कलम के साथी शेख आलम को नम आंखों से श्रद्धांजलि निडर पत्रकारिता के युवा चेहरे को साथियों ने किया याद, दुर्घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग धरमजयगढ़। कुछ विदाइयां ऐसी होती हैं, जिन्हें शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। जिस साथी ने कलम के जरिए दूसरों की आवाज को समाज तक पहुंचाया, वही साथी अचानक खामोश हो जाए तो पीछे रह जाते हैं केवल स्मृतियां, अधूरे संवाद और नम आंखें। 15 सितंबर को सड़क दुर्घटना में युवा पत्रकार शेख आलम के आकस्मिक निधन ने धरमजयगढ़ के पत्रकारिता जगत सहित पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। शेख आलम के असमय निधन से व्यथित पत्रकार साथियों ने बुधवार शाम 7 बजे अटल परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर अपने साथी को भावभीनी विदाई दी। श्रद्धांजलि सभा में पत्रकारों, नागरिकों और शुभचिंतकों ने दिवंगत पत्रकार के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन धारण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। माहौल ऐसा था कि हर चेहरा गमगीन था और हर किसी की आंखों में अपने साथी को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। जनहित की खबरों में हमेशा आगे रहे शेख आलम श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार यूसुफ छाया ने शेख आलम के पत्रकारिता जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि शेख आलम निडर और जुझारू पत्रकार थे। जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने, गरीब और जरूरतमंद लोगों की आवाज को मंच देने तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने में वे लगातार सक्रिय रहते थे। कम उम्र में ही उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। साथी पत्रकारों ने कहा कि शेख आलम की पहचान केवल एक पत्रकार के रूप में नहीं, बल्कि अपने आसपास की समस्याओं को महसूस करने वाले एक सक्रिय युवा के रूप में भी थी। खबरों के पीछे की वास्तविकता तक पहुंचने और आम लोगों की बात सामने रखने की उनकी कोशिशें साथी पत्रकारों को लंबे समय तक याद रहेंगी। उनका जाना केवल एक परिवार की निजी क्षति नहीं, बल्कि स्थानीय पत्रकारिता के लिए भी एक ऐसी कमी है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। जिस उम्र में एक पत्रकार अपने अनुभव और ऊर्जा के साथ नई पहचान बना रहा होता है, उसी उम्र में शेख आलम का यूं चले जाना उनके साथ काम करने वाले साथियों के लिए गहरा आघात है। तस्वीर के सामने ठहर गईं कई यादें श्रद्धांजलि सभा में शेख आलम के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए पत्रकार साथी भावुक नजर आए। उनके साथ बिताए समय, बातचीत और पत्रकारिता से जुड़े अनुभवों को याद किया गया। किसी ने उनकी बेबाकी को याद किया तो किसी ने उनके मिलनसार स्वभाव को। कई साथियों के लिए यह विश्वास करना भी कठिन था कि जिस साथी से कुछ समय पहले तक मुलाकात और बातचीत होती थी, आज उसी की तस्वीर के सामने खड़े होकर श्रद्धांजलि देनी पड़ रही है। दुर्घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग श्रद्धांजलि सभा के दौरान पत्रकारों ने शेख आलम की सड़क दुर्घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की। पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन से दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गंभीरता से जांच करने तथा घटना के प्रत्येक पहलू को पारदर्शी तरीके से सामने लाने का आग्रह किया। पत्रकारों का कहना है कि जांच के माध्यम से दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट स्थिति सामने आनी चाहिए, ताकि घटना को लेकर किसी भी तरह की अनिश्चितता न रहे। इस मांग के साथ पत्रकारों ने प्रशासन से मामले की जांच में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता बरतने का आग्रह किया। श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित पत्रकारों और नागरिकों ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। शेख आलम की स्मृतियों को नमन करते हुए साथियों ने कहा कि एक साथी चला गया, लेकिन उसकी कलम से जुड़ी यादें और जनहित के लिए किए गए प्रयास लंबे समय तक लोगों के बीच जीवित रहेंगे। श्रद्धांजलि सभा में विवेक पाण्डेय, यूसुफ छाया, विजय अग्रवाल, असलम खान, भरत लाल साहू, राजीव अग्रवाल, गुरुचरण सिंह राजपूत, इंदु जेठवानी, बजरंग अग्रवाल, नारायण बाईन, अमन अली, ऋषभ तिवारी, शिवमोहन तिवारी, परितोष मंडल, धीरेन्द्र मिश्रा, सजल मधु, रोहित तिर्की, संजय जेठवानी, नईम मेमन सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं नागरिक उपस्थित रहे।
