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कालपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो चोरी की घटनाओं का खुलासा कर एक आरोपी को किया गिरफ्तार आखिरकार कालपी पुलिस ने खोला चोरी का राज! दो बड़ी चोरियों का खुलासा, 2.72 लाख नकद समेत लाखों के सोने-चांदी के जेवर बरामद कालपी नगर में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। आखिरकार कालपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो चोरी की घटनाओं का खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 लाख 72 हजार 20 रुपये नकद के साथ बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद करने का दावा किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से चोरी की घटनाओं से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि नगर में पहले हुई अन्य चोरियों का खुलासा कब होगा, यह सवाल अभी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, 3 अगस्त 2026 को मोहल्ला रामगंज और 7 अगस्त 2026 को मोहल्ला हरिगंज में चोरी की घटनाएं हुई थीं। दोनों मामलों में थाना कालपी में मुकदमे दर्ज किए गए थे। चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान रविवार सुबह करीब 5:30 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मदारीपुर रोड स्थित वन विभाग के वॉच टावर के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवम पुत्र बालमुकुंद दुबे, निवासी ग्राम पिथऊपुर, थाना सिरसाकलार, जनपद जालौन, उम्र करीब 25 वर्ष के रूप में हुई। नकदी के साथ सोने-चांदी का बड़ा जखीरा बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2,72,020 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा सोने के दो मंगलसूत्र, दो अंगूठियां, एक चेन, दो जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी झुमकी और नाक की नथ समेत कई आभूषण बरामद किए गए। वहीं चांदी के सामान में कमर पेटी, पायल, हथफूल, बिछिया, चांदी का नोट, चांदी के सिक्के और चांदी की हाय शामिल बताई गई है। पुलिस के अनुसार, बरामद रकम में 1 लाख 20 हजार रुपये मुकदमा संख्या 43/26 से संबंधित हैं, जबकि 1 लाख 52 हजार 20 रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर मुकदमा संख्या 180/26 से संबंधित बताए गए हैं। दोनों मुकदमे थाना कालपी में धारा 331(4)/305 बीएनएस के तहत दर्ज बताए गए हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी है। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ धारा 363/366 भादवि और 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस टीम की कार्रवाई आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विशाल भड़ाना, उपनिरीक्षक जितेन्द्र सिंह चन्देल, आरक्षी हनीफ शाह और आरक्षी महेन्द्र कुमार शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब बड़ा सवाल—बाकी चोरियों का क्या? कालपी नगर में लगातार चोरी की घटनाओं के बाद लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही थी। ऐसे में दो चोरी की घटनाओं का खुलासा पुलिस के लिए निश्चित रूप से राहत की खबर है। लेकिन कालपी नगर में पहले हुई अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा कब होगा? यह सवाल अब भी कायम है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नगरवासियों की नजरें अब उन मामलों पर टिकी हैं, जिनका खुलासा अभी बाकी है। आखिरकार कालपी पुलिस ने कुछ चोरियों का तो खुलासा कर ही दिया—अब उम्मीद है कि बाकी वारदातों के आरोपी भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

1 hr ago
user_RC Rajpoot पत्रकार
RC Rajpoot पत्रकार
Advertising agency उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

कालपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो चोरी की घटनाओं का खुलासा कर एक आरोपी को किया गिरफ्तार आखिरकार कालपी पुलिस ने खोला चोरी का राज! दो बड़ी चोरियों का खुलासा, 2.72 लाख नकद समेत लाखों के सोने-चांदी के जेवर बरामद कालपी नगर में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। आखिरकार कालपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो चोरी की घटनाओं का खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 लाख 72 हजार 20 रुपये नकद के साथ बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद करने का दावा किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से चोरी की घटनाओं से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि नगर में पहले हुई अन्य चोरियों का खुलासा कब होगा, यह सवाल अभी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, 3 अगस्त 2026 को मोहल्ला रामगंज और 7 अगस्त 2026 को मोहल्ला हरिगंज में चोरी की घटनाएं हुई थीं। दोनों मामलों में थाना कालपी में मुकदमे दर्ज किए गए थे। चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान रविवार सुबह करीब 5:30 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मदारीपुर रोड स्थित वन विभाग के वॉच टावर के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवम पुत्र बालमुकुंद दुबे, निवासी ग्राम पिथऊपुर, थाना सिरसाकलार, जनपद जालौन, उम्र करीब 25 वर्ष के रूप में हुई। नकदी के साथ सोने-चांदी का बड़ा जखीरा बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2,72,020 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा सोने के दो मंगलसूत्र, दो अंगूठियां, एक चेन, दो जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी झुमकी और नाक की नथ समेत कई आभूषण बरामद किए गए। वहीं चांदी के सामान में कमर पेटी, पायल, हथफूल, बिछिया, चांदी का नोट, चांदी के सिक्के और चांदी की हाय शामिल बताई गई है। पुलिस के अनुसार, बरामद रकम में 1 लाख 20 हजार रुपये मुकदमा संख्या 43/26 से संबंधित हैं, जबकि 1 लाख 52 हजार 20 रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर मुकदमा संख्या 180/26 से संबंधित बताए गए हैं। दोनों मुकदमे थाना कालपी में धारा 331(4)/305 बीएनएस के तहत दर्ज बताए गए हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी है। