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राजस्थान के गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन पर कैंटीन चलाने वाले मैनेजर अजीत सिंह ने पुलिसकर्मियों और एक रेलवे अधिकारी पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन पेशाब पिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद, जीआरपी पुलिस अधीक्षक अजमेर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पीड़ित अजीत सिंह के अनुसार, यह घटना 26 मई की रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई, जब कैंटीन मैनेजमेंट इंस्पेक्टर (CMI) रवि कुमार मीणा कैंटीन पर आए और कथित तौर पर ‘मंथली’ (रिश्वत) की मांग की। मैनेजर द्वारा मोहलत मांगने पर इंस्पेक्टर ने अभद्रता करते हुए लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। इसके बाद, रात करीब 11:00 बजे, एएसआई भवानी शंकर ने मैनेजर अजीत सिंह को अपने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया। आरोप है कि वहाँ पहले से मौजूद CMI रवि कुमार मीणा, एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा शराब के नशे में धुत थे। मैनेजर ने आरोप लगाया है कि इन चारों ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस दौरान CMI रवि मीणा ने कथित तौर पर शराब की बोतल में भरा हुआ यूरिन पीड़ित को जबरन पिलाया, वहीं एएसआई भवानी शंकर पर पीड़ित की जेब से 15,700 रुपये निकालने का भी आरोप है। घटना के समय शोर मचाने पर भी क्वार्टर का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण ड्यूटी पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी मदद नहीं कर पाए। मारपीट के कारण पीड़ित के शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने 29 मई को जयपुर जीआरपी में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसे बाद में गंगापुर सिटी जीआरपी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कोटा जीआरपी पुलिस उपाध्यक्ष (DySP) शकील अहमद को सौंपी गई है। हालांकि, जीआरपी थाना प्रभारी, दलबीर सिंह ने बताया कि CMI गंगापुर सिटी और स्टॉल वेंडर अजीत के बीच पानी की बोतलों की सीलिंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद कहासुनी हुई और वेंडर को शांति भंग के आरोप में बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि पीड़ित द्वारा जयपुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट अब यहाँ स्थानांतरित हो चुकी है और मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। फिलहाल, अजमेर जीआरपी एसपी की ओर से तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और आगे की कानूनी अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।

1 hr ago
user_Ramsingh Meena
Ramsingh Meena
Local News Reporter तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
1 hr ago

राजस्थान के गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन पर कैंटीन चलाने वाले मैनेजर अजीत सिंह ने पुलिसकर्मियों और एक रेलवे अधिकारी पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन पेशाब पिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद, जीआरपी पुलिस अधीक्षक अजमेर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पीड़ित अजीत सिंह के अनुसार, यह घटना 26 मई की रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई, जब कैंटीन मैनेजमेंट इंस्पेक्टर (CMI) रवि कुमार मीणा कैंटीन पर आए और कथित तौर पर ‘मंथली’ (रिश्वत) की मांग की। मैनेजर द्वारा मोहलत मांगने पर इंस्पेक्टर ने अभद्रता करते हुए लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। इसके बाद, रात करीब 11:00 बजे, एएसआई भवानी शंकर ने मैनेजर अजीत सिंह को अपने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया। आरोप है कि वहाँ पहले से मौजूद CMI रवि कुमार मीणा, एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा शराब के नशे में धुत थे। मैनेजर ने आरोप लगाया है कि इन चारों ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस दौरान CMI रवि मीणा ने कथित तौर पर शराब की बोतल में भरा हुआ यूरिन पीड़ित को जबरन पिलाया, वहीं एएसआई भवानी शंकर पर पीड़ित की जेब से 15,700 रुपये निकालने का भी आरोप है। घटना के समय शोर मचाने पर भी क्वार्टर का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण ड्यूटी पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी मदद नहीं कर पाए। मारपीट के कारण पीड़ित के शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने 29 मई को जयपुर जीआरपी में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसे बाद में गंगापुर सिटी जीआरपी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कोटा जीआरपी पुलिस उपाध्यक्ष (DySP) शकील अहमद को सौंपी गई है। हालांकि, जीआरपी थाना प्रभारी, दलबीर सिंह ने बताया कि CMI गंगापुर सिटी और स्टॉल वेंडर अजीत के बीच पानी की बोतलों की सीलिंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद कहासुनी हुई और वेंडर को शांति भंग के आरोप में बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि पीड़ित द्वारा जयपुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट अब यहाँ स्थानांतरित हो चुकी है और मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। फिलहाल, अजमेर जीआरपी एसपी की ओर से तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और आगे की कानूनी अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।