कलम के साथी शेख आलम को नम आंखों से श्रद्धांजलि निडर पत्रकारिता के युवा चेहरे को साथियों ने किया याद, दुर्घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग धरमजयगढ़। कुछ विदाइयां ऐसी होती हैं, जिन्हें शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। जिस साथी ने कलम के जरिए दूसरों की आवाज को समाज तक पहुंचाया, वही साथी अचानक खामोश हो जाए तो पीछे रह जाते हैं केवल स्मृतियां, अधूरे संवाद और नम आंखें। 15 सितंबर को सड़क दुर्घटना में युवा पत्रकार शेख आलम के आकस्मिक निधन ने धरमजयगढ़ के पत्रकारिता जगत सहित पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। शेख आलम के असमय निधन से व्यथित पत्रकार साथियों ने बुधवार शाम 7 बजे अटल परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर अपने साथी को भावभीनी विदाई दी। श्रद्धांजलि सभा में पत्रकारों, नागरिकों और शुभचिंतकों ने दिवंगत पत्रकार के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन धारण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। माहौल ऐसा था कि हर चेहरा गमगीन था और हर किसी की आंखों में अपने साथी को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। जनहित की खबरों में हमेशा आगे रहे शेख आलम श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार यूसुफ छाया ने शेख आलम के पत्रकारिता जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि शेख आलम निडर और जुझारू पत्रकार थे। जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने, गरीब और जरूरतमंद लोगों की आवाज को मंच देने तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने में वे लगातार सक्रिय रहते थे। कम उम्र में ही उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। साथी पत्रकारों ने कहा कि शेख आलम की पहचान केवल एक पत्रकार के रूप में नहीं, बल्कि अपने आसपास की समस्याओं को महसूस करने वाले एक सक्रिय युवा के रूप में भी थी। खबरों के पीछे की वास्तविकता तक पहुंचने और आम लोगों की बात सामने रखने की उनकी कोशिशें साथी पत्रकारों को लंबे समय तक याद रहेंगी। उनका जाना केवल एक परिवार की निजी क्षति नहीं, बल्कि स्थानीय पत्रकारिता के लिए भी एक ऐसी कमी है, जिसे भर पाना
आसान नहीं होगा। जिस उम्र में एक पत्रकार अपने अनुभव और ऊर्जा के साथ नई पहचान बना रहा होता है, उसी उम्र में शेख आलम का यूं चले जाना उनके साथ काम करने वाले साथियों के लिए गहरा आघात है। तस्वीर के सामने ठहर गईं कई यादें श्रद्धांजलि सभा में शेख आलम के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए पत्रकार साथी भावुक नजर आए। उनके साथ बिताए समय, बातचीत और पत्रकारिता से जुड़े अनुभवों को याद किया गया। किसी ने उनकी बेबाकी को याद किया तो किसी ने उनके मिलनसार स्वभाव को। कई साथियों के लिए यह विश्वास करना भी कठिन था कि जिस साथी से कुछ समय पहले तक मुलाकात और बातचीत होती थी, आज उसी की तस्वीर के सामने खड़े होकर श्रद्धांजलि देनी पड़ रही है। दुर्घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग श्रद्धांजलि सभा के दौरान पत्रकारों ने शेख आलम की सड़क दुर्घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की। पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन से दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गंभीरता से जांच करने तथा घटना के प्रत्येक पहलू को पारदर्शी तरीके से सामने लाने का आग्रह किया। पत्रकारों का कहना है कि जांच के माध्यम से दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट स्थिति सामने आनी चाहिए, ताकि घटना को लेकर किसी भी तरह की अनिश्चितता न रहे। इस मांग के साथ पत्रकारों ने प्रशासन से मामले की जांच में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता बरतने का आग्रह किया। श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित पत्रकारों और नागरिकों ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। शेख आलम की स्मृतियों को नमन करते हुए साथियों ने कहा कि एक साथी चला गया, लेकिन उसकी कलम से जुड़ी यादें और जनहित के लिए किए गए प्रयास लंबे समय तक लोगों के बीच जीवित रहेंगे। श्रद्धांजलि सभा में विवेक पाण्डेय, यूसुफ छाया, विजय अग्रवाल, असलम खान, भरत लाल साहू, राजीव अग्रवाल, गुरुचरण सिंह राजपूत, इंदु जेठवानी, बजरंग अग्रवाल, नारायण बाईन, अमन अली, ऋषभ तिवारी, शिवमोहन तिवारी, परितोष मंडल, धीरेन्द्र मिश्रा, सजल मधु, रोहित तिर्की, संजय जेठवानी, नईम मेमन सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं नागरिक उपस्थित रहे।
- 17 सितंबर की शाम घर-घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दिया’ सेवा संकल्प अभियान कल से सीतापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम से होगी, जिसके तहत घर-घर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से अपने-अपने घरों में दीप जलाकर कार्यक्रम में सहभागी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह दीप जनसेवा, समर्पण और देश के विकास के प्रति आभार एवं सहभागिता का प्रतीक होगा।1