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ धारा 363/366 भादवि और 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस टीम की कार्रवाई आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विशाल भड़ाना, उपनिरीक्षक जितेन्द्र सिंह चन्देल, आरक्षी हनीफ शाह और आरक्षी महेन्द्र कुमार शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब बड़ा सवाल—बाकी चोरियों का क्या? कालपी नगर में लगातार चोरी की घटनाओं के बाद लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही थी। ऐसे में दो चोरी की घटनाओं का खुलासा पुलिस के लिए निश्चित रूप से राहत की खबर है। लेकिन कालपी नगर में पहले हुई अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा कब होगा? यह सवाल अब भी कायम है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नगरवासियों की नजरें अब उन मामलों पर टिकी हैं, जिनका खुलासा अभी बाकी है। आखिरकार कालपी पुलिस ने कुछ चोरियों का तो खुलासा कर ही दिया—अब उम्मीद है कि बाकी वारदातों के आरोपी भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

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  • एट नगर पंचायत अध्यक्ष का युवक के साथ मारपीट का वीडियो वायरल!! एट नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी निरंजन न युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की बताया जा रहा है लेनदेन को लेकर युवक और प्रतिनिधि में पहले नोक झोंक हुई उसके बाद मारपीट हुई जिसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया
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    एट नगर पंचायत अध्यक्ष का युवक के साथ मारपीट का वीडियो वायरल!!
एट नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी निरंजन न युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की बताया जा रहा है लेनदेन को लेकर युवक और प्रतिनिधि में पहले नोक झोंक हुई उसके बाद मारपीट हुई जिसका किसी ने  वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कालपी में लगातार चोरियों से हड़कंप: उदनपुरा के बंद मकान में लाखों के जेवरात पार, पुलिस की गश्त पर उठे गंभीर सवाल ​कालपी (जालौन)।​नगर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रि गश्त की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस द्वारा पुरानी चोरियों के खुलासे में देरी के बीच चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे बेखौफ होकर बंद मकानों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला शनिवार रात मोहल्ला रामनगर-उदनपुरा (निकासा), वार्ड नंबर-5 का है, जहां एक सूने मकान के तीन ताले चटकाकर चोरों ने सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है। ​उदनपुरा निवासी कमल सिंह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं और उनका मकान बंद रहता है। रविवार सुबह जब कमल सिंह के भाई गया प्रसाद की पत्नी घर में झाड़ू लगाने पहुंचीं, तो मुख्य दरवाजे के ताले टूटे देखकर उनके होश उड़ गए। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि घर के अंदर तीन ताले टूटे पड़े थे, बक्से का कुंडा उखड़ा हुआ था और सारा सामान बिखरा पड़ा था। ​पीड़ित कमल सिंह के अनुसार घर के बक्से में चार चांदी की बिछिया, सोने की अंगूठी, सोने की नाक की फूल व अन्य कीमती सामान रखा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही टरननगंज चौकी प्रभारी सुरेश चंद्र ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। ​स्थानीय निवासियों का कहना है कि कालपी के अदलसराय, इंद्रानगर, रामगंज, हरिगंज और कांशीराम कॉलोनी में भी पूर्व में कई चोरियां हो चुकी हैं। नगरवासियों ने पुलिस अधीक्षक से रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने तथा पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है।
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    कालपी में लगातार चोरियों से हड़कंप: उदनपुरा के बंद मकान में लाखों के जेवरात पार, पुलिस की गश्त पर उठे गंभीर सवाल
​कालपी (जालौन)।​नगर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रि गश्त की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस द्वारा पुरानी चोरियों के खुलासे में देरी के बीच चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे बेखौफ होकर बंद मकानों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला शनिवार रात मोहल्ला रामनगर-उदनपुरा (निकासा), वार्ड नंबर-5 का है, जहां एक सूने मकान के तीन ताले चटकाकर चोरों ने सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है।
​उदनपुरा निवासी कमल सिंह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं और उनका मकान बंद रहता है। रविवार सुबह जब कमल सिंह के भाई गया प्रसाद की पत्नी घर में झाड़ू लगाने पहुंचीं, तो मुख्य दरवाजे के ताले टूटे देखकर उनके होश उड़ गए। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि घर के अंदर तीन ताले टूटे पड़े थे, बक्से का कुंडा उखड़ा हुआ था और सारा सामान बिखरा पड़ा था।
​पीड़ित कमल सिंह के अनुसार घर के बक्से में चार चांदी की बिछिया, सोने की अंगूठी, सोने की नाक की फूल व अन्य कीमती सामान रखा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही टरननगंज चौकी प्रभारी सुरेश चंद्र ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
​स्थानीय निवासियों का कहना है कि कालपी के अदलसराय, इंद्रानगर, रामगंज, हरिगंज और कांशीराम कॉलोनी में भी पूर्व में कई चोरियां हो चुकी हैं। नगरवासियों ने पुलिस अधीक्षक से रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने तथा पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं...’ पीएम मोदी ऐसा क्यों कह रहे हैं सुनिए… ‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं...’ पीएम मोदी ऐसा क्यों कह रहे हैं सुनिए…
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    ‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं...’