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  • राजस्थान के गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन पर कैंटीन चलाने वाले मैनेजर अजीत सिंह ने पुलिसकर्मियों और एक रेलवे अधिकारी पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन पेशाब पिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद, जीआरपी पुलिस अधीक्षक अजमेर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पीड़ित अजीत सिंह के अनुसार, यह घटना 26 मई की रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई, जब कैंटीन मैनेजमेंट इंस्पेक्टर (CMI) रवि कुमार मीणा कैंटीन पर आए और कथित तौर पर ‘मंथली’ (रिश्वत) की मांग की। मैनेजर द्वारा मोहलत मांगने पर इंस्पेक्टर ने अभद्रता करते हुए लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। इसके बाद, रात करीब 11:00 बजे, एएसआई भवानी शंकर ने मैनेजर अजीत सिंह को अपने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया। आरोप है कि वहाँ पहले से मौजूद CMI रवि कुमार मीणा, एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा शराब के नशे में धुत थे। मैनेजर ने आरोप लगाया है कि इन चारों ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस दौरान CMI रवि मीणा ने कथित तौर पर शराब की बोतल में भरा हुआ यूरिन पीड़ित को जबरन पिलाया, वहीं एएसआई भवानी शंकर पर पीड़ित की जेब से 15,700 रुपये निकालने का भी आरोप है। घटना के समय शोर मचाने पर भी क्वार्टर का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण ड्यूटी पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी मदद नहीं कर पाए। मारपीट के कारण पीड़ित के शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने 29 मई को जयपुर जीआरपी में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसे बाद में गंगापुर सिटी जीआरपी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कोटा जीआरपी पुलिस उपाध्यक्ष (DySP) शकील अहमद को सौंपी गई है। हालांकि, जीआरपी थाना प्रभारी, दलबीर सिंह ने बताया कि CMI गंगापुर सिटी और स्टॉल वेंडर अजीत के बीच पानी की बोतलों की सीलिंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद कहासुनी हुई और वेंडर को शांति भंग के आरोप में बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि पीड़ित द्वारा जयपुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट अब यहाँ स्थानांतरित हो चुकी है और मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। फिलहाल, अजमेर जीआरपी एसपी की ओर से तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और आगे की कानूनी अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।
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    राजस्थान के गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन पर कैंटीन चलाने वाले मैनेजर अजीत सिंह ने पुलिसकर्मियों और एक रेलवे अधिकारी पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन पेशाब पिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद, जीआरपी पुलिस अधीक्षक अजमेर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।

पीड़ित अजीत सिंह के अनुसार, यह घटना 26 मई की रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई, जब कैंटीन मैनेजमेंट इंस्पेक्टर (CMI) रवि कुमार मीणा कैंटीन पर आए और कथित तौर पर ‘मंथली’ (रिश्वत) की मांग की। मैनेजर द्वारा मोहलत मांगने पर इंस्पेक्टर ने अभद्रता करते हुए लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। इसके बाद, रात करीब 11:00 बजे, एएसआई भवानी शंकर ने मैनेजर अजीत सिंह को अपने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया। आरोप है कि वहाँ पहले से मौजूद CMI रवि कुमार मीणा, एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा शराब के नशे में धुत थे। मैनेजर ने आरोप लगाया है कि इन चारों ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस दौरान CMI रवि मीणा ने कथित तौर पर शराब की बोतल में भरा हुआ यूरिन पीड़ित को जबरन पिलाया, वहीं एएसआई भवानी शंकर पर पीड़ित की जेब से 15,700 रुपये निकालने का भी आरोप है। घटना के समय शोर मचाने पर भी क्वार्टर का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण ड्यूटी पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी मदद नहीं कर पाए। मारपीट के कारण पीड़ित के शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है।

