*पंचायत भवन में फांसी पर लटका मिला पंचायत सहायक, सुसाइड नोट में 7 नामजद—परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल* *सौरिख, कन्नौज* थाना सौरिख क्षेत्र के खड़िनी चौकी अंतर्गत राजपुर गांव निवासी बीपी सिंह कठेरिया (पुत्र रामनरायन कठेरिया), जो निजामपुर राजपुर ग्राम पंचायत में संविदा पंचायत सहायक के पद पर तैनात थे, का शव पंचायत भवन के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों के अनुसार बीपी सिंह सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे पंचायत भवन गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की और ग्राम प्रधान शेखर कुमार से जानकारी ली। प्रधान ने बताया कि रोजगार सेवक बृजेश उर्फ बृजेंद्र यादव ने भी उनके गांव में न होने की बात कही थी। देर रात करीब 11 बजे तलाश के दौरान पंचायत भवन के मीटिंग हॉल की खिड़की से अंदर देखा गया तो बीपी सिंह पंखे से पीले रंग की प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटके हुए थे। नीचे टेबल रखी थी और पास में प्लास्टिक की कुर्सी उल्टी पड़ी मिली परिजनों ने मौके पर वीडियो बनाते हुए पंचायत भवन के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश कर चाकू से रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब सामने आया कि मृतक ने पंचायत सहायक के ग्रुप में तीन पन्नों का सुसाइड नोट भेजा था। सुसाइड नोट के पहले पन्ने पर मौत का कारण दिव्या शाक्य को बताया गया है, जबकि अंतिम पन्ने पर “The End” लिखकर अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए हैं। नोट में दिव्या शाक्य के अलावा परमजीत, शिव (दिव्या की मौसी का लड़का), बृजेश उर्फ बृजेंद्र (रोजगार सेवक), पंकज शाक्य, अनिकेत, मोनू तथा कुछ अज्ञात लोगों पर आपत्तिजनक फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने, जातिसूचक गाली-गलौज करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं मृतक के पिता रामनरायन कठेरिया ने दिव्या शाक्य समेत 7 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही उन्होंने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत भवन के सभी दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद थीं, जबकि मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा मिला, जो नया बताया जा रहा है। जिससे घटना को लेकर संदेह गहराता जा रहा है घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है *पंचायत भवन में फांसी पर लटका मिला पंचायत सहायक, सुसाइड नोट में 7 नामजद—परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल* *सौरिख, कन्नौज* थाना सौरिख क्षेत्र के खड़िनी चौकी अंतर्गत राजपुर गांव निवासी बीपी सिंह कठेरिया (पुत्र रामनरायन कठेरिया), जो निजामपुर राजपुर ग्राम पंचायत में संविदा पंचायत सहायक के पद पर तैनात थे, का शव पंचायत भवन के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों के अनुसार बीपी सिंह सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे पंचायत भवन गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की और ग्राम प्रधान शेखर कुमार से जानकारी ली। प्रधान ने बताया कि रोजगार सेवक बृजेश उर्फ बृजेंद्र यादव ने भी उनके गांव में न होने की बात कही थी। देर रात करीब 11 बजे तलाश के दौरान पंचायत भवन के मीटिंग हॉल की खिड़की से अंदर देखा गया तो बीपी सिंह पंखे से पीले रंग की प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटके हुए थे। नीचे टेबल रखी थी और पास में प्लास्टिक की कुर्सी उल्टी पड़ी मिली परिजनों ने मौके पर वीडियो बनाते हुए पंचायत भवन के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश कर चाकू से रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब सामने आया कि मृतक ने पंचायत सहायक के ग्रुप में तीन पन्नों का सुसाइड नोट भेजा था। सुसाइड नोट के पहले पन्ने पर मौत का कारण दिव्या शाक्य को बताया गया है, जबकि अंतिम पन्ने पर “The End” लिखकर अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए हैं। नोट में दिव्या शाक्य के अलावा परमजीत, शिव (दिव्या की मौसी का लड़का), बृजेश उर्फ बृजेंद्र (रोजगार सेवक), पंकज शाक्य, अनिकेत, मोनू तथा कुछ अज्ञात लोगों पर आपत्तिजनक फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने, जातिसूचक गाली-गलौज करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं मृतक के पिता रामनरायन कठेरिया ने दिव्या शाक्य समेत 7 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही उन्होंने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत भवन के सभी दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद थीं, जबकि मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा मिला, जो नया बताया जा रहा है। जिससे घटना को लेकर संदेह गहराता जा रहा है घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है
