बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, यमुना-बेतवा किनारे नौ राहत चौकियां तैयार कालपी (जालौन)। यमुना और बेतवा नदियों में संभावित बाढ़ तथा लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। कालपी तहसील क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने पर करीब दो दर्जन गांव और नगर के आधा दर्जन मोहल्ले प्रभावित होते हैं। यमुना का खतरे का निशान 108 मीटर निर्धारित है। वर्ष 2025 में दो अगस्त को आई बाढ़ के दौरान नदी का जलस्तर करीब 113 मीटर तक पहुंच गया था। इससे कई गांवों के साथ ही नगर के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए थे। बेतवा नदी में आई बाढ़ से भी तटवर्ती गांव प्रभावित होते रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि यमुना नदी के किनारे स्थित सात गांवों में बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की गई हैं। वहीं बेतवा नदी के तटवर्ती गांवों के लिए दो स्थानों पर राहत चौकियों की व्यवस्था की गई है। राजस्व विभाग के अधिकारी, क्षेत्रीय लेखपाल, कोटेदार, स्वास्थ्य विभाग की टीमें और अन्य संबंधित कर्मचारी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल आयोग के अनुसार स्थानीय बारिश का यमुना के जलस्तर पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ता है। राजस्थान के कोटा बैराज सहित ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने पर कालपी क्षेत्र में यमुना का जलस्तर बढ़ता है। इसे देखते हुए प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। फोटो- यमुना नदी व एसडीएम विनय कुमार मौर्य।
बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, यमुना-बेतवा किनारे नौ राहत चौकियां तैयार कालपी (जालौन)। यमुना और बेतवा नदियों में संभावित बाढ़ तथा लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। कालपी तहसील क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने पर करीब दो दर्जन गांव और नगर के आधा दर्जन मोहल्ले प्रभावित होते हैं। यमुना का खतरे का निशान 108 मीटर निर्धारित है। वर्ष 2025 में दो अगस्त को आई बाढ़ के दौरान नदी का जलस्तर करीब 113 मीटर तक पहुंच गया था। इससे कई गांवों के साथ ही नगर के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए थे। बेतवा नदी में आई बाढ़ से भी तटवर्ती गांव प्रभावित होते रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि यमुना नदी के किनारे स्थित सात गांवों में बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की गई हैं। वहीं बेतवा नदी के तटवर्ती गांवों के लिए दो स्थानों पर राहत चौकियों की व्यवस्था की गई है। राजस्व विभाग के अधिकारी, क्षेत्रीय लेखपाल, कोटेदार, स्वास्थ्य विभाग की टीमें और अन्य संबंधित कर्मचारी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल आयोग के अनुसार स्थानीय बारिश का यमुना के जलस्तर पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ता है। राजस्थान के कोटा बैराज सहित ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने पर कालपी क्षेत्र में यमुना का जलस्तर बढ़ता है। इसे देखते हुए प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। फोटो- यमुना नदी व एसडीएम विनय कुमार मौर्य।
- "जरा सोचिए... जहां बच्चों को साफ हवा में पढ़ाई करनी चाहिए, वहीं कूड़ाघर की बदबू के बीच पढ़ने को मजबूर हैं मासूम बच्चे..."1
- जालौन जिले में जब मजिस्ट्रेट की गाड़ी भी नहीं है सुरक्षित नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के उरई तहसील से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज एक अजीबोगरीब घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया दरअसल एक व्यक्ति ने मजिस्ट्रेट की गाड़ी चुराई और उसे ले जाने वाला ही था कि पकड़ा गया उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है1
- *अब ओवरस्पीडिंग नहीं होगी आसान जालौन पुलिस को मिलीं दो इंटरसेप्टर बाइक /तेज रफ्तार वालों की अब खैर नहीं /जालौन पुलिस ने उतारीं इंटरसेप्टर बाइक* *एसपी विनय कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना /स्पीड लेजर गन और ई चालान कैमरे से होगी तत्काल कार्यवाही* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *अब ओवरस्पीडिंग नहीं होगी आसान जालौन पुलिस को मिलीं दो इंटरसेप्टर बाइक /तेज रफ्तार वालों की अब खैर नहीं /जालौन पुलिस ने उतारीं इंटरसेप्टर बाइक* *एसपी विनय कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना /स्पीड लेजर गन और ई चालान कैमरे से होगी तत्काल कार्यवाही* जनपद जालौन उरई में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में पुलिस विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने शुक्रवार को दो अत्याधुनिक इंटरसेप्टर मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न मार्गों पर रवाना किया आधुनिक तकनीक से लैस इन बाइकों के माध्यम से अब तेज रफ्तार लापरवाही से वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी आप को बता दें पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन इंटरसेप्टर मोटरसाइकिलों में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं जिनकी मदद से सड़क पर चल रहे वाहनों की गति का सटीक आकलन किया जा सकेगा बाइक में स्पीड लेजर गन ई-चालान कैमरा मल्टी टोन सायरन पब्लिक एड्रेस पीए सिस्टम फ्लैशर और वार्निंग लाइट सहित कई आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं वहीं इन उपकरणों की सहायता से ओवरस्पीड वाहन की पहचान कर मौके पर ही उसका ई-चालान किया जा सकेगा तथा आवश्यकतानुसार अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी वहीं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी है ऐसे में इंटरसेप्टर मोटर साइकिलों के संचालन से न केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगेगा बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी उन्होंने यातायात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रमुख मार्गों व्यस्त चौराहों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित