मलारना डूंगर तहसील के ग्राम दिवाड़ा में पारंपरिक लोक संस्कृति को सहेजने और भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य कन्हैया पद दंगल आयोजित किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र की नामचीन मंडलियों ने भाग लेकर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिनकी उपस्थिति से ग्रामीणों और समर्थकों का उत्साह दोगुना हो गया। इस सांस्कृतिक महोत्सव में सकीपुरा और कन्हैया कोलडिया (सवाई माधोपुर) की लोक कलाकार पार्टियों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला। कलाकारों ने घेरा बनाकर पारंपरिक वाद्यों की थाप पर धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कन्हैया दंगल को मीणा समाज और राजस्थान की एक अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताया। ग्रामीणों की मांग पर, डॉ. मीणा ने मंच से बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम दिवाड़ा से गुजरी तक एक नई सड़क की स्वीकृति जल्द ही जारी की जाएगी और इसका निर्माण कार्य तुरंत शुरू होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्राम पंचायत के समग्र विकास के लिए कई अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का ठोस आश्वासन भी दिया। इस घोषणा और विकास के नए वादों के बाद दिवाड़ा और आसपास के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने आतिशबाजी कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का आभार जताया। इस दौरान भारी संख्या में पंच-पटेल, युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मलारना डूंगर तहसील के ग्राम दिवाड़ा में पारंपरिक लोक संस्कृति को सहेजने और भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य कन्हैया पद दंगल आयोजित किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र की नामचीन मंडलियों ने भाग लेकर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिनकी उपस्थिति से ग्रामीणों और समर्थकों का उत्साह दोगुना हो गया। इस सांस्कृतिक महोत्सव में सकीपुरा और कन्हैया कोलडिया (सवाई माधोपुर) की लोक कलाकार पार्टियों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला। कलाकारों ने घेरा बनाकर पारंपरिक वाद्यों की थाप पर धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कन्हैया दंगल को मीणा समाज और राजस्थान की एक अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताया। ग्रामीणों की मांग पर, डॉ. मीणा ने मंच से बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम दिवाड़ा से गुजरी तक एक नई सड़क की स्वीकृति जल्द ही जारी की जाएगी और इसका निर्माण कार्य तुरंत शुरू होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्राम पंचायत के समग्र विकास के लिए कई अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का ठोस आश्वासन भी दिया। इस घोषणा और विकास के नए वादों के बाद दिवाड़ा और आसपास के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने आतिशबाजी कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का आभार जताया। इस दौरान भारी संख्या में पंच-पटेल, युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- मलारना डूंगर तहसील के ग्राम दिवाड़ा में पारंपरिक लोक संस्कृति को सहेजने और भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य कन्हैया पद दंगल आयोजित किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र की नामचीन मंडलियों ने भाग लेकर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिनकी उपस्थिति से ग्रामीणों और समर्थकों का उत्साह दोगुना हो गया। इस सांस्कृतिक महोत्सव में सकीपुरा और कन्हैया कोलडिया (सवाई माधोपुर) की लोक कलाकार पार्टियों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला। कलाकारों ने घेरा बनाकर पारंपरिक वाद्यों की थाप पर धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कन्हैया दंगल को मीणा समाज और राजस्थान की एक अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताया। ग्रामीणों की मांग पर, डॉ. मीणा ने मंच से बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम दिवाड़ा से गुजरी तक एक नई सड़क की स्वीकृति जल्द ही जारी की जाएगी और इसका निर्माण कार्य तुरंत शुरू होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्राम पंचायत के समग्र विकास के लिए कई अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का ठोस आश्वासन भी दिया। इस घोषणा और विकास के नए वादों के बाद दिवाड़ा और आसपास के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने आतिशबाजी कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का आभार जताया। इस दौरान भारी संख्या में पंच-पटेल, युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- गंगापुर सिटी में सोमवार शाम यातायात पुलिस ने आमजन और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक रैली निकाली। यह रैली उदेई मोड़ से शुरू होकर फव्वारा चौक होते हुए रेलवे स्टेशन तक पहुंची, जहाँ पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। रैली के दौरान वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और यातायात संकेतों का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाया कि यातायात नियमों की अनदेखी न केवल स्वयं के लिए, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। यातायात पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर रुककर लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी और नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षित तथा जिम्मेदार वाहन संचालन का संदेश दिया। रैली के दौरान शहरवासियों ने भी यातायात नियमों की पालना करने का संकल्प लिया। यातायात प्रभारी मोती सिंह ने इस अवसर पर कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नियमों की पालना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन मंगलवार से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने यह भी बताया कि यातायात नियमों की पालना कराना विभाग की प्राथमिकता रहेगी। इस जागरूकता अभियान में यातायात प्रभारी मोती सिंह के साथ एएसआई कुशल कुमार, कांस्टेबल नाहर सिंह, कांस्टेबल राजेश, कांस्टेबल हाकिम सिंह तथा कांस्टेबल राजेश कुमार सहित यातायात पुलिस के अन्य जवान मौजूद रहे।2
