कारीगरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। इन पहलों के सुखद परिणाम सामने आए हैं, जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों के विशिष्ट उत्पादों की मांग विदेशों में काफी बढ़ी है और उनके निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस प्रगति से स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय उत्पादों को "लोकल से ग्लोबल" बनाने की दिशा में ये प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे। इसका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान और बढ़ाए तथा प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को विश्व स्तर पर निरंतर नई पहचान मिलती रहे।
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    उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं। विशेष रूप से, "एक जिला एक उत्पाद" (ODOP) योजना ने पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि आधारित और अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है।

सरकार द्वारा उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही, कारीगरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। इन पहलों के सुखद परिणाम सामने आए हैं, जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों के विशिष्ट उत्पादों की मांग विदेशों में काफी बढ़ी है और उनके निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस प्रगति से स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय उत्पादों को "लोकल से ग्लोबल" बनाने की दिशा में ये प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे। इसका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान और बढ़ाए तथा प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को विश्व स्तर पर निरंतर नई पहचान मिलती रहे।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जालौन जिले के थाना कैलिया क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी मनोज कौरव ने मंगलवार को उरई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मनोज कौरव का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत चन्द्रप्रकाश ने रंजिश के चलते उनके विरुद्ध यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार, घटना 5 जून की बताई गई है, जबकि मुकदमा करीब 14 दिन बाद उसी दिन थाना कैलिया में शिकायत देकर दर्ज किया गया। मनोज कौरव का यह भी दावा है कि वे चन्द्रप्रकाश को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और न ही उनका उससे कोई परिचय या पुराना विवाद रहा है। मनोज कौरव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने विशेष रूप से कॉल डिटेल, घटना स्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि सभी वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्हें बाद में यह जानकारी मिली कि चन्द्रप्रकाश उन लोगों के यहां पंचायत सहायक हैं जिनसे उनका रंजिश विवाद है। मनोज कौरव का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्यायोचित कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया है।
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    जालौन जिले के थाना कैलिया क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी मनोज कौरव ने मंगलवार को उरई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मनोज कौरव का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत चन्द्रप्रकाश ने रंजिश के चलते उनके विरुद्ध यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार, घटना 5 जून की बताई गई है, जबकि मुकदमा करीब 14 दिन बाद उसी दिन थाना कैलिया में शिकायत देकर दर्ज किया गया। मनोज कौरव का यह भी दावा है कि वे चन्द्रप्रकाश को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और न ही उनका उससे कोई परिचय या पुराना विवाद रहा है।

मनोज कौरव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने विशेष रूप से कॉल डिटेल, घटना स्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि सभी वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्हें बाद में यह जानकारी मिली कि चन्द्रप्रकाश उन लोगों के यहां पंचायत सहायक हैं जिनसे उनका रंजिश विवाद है।