घटना के बाद पीड़ित ने 29 मई को जयपुर जीआरपी में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसे बाद में गंगापुर सिटी जीआरपी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कोटा जीआरपी पुलिस उपाध्यक्ष (DySP) शकील अहमद को सौंपी गई है। हालांकि, जीआरपी थाना प्रभारी, दलबीर सिंह ने बताया कि CMI गंगापुर सिटी और स्टॉल वेंडर अजीत के बीच पानी की बोतलों की सीलिंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद कहासुनी हुई और वेंडर को शांति भंग के आरोप में बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि पीड़ित द्वारा जयपुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट अब यहाँ स्थानांतरित हो चुकी है और मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। फिलहाल, अजमेर जीआरपी एसपी की ओर से तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और आगे की कानूनी अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।
    user_Ramsingh Meena
    Ramsingh Meena
    Local News Reporter तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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    सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है।

पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया।

मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।

महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
    user_Devendra Kumar Sihra
    Devendra Kumar Sihra
    Teacher सपोटरा, करौली, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • गंगापुर सिटी स्थित माई इंदरगढ़ दरबार में एक भव्य जागरण और चुनरी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर देवी-देवताओं के जयकारों से गूंज उठा। इस भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित भगवती जागरण में उपस्थित सभी श्रोतागण झूमते हुए नजर आए। महोत्सव के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसादी का वितरण किया गया।
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    गंगापुर सिटी स्थित माई इंदरगढ़ दरबार में एक भव्य जागरण और चुनरी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर देवी-देवताओं के जयकारों से गूंज उठा। इस भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित भगवती जागरण में उपस्थित सभी श्रोतागण झूमते हुए नजर आए। महोत्सव के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ सभी श्रद्धालुओं को श्रद्धापूर्वक प्रसादी का वितरण किया गया।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    23 hrs ago
  • मलारना चौड़ स्थित तेजाजी स्थान पर वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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    मलारना चौड़ स्थित तेजाजी स्थान पर वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
    user_UMA SHANKAR TIWARI
    UMA SHANKAR TIWARI
    Local News Reporter मलारना डूंगर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • लालसोट में ब्राह्मण समाज लालसोट और श्री परशुराम सेना संघ द्वारा आयोजित तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर, आधुनिकता और मोबाइल की बढ़ती लत के बीच नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। भगवान श्री परशुराम मंदिर में चल रहे इस शिविर में बच्चों को गायत्री मंत्र जप, त्रिकाल संध्या, योग, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्हें माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान का महत्व भी सिखाया जा रहा है। इस शिविर की खास बात यह है कि इसमें स्कूली विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षित युवा और एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. मयंक भी नियमित रूप से भागीदारी कर रहे हैं। इस बढ़ती सहभागिता से यह स्पष्ट होता है कि समाज अब केवल शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त पीढ़ी के निर्माण को भी प्राथमिकता दे रहा है। आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक बच्चों को इस महत्वपूर्ण शिविर से जोड़ने का आह्वान किया है।
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    लालसोट में ब्राह्मण समाज लालसोट और श्री परशुराम सेना संघ द्वारा आयोजित तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर, आधुनिकता और मोबाइल की बढ़ती लत के बीच नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। भगवान श्री परशुराम मंदिर में चल रहे इस शिविर में बच्चों को गायत्री मंत्र जप, त्रिकाल संध्या, योग, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्हें माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान का महत्व भी सिखाया जा रहा है।

इस शिविर की खास बात यह है कि इसमें स्कूली विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षित युवा और एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. मयंक भी नियमित रूप से भागीदारी कर रहे हैं। इस बढ़ती सहभागिता से यह स्पष्ट होता है कि समाज अब केवल शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त पीढ़ी के निर्माण को भी प्राथमिकता दे रहा है। आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक बच्चों को इस महत्वपूर्ण शिविर से जोड़ने का आह्वान किया है।
    user_Rakesh sharma
    Rakesh sharma
    Software Developer लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    41 min ago
  • लालसोट में MSP पर गेहूं खरीद प्रक्रिया बंद होने से नाराज किसानों ने कृषि उपज मंडी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और मिलीभगत चल रही है, जिसके कारण उनकी फसल की तुलाई नहीं हो पा रही है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान, मौके पर पहुंचे एसडीएम विजेंद्र कुमार मीणा ने प्रदर्शनकारी किसानों से समझाइश का प्रयास किया। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
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    लालसोट में MSP पर गेहूं खरीद प्रक्रिया बंद होने से नाराज किसानों ने कृषि उपज मंडी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और मिलीभगत चल रही है, जिसके कारण उनकी फसल की तुलाई नहीं हो पा रही है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस दौरान, मौके पर पहुंचे एसडीएम विजेंद्र कुमार मीणा ने प्रदर्शनकारी किसानों से समझाइश का प्रयास किया। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • राजस्थान के लालसोट में पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, पेपर लीक मामलों, पेयजल संकट, बिजली कटौती, खराब सफाई व्यवस्था और भू-माफियाओं के खिलाफ था, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन को प्रभावित किया है। विरोध प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन जनसमस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को सौंपा। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।
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    राजस्थान के लालसोट में पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, पेपर लीक मामलों, पेयजल संकट, बिजली कटौती, खराब सफाई व्यवस्था और भू-माफियाओं के खिलाफ था, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन को प्रभावित किया है।

