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सिकंदरपुर के शिवम गुप्ता बने Income Tax Superintendent | Success Story | Preparation Tips सिकंदरपुर बाजार के युवा शिवम गुप्ता ने Assistant Income Tax Superintendent बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 🎉 हमारी टीम उनके घर पहुंची और उनसे खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपनी तैयारी, पढ़ाई का तरीका, परिवार के सपोर्ट और असफलता से निपटने के तरीके के बारे में विस्तार से बताया। 👉 अगर आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह वीडियो आपके लिए बेहद प्रेरणादायक है। 📌 इस वीडियो में जानें: ✔️ सही तैयारी कैसे करें ✔️ पढ़ाई के जरूरी टिप्स ✔️ परिवार का रोल ✔️ Failure से कैसे निपटें 👉 वीडियो को Like 👍 करें, Share 📤 करें और Channel Subscribe 🔔 करना न भूलें। 🔥 Hashtags: #ShivamGupta #SuccessStory #IncomeTaxOfficer #UPNews #AmbedkarNagar #Motivation
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सिकंदरपुर के शिवम गुप्ता बने Income Tax Superintendent | Success Story | Preparation Tips सिकंदरपुर बाजार के युवा शिवम गुप्ता ने Assistant Income Tax Superintendent बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 🎉 हमारी टीम उनके घर पहुंची और उनसे खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपनी तैयारी, पढ़ाई का तरीका, परिवार के सपोर्ट और असफलता से निपटने के तरीके के बारे में विस्तार से बताया। 👉 अगर आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह वीडियो आपके लिए बेहद प्रेरणादायक है। 📌 इस वीडियो में जानें: ✔️ सही तैयारी कैसे करें ✔️ पढ़ाई के जरूरी टिप्स ✔️ परिवार का रोल ✔️ Failure से कैसे निपटें 👉 वीडियो को Like 👍 करें, Share 📤 करें और Channel Subscribe 🔔 करना न भूलें। 🔥 Hashtags: #ShivamGupta #SuccessStory #IncomeTaxOfficer #UPNews #AmbedkarNagar #Motivation
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- अंबेडकर नगर के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र में आज कार सवार तीन बदमाशों ने फायरिंग करते हुए मोटरसाइकिल सवार दो कपड़ा व्यापारियों को अपना निशाना बनाते हुए 18 लख रुपए के सनसनीखेज लूट के वारदात को अंजाम दिया है । घटना की सूचना पर पुलिस प्रशासन में जहां हड़कंप मच गया है वहीं व्यापारियों में दहशत व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर मैं मॉर्निंग वॉक पर निकले वकील राजीव कुमार सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई वारदात को बाइक सवार दो हमलावरों ने अंजाम दिया बताया जा रहा है कि एक गमछा धारी बदमाश वकील के बिल्कुल पास पहुंचा और देशी तमंचे से गोली मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक वारदात के बाद भागने की कोशिश में बदमाशों की बाइक तुरंत स्टार्ट नहीं हो सकी बाइक पर बैठे दूसरे बदमाश ने करीब उन्नीस बार किक मारकर बाइक स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली के इसके बाद गमछा धारी हमलावर ने तमंचा बाइक के बैग में रखा और तीन कोशिशो के बाद बाइक स्टार्ट कर दी इसी दौरान दूसरे हमलावर ने उधर आ रहे दो लोगों को तमंचा दिखाकर रोक दिया जिससे मौके पर दहशत फैल गई।।1
- अजीत मिश्रा (खोजी) गणेशपुर: 'सूदखोर' कल्लू सोनार के जाल में फंसा गरीब, 30 हजार के बदले मांगे सवा लाख! गरीबों की मजबूरी, सूदखोर की तिजोरी: गणेशपुर में जारी है कल्लू सोनार की 'गुंडा टैक्स' जैसी वसूली। बस्ती पुलिस ध्यान दे! गणेशपुर में कानून को ठेंगा दिखा रहा सूदखोर कल्लू सोनार। क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है अवैध ब्याज का काला धंधा? पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार। सिकटा का 'सूदखोर' और गणेशपुर की 'दहशत': आखिर कब थमेगा कल्लू सोनार का कहर? ब्याज माफिया कल्लू सोनार का शिकार बना मनोज, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित। 