समाज को झकझोर देने वाला एक वीडियो आगरा से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पत्नी पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। मेरठ की मुस्कान के बाद अब आगरा की रूबी शर्मा के इस कथित 'कारनामे' ने सबको चौंका दिया है। बताया गया है कि रूबी शर्मा ने अपने पति सुरेंद्र शर्मा को कथित तौर पर मारकर बाथरूम में टाइल्स के नीचे चुनवा दिया और फिर खुद ही थाने जाकर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस पिछले 45 दिनों से गुमशुदा सुरेंद्र शर्मा की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन वह घर के आसपास लगे किसी भी कैमरे में कैद नहीं हुए थे। इस बात ने पुलिस के शक को सुरेंद्र की पत्नी रूबी शर्मा पर गहरा कर दिया। जिसके बाद पुलिस रूबी को थाने लेकर आई, जहाँ कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर सारा राज उगल दिया। अब पुलिस सुरेंद्र शर्मा के शव को बाथरूम से बाहर निकालने की प्रक्रिया में लगी हुई है।
समाज को झकझोर देने वाला एक वीडियो आगरा से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पत्नी पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। मेरठ की मुस्कान के बाद अब आगरा की रूबी शर्मा के इस कथित 'कारनामे' ने सबको चौंका दिया है। बताया गया है कि रूबी शर्मा ने अपने पति सुरेंद्र शर्मा को कथित तौर पर मारकर बाथरूम में टाइल्स के नीचे चुनवा दिया और फिर खुद ही थाने जाकर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस पिछले 45 दिनों से गुमशुदा सुरेंद्र शर्मा की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन वह घर के आसपास लगे किसी भी कैमरे में कैद नहीं हुए थे। इस बात ने पुलिस के शक को सुरेंद्र की पत्नी रूबी शर्मा पर गहरा कर दिया। जिसके बाद पुलिस रूबी को थाने लेकर आई, जहाँ कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर सारा राज उगल दिया। अब पुलिस सुरेंद्र शर्मा के शव को बाथरूम से बाहर निकालने की प्रक्रिया में लगी हुई है।
- Shuru UserKoil, Aligarh🙏7 hrs ago
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- राजसमंद के गाडरी समाज को अपने छात्रावास निर्माण के लिए अब तक लगभग 23 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है। यह राशि गाडरी समाज विकास संस्था राजसमंद के जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी खेमाखेड़ा के अथक प्रयासों और समाज के सदस्यों के आर्थिक योगदान का परिणाम है, जिससे समाज में नए कार्यों की उम्मीद जगी है। संस्था को पूर्व में राजसमंद जिले की विभिन्न तहसीलों और अन्य राज्यों में राजस्थान के प्रवासी नागरिकों से मुलाकात कर उनकी इच्छानुसार 10 लाख रुपये का सहयोग मिला था। हाल ही में, जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी ने दक्षिण भारत के 8 राज्यों (पश्चिम बंगाल के कोलकाता, आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम, तमिलनाडु के चेन्नई, तेलंगाना के हैदराबाद, कर्नाटक के बेंगलुरु, बीजापुर, बेलगांव, मैसूर, गोवा के पणजी, महाराष्ट्र के कोल्हापुर) और दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान-मेवाड़ के गाडरी समाज के प्रवासी नागरिकों से मिलकर जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की, जिस पर समाजजनों ने 13 लाख रुपये का योगदान दिया। कुल मिलाकर, संस्था के खाते में ऑनलाइन माध्यम से अब तक लगभग 23 लाख रुपये की सहयोग राशि जमा हो चुकी है। इस छात्रावास के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे सरकारी नौकरियों में भी समाज अपनी बड़ी जनसंख्या के बावजूद राजकीय पदों से वंचित रह जाता है। इस सहयोग से अब शिक्षा के क्षेत्र में नई आशा का संचार हुआ है और लंबे समय से चले आ रहे जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण का प्रयास सफल होता दिख रहा है। अपने दौरे के दौरान, किशन लाल गाडरी ने मेवाड़ संभाग के विभिन्न जिलों जैसे राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलूम्बर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के प्रवासी गाडरी समाज के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने बैठकें आयोजित कर समाज सुधार पर चर्चा की और समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों को खत्म करने की अपील की। इन चर्चाओं में मुख्य रूप से शिक्षा, समाज को नशामुक्त बनाने, कपड़ा प्रथा और मृत्युभोज को कम करने तथा फिजूलखर्ची पर रोक लगाने जैसे मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, आगामी दिनों में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने पर भी चर्चा हुई, जिसकी रूपरेखा भविष्य की बैठकों में तैयार की जाएगी। संस्था द्वारा सितंबर माह में संत श्री अमरा भगत जी के जन्मोत्सव पर एक जिला स्तरीय विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। विभिन्न शहरों में पहुंचने पर किशन लाल गाडरी का राजस्थान-मेवाड़ प्रवासी गाडरी समाज के सदस्यों द्वारा साफा, इकलाई और माला पहनाकर बड़े हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। आगामी दिनों में राजसमंद जिले के समस्त चौखलों से भी छात्रावास निर्माण हेतु आर्थिक सहयोग के लिए पंच पटेलों से मुलाकात कर राशि ली जाएगी।4
- राजसमंद जिले के जोर गांव निवासी 40 वर्षीय गंगाराम खारोल पिछले 13 वर्षों से अंधेरे और संघर्ष भरी जिंदगी जी रहे हैं। आंखों की रोशनी जाने के बाद उन्होंने कई बड़े नेत्र चिकित्सालयों में इलाज और ऑपरेशन करवाए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी दृष्टि वापस नहीं लौट सकी। इस मुश्किल घड़ी में कुदरत ने उनकी और परीक्षा ली। कोरोना काल में गंगाराम के बड़े भाई का निधन हो गया, और परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि करीब तीन वर्ष पहले उनके छोटे भाई की भी मौत हो गई। इसके लगभग एक वर्ष पूर्व उनके पिता घाशीराम खारोल का भी निधन हो गया, जिससे लगातार तीन पारिवारिक मौतों ने पूरे परिवार की कमर तोड़ दी है। आज गंगाराम के घर में केवल उनकी बुजुर्ग मां, दोनों दिवंगत भाइयों के परिवार और उनकी पत्नी हैं। स्वयं दृष्टिबाधित होने के कारण परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है। आर्थिक तंगी के चलते यह परिवार आज भी एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। गंगाराम का कहना है कि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, और वे अपनी पत्नी के लिए भी विकलांग पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है। ऐसे में गंगाराम और उनका परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि सरकार और प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेंगे और उन्हें सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराएंगे। इस संबंध में, ग्राम विकास अधिकारी देवीलाल पोसवाल ने बताया है कि पीड़ित परिवार को पात्रता के अनुसार सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। 13 वर्षों से अंधेरे में जी रहे गंगाराम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती केवल अपनी जिंदगी जीना नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सहारा बनना है, और यह परिवार आज भी सरकारी मदद की उम्मीद लगाए हुए है।2
