राजसमंद के गाडरी समाज को अपने छात्रावास निर्माण के लिए अब तक लगभग 23 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है। यह राशि गाडरी समाज विकास संस्था राजसमंद के जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी खेमाखेड़ा के अथक प्रयासों और समाज के सदस्यों के आर्थिक योगदान का परिणाम है, जिससे समाज में नए कार्यों की उम्मीद जगी है। संस्था को पूर्व में राजसमंद जिले की विभिन्न तहसीलों और अन्य राज्यों में राजस्थान के प्रवासी नागरिकों से मुलाकात कर उनकी इच्छानुसार 10 लाख रुपये का सहयोग मिला था। हाल ही में, जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी ने दक्षिण भारत के 8 राज्यों (पश्चिम बंगाल के कोलकाता, आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम, तमिलनाडु के चेन्नई, तेलंगाना के हैदराबाद, कर्नाटक के बेंगलुरु, बीजापुर, बेलगांव, मैसूर, गोवा के पणजी, महाराष्ट्र के कोल्हापुर) और दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान-मेवाड़ के गाडरी समाज के प्रवासी नागरिकों से मिलकर जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की, जिस पर समाजजनों ने 13 लाख रुपये का योगदान दिया। कुल मिलाकर, संस्था के खाते में ऑनलाइन माध्यम से अब तक लगभग 23 लाख रुपये की सहयोग राशि जमा हो चुकी है। इस छात्रावास के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे सरकारी नौकरियों में भी समाज अपनी बड़ी जनसंख्या के बावजूद राजकीय पदों से वंचित रह जाता है। इस सहयोग से अब शिक्षा के क्षेत्र में नई आशा का संचार हुआ है और लंबे समय से चले आ रहे जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण का प्रयास सफल होता दिख रहा है। अपने दौरे के दौरान, किशन लाल गाडरी ने मेवाड़ संभाग के विभिन्न जिलों जैसे राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलूम्बर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के प्रवासी गाडरी समाज के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने बैठकें आयोजित कर समाज सुधार पर चर्चा की और समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों को खत्म करने की अपील की। इन चर्चाओं में मुख्य रूप से शिक्षा, समाज को नशामुक्त बनाने, कपड़ा प्रथा और मृत्युभोज को कम करने तथा फिजूलखर्ची पर रोक लगाने जैसे मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, आगामी दिनों में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने पर भी चर्चा हुई, जिसकी रूपरेखा भविष्य की बैठकों में तैयार की जाएगी। संस्था द्वारा सितंबर माह में संत श्री अमरा भगत जी के जन्मोत्सव पर एक जिला स्तरीय विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। विभिन्न शहरों में पहुंचने पर किशन लाल गाडरी का राजस्थान-मेवाड़ प्रवासी गाडरी समाज के सदस्यों द्वारा साफा, इकलाई और माला पहनाकर बड़े हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। आगामी दिनों में राजसमंद जिले के समस्त चौखलों से भी छात्रावास निर्माण हेतु आर्थिक सहयोग के लिए पंच पटेलों से मुलाकात कर राशि ली जाएगी।
राजसमंद के गाडरी समाज को अपने छात्रावास निर्माण के लिए अब तक लगभग 23 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है। यह राशि गाडरी समाज विकास संस्था राजसमंद के जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी खेमाखेड़ा के अथक प्रयासों और समाज के सदस्यों के आर्थिक योगदान का परिणाम है, जिससे समाज में नए कार्यों की उम्मीद जगी है। संस्था को पूर्व में राजसमंद जिले की विभिन्न तहसीलों और अन्य राज्यों में राजस्थान के प्रवासी नागरिकों से मुलाकात कर उनकी इच्छानुसार 10 लाख रुपये का सहयोग मिला था। हाल ही में, जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी ने दक्षिण भारत के 8 राज्यों (पश्चिम बंगाल के कोलकाता, आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम, तमिलनाडु के चेन्नई, तेलंगाना के हैदराबाद,