- सक्ती में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों पर प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने ली वर्चुअल बैठक, सक्ती जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिले के प्रभारी मंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बुधवार को जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में सांसद कमलेश जांगड़े, कलेक्टर जयश्री जैन, अभियान के नोडल अधिकारी वासु जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों, दीप प्रज्वलन, मेरे सपनों का भारत प्रतियोगिता, आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की प्रेरक कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने बाइक रैली, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान और सेवा के रंग राष्ट्र के संग जैसे कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, टिकेश्वर गबेल, संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव, कृष्णकांत चंद्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1
- तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर स्कूल सफाई कर्मचारियों में आक्रोश, बीईओ कार्यालय पहुँचकर जताई नाराजगी। तीन माह से मानदेय नहीं मिलने पर स्कूल सफाई कर्मचारियों में आक्रोश, बीईओ कार्यालय पहुँचकर जताई नाराजगी।1
- कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में मारपीट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी गिरफ्तार1
- घरघोड़ा में पैतृक भूमि विवाद ने पकड़ा तूल,कलेक्टर से 1979 से अब तक के राजस्व रिकॉर्ड की जांच की मांग।1
- गणेश उत्सव एवं विसर्जन को लेकर कोरबा पुलिस अलर्ट,गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को दी गई कड़ी समझाइश — कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई आगामी गणेश चतुर्थी, गणेश उत्सव एवं गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस द्वारा जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में आज जिले के विभिन्न थाना, चौकी एवं अनुविभाग स्तर पर CSP/SDOP एवं थाना प्रभारियों द्वारा गुंडा बदमाशों, निगरानी बदमाशों तथा पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों की तस्दीक एवं समझाइश की गई। 👮 *गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को स्पष्ट चेतावनी* पुलिस द्वारा लगभग 32 गुंडा बदमाश एवं 26 निगरानी बदमाशों सहित पूर्व में मारपीट, लड़ाई-झगड़ा एवं शरीर संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे लगभग 80 व्यक्तियों को समझाइश दी गई। संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि गणेश उत्सव एवं विसर्जन के दौरान वे किसी भी प्रकार के विवाद, मारपीट, उपद्रव, आपराधिक गतिविधि अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि से पूरी तरह दूर रहें।पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया कि त्योहार की आड़ में गुंडागर्दी, दहशत फैलाने, विवाद करने अथवा किसी प्रकार का अपराध करने का प्रयास किया गया तो ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एवं कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ⚠️ “ *त्योहार खुशी से मनाएं, कानून हाथ में लिया तो कार्रवाई तय”* पुलिस द्वारा पूर्व अपराधियों एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों को यह भी समझाइश दी गई कि वे अपने आचरण में सुधार रखते हुए कानून का पालन करें तथा गणेश उत्सव के दौरान शांति, सद्भाव एवं भाईचारा बनाए रखने में सहयोग करें।साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 🛡️ *सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोरबा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद* गणेश उत्सव एवं विसर्जन के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, असामाजिक तत्वों पर नजर तथा कानून-व्यवस्था को लेकर कोरबा पुलिस द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस का उद्देश्य है कि गणेश उत्सव आस्था, अनुशासन, शांति एवं सौहार्द के वातावरण में संपन्न हो तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।कोरबा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें।3