- नाथद्वारा के झाड़सादड़ी गाँव के गौरव किशन सिंह सिसोदिया के सुपुत्र उदय सिंह सिसोदिया, भारतीय वायुसेना में 20 वर्षों की गौरवमयी और राष्ट्रसेवा से परिपूर्ण सेवा पूर्ण कर गरुड़ कमांडो पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। इस गौरवपूर्ण अवसर पर समस्त ग्रामवासियों द्वारा झाड़सादड़ी गाँव में उनका भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पमालाओं और जोरदार नारों के साथ अपने वीर सपूत का अभिनंदन कर उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। गाँववालों ने इस अवसर पर कहा कि उदय सिंह सिसोदिया ने भारतीय वायुसेना में 20 वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और पराक्रम के साथ देश की सेवा कर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस विशेष अवसर पर अखिल भारतीय हिन्दु क्रांति सेना राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष कुंवर गणपत सिंह दुलावत, गोवर्धनसिंह सिसोदिया, क्षत्रिय महासभा के सोहनसिंह दुलावत, देलवाड़ा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राणावत, पूर्व एसएमबी कॉलेज नाथद्वारा अध्यक्ष मंगल सिंह चौहान कोठारिया, नरेंद्र सिंह सिसोदिया, शंकर सिंह, महेंद्र सिंह, करण सिंह, देवी सिंह, नाहर सिंह सिसोदिया, राम सिंह और समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।1
- पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान के तहत, खेरवाड़ा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाली कुल 18 पावर बाइक जब्त कीं। इसके साथ ही, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। इस अभियान के माध्यम से खेरवाड़ा पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल और वृत्ताधिकारी राजीव राहड़ के सुपरविजन में की गई। खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसके दौरान मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत इन वाहनों को जब्त किया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा यह विशेष हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान 02 जुलाई से 16 जुलाई तक चलाया जा रहा है।1
- रविवार के अवसर पर मां जोगणिया धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान, पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह मुस्तैद रहा। मंदिर में आए भक्तों ने मां के दर्शन और पूजन किए।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के निकुंभ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्रों से कथित तौर पर बाल श्रम कराने और इसकी शिकायत करने पर एक अभिभावक के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर मामला सामने आया है। अभिभावक ने स्कूल प्रशासन पर बच्चों का नाम काटने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में निकुंभ निवासी मुकेश कुमार सुथार ने जिला कलेक्टर, चित्तौड़गढ़ को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित अभिभावक मुकेश कुमार सुथार ने बताया कि उनके तीन बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ते हैं। उनके अनुसार, स्कूल प्रशासन उनके बच्चों सहित अन्य छात्रों से पढ़ाई के समय नियमित रूप से सफाई करवाने, गाजर घास उखाड़ने और अन्य श्रम संबंधी कार्य कराता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 02.07.2026 को भी बच्चों से स्कूल में सफाई और घास उखाड़ने का काम कराया गया, जिससे उनका एक बच्चा बीमार हो गया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब पीड़ित पिता इस मामले की शिकायत करने विद्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद नंदलाल खटीक और विशाल ने उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ बेहद अभद्र, अशोभनीय और अपमानजनक व्यवहार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अभिभावक को स्कूल से बाहर जाने को कहा और धमकी दी कि यदि वह शिकायत करेंगे तो उनके बच्चों का नाम विद्यालय से काट दिया जाएगा (टी.सी. काट दी जाएगी) और भविष्य में उन्हें किसी अन्य स्कूल में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। पीड़ित अभिभावक ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराई जाए, तथा दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की मांग की है कि विद्यालय में बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराया जाए, ताकि वे भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।2
- मांडल विधानसभा क्षेत्र की करेड़ा तहसील में स्थित बेमाली ग्रिड की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। बताया गया है कि पूरे गर्मी के मौसम में भी ग्रिड का यही हाल रहा, जिसमें कोई सुधार नहीं हुआ। अब बारिश के मौसम में भी यह समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को बिना बिजली के अंधेरे में रहना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते क्षेत्र के लोग जीव-जंतुओं से भी परेशान हैं।1
- वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाठेड़ा कलां में जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे प्रशासनिक स्तर पर सुनना और उनका मौके पर ही निस्तारण करना था। चौपाल में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न मांगें जिला प्रशासन के समक्ष रखीं, जिसके लिए उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपे। इन जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़ी मांगों पर जिला कलेक्टर ने त्वरित समाधान के निर्देश दिए।1