कर्नाटक के बेंगलुरु, बीजापुर, बेलगांव, मैसूर, गोवा के पणजी, महाराष्ट्र के कोल्हापुर) और दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान-मेवाड़ के गाडरी समाज के प्रवासी नागरिकों से मिलकर जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की, जिस पर समाजजनों ने 13 लाख रुपये का योगदान दिया। कुल मिलाकर, संस्था के खाते में ऑनलाइन माध्यम से अब तक लगभग 23 लाख रुपये की सहयोग राशि जमा हो चुकी है। इस छात्रावास के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे सरकारी नौकरियों में भी समाज अपनी बड़ी जनसंख्या के बावजूद राजकीय पदों से
वंचित रह जाता है। इस सहयोग से अब शिक्षा के क्षेत्र में नई आशा का संचार हुआ है और लंबे समय से चले आ रहे जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण का प्रयास सफल होता दिख रहा है। अपने दौरे के दौरान, किशन लाल गाडरी ने मेवाड़ संभाग के विभिन्न जिलों जैसे राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलूम्बर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के प्रवासी गाडरी समाज के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने बैठकें आयोजित कर समाज सुधार पर चर्चा की और समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों को खत्म करने की अपील की। इन चर्चाओं में मुख्य रूप से शिक्षा, समाज को नशामुक्त बनाने, कपड़ा प्रथा और मृत्युभोज को कम करने तथा फिजूलखर्ची पर रोक
लगाने जैसे मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, आगामी दिनों में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने पर भी चर्चा हुई, जिसकी रूपरेखा भविष्य की बैठकों में तैयार की जाएगी। संस्था द्वारा सितंबर माह में संत श्री अमरा भगत जी के जन्मोत्सव पर एक जिला स्तरीय विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। विभिन्न शहरों में पहुंचने पर किशन लाल गाडरी का राजस्थान-मेवाड़ प्रवासी गाडरी समाज के सदस्यों द्वारा साफा, इकलाई और माला पहनाकर बड़े हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। आगामी दिनों में राजसमंद जिले के समस्त चौखलों से भी छात्रावास निर्माण हेतु आर्थिक सहयोग के लिए पंच पटेलों से मुलाकात कर राशि ली जाएगी।
- राजसमंद के गाडरी समाज को अपने छात्रावास निर्माण के लिए अब तक लगभग 23 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है। यह राशि गाडरी समाज विकास संस्था राजसमंद के जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी खेमाखेड़ा के अथक प्रयासों और समाज के सदस्यों के आर्थिक योगदान का परिणाम है, जिससे समाज में नए कार्यों की उम्मीद जगी है। संस्था को पूर्व में राजसमंद जिले की विभिन्न तहसीलों और अन्य राज्यों में राजस्थान के प्रवासी नागरिकों से मुलाकात कर उनकी इच्छानुसार 10 लाख रुपये का सहयोग मिला था। हाल ही में, जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी ने दक्षिण भारत के 8 राज्यों (पश्चिम बंगाल के कोलकाता, आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम, तमिलनाडु के चेन्नई, तेलंगाना के हैदराबाद, कर्नाटक के बेंगलुरु, बीजापुर, बेलगांव, मैसूर, गोवा के पणजी, महाराष्ट्र के कोल्हापुर) और दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान-मेवाड़ के गाडरी समाज के प्रवासी नागरिकों से मिलकर जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की, जिस पर समाजजनों ने 13 लाख रुपये का योगदान दिया। कुल मिलाकर, संस्था के खाते में ऑनलाइन माध्यम से अब तक लगभग 23 लाख रुपये की सहयोग राशि जमा हो चुकी है। इस छात्रावास के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर बालक-बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे सरकारी नौकरियों में भी समाज अपनी बड़ी जनसंख्या के बावजूद राजकीय पदों से वंचित रह जाता है। इस सहयोग से अब शिक्षा के क्षेत्र में नई आशा का संचार हुआ है और लंबे समय से चले आ रहे जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण का प्रयास सफल होता दिख रहा है। अपने दौरे के दौरान, किशन लाल गाडरी ने मेवाड़ संभाग के विभिन्न जिलों जैसे राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलूम्बर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के प्रवासी गाडरी समाज के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने बैठकें आयोजित कर समाज सुधार पर चर्चा की और समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों को खत्म करने की अपील की। इन चर्चाओं में मुख्य रूप से शिक्षा, समाज को नशामुक्त बनाने, कपड़ा प्रथा