रायपुर (ब्यावर) रात्रि चौपाल में 30 परिवादों पर हुई सुनवाई, जिला कलेक्टर ने दिए त्वरित समाधान के दिए निर्देश जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना की अध्यक्षता में पंचायत समिति जवाजा की ग्राम पंचायत बार में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री ब्रह्म लाल जाट, एसीईओ श्री गोपाल लाल, तहसीलदार श्री हनुत सिंह सहित संबंधित बीडीओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। चौपाल में कुल 30 परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से पेयजल समस्या का निवारण, अतिक्रमण हटाने, राजस्व संबंधी विवाद, रास्तों की समस्या, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं अन्य जनसमस्याएं शामिल रहीं। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवाद का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाए तथा आमजन को शीघ्र राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात्रि चौपाल के माध्यम से प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में सकारात्मक और प्रभावी पहल देखने को मिली।
रायपुर (ब्यावर) रात्रि चौपाल में 30 परिवादों पर हुई सुनवाई, जिला कलेक्टर ने दिए त्वरित समाधान के दिए निर्देश जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना की अध्यक्षता में पंचायत समिति जवाजा की ग्राम पंचायत बार में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री ब्रह्म लाल जाट, एसीईओ श्री गोपाल लाल, तहसीलदार श्री हनुत सिंह सहित संबंधित बीडीओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। चौपाल में कुल 30 परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से पेयजल समस्या का निवारण, अतिक्रमण हटाने, राजस्व संबंधी विवाद, रास्तों की समस्या, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं अन्य जनसमस्याएं शामिल रहीं। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवाद का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाए तथा आमजन को शीघ्र राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात्रि चौपाल के माध्यम से प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में सकारात्मक और प्रभावी पहल देखने को मिली।
- रायपुर (ब्यावर) रात्रि चौपाल में 30 परिवादों पर हुई सुनवाई, जिला कलेक्टर ने दिए त्वरित समाधान के दिए निर्देश जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना की अध्यक्षता में पंचायत समिति जवाजा की ग्राम पंचायत बार में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री ब्रह्म लाल जाट, एसीईओ श्री गोपाल लाल, तहसीलदार श्री हनुत सिंह सहित संबंधित बीडीओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। चौपाल में कुल 30 परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से पेयजल समस्या का निवारण, अतिक्रमण हटाने, राजस्व संबंधी विवाद, रास्तों की समस्या, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं अन्य जनसमस्याएं शामिल रहीं। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवाद का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाए तथा आमजन को शीघ्र राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात्रि चौपाल के माध्यम से प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में सकारात्मक और प्रभावी पहल देखने को मिली।1
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- बीकानेर में चल रहा महापड़ाव में कुछ संत सीएम भजनलाल जी शर्मा के पास गए थे जिनकी मांग यह थी कि जब तक खेजड़ी कटाई का कानून बने तब तक आप लिखित में देना होगा कि खेजड़ी कटाई नहीं होगी राजस्थान में परंतु संत लोग वापस खाली हाथ लौटे थे #खेजड़ी बचाओ #राजस्थान बचाओ1
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- भट्टसुरीवनाडकोजोडनवालीसडकपुरीतरेसेगृसतहोचुकीपरको।इस वा।ईनहीहै1
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- Post by Babar news4
- रायपुर (ब्यावर) बाल विवाह के खिलाफ बिगुल, कानून और चेतना से बनेगा बाल विवाह मुक्त समाज बर ग्राम में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से दिशा-आर.सी.डी. समाजसेवी संस्था एवं बाल अधिकारिता विभाग, ब्यावर के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान आज मंगलवार को बर ग्राम पंचायत ने निर्णायक और सशक्त भूमिका निभाई। अभियान के अंतर्गत निकाले गए बाल विवाह मुक्ति रथ को बर ग्राम पंचायत द्वारा समर्थन देकर समाज में एक स्पष्ट संदेश दिया गया कि बाल विवाह के लिए अब कोई जगह नहीं है। इस अवसर पर राजकीय विद्यालय परिसर में निवर्तमान सरपंच महेन्द्र चौहान ने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकथाम एवं कानून की शपथ दिलाई और एक तेज-तर्रार, ओजस्वी संबोधन देते हुए कहा “बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि यह बच्चों के सपनों की हत्या है। यह अपराध है, पाप है और कानूनन सजा योग्य है। जिस समाज में बेटा-बेटी पढ़ने की उम्र में विवाह के बंधन में बांध दिए जाते हैं, वह समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। आज का बच्चा अगर कल देश का भविष्य है, तो उसके हाथ में किताब होनी चाहिए, न कि शादी की रस्मों की बेड़ियाँ।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा “मैं साफ कहना चाहता हूँ, बर पंचायत क्षेत्र में अगर कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिली, तो पंचायत, पुलिस और प्रशासन मिलकर तुरंत सख्त कार्रवाई करेगा। बाल विवाह करवाने वाला चाहे कितना ही रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है।” इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी सुनील सिरवी, विद्यालय प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार मेवाड़ा, बर थाना अधिकारी पन्नालाल माली एवं एएसआई कानाराम ने हस्ताक्षर कर अभियान को मजबूती दी। इसके बाद पंचायत क्षेत्र में बाल विवाह मुक्ति रथ के साथ जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों, युवाओं और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पुलिस थाना बर में बाल कल्याण अधिकारी कानाराम द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने भी बाल विवाह रोकथाम के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मूलसिंह गहलोत, मुकेश रावत और गुमानाराम गुर्जर का विशेष सहयोग रहा, जबकि संस्था की ओर से लक्ष्मण सिंह एवं रीना खान पुष्कर ने रथ का नेतृत्व किया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि बाल विवाह के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून की नहीं, बल्कि सोच बदलने की लड़ाई है। बर ग्राम पंचायत का यह मजबूत कदम निश्चित ही समाज में चेतना जगाएगा और बाल विवाह मुक्त भविष्य की नींव रखेगा।1