30% ब्याज की दरिंदगी: कल्लू सोनार के चंगुल में फंसा गणेशपुर का मजबूर तबका। ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल | 12 अप्रैल, 2026 बस्ती।। जनपद के नगर पंचायत गणेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक स्वर्ण व्यवसायी की 'रक्तबीज' जैसी सूदखोरी ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सिकटा का निवासी और गणेशपुर में सोने की दुकान चलाने वाला कल्लू सोनार अब गरीबों के लिए साक्षात काल बन चुका है। अपनी दुकान की आड़ में वह ब्याज का ऐसा काला धंधा चला रहा है, जिसने कई परिवारों की कमर तोड़ दी है। मजबूरी का सौदा: 30% तक की अवैध वसूली ताजा मामला मनोज कुमार नामक व्यक्ति का है, जिसने अपनी पारिवारिक मजबूरी और डिलीवरी के खर्चों के लिए कल्लू सोनार से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी गृहस्थी के गहने—पाउजेब, पायल और कान के झाले—गिरवी रखकर मात्र 30,000 रुपये उधार लिए थे। लेकिन, कल्लू सोनार की दरिंदगी का आलम यह है कि महज 8-9 महीनों के भीतर उस 30 हजार की राशि को ब्याज के चक्रव्यूह में फंसाकर 1,20,000 रुपये बना दिया गया। 20 से 30 प्रतिशत की दर से वसूला जा रहा यह ब्याज किसी भी संवैधानिक कानून की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। दहशत का पर्याय बना 'कल्लू सोनार' ग्रामीणों का आरोप है कि कल्लू सोनार सिर्फ एक दुकानदार नहीं, बल्कि एक पेशेवर सूदखोर है जो लोगों की लाचारी को अपनी तिजोरी भरने का जरिया बनाता है। गिरवी रखे सामान को हड़पना और ब्याज पर ब्याज लगाकर मूलधन से चार गुना वसूली करना उसकी कार्यशैली बन चुकी है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल? आखिर कब तक गणेशपुर के गरीब इस आर्थिक शोषण की बलि चढ़ते रहेंगे? क्या बस्ती पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस अवैध ब्याज माफिया के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करेगा? पीड़ित मनोज कुमार ने वीडियो के जरिए अपनी व्यथा सुनाई है और अब सबकी नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। हमारी मांग: कल्लू सोनार के ब्याज के कारोबार की गहन जांच हो। पीड़ितों के गिरवी रखे जेवर तुरंत वापस कराए जाएं। अवैध बैंकिंग और सूदखोरी अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज हो। 1. व्यवस्था पर प्रहार : "यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस सड़ी-गली व्यवस्था पर तमाचा है जहाँ कानून की नाक के नीचे कल्लू सोनार जैसे 'आर्थिक नरभक्षी' पल रहे हैं। जब गरीब अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा इन दरिंदों के हवाले कर देता है, तब प्रशासन की खामोशी मिलीभगत का अहसास कराती है। क्या खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, या फिर इन सूदखोरों की पहुँच सत्ता के गलियारों तक है?" 2. सूदखोर की मानसिकता पर चोट: "कल्लू सोनार जैसे लोग समाज के घुन हैं, जो मजहब और मानवता की नहीं, सिर्फ 'फीसदी' की भाषा समझते हैं। गिरवी रखे जेवरों पर कुंडली मारकर बैठना और फिर उसी मजबूर इंसान को सरेआम बेइज्जत करना, यह इनकी पुरानी कार्यशैली है। 30% ब्याज कोई व्यापार नहीं, बल्कि गरीब का गला रेतने जैसा है।" 3. जनता के लिए आह्वान (अपील): "आज मनोज कुमार का घर उजड़ रहा है, कल आपकी बारी हो सकती है। इन 'सफेदपोश डकैतों' के खिलाफ जब तक समूचा समाज उठ खड़ा नहीं होगा, तब तक गणेशपुर की गलियों में ऐसी चीखें गूंजती रहेंगी। डरिए मत, आवाज उठाइए!" "गरीब की हाय से बना ये महल ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस आतंक का अंत करे।" "अब कागजी कार्रवाई का वक्त बीत चुका है। बस्ती मंडल के अधिकारियों को तय करना होगा कि वे कानून के रक्षक हैं या इन सूदखोरों के मूक दर्शक। कल्लू सोनार जैसे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए, न कि गणेशपुर के चौराहे पर सीना तानकर घूमना चाहिए। इंसाफ में देरी, अन्याय को बढ़ावा है!"1