- सवाई माधोपुर जिले में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के अंतर्गत कृषि विभाग ने सोमवार, 1 जून को एक भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम पंचायत समिति मलारना डूंगर के ग्राम मलारना चौड़ स्थित तेजाजी मंदिर परिसर के दुर्गा सागर तालाब पर संपन्न हुआ। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए जल संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना था। इसकी शुरुआत “वंदे गंगा” कलश यात्रा से हुई, जिसके बाद जल पूजन, पीपल पूजन और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान उपस्थित अतिथियों और आमजनों ने जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण सुरक्षा के लिए संकल्प लिया। लोक कलाकारों ने पद दंगल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जल संरक्षण, पौधारोपण, तारबंदी योजना, किसान सम्मान निधि और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया, साथ ही लोकगीतों के जरिए पर्यावरण संरक्षण और जल बचत का संदेश दिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण खरीफ बुआई पूर्व कृषक संगोष्ठी और कृषि नवाचार प्रदर्शनी रही। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, उन्नत कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण और जल प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, नवाचारों और तकनीकी प्रगति से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें कम लागत में अधिक उत्पादन और टिकाऊ कृषि प्रणाली अपनाने का मार्गदर्शन प्रदान किया, साथ ही वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर, संयुक्त निदेशक कृषि लखपत लाल मीणा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेंद्र सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश चंद्र जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, कृषक व विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।1
- मलारना चौड़ स्थित तेजाजी स्थान पर वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत लालसोट नगर परिषद के वार्ड नंबर 19 में स्थित कैमला तलाई पर एक साफ-सफाई एवं वृक्ष पूजा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शहरवासियों और मातृशक्ति ने सक्रिय रूप से सहभागिता की और एक कलश यात्रा भी निकाली गई। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन का संकल्प दिलाया गया, जो जल के महत्व को दर्शाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि जल ही जीवन का आधार है और प्रकृति व पर्यावरण के संरक्षण हेतु सामूहिक सहभागिता ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। इस आयोजन में नगर परिषद आयुक्त नवरत्न शर्मा, अभियान के विधानसभा संयोजक दीपक बोहरा, मंडल अध्यक्ष अनिल बुर्जा, पार्षद राजेश सैनी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। यह अभियान इस बात को दृढ़ता से स्थापित करता है कि जल है तो ही कल है।4
- लालसोट के चांदसेन स्थित देवनारायण मंदिर में गुर्जर आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए वीरों की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में समाज के लोगों ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संघर्ष व बलिदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक एकता और युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाज को संगठित होकर विकास और जागरूकता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस सभा में युवा गुर्जर महासभा प्रदेशाध्यक्ष महावीर डोई, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश कसाना, आरक्षण संघर्ष समिति संयोजक हाकिम बैंसला, युवा गुर्जर महासभा लालसोट विधानसभा अध्यक्ष रायसिंह गुर्जर टोरडा, अवतार बरियारा, सुमेर सिंह कसाना, रामजीलाल डोई, पथिक सेवा संगठन लालसोट अध्यक्ष लहरी गुर्जर खटवा, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा लालसोट तहसील अध्यक्ष सुरज्ञान गुर्जर, तहसील उपाध्यक्ष प्यार सिंह बीड, नाथूसिंह आधीशील, रामराज गुर्जर टोरडा, दिनेश गुर्जर टोरडा, पार्षद विजय गुर्जर और कमलेश मावई सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर किया गया।1
- लालसोट में MSP पर गेहूं खरीद प्रक्रिया बंद होने से नाराज किसानों ने कृषि उपज मंडी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और मिलीभगत चल रही है, जिसके कारण उनकी फसल की तुलाई नहीं हो पा रही है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान, मौके पर पहुंचे एसडीएम विजेंद्र कुमार मीणा ने प्रदर्शनकारी किसानों से समझाइश का प्रयास किया। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- राजस्थान के गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन पर कैंटीन चलाने वाले मैनेजर अजीत सिंह ने पुलिसकर्मियों और एक रेलवे अधिकारी पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन पेशाब पिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद, जीआरपी पुलिस अधीक्षक अजमेर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पीड़ित अजीत सिंह के अनुसार, यह घटना 26 मई की रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई, जब कैंटीन मैनेजमेंट इंस्पेक्टर (CMI) रवि कुमार मीणा कैंटीन पर आए और कथित तौर पर ‘मंथली’ (रिश्वत) की मांग की। मैनेजर द्वारा मोहलत मांगने पर इंस्पेक्टर ने अभद्रता करते हुए लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। इसके बाद, रात करीब 11:00 बजे, एएसआई भवानी शंकर ने मैनेजर अजीत सिंह को अपने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया। आरोप है कि वहाँ पहले से मौजूद CMI रवि कुमार मीणा, एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा शराब के नशे में धुत थे। मैनेजर ने आरोप लगाया है कि इन चारों ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस दौरान CMI रवि मीणा ने कथित तौर पर शराब की बोतल में भरा हुआ यूरिन पीड़ित को जबरन पिलाया, वहीं एएसआई भवानी शंकर पर पीड़ित की जेब से 15,700 रुपये निकालने का भी आरोप है। घटना के समय शोर मचाने पर भी क्वार्टर का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण ड्यूटी पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी मदद नहीं कर पाए। मारपीट के कारण पीड़ित के शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने 29 मई को जयपुर जीआरपी में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसे बाद में गंगापुर सिटी जीआरपी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कोटा जीआरपी पुलिस उपाध्यक्ष (DySP) शकील अहमद को सौंपी गई है। हालांकि, जीआरपी थाना प्रभारी, दलबीर सिंह ने बताया कि CMI गंगापुर सिटी और स्टॉल वेंडर अजीत के बीच पानी की बोतलों की सीलिंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद कहासुनी हुई और वेंडर को शांति भंग के आरोप में बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि पीड़ित द्वारा जयपुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट अब यहाँ स्थानांतरित हो चुकी है और मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। फिलहाल, अजमेर जीआरपी एसपी की ओर से तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और आगे की कानूनी अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।1