पीएम मोदी ऐसा क्यों कह रहे हैं सुनिए…
‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं...’
पीएम मोदी ऐसा क्यों कह रहे हैं सुनिए…
    user_Uttar pradesh ki takat
    Uttar pradesh ki takat
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मरघट में भी घोटाला कर बैठे जिम्मेदार, साहिब की मिली भगत से 24 लाख रुपए निकाले, जमीन पर सिर्फ कुछ ही खर्च मरघट में भी घोटाला कर बैठे जिम्मेदार, साहिब की मिली भगत से 24 लाख रुपए निकाले, जमीन पर सिर्फ कुछ ही खर्च दिखाईं दे रहा, सचिव से बात करने पर जानकारी हुई कि विधायक निधि से बना है, और निकाली गई राशि के बारे में गोल मोल जवाब दिया गया मौके की स्थिति के हिसाब से जमीन पर 24 लाख में हवेली बन जाती है लेकिन यहां पर 2 अधूरे कमरे और 1 कार्यालय बनाकर रुपयों का भंडार बाट करने की बात ग्रामीणों ने कही है ।
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    मरघट में भी घोटाला कर बैठे जिम्मेदार, साहिब की मिली भगत से  24 लाख रुपए निकाले, जमीन पर सिर्फ कुछ ही खर्च 
मरघट में भी घोटाला कर बैठे जिम्मेदार, साहिब की मिली भगत से  24 लाख रुपए निकाले, जमीन पर सिर्फ कुछ ही खर्च दिखाईं दे रहा, सचिव से बात करने पर जानकारी हुई कि विधायक निधि से बना है, 
और निकाली गई राशि के बारे में गोल मोल जवाब दिया गया
मौके की स्थिति के हिसाब से जमीन पर 24 लाख में हवेली बन जाती है लेकिन यहां पर 2 अधूरे कमरे और 1 कार्यालय बनाकर रुपयों का भंडार बाट करने की बात ग्रामीणों ने कही है ।
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Advertising agency उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • अगर आप थाने में झाड़ू नहीं लगाएंगे तो क्या आपके साथ मारपीट की जाएगी? क्या गरीब और कमजोर व्यक्ति को थाने में इंसाफ मांगने के लिए भी अपमान सहना पड़ेगा? जालौन के रेंडर थाने से ऐसा ही गंभीर आरोप सामने आया है, जिसे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उठाया है। आरोप है कि थाने पहुंचे दो भाइयों से झाड़ू लगाने को कहा गया और जब उन्होंने इनकार किया तो उनके साथ मारपीट की गई। जब इस मामले में पीड़ित पक्ष से बात की गई तो उसने भी पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। आखिर पूरा मामला क्या है और विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, आइए आपको पूरी जानकारी बताते हैं। मामला रेंडर थाना क्षेत्र के गोपालपुरा ग्राम पंचायत के कुरतला गांव का बताया जा रहा है। आरोप है कि गांव के रहने वाले बृजेंद्र पाल और उनके भाई मनोज का गांव के ही एक युवक से विवाद हो गया था। इसी मामले में 6 अगस्त को थाने में शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची और बृजेंद्र को थाने चलने के लिए कहा गया। आरोप है कि बृजेंद्र ने अगले दिन सुबह थाने आने की बात कही, जिसके बाद कुछ समय के लिए उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद अगले दिन दोनों पक्षों के बीच गांव के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में समझौता हो गया। दोनों पक्षों ने विवाद खत्म करने पर सहमति जताई और शिकायत वापस लेने के लिए थाने पहुंचे। यहीं से आरोपों के मुताबिक मामला फिर बदल गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद उनसे समझौते की कार्रवाई के नाम पर पैसे की मांग की गई। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार रुपये लेने और बाद में ज्यादा रकम मांगने की बात कही गई है। आरोप यह भी है कि आखिरकार दोनों पक्षों से मामला खत्म करने के लिए छह हजार रुपये लिए गए। इसके बाद जो आरोप सामने आया है, वह सबसे ज्यादा गंभीर है। आरोप है कि जब पूरा मामला निपट गया तो पुलिसकर्मियों ने बृजेंद्र पाल और उनके भाई से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा। दोनों भाइयों ने झाड़ू लगाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद बिना वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ मारपीट की। यही आरोप अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्या थाने में गरीब व्यक्ति की इज्जत नहीं होती? क्या न्याय मांगने के लिए थाने जाने वाले व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है? लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर थाने में झाड़ू लगाने की बात क्यों कही गई? क्या वास्तव में पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को झाड़ू लगाने के लिए कहा था? अगर कहा गया था तो किसके आदेश पर कहा गया? और अगर झाड़ू लगाने से इनकार करने पर मारपीट की गई, तो इसके पीछे जिम्मेदार कौन है? दूसरा बड़ा सवाल कथित पैसों की मांग को लेकर