लालसोट में ब्राह्मण समाज लालसोट और श्री परशुराम सेना संघ द्वारा आयोजित तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर, आधुनिकता और मोबाइल की बढ़ती लत के बीच नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। भगवान श्री परशुराम मंदिर में चल रहे इस शिविर में बच्चों को गायत्री मंत्र जप, त्रिकाल संध्या, योग, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्हें माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान का महत्व भी सिखाया जा रहा है। इस शिविर की खास बात यह है कि इसमें स्कूली विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षित युवा और एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. मयंक भी नियमित रूप से भागीदारी कर रहे हैं। इस बढ़ती सहभागिता से यह स्पष्ट होता है कि समाज अब केवल शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त पीढ़ी के निर्माण को भी प्राथमिकता दे रहा है। आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक बच्चों को इस महत्वपूर्ण शिविर से जोड़ने का आह्वान किया है।
लालसोट में ब्राह्मण समाज लालसोट और श्री परशुराम सेना संघ द्वारा आयोजित तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर, आधुनिकता और मोबाइल की बढ़ती लत के बीच नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। भगवान श्री परशुराम मंदिर में चल रहे इस शिविर में बच्चों को गायत्री मंत्र जप, त्रिकाल संध्या, योग, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्हें माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान का महत्व भी सिखाया जा रहा है। इस शिविर की खास बात यह है कि इसमें स्कूली विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षित युवा और एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. मयंक भी नियमित रूप से भागीदारी कर रहे हैं। इस बढ़ती सहभागिता से यह स्पष्ट होता है कि समाज अब केवल शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त पीढ़ी के निर्माण को भी प्राथमिकता दे रहा है। आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक बच्चों को इस महत्वपूर्ण शिविर से जोड़ने का आह्वान किया है।
- लालसोट के चांदसेन स्थित देवनारायण मंदिर में गुर्जर आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए वीरों की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में समाज के लोगों ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संघर्ष व बलिदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक एकता और युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाज को संगठित होकर विकास और जागरूकता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस सभा में युवा गुर्जर महासभा प्रदेशाध्यक्ष महावीर डोई, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश कसाना, आरक्षण संघर्ष समिति संयोजक हाकिम बैंसला, युवा गुर्जर महासभा लालसोट विधानसभा अध्यक्ष रायसिंह गुर्जर टोरडा, अवतार बरियारा, सुमेर सिंह कसाना, रामजीलाल डोई, पथिक सेवा संगठन लालसोट अध्यक्ष लहरी गुर्जर खटवा, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा लालसोट तहसील अध्यक्ष सुरज्ञान गुर्जर, तहसील उपाध्यक्ष प्यार सिंह बीड, नाथूसिंह आधीशील, रामराज गुर्जर टोरडा, दिनेश गुर्जर टोरडा, पार्षद विजय गुर्जर और कमलेश मावई सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर किया गया।1
- लालसोट में MSP पर गेहूं खरीद प्रक्रिया बंद होने से नाराज किसानों ने कृषि उपज मंडी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और मिलीभगत चल रही है, जिसके कारण उनकी फसल की तुलाई नहीं हो पा रही है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान, मौके पर पहुंचे एसडीएम विजेंद्र कुमार मीणा ने प्रदर्शनकारी किसानों से समझाइश का प्रयास किया। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- यह माँग उठाई गई है कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।1
- Post by Ganesh Yogi1
- राजस्थान के गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन पर कैंटीन चलाने वाले मैनेजर अजीत सिंह ने पुलिसकर्मियों और एक रेलवे अधिकारी पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन पेशाब पिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बाद, जीआरपी पुलिस अधीक्षक अजमेर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पीड़ित अजीत सिंह के अनुसार, यह घटना 26 मई की रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई, जब कैंटीन मैनेजमेंट इंस्पेक्टर (CMI) रवि कुमार मीणा कैंटीन पर आए और कथित तौर पर ‘मंथली’ (रिश्वत) की मांग की। मैनेजर द्वारा मोहलत मांगने पर इंस्पेक्टर ने अभद्रता करते हुए लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। इसके बाद, रात करीब 11:00 बजे, एएसआई भवानी शंकर ने मैनेजर अजीत सिंह को अपने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया। आरोप है कि वहाँ पहले से मौजूद CMI रवि कुमार मीणा, एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा शराब के नशे में धुत थे। मैनेजर ने आरोप लगाया है कि इन चारों ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस दौरान CMI रवि मीणा ने कथित तौर पर शराब की बोतल में भरा हुआ यूरिन पीड़ित को जबरन पिलाया, वहीं एएसआई भवानी शंकर पर पीड़ित की जेब से 15,700 रुपये निकालने का भी आरोप है। घटना के समय शोर मचाने पर भी क्वार्टर का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण ड्यूटी पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी मदद नहीं कर पाए। मारपीट के कारण पीड़ित के शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने 29 मई को जयपुर जीआरपी में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसे बाद में गंगापुर सिटी जीआरपी थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कोटा जीआरपी पुलिस उपाध्यक्ष (DySP) शकील अहमद को सौंपी गई है। हालांकि, जीआरपी थाना प्रभारी, दलबीर सिंह ने बताया कि CMI गंगापुर सिटी और स्टॉल वेंडर अजीत के बीच पानी की बोतलों की सीलिंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद कहासुनी हुई और वेंडर को शांति भंग के आरोप में बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि पीड़ित द्वारा जयपुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट अब यहाँ स्थानांतरित हो चुकी है और मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। फिलहाल, अजमेर जीआरपी एसपी की ओर से तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और आगे की कानूनी अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।1
- मलारना चौड़ स्थित तेजाजी स्थान पर वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- लालसोट में ब्राह्मण समाज लालसोट और श्री परशुराम सेना संघ द्वारा आयोजित तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर, आधुनिकता और मोबाइल की बढ़ती लत के बीच नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। भगवान श्री परशुराम मंदिर में चल रहे इस शिविर में बच्चों को गायत्री मंत्र जप, त्रिकाल संध्या, योग, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्हें माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान का महत्व भी सिखाया जा रहा है। इस शिविर की खास बात यह है कि इसमें स्कूली विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षित युवा और एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. मयंक भी नियमित रूप से भागीदारी कर रहे हैं। इस बढ़ती सहभागिता से यह स्पष्ट होता है कि समाज अब केवल शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त पीढ़ी के निर्माण को भी प्राथमिकता दे रहा है। आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक बच्चों को इस महत्वपूर्ण शिविर से जोड़ने का आह्वान किया है।1
- मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन वन चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर एक जंगली मादा सूअर को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब लोग मलारना स्टेशन की ओर दूध देने आए, तो उन्होंने इसकी सूचना वन चौकी पर दी, लेकिन वन चौकी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। आसपास के ग्रामीणों, जिनमें श्यामोली निवासी चेतराम गुर्जर भी शामिल थे, ने बताया कि शाम 6 बजे के बाद मलारना स्टेशन से लेकर कोथाली गांव तक जंगली जानवरों के कारण डर का माहौल बना रहता है। शाम के समय जंगली जानवर जंगल से निकलकर खेतों की ओर जाते हैं, जिससे इस सड़क पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। थोड़े दिन पहले ही श्यामोली गांव के मुरारी गुर्जर का नीलगाय से एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस द्वारा सवाई माधोपुर ले जाया गया था। इसके अतिरिक्त, मलारना स्टेशन के राकेश गुर्जर का भी जंगली सूअर से एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उनका हाथ फैक्चर हो चुका था। ग्रामीणों के अनुसार, शाम के वक्त जंगली सूअर, नीलगाय, सियार जैसे जानवर रोड पार कर खेतों की ओर जाते हैं और सुबह के समय खेतों से वापस जंगल की ओर लौटते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों द्वारा सूचना देने के बाद भी वन विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगी और मादा सूअर दोपहर 12 बजे तक सड़क पर ही पड़ा रहा। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि वन विभाग जंगली सूअर के शव को अन्य जंगली जानवरों के भोजन के रूप में इस्तेमाल कर सकता था।1