विरोध प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन जनसमस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को सौंपा। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।
    user_Girdhari lal Sahu
    Girdhari lal Sahu
    लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन वन चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर एक जंगली मादा सूअर को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब लोग मलारना स्टेशन की ओर दूध देने आए, तो उन्होंने इसकी सूचना वन चौकी पर दी, लेकिन वन चौकी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। आसपास के ग्रामीणों, जिनमें श्यामोली निवासी चेतराम गुर्जर भी शामिल थे, ने बताया कि शाम 6 बजे के बाद मलारना स्टेशन से लेकर कोथाली गांव तक जंगली जानवरों के कारण डर का माहौल बना रहता है। शाम के समय जंगली जानवर जंगल से निकलकर खेतों की ओर जाते हैं, जिससे इस सड़क पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। थोड़े दिन पहले ही श्यामोली गांव के मुरारी गुर्जर का नीलगाय से एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस द्वारा सवाई माधोपुर ले जाया गया था। इसके अतिरिक्त, मलारना स्टेशन के राकेश गुर्जर का भी जंगली सूअर से एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उनका हाथ फैक्चर हो चुका था। ग्रामीणों के अनुसार, शाम के वक्त जंगली सूअर, नीलगाय, सियार जैसे जानवर रोड पार कर खेतों की ओर जाते हैं और सुबह के समय खेतों से वापस जंगल की ओर लौटते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों द्वारा सूचना देने के बाद भी वन विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगी और मादा सूअर दोपहर 12 बजे तक सड़क पर ही पड़ा रहा। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि वन विभाग जंगली सूअर के शव को अन्य जंगली जानवरों के भोजन के रूप में इस्तेमाल कर सकता था।
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    मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन वन चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर एक जंगली मादा सूअर को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब लोग मलारना स्टेशन की ओर दूध देने आए, तो उन्होंने इसकी सूचना वन चौकी पर दी, लेकिन वन चौकी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

आसपास के ग्रामीणों, जिनमें श्यामोली निवासी चेतराम गुर्जर भी शामिल थे, ने बताया कि शाम 6 बजे के बाद मलारना स्टेशन से लेकर कोथाली गांव तक जंगली जानवरों के कारण डर का माहौल बना रहता है। शाम के समय जंगली जानवर जंगल से निकलकर खेतों की ओर जाते हैं, जिससे इस सड़क पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। थोड़े दिन पहले ही श्यामोली गांव के मुरारी गुर्जर का नीलगाय से एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस द्वारा सवाई माधोपुर ले जाया गया था। इसके अतिरिक्त, मलारना स्टेशन के राकेश गुर्जर का भी जंगली सूअर से एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उनका हाथ फैक्चर हो चुका था। ग्रामीणों के अनुसार, शाम के वक्त जंगली सूअर, नीलगाय, सियार जैसे जानवर रोड पार कर खेतों की ओर जाते हैं और सुबह के समय खेतों से वापस जंगल की ओर लौटते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।

लोगों द्वारा सूचना देने के बाद भी वन विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगी और मादा सूअर दोपहर 12 बजे तक सड़क पर ही पड़ा रहा। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि वन विभाग जंगली सूअर के शव को अन्य जंगली जानवरों के भोजन के रूप में इस्तेमाल कर सकता था।
    user_दैनिक भास्कर संवाददाता
    दैनिक भास्कर संवाददाता
    Video Creator मलारना डूंगर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
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