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सोहागपुर नगर परिषद ने शहर की सड़कों पर घूम रहे निराश्रित एवं आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजने का एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। अभियान की पहली कार्रवाई के तहत, आज दोपहर 3 बजे स्टेट हाईवे सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 11 निराश्रित पशुओं को पकड़ा गया, जिन्हें ग्राम सिटिया गोहना स्थित गौशाला में भेजा गया है। यह अभियान नगर परिषद द्वारा वर्षों बाद मई माह की भीषण गर्मी के दौरान चलाया जा रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि यह मुहिम कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर प्रारंभ की गई है। नगर परिषद की टीम अब नियमित रूप से मुख्य मार्गों, स्टेट हाईवे, वार्डों और गलियों में घूम रहे निराश्रित पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजेगी।
सोहागपुर न्यूज़
सोहागपुर नगर परिषद ने शहर की सड़कों पर घूम रहे निराश्रित एवं आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजने का एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। अभियान की पहली कार्रवाई के तहत, आज दोपहर 3 बजे स्टेट हाईवे सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 11 निराश्रित पशुओं को पकड़ा गया, जिन्हें ग्राम सिटिया गोहना स्थित गौशाला में भेजा गया है। यह अभियान नगर परिषद द्वारा वर्षों बाद मई माह की भीषण गर्मी के दौरान चलाया जा रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि यह मुहिम कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर प्रारंभ की गई है। नगर परिषद की टीम अब नियमित रूप से मुख्य मार्गों, स्टेट हाईवे, वार्डों और गलियों में घूम रहे निराश्रित पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजेगी।
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- सोहागपुर नगर परिषद ने शहर की सड़कों पर घूम रहे निराश्रित एवं आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजने का एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। अभियान की पहली कार्रवाई के तहत, आज दोपहर 3 बजे स्टेट हाईवे सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 11 निराश्रित पशुओं को पकड़ा गया, जिन्हें ग्राम सिटिया गोहना स्थित गौशाला में भेजा गया है। यह अभियान नगर परिषद द्वारा वर्षों बाद मई माह की भीषण गर्मी के दौरान चलाया जा रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि यह मुहिम कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर प्रारंभ की गई है। नगर परिषद की टीम अब नियमित रूप से मुख्य मार्गों, स्टेट हाईवे, वार्डों और गलियों में घूम रहे निराश्रित पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजेगी।1
- नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित मलकजरा गांव के एक किसान से अभद्रता करने वाले जूनियर इंजीनियर (JE) का भोपाल तबादला कर दिया गया है। यह प्रशासनिक कार्रवाई किसान से हुए दुर्व्यवहार के मामले में की गई है।1
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- बनखेड़ी तहसील के ग्राम चांदौन और मलकजरा क्षेत्र में किसानों के कथित अपमान के विरोध में किसान मजदूर संघ और संयुक्त किसान मोर्चा सोमवार दोपहर 12 बजे से धरना प्रदर्शन पर बैठ गया है। यह पूरा मामला मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा 21 मई 2026 को आयोजित ग्राहक संपर्क शिविर से जुड़ा है। किसान संगठनों का आरोप है कि ग्राम चांदौन में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता महेंद्र गौड़ ने किसान और विद्युत उपभोक्ता भगवानदास पटैल की समस्या सुनने के बजाय उन्हें अपमानित कर शिविर से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसान संगठनों ने मांग की है कि कनिष्ठ अभियंता महेंद्र गौड़ को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो एक व्यापक किसान आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।1
- नर्मदापुरम जिले के पिपरिया तहसील में जनसुनवाई के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ग्राम धनश्री का एक ग्रामीण जब अपनी शिकायत लेकर पहुँचा, तो मुख्यमंत्री पर की गई किसी टिप्पणी को लेकर वहाँ मौजूद अधिकारी और कर्मचारी इस कदर नाराज़ हुए कि उन्होंने अपना आपा खो दिया। मदद करने और बात सुनने की बजाय, ग्रामीण को सरेआम भद्दी गालियाँ दी गईं और उसे धक्के मारकर कक्ष से बाहर निकाल दिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे सरकारी तंत्र के इस रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने की सज़ा सरेआम गाली देना है और इस अधिकारी पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आज महिलाओं द्वारा एक कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा नर्मदा जी से 12 ज्योतिर्लिंगों के लिए शुरू की गई है।2
- ग्राम पंचायत बांगई के ग्राम मुंगासिया के किसान नान्हो यदुवंशी ने पौधों को पेड़ बनाकर नई जिंदगी देने के कठिन कार्य को अपनी मेहनत और संकल्प से संभव कर दिखाया है। उन्होंने न केवल अपने खेत में फलदार पौधों का संरक्षण किया, बल्कि गांव के शांतिधाम और नर्सरी के पौधों को भी जीवन देकर पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की। वर्ष 2016-17 में नंदन फलोद्यान योजना के तहत उन्हें लगभग 400 पौधे मिले थे, जिनमें मुख्य रूप से आम और कुछ आंवला के पौधे शामिल थे। समय पर सिंचाई, गोबर खाद, दवा-छिड़काव और नियमित देखरेख के चलते आज ये सभी पौधे बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं, जिससे उनके खेत में लहलहाती हरियाली गांव के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई है। नान्हो यदुवंशी का यह योगदान केवल अपने खेत तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने अपने खेत से लगे शांतिधाम और पंचायत नर्सरी में लगाए गए लगभग 400 पौधों की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाई। जब योजनाओं की अवधि समाप्त होने पर पौधों की देखरेख कम हो गई, तो उन्होंने अपने निजी खर्च से तार फेंसिंग कराई, टैंकर से पानी पहुंचाया और सूख चुके पौधों की जगह नए पौधे लगाकर उन्हें जीवित रखा। नान्हो यदुवंशी का मानना है कि यदि हर किसान अपने खेत में मात्र 10 पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनने तक संभाल ले, तो धरती एक बार फिर हरी-भरी हो जाएगी। भविष्य की तैयारी के लिए वे हमेशा लगभग 100 देशी आम के पौधे तैयार रखते हैं, ताकि किसी पौधे के सूखने पर तुरंत उसकी जगह नया पौधा लगाया जा सके। पिछले वर्ष उन्होंने निजी खर्च से 100 कलमी दशहरी आम के पौधे भी रोपे। ग्राम पंचायत बांगई के जनप्रतिनिधि उनकी इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहते हैं कि नान्हो यदुवंशी ने अपने खेत के साथ-साथ मोक्षधाम को भी फलदार पेड़ों से सजाकर उसे हरियाली का एक सुंदर केंद्र बना दिया है।2
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