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- डा दिनेश तिवारी अयोध्या कोतवाली क्षेत्र बीकापुर के शीतला हैजा माता मंदिर गांगे तारा मजरूद्दीनपुर निकट खजुराहट रेलवे स्टेशन गोला बाजार के पास पूर्व आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा पुराण के चौथे दिन व्यास पीठाधीश्वर प्रवीण कृष्ण प्रभु जी महराज ने श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ प्रसंग :- में कहा कि जब सृष्टि में असंतुलन बढ़ गया और असुरों का अत्याचार चरम पर पहुँच गया, तब देवताओं ने आदिशक्ति से रक्षा की प्रार्थना की। उसी समय आदिशक्ति ने माँ तारा के रूप में अवतार लिया। “तारा” शब्द का अर्थ होता है- तारण करने वाली, अर्थात जो अपने भक्तों को हर संकट और भय से पार लगाती हैं। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, जब समुद्र मंथन के समय भयंकर विष निकला और उसे पीकर भगवान शिव अचेत हो गए, तब सम्पूर्ण ब्रह्मांड संकट में पड़ गया। उस समय माँ तारा प्रकट हुईं। उन्होंने माँ के स्नेह से शिव को अपनी गोद में लिया और उन्हें स्तनपान कराया। माँ के इस अमृत तुल्य दूध से शिव के भीतर का विष शांत हुआ और वे पुनः जाग्रत हो गए। इस प्रकार माँ तारा ने स्वयं महादेव को भी जीवनदान दिया, इसलिए उन्हें “उद्धार करने वाली माता” कहा जाता है। माँ तारा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और रहस्यमय है- नीले वर्ण की देह, गले में मुंडमाला, हाथों में खड्ग और कमंडल, और उनके चरणों में शिव विराजमान। यह दर्शाता है कि माँ तारा केवल विनाश ही नहीं, बल्कि सृष्टि के संरक्षण और पुनर्जीवन की शक्ति भी हैं।एक अन्य कथा में कहा जाता है कि जब संसार अज्ञान और भय के अंधकार में डूब जाता है, तब माँ तारा अपने भक्तों को ज्ञान का प्रकाश देती हैं। वे तंत्र साधना में विशेष रूप से पूजित हैं और अपने साधकों को अद्भुत सिद्धियाँ और आत्मिक शांति प्रदान करती हैं। माँ तारा की कृपा से भक्त को भय, रोग, शत्रु और जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। जो सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, माँ तारा उसे कभी निराश नहीं करतीं और हर कठिन परिस्थिति में उसका मार्गदर्शन करती हैं। उक्त कथा के प्रमुख यजमान हेमंत मिश्रा,कालिका मिश्रा निवासी उरुआ अमौना (खोजनपुर) पो०बारुन कल्पना मिश्रा, विद्यावती मिश्रा, अवनीश मिश्रा के साथ कथा को सफल बनाने में लगे अंकित मिश्रा ,रिषभ तिवारी , रविन्द्र तिवारी, छोटू तिवारी, मनीष उपाध्याय आदि लोगों द्वारा कथा श्रवण करने वाले लोगों को सम्मान सहित उचित स्थान देने में लगे देखे गये है। कथा को श्रवण करने दूर दराज से आए प्रमुख लोगों में मनोज पाण्डेय, शीतला प्रसाद मिश्र, पं०दुर्गा प्रसाद उपाध्याय, संदीप मिश्रा, राहुल दुबे, राजेन्द्र प्रसाद पाठक, आदि सैकड़ो लोगों के साथ हजारों की संख्य मे लोग कथा श्रवण करने भक्त गण आये थे। मंचासीन व्यास जी की फोटो1
- ब्रेकिंग अयोध्या. मामूली कहासुनी के बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष को मारी गोली, बाएं पैर के एड़ी में लगी गोली, सीएचसी मया बाजार में हुआ इलाज,थाना महाराजगंज के दलपतपुर गांव का मामला, दलपतपुर निवासी भीम सिंह ने मामूली कहा सुनी के बाद ऋषि सिंह को मारी गोली, घायल अवस्था में सीएचसी में हुआ इलाज. *#न्यूज़ फ्लैश अयोध्या#* --------------------------------- *गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुई कहा सुनी के बीच एक पक्ष ने दूसरे पक्ष को मारी गोली* *बाएं पैर के ऐड़ी में लगी गोली, इलाज हेतु सीएचसी मया बाजार भेजा गया* *मामला थाना महाराजगंज के दलपतपुर गांव निवासी भीम सिंह ने मामूली कहा सुनी के बाद ऋषि सिंह को मारी गोली* *वही पूरी घटना को संज्ञान में लेते हुए एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने कहा कि अभियोग पंजीकृत कर शक्त कार्रवाई की जाएगी*1