मनोज कौरव का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्यायोचित कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया है।
    user_Orai Jalaun Times
    Orai Jalaun Times
    Orai, Jalaun•
    14 hrs ago
  • जनपद जालौन में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर लगभग 21 लाख रुपये मूल्य की सोना चोरी का बड़ा खुलासा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कालपी के आटा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, 23 जून को आटा थाना क्षेत्र निवासी मनोज सिंह ने अपने घर से सोने के टुकड़े चोरी होने की सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर थाना आटा पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की। एक विशेष चेकिंग अभियान के दौरान बुधवार को दो संदिग्ध युवकों - ग्राम पिपरांया निवासी मिठ्ठू और अंकित द्विवेदी - को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी में उनके पास से चोरी का सोना और नकदी मिली, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को दी और पूरा मामला खुल गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी आर्थिक क्षति बच गई, क्योंकि यदि देरी होती तो चोरी का सोना खपाया जा सकता था, जिससे उसकी बरामदगी मुश्किल हो जाती। क्षेत्राधिकारी कालपी राजेश कमल ने पुष्टि की कि चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई शुरू की थी। बरामदगी के आधार पर दोनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने थाना आटा पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है, और किसी भी घटना का त्वरित खुलासा उनकी प्राथमिकता में शामिल है। मामले की विवेचना अभी जारी है।
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    जनपद जालौन में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर लगभग 21 लाख रुपये मूल्य की सोना चोरी का बड़ा खुलासा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कालपी के आटा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए 135 ग्राम सोने के दो टुकड़े (थपिया) और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 23 जून को आटा थाना क्षेत्र निवासी मनोज सिंह ने अपने घर से सोने के टुकड़े चोरी होने की सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर थाना आटा पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की। एक विशेष चेकिंग अभियान के दौरान बुधवार को दो संदिग्ध युवकों - ग्राम पिपरांया निवासी मिठ्ठू और अंकित द्विवेदी - को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी में उनके पास से चोरी का सोना और नकदी मिली, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को दी और पूरा मामला खुल गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी आर्थिक क्षति बच गई, क्योंकि यदि देरी होती तो चोरी का सोना खपाया जा सकता था, जिससे उसकी बरामदगी मुश्किल हो जाती। क्षेत्राधिकारी कालपी राजेश कमल ने पुष्टि की कि चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई शुरू की थी। बरामदगी के आधार पर दोनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने थाना आटा पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है, और किसी भी घटना का त्वरित खुलासा उनकी प्राथमिकता में शामिल है। मामले की विवेचना अभी जारी है।
    user_Samir mansuri
    Samir mansuri
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    46 min ago
  • जनपद जालौन के कदौरा विकास खंड की ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित तौर पर एक गंभीर घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने और अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ देने का सीधा आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है, और उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पिछली पात्रता सूची में क्रमांक-04 पर दर्ज था। वंदना ने बताया कि उनके पति दिव्यांग हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, बावजूद इसके कथित तौर पर पुरानी सूची को रद्द कर एक नई सूची जारी की गई, जिससे उनका नाम हटा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नई सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो योजना की पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं, और योजना के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई, बल्कि मनमाने ढंग से लाभार्थियों का चुनाव किया गया। राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार और नीलू कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कदौरा से की जा चुकी थी, लेकिन आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई। इस उपेक्षा से लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है। न्याय की उम्मीद में, ग्रामीण लगभग 45 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर उरई पहुंचे और जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने कई अहम सवाल उठाए हैं, जैसे कि पात्र लाभार्थियों की पुरानी सूची क्यों बदली गई, नई सूची बनाने का आधार क्या था, चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, और शिकायतों के बावजूद जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वास्तविक पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। फिलहाल, यह मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आ चुका है, और सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी और पात्र लाभार्थियों को न्याय मिल पाएगा।
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    जनपद जालौन के कदौरा विकास खंड की ग्राम पंचायत कुँआखेड़ा के मजरा दादूपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित तौर पर एक गंभीर घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने और अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ देने का सीधा आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है, और उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, दादूपुर निवासी वंदना पत्नी राजकुमार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पिछली पात्रता सूची में क्रमांक-04 पर दर्ज था। वंदना ने बताया कि उनके पति दिव्यांग हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, बावजूद इसके कथित तौर पर पुरानी सूची को रद्द कर एक नई सूची जारी की गई, जिससे उनका नाम हटा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नई सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो योजना की पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं, और योजना के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई, बल्कि मनमाने ढंग से लाभार्थियों का चुनाव किया गया। राजकुमार, शिवराम, तिलक सिंह, विनोद कुमार, काशीप्रसाद, आशाराम, कुलदीप, संदीप कुमार और नीलू कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कदौरा से की जा चुकी थी, लेकिन आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई। इस उपेक्षा से लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है। न्याय की उम्मीद में, ग्रामीण लगभग 45 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर उरई पहुंचे और जिलाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई।

ग्रामीणों ने कई अहम सवाल उठाए हैं, जैसे कि पात्र लाभार्थियों की पुरानी सूची क्यों बदली गई, नई सूची बनाने का आधार क्या था, चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, और शिकायतों के बावजूद जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वास्तविक पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।

फिलहाल, यह मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आ चुका है, और सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी और पात्र लाभार्थियों को न्याय मिल पाएगा।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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