चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर की उभरती हुई मेहंदी आर्टिस्ट साहिबा मुबारिक खान राष्ट्रीय स्तर पर मेवाड़ का नाम रोशन करने जा रही हैं। जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित मेहंदी प्रतियोगिता में विजेता बनने के बाद अब उन्हें दिल्ली में आयोजित होने वाले नेनो सेमिनार में लाइव स्टेज प्रेजेंटेशन देने के लिए आमंत्रित किया गया है। साहिबा को मेवाड़ की पहली ऐसी मेहंदी आर्टिस्ट माना जा रहा है जिन्हें इस प्रतिष्ठित मंच पर लाइव सेशन प्रस्तुत करने का अवसर मिला है, जो पूरे चित्तौड़गढ़ और मेवाड़ के लिए बेहद गर्व का विषय है। साहिबा मुबारिक खान चित्तौड़गढ़ के पहले समर्पित मेहंदी स्टूडियो और मेहंदी अकादमी की संस्थापक हैं। वे वर्षों से मेहंदी कला के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और कई छात्राओं को प्रोफेशनल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोज़गार की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं। अपनी इस उपलब्धि पर साहिबा ने कहा कि उनका सपना केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करना नहीं है, बल्कि वे चित्तौड़गढ़ और पूरे मेवाड़ की मेहंदी कला को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाना चाहती हैं। उनका मानना है कि कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी देशभर में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। उनकी इस बड़ी उपलब्धि पर कला जगत, शुभचिंतकों और शहरवासियों ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएँ दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि साहिबा की यह सफलता क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगी। दिल्ली में होने वाला यह लाइव नेनो सेमिनार न केवल साहिबा के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि पूरे चित्तौड़गढ़ और मेवाड़ क्षेत्र के लिए भी बेहद गर्व का क्षण है।
चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर की उभरती हुई मेहंदी आर्टिस्ट साहिबा मुबारिक खान राष्ट्रीय स्तर पर मेवाड़ का नाम रोशन करने जा रही हैं। जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित मेहंदी प्रतियोगिता में विजेता बनने के बाद अब उन्हें दिल्ली में आयोजित होने वाले नेनो सेमिनार में लाइव स्टेज प्रेजेंटेशन देने के लिए आमंत्रित किया गया है। साहिबा को मेवाड़ की पहली ऐसी मेहंदी आर्टिस्ट माना जा रहा है जिन्हें इस प्रतिष्ठित मंच पर लाइव सेशन प्रस्तुत करने का अवसर मिला है, जो पूरे चित्तौड़गढ़ और मेवाड़ के लिए बेहद गर्व का विषय है। साहिबा मुबारिक खान चित्तौड़गढ़ के पहले समर्पित मेहंदी स्टूडियो और मेहंदी अकादमी की संस्थापक हैं। वे वर्षों से मेहंदी कला के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और कई छात्राओं को प्रोफेशनल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोज़गार की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं। अपनी इस उपलब्धि पर साहिबा ने कहा कि उनका सपना केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करना नहीं है, बल्कि वे चित्तौड़गढ़ और पूरे मेवाड़ की मेहंदी कला को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाना चाहती हैं। उनका मानना है कि कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी देशभर में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। उनकी इस बड़ी उपलब्धि पर कला जगत, शुभचिंतकों और शहरवासियों ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएँ दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि साहिबा की यह सफलता क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगी। दिल्ली में होने वाला यह लाइव नेनो सेमिनार न केवल साहिबा के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि पूरे चित्तौड़गढ़ और मेवाड़ क्षेत्र के लिए भी बेहद गर्व का क्षण है।
- चित्तौड़गढ़ के ग्राम नाल में खेत की रखवाली कर रहे किसान के पास 12 फीट लंबा अजगर पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बस्सी अभयारण्य में छोड़ दिया।1
- चित्तौड़गढ़ जिले की डूंगला तहसील के तहत आने वाली बढ़वाई पंचायत के चकतिया बावजी गांव में 24 फीट का स्वीकृत रास्ता बंद कर दिया गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और उनकी आवाज को पूरी तरह से अनसुना किया जा रहा है।2
- चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी उपखंड क्षेत्र के पावली गांव में रहने वाले एक किसान किशनलाल बैरवा खेती की जुताई का कार्य आसान करने के लिए एक नया यंत्र लेकर आए हैं। इस नए औजार का नाम 'किसान किंग' है। इस यंत्र के आने से अब किसानों के लिए खेतों की जुताई का काम बेहद आसान हो जाएगा।1
- प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र से एक हकीकत सामने आई है कि भारत सरकार में केवल बड़े किसानों को ही फायदा मिलता है, जबकि छोटे किसानों तक नई तकनीक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस परिस्थिति के बीच अब किसान स्वयं ही अपनी मंजिल तय कर रहे हैं कि कौन सी फसल उन्हें बेहतर मुनाफा देगी और किस फसल में लागत अधिक व कमाई कम है। इसी बदलाव के तहत गगरोल निवासी एक होनहार, जागरूक और युवा किसान ने परंपरागत खेती का रास्ता छोड़ दिया है। इस युवा किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी उगाने की ओर ध्यान आकर्षित किया है और अब वे सब्जी की खेती करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के नीमच में स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज के अनुसार, जहाँ ईश्वर, महात्मा और भक्तों का संगम होता है, वही स्थान कुंभ का रूप है। यहाँ महात्मा और भक्तों का ऐसा पवित्र संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ ईश्वर, महात्मा और श्रद्धालुओं का यह पावन मिलन साक्षात कुंभ के समान है।1
- नीमच की आस्था को देखकर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि जहां ईश्वर, संत और भक्तों का संगम होता है, वहीं पर कुंभ साकार होता है। इस दौरान टाउन हॉल में 'हर-हर महादेव' का उद्घोष गूंज उठा और स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने सनातन संस्कृति, धर्म और सेवा का संदेश दिया।1
- भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत होने के मामले को लेकर एक जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति अस्पताल में हुई प्रसूता मौतों के मामले की जांच करेगी।1
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