और मृत्युभोज को कम करने तथा फिजूलखर्ची पर रोक लगाने जैसे मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, आगामी दिनों में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने पर भी चर्चा हुई, जिसकी रूपरेखा भविष्य की बैठकों में तैयार की जाएगी। संस्था द्वारा सितंबर माह में संत श्री अमरा भगत जी के जन्मोत्सव पर एक जिला स्तरीय विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। विभिन्न शहरों में पहुंचने पर किशन लाल गाडरी का राजस्थान-मेवाड़ प्रवासी गाडरी समाज के सदस्यों द्वारा साफा, इकलाई और माला पहनाकर बड़े हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। आगामी दिनों में राजसमंद जिले के समस्त चौखलों से भी छात्रावास निर्माण हेतु आर्थिक सहयोग के लिए पंच पटेलों से मुलाकात कर राशि ली जाएगी।4
- नाथद्वारा के झाड़सादड़ी गाँव के गौरव किशन सिंह सिसोदिया के सुपुत्र उदय सिंह सिसोदिया, भारतीय वायुसेना में 20 वर्षों की गौरवमयी और राष्ट्रसेवा से परिपूर्ण सेवा पूर्ण कर गरुड़ कमांडो पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। इस गौरवपूर्ण अवसर पर समस्त ग्रामवासियों द्वारा झाड़सादड़ी गाँव में उनका भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पमालाओं और जोरदार नारों के साथ अपने वीर सपूत का अभिनंदन कर उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। गाँववालों ने इस अवसर पर कहा कि उदय सिंह सिसोदिया ने भारतीय वायुसेना में 20 वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और पराक्रम के साथ देश की सेवा कर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस विशेष अवसर पर अखिल भारतीय हिन्दु क्रांति सेना राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष कुंवर गणपत सिंह दुलावत, गोवर्धनसिंह सिसोदिया, क्षत्रिय महासभा के सोहनसिंह दुलावत, देलवाड़ा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राणावत, पूर्व एसएमबी कॉलेज नाथद्वारा अध्यक्ष मंगल सिंह चौहान कोठारिया, नरेंद्र सिंह सिसोदिया, शंकर सिंह, महेंद्र सिंह, करण सिंह, देवी सिंह, नाहर सिंह सिसोदिया, राम सिंह और समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।1
- राजसमंद जिले के जोर गांव निवासी 40 वर्षीय गंगाराम खारोल पिछले 13 वर्षों से अंधेरे और संघर्ष भरी जिंदगी जी रहे हैं। आंखों की रोशनी जाने के बाद उन्होंने कई बड़े नेत्र चिकित्सालयों में इलाज और ऑपरेशन करवाए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी दृष्टि वापस नहीं लौट सकी। इस मुश्किल घड़ी में कुदरत ने उनकी और परीक्षा ली। कोरोना काल में गंगाराम के बड़े भाई का निधन हो गया, और परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि करीब तीन वर्ष पहले उनके छोटे भाई की भी मौत हो गई। इसके लगभग एक वर्ष पूर्व उनके पिता घाशीराम खारोल का भी निधन हो गया, जिससे लगातार तीन पारिवारिक मौतों ने पूरे परिवार की कमर तोड़ दी है। आज गंगाराम के घर में केवल उनकी बुजुर्ग मां, दोनों दिवंगत भाइयों के परिवार और उनकी पत्नी हैं। स्वयं दृष्टिबाधित होने के कारण परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है। आर्थिक तंगी के चलते यह परिवार आज भी एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। गंगाराम का कहना है कि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, और वे अपनी पत्नी के लिए भी विकलांग पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है। ऐसे में गंगाराम और उनका परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि सरकार और प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेंगे और उन्हें सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराएंगे। इस संबंध में, ग्राम विकास अधिकारी देवीलाल पोसवाल ने बताया है कि पीड़ित परिवार को पात्रता के अनुसार सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। 13 वर्षों से अंधेरे में जी रहे गंगाराम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती केवल अपनी जिंदगी जीना नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सहारा बनना है, और यह परिवार आज भी सरकारी मदद की उम्मीद लगाए हुए है।2
- पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान के तहत, खेरवाड़ा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाली कुल 18 पावर बाइक जब्त कीं। इसके साथ ही, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। इस अभियान के माध्यम से खेरवाड़ा पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल और वृत्ताधिकारी राजीव राहड़ के सुपरविजन में की गई। खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसके दौरान मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत इन वाहनों को जब्त किया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा यह विशेष हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान 02 जुलाई से 16 जुलाई तक चलाया जा रहा है।1
- गोड़वाड़ फाउंडेशन के तत्वावधान में संचालित 'घाणेराव बावड़ी पुनर्जीवन अभियान' के तहत 5 जुलाई 2026 को घाणेराव स्थित ऐतिहासिक डूंगर जी की बावड़ी (शनि महाराज) में एक व्यापक स्वच्छता अभियान और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने बावड़ी परिसर से झाड़ियाँ, कचरा और अन्य अवरोध हटाकर गहन सफाई की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की प्राचीन जल धरोहरों का संरक्षण करना, उनके पुनर्जीवन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और जल संरक्षण के महत्व को समाज तक पहुँचाना है। कार्यक्रम का नेतृत्व गोड़वाड़ फाउंडेशन की डायरेक्टर काशिका राणा और प्रोजेक्ट मैनेजर दीपेंद्र माली ने किया। इस अवसर पर श्री कृष्णा गो सेवा समिति के युवा कार्यकर्ता सुरेश सुथार और विमल वैष्णव, फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के संवाददाता रमज़ान भाई, डॉ. दिनेश सीरवी, CHC हॉस्पिटल के शैडोअर आश्विन प्रताप सिंह चौहान, नर्सिंग ऑफिसर महेंद्र सिंह, मीठाल परमार सहित गोड़वाड़ फाउंडेशन के छात्रों ने सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस मौके पर काशिका राणा ने जोर देकर कहा कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ केवल जल स्रोत ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत भी हैं, और इनका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। दीपेंद्र माली ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा क्षेत्र की विभिन्न बावड़ियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय लोगों, युवाओं और विद्यार्थियों का सहयोग अत्यंत प्रेरणादायक है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक जल धरोहरों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।2
- उदयपुर स्थित जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड विश्वविद्यालय) में कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज हो गया है। कर्मचारी संघ द्वारा दिए गए अल्टीमेटम की समय-सीमा समाप्त होने के बाद, कर्मचारियों ने मुख्य प्रशासनिक भवन समेत विभिन्न विभागों में तालाबंदी कर दी। इस घटनाक्रम के बाद, कुलपति और कुलसचिव ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की, लेकिन कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर कोई भी सहमति नहीं बन पाई। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश धाकड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे केवल समय निकालने का प्रयास कर रहे हैं और कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले रहे हैं। डॉ. धाकड़ ने स्पष्ट किया कि कुलपति की नियुक्ति के स्पष्टीकरण, जमीन घोटाले की जांच, ऑनलाइन पीएफ खाता उपलब्ध कराने, लंबित एरियर का भुगतान, महंगाई भत्ता देने और कर्मचारियों के खिलाफ द्वेषपूर्ण कार्रवाई रोकने जैसी मांगों पर लिखित आदेश मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता विफल होने के उपरांत, कर्मचारी संघ ने डबोक परिसर में फिर से क्रमिक धरना शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।1
- महामहिम कटारिया ने देवास परियोजना का निरीक्षण किया है। इस निरीक्षण के बाद यह अनुमान है कि उदयपुर में पानी की आवक में वृद्धि होगी।3
- श्री गंगानगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 13 साल की नाबालिग बच्ची को एक रिक्शा चालक ने कथित तौर पर एक होटल मालिक को बेच दिया। इस खौफनाक वारदात के बाद, बच्ची के साथ पाँच दिनों तक 32 लोगों ने बलात्कार किया।2