- ननसा बाजार (अयोध्या)। क्षेत्र के ननसा बाजार स्थित सरकारी फार्म में शनिवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। तेज हवाओं के बीच उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 20 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी जद में ले लिया। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और बाजार वासियों के अथक प्रयास व साहस से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ी तबाही टल गई। दोपहर 2 बजे भड़की आग: मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे जब तेज हवाएं चल रही थीं, तभी अज्ञात कारणों से फार्म में आग लग गई। सूखी फसल और हवा की रफ्तार के कारण आग तेजी से फैलने लगी। धुआं और लपटें देख आसपास के ग्रामीण और ननसा बाजार के व्यापारी तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। अथक प्रयास से पाया काबू आग की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। बिना समय गंवाए लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। घंटों की कड़ी मशक्कत और बाजार वासियों के सहयोग से आग को आगे बढ़ने से रोका गया। ग्रामीणों की इस सक्रियता के कारण 20 एकड़ फसल में से केवल दो बीघा फसल ही जलकर राख हुई, जबकि बाकी हिस्से को बचा लिया गया। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से फसल कटाई के इस मौसम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। रिपोर्टर, दुर्गा सिंह1
- *बेलाही अग्निकांड: 50 बीघा से अधिक फसल राख, 50 से ज्यादा किसान प्रभावित—प्रशासन पर लापरवाही के आरोप* लम्भुआ, सुल्तानपुर कोतवाली लम्भुआ क्षेत्र के बेलाही गांव में लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब 50 बीघा से अधिक फसल जलकर राख हो गई, जिससे लगभग 50 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय से नहीं पहुंची, जिससे नुकसान और बढ़ गया। घटना के दौरान ना ही राजस्व विभाग की टीम समय पर पहुंची और ना ही पुलिसकर्मी मौके पर नजर आए। ऐसे में ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और एकजुटता से आग पर काबू पाया। प्रभावित किसानों में प्रमुख नाम: अच्छेलाल मिश्रा राधेश्याम मिश्रा राम मिलन मिश्रा हरकेश मिश्रा विद्या प्रसाद मिश्रा बांकेलाल मिश्रा रामलाल मिश्रा ओम प्रकाश शुक्ला हवालदार मिश्रा (इसके अलावा लगभग 50 से अधिक किसान प्रभावित बताए जा रहे हैं) ग्रामीणों का कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था। आग लगने का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीणों की मांग: सभी प्रभावित किसानों का तत्काल सर्वे कर मुआवजा दिया जाए शॉर्ट सर्किट की निष्पक्ष जांच हो फायर ब्रिगेड व प्रशासन की लापरवाही पर कार्रवाई हो2
- लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बेलाही गांव में शनिवार को भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सैकड़ों बीघा खड़ी फसल उसकी चपेट में आ गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और किसान अपनी फसल बचाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए।ग्रामीणों का आरोप है कि इस हादसे के पीछे विद्युत विभाग की घोर लापरवाही जिम्मेदार है। गांव में लंबे समय से जर्जर तारों को बदलने की मांग की जा रही थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद जेई और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी।मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब यह सामने आया कि क्षेत्र में पिछले करीब 6 वर्षों से अग्निशमन केंद्र का निर्माण अधूरा पड़ा है। इतना ही नहीं, मौके पर तत्काल फायर ब्रिगेड की उपलब्धता भी नहीं रही, जिससे आग पर काबू पाने में भारी देरी हुई और नुकसान कई गुना बढ़ गया।ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अग्निशमन केंद्र बनकर तैयार हो जाता और व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं, तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।1