- 16 साल के किशोर की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, ‘लव ट्रायंगल’ में खूनी वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार,चक्रधर समारोह देखने निकला था किशोर, सुबह खाली प्लॉट में मिली लाश; पहले मोबाइल छीना और मांगे ₹1,000, विवाद बढ़ा तो पत्थर से सिर पर किए कई वार रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 16 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को हिला दिया। रामभांठा के पुराने बस डिपो के पास खाली प्लॉट में मिले किशोर के शव की गुत्थी कोतवाली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच के मुताबिक, वारदात के पीछे एक स्थानीय युवती को लेकर विवाद और आरोपी शिवम बानी का कथित एकतरफा लगाव सामने आया है। चक्रधर समारोह देखने निकला था किशोर पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर की रात करीब 9 बजे 16 वर्षीय किशोर चक्रधर समारोह देखने जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगली सुबह 15 सितंबर को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि रामभांठा क्षेत्र में पुराने बस डिपो के पास संजय बेरीवाल के खाली प्लॉट में एक किशोर का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव की पहचान परिजनों ने अपने 16 वर्षीय बेटे के रूप में की। किशोर के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। हत्या की FIR, शुरू हुई जांच पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 541/2026, धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज कर दी। आखिरी बार किन लोगों के साथ था किशोर? हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ की और गवाहों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान किशोर को आखिरी बार दो युवकों के साथ देखे जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने 20 वर्षीय शिवम बरेठ और 23 वर्षीय शिवम बानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में दोनों ने घटना से इनकार किया, लेकिन आगे की वैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों से वारदात को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली। एकतरफा प्यार से शुरू हुआ विवाद? पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम बानी का एक स्थानीय युवती के प्रति एकतरफा लगाव था। किशोर का भी उक्त युवती से मेलजोल था। 14 सितंबर की रात आरोपी ने किशोर को युवती के साथ देखा। इसके बाद उसे रामलीला मैदान के पास बुलाया गया। पुलिस की जांच के अनुसार, शिवम बरेठ ने किशोर का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और मोबाइल वापस करने के लिए ₹1,000 देने की मांग की। इसके बाद दोनों आरोपी किशोर को मोबाइल के साथ पुराने बस डिपो की ओर ले गए। डराने-धमकाने के बाद पत्थर से हमला पुलिस के अनुसार, पुराने बस डिपो के पास दोनों आरोपियों ने किशोर को उक्त युवती से बातचीत और मेलजोल नहीं रखने की बात कहकर डराया-धमकाया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि दोनों ने पत्थर से किशोर के सिर पर कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण किशोर की मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मोबाइल और रक्तरंजित कपड़े बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल बरामद किया है। इसके अलावा आरोपियों के मेमोरेडम के आधार पर घटना के समय पहने गए कथित रक्तरंजित कपड़े भी जब्त किए गए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन कराया और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। एक आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम बरेठ आदतन बदमाश प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ पूर्व में थाना कोतवाली में मारपीट के मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना जारी है। गिरफ्तार आरोपी - शिवम बरेठ, उम्र 20 वर्ष, पिता दिनेश बरेठ, निवासी बैकुंठपुर, रायगढ़। - शिवम बानी, उम्र 23 वर्ष, पिता संतराम बानी, निवासी बैकुंठपुर, महावीर चौक, रायगढ़। पुलिस की तफ्तीश ने 24 घंटे में जोड़ी कड़ियां 16 वर्षीय किशोर की हत्या के बाद पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी। लेकिन गवाहों से पूछताछ, आखिरी बार साथ देखे गए संदिग्धों की धरपकड़, वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अब बरामद मोबाइल, कथित रक्तरंजित कपड़े और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।4
- सक्ती जिले के बरदुली-तुमि डीहनहर माइनर में मिली अज्ञात लाश, क्षेत्र में सनसनी, सक्ती जिले के बरदुली-तुमिडीह नहर माइनर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। नहर में लाश मिलने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों की मौके पर भारी भीड़ जुट गई और बड़ी संख्या में लोग शव देखने के लिए पहुंचने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस पहचान कराने के प्रयास के साथ मामले की जांच में जुटी हुई है।1