है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार और बाद में छह हजार रुपये लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इस पूरे मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना भी बेहद जरूरी है। क्योंकि मामला सीधे पुलिस व्यवस्था और थाने में आम लोगों के साथ व्यवहार से जुड़ा है। अगर आरोप गलत हैं तो उनकी सच्चाई जांच के बाद सामने आनी चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह विवाद को खत्म करने के लिए थाने पहुंचा था। दोनों पक्षों में समझौता हो चुका था और वे शिकायत वापस लेने की बात करने पहुंचे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या थाने में आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाना उचित है? वहीं दूसरी तरफ यह भी समझना जरूरी है कि अभी यह पूरा मामला आरोपों के स्तर पर है। किसी पुलिसकर्मी को दोषी मानने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस जांच में अगर मारपीट, अवैध वसूली या अपमानजनक व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर थाने में आम आदमी के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन थानों में लोग अपनी शिकायत लेकर न्याय की उम्मीद से पहुंचते हैं, अगर वहीं उन्हें अपमान या डर का सामना करना पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि रेंडर थाने के इस पूरे मामले में पुलिस विभाग क्या कार्रवाई करता है। क्या पीड़ित भाइयों की शिकायत दर्ज होगी? क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या कथित मारपीट और पैसों की मांग की सच्चाई सामने आएगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या वास्तव में दोनों भाइयों से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा गया था? जालौन से सामने आए इस मामले ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब इन सवालों का जवाब जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान से ही सामने आएगा। हम इस मामले में सामने आने वाले हर आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखेंगे।
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    अगर आप थाने में झाड़ू नहीं लगाएंगे तो क्या आपके साथ मारपीट की जाएगी?
क्या गरीब और कमजोर व्यक्ति को थाने में इंसाफ मांगने के लिए भी अपमान सहना पड़ेगा? जालौन के रेंडर थाने से ऐसा ही गंभीर आरोप सामने आया है, जिसे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उठाया है। आरोप है कि थाने पहुंचे दो भाइयों से झाड़ू लगाने को कहा गया और जब उन्होंने इनकार किया तो उनके साथ मारपीट की गई। जब इस मामले में पीड़ित पक्ष से बात की गई तो उसने भी पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। आखिर पूरा मामला क्या है और विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, आइए आपको पूरी जानकारी बताते हैं।
मामला रेंडर थाना क्षेत्र के गोपालपुरा ग्राम पंचायत के कुरतला गांव का बताया जा रहा है। आरोप है कि गांव के रहने वाले बृजेंद्र पाल और उनके भाई मनोज का गांव के ही एक युवक से विवाद हो गया था। इसी मामले में 6 अगस्त को थाने में शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची और बृजेंद्र को थाने चलने के लिए कहा गया। आरोप है कि बृजेंद्र ने अगले दिन सुबह थाने आने की बात कही, जिसके बाद कुछ समय के लिए उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके बाद अगले दिन दोनों पक्षों के बीच गांव के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में समझौता हो गया। दोनों पक्षों ने विवाद खत्म करने पर सहमति जताई और शिकायत वापस लेने के लिए थाने पहुंचे। यहीं से आरोपों के मुताबिक मामला फिर बदल गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद उनसे समझौते की कार्रवाई के नाम पर पैसे की मांग की गई। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार रुपये लेने और बाद में ज्यादा रकम मांगने की बात कही गई है। आरोप यह भी है कि आखिरकार दोनों पक्षों से मामला खत्म करने के लिए छह हजार रुपये लिए गए।
इसके बाद जो आरोप सामने आया है, वह सबसे ज्यादा गंभीर है। आरोप है कि जब पूरा मामला निपट गया तो पुलिसकर्मियों ने बृजेंद्र पाल और उनके भाई से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा। दोनों भाइयों ने झाड़ू लगाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद बिना वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ मारपीट की।
यही आरोप अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्या थाने में गरीब व्यक्ति की इज्जत नहीं होती? क्या न्याय मांगने के लिए थाने जाने वाले व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है?
लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर थाने में झाड़ू लगाने की बात क्यों कही गई? क्या वास्तव में पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को झाड़ू लगाने के लिए कहा था? अगर कहा गया था तो किसके आदेश पर कहा गया? और अगर झाड़ू लगाने से इनकार करने पर मारपीट की गई, तो इसके पीछे जिम्मेदार कौन है?
दूसरा बड़ा सवाल कथित पैसों की मांग को लेकर है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार और बाद में छह हजार रुपये लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इस पूरे मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना भी बेहद जरूरी है।
क्योंकि मामला सीधे पुलिस व्यवस्था और थाने में आम लोगों के साथ व्यवहार से जुड़ा है। अगर आरोप गलत हैं तो उनकी सच्चाई जांच के बाद सामने आनी चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह विवाद को खत्म करने के लिए थाने पहुंचा था। दोनों पक्षों में समझौता हो चुका था और वे शिकायत वापस लेने की बात करने पहुंचे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या थाने में आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाना उचित है?
वहीं दूसरी तरफ यह भी समझना जरूरी है कि अभी यह पूरा मामला आरोपों के स्तर पर है। किसी पुलिसकर्मी को दोषी मानने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस जांच में अगर मारपीट, अवैध वसूली या अपमानजनक व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर थाने में आम आदमी के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन थानों में लोग अपनी शिकायत लेकर न्याय की उम्मीद से पहुंचते हैं, अगर वहीं उन्हें अपमान या डर का सामना करना पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
अब देखना होगा कि रेंडर थाने के इस पूरे मामले में पुलिस विभाग क्या कार्रवाई करता है। क्या पीड़ित भाइयों की शिकायत दर्ज होगी? क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या कथित मारपीट और पैसों की मांग की सच्चाई सामने आएगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या वास्तव में दोनों भाइयों से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा गया था?
जालौन से सामने आए इस मामले ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब इन सवालों का जवाब जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान से ही सामने आएगा। हम इस मामले में सामने आने वाले हर आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखेंगे।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जालौन जालौन में चोरों ने मजदूर के सूने मकान को बनाया निशाना, चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को दिया अंजाम, चोरों ने बीती रात मकान के ताले तोड़कर चोरी की घटना को दिया अंजाम जालौन में चोरों ने मजदूर के सूने मकान को बनाया निशाना, चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को दिया अंजाम, चोरों ने बीती रात मकान के ताले तोड़कर चोरी की घटना को दिया अंजाम, मकान मालिक अपने परिवार के साथ दिल्ली में करता है मजदूरी, दिल्ली में रह रहे मजदूर परिवार के चलते लंबे समय से मकान था बंद, पीड़ित के भाई की पत्नी ने मकान के ताले टूटे देख परिजनों और पुलिस को दी सूचना, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस चोरी की घटना की जांच पड़ताल में जुटी, जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला निकासा वार्ड नंबर 5 का मामला।
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    जालौन

जालौन में चोरों ने मजदूर के सूने मकान को बनाया निशाना,

चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को दिया अंजाम,

चोरों ने बीती रात मकान के ताले तोड़कर चोरी की घटना को दिया अंजाम
जालौन में चोरों ने मजदूर के सूने मकान को बनाया निशाना,
चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को दिया अंजाम,
चोरों ने बीती रात मकान के ताले तोड़कर चोरी की घटना को दिया अंजाम,
मकान मालिक अपने परिवार के साथ दिल्ली में करता है मजदूरी,
दिल्ली में रह रहे मजदूर परिवार के चलते लंबे समय से मकान था बंद,
पीड़ित के भाई की पत्नी ने मकान के ताले टूटे देख परिजनों और पुलिस को दी सूचना,
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस चोरी की घटना की जांच पड़ताल में जुटी,
जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला निकासा वार्ड नंबर 5 का मामला।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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