अभियान चलाकर ओवरस्पीड बिना हेलमेट बिना सीट बेल्ट गलत दिशा में वाहन चलाने तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा करना है यदि सभी वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का ईमानदारी से अनुपालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है आधुनिक संसाधनों और तकनीक के बेहतर उपयोग से जनपद की यातायात व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं सुरक्षित बनाया जाएगा इंटरसेप्टर मोटरसाइकिलों के संचालन से अब हाईवे प्रमुख सड़कों और शहर के व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों पर त्वरित निगरानी संभव होगी इससे यातायात व्यवस्था में सुधार आने के साथ साथ सड़क सुरक्षा को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है आप को बता दें इस अवसर पर यातायात पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे3
- मडोरा में 24 करोड़ की लागत से बन रहा मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय उरई (जालौन)। ग्राम मडोरा में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में काम पूरा कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय का निर्माण यूपीपीसीएल करीब 24 करोड़ दो लाख 49 हजार रुपये की लागत से करा रहा है। इसे अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। डीएम ने भवन, कॉलम समेत अन्य निर्माण कार्यों को देखा और कहा कि निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्य में तेजी लाने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए। विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण संसाधन, मिनी स्टेडियम, खेल मैदान, बहुउद्देशीय गतिविधि कक्ष, पेयजल, आधुनिक शौचालय और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं होंगी। डीएम ने कहा कि विद्यालय शुरू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेल और तकनीकी संसाधनों की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और करियर के लिए बेहतर आधार मिलेगा। साथ ही अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्हें महानगरों की ओर भेजने की जरूरत कम होगी। इस दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, बीएसए विकास चौधरी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- Jalaun : DM राजेश पाण्डेय पंहुचे कुकुरगांव स्कूल! बच्चों ने सुनाए पहाड़े और कविता!!. प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव पहुंचे जिलाधिकारी, बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता परखी ब्लैकबोर्ड पर स्वयं प्रश्न, उत्तर लिखवाकर जांची विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, पहाड़े, कविता और अंग्रेजी-हिंदी ज्ञान से हुए संतुष्ट जनपद में प्राथमिक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित पठन-पाठन व्यवस्था का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीधे कक्षा में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया तथा उनकी शैक्षणिक दक्षता का स्वयं परीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कक्षा 3, 4 एवं 5 के विद्यार्थियों को ब्लैकबोर्ड पर बुलाकर विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न लिखवाए तथा उनका उत्तर देने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास और सहजता के साथ सभी प्रश्नों के सही एवं स्पष्ट उत्तर लिखकर अपनी शैक्षणिक तैयारी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की समझ, लेखन क्षमता और आत्मविश्वास को देखकर जिलाधिकारी ने उनकी सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से 13, 14, 15 एवं 19 के पहाड़े भी सुनाए, जिन्हें बच्चों ने बिना किसी हिचकिचाहट के धाराप्रवाह सुनाकर अपनी गणितीय दक्षता का परिचय दिया। इसके अलावा बच्चों ने हिंदी एवं अंग्रेजी में कविताओं का भी प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया, जिससे उनकी भाषाई क्षमता और शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए नियमित अभ्यास, नवाचारी शिक्षण पद्धति तथा अनुशासित वातावरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि सभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह सहित अध्यापिकाएं मौजूद रहे।1
- जालौन: कन्हैया होटल में निकला सर्प, मचा हड़कंप, सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया जालौन। नगर के कन्हैया होटल में शनिवार को अचानक एक सर्प निकल आने से अफरा-तफरी मच गई। होटल में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर सर्प को पकड़ने में प्रशिक्षित व्यक्ति मौके पर पहुंचा और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर सर्प को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद सर्प को आबादी से दूर प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस दौरान होटल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और सभी ने राहत की सांस ली। समय रहते सर्प को सुरक्षित पकड़ लिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना नहीं हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में सर्प अक्सर भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में सर्प दिखाई देने पर घबराने या उसे मारने की बजाय तुरंत वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना चाहिए।1
- कदौरा में वृद्ध पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला, ग्वालियर रेफर कदौरा (जालौन) चतेला गांव में शनिवार को कालका प्रसाद कुशवाहा नामक वृद्ध पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगा है। परिजनों के मुताबिक परिवार के ही प्रदीप, दीपक, उदयभान समेत चार लोगों ने गाली-गलौज के बाद उन्हें घर से खींचकर ले गए और कमरे में कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट की। आरोप है कि कुल्हाड़ी से सिर पर कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने ग्वालियर रेफर कर दिया। घटना के संबंध में कदौरा थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी।1