*पंचायत भवन में फांसी पर लटका मिला पंचायत सहायक, सुसाइड नोट में 7 नामजद—परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल* *सौरिख, कन्नौज* थाना सौरिख क्षेत्र के खड़िनी चौकी अंतर्गत राजपुर गांव निवासी बीपी सिंह कठेरिया (पुत्र रामनरायन कठेरिया), जो निजामपुर राजपुर ग्राम पंचायत में संविदा पंचायत सहायक के पद पर तैनात थे, का शव पंचायत भवन के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों के अनुसार बीपी सिंह सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे पंचायत भवन गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की और ग्राम प्रधान शेखर कुमार से जानकारी ली। प्रधान ने बताया कि रोजगार सेवक बृजेश उर्फ बृजेंद्र यादव ने भी उनके गांव में न होने की बात कही थी। देर रात करीब 11 बजे तलाश के दौरान पंचायत भवन के मीटिंग हॉल की खिड़की से अंदर देखा गया तो बीपी सिंह पंखे से पीले रंग की प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटके हुए थे। नीचे टेबल रखी थी और पास में प्लास्टिक की कुर्सी उल्टी पड़ी मिली परिजनों ने मौके पर वीडियो बनाते हुए पंचायत भवन के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश कर चाकू से रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक
उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब सामने आया कि मृतक ने पंचायत सहायक के ग्रुप में तीन पन्नों का सुसाइड नोट भेजा था। सुसाइड नोट के पहले पन्ने पर मौत का कारण दिव्या शाक्य को बताया गया है, जबकि अंतिम पन्ने पर “The End” लिखकर अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए हैं। नोट में दिव्या शाक्य के अलावा परमजीत, शिव (दिव्या की मौसी का लड़का), बृजेश उर्फ बृजेंद्र (रोजगार सेवक), पंकज शाक्य, अनिकेत, मोनू तथा कुछ अज्ञात लोगों पर आपत्तिजनक फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने, जातिसूचक गाली-गलौज करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं मृतक के पिता रामनरायन कठेरिया ने दिव्या शाक्य समेत 7 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही उन्होंने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत भवन के सभी दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद थीं, जबकि मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा मिला, जो नया बताया जा रहा है। जिससे घटना को लेकर संदेह गहराता जा रहा है घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ
है *पंचायत भवन में फांसी पर लटका मिला पंचायत सहायक, सुसाइड नोट में 7 नामजद—परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल* *सौरिख, कन्नौज* थाना सौरिख क्षेत्र के खड़िनी चौकी अंतर्गत राजपुर गांव निवासी बीपी सिंह कठेरिया (पुत्र रामनरायन कठेरिया), जो निजामपुर राजपुर ग्राम पंचायत में संविदा पंचायत सहायक के पद पर तैनात थे, का शव पंचायत भवन के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों के अनुसार बीपी सिंह सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे पंचायत भवन गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की और ग्राम प्रधान शेखर कुमार से जानकारी ली। प्रधान ने बताया कि रोजगार सेवक बृजेश उर्फ बृजेंद्र यादव ने भी उनके गांव में न होने की बात कही थी। देर रात करीब 11 बजे तलाश के दौरान पंचायत भवन के मीटिंग हॉल की खिड़की से अंदर देखा गया तो बीपी सिंह पंखे से पीले रंग की प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटके हुए थे। नीचे टेबल रखी थी और पास में प्लास्टिक की कुर्सी उल्टी पड़ी मिली परिजनों ने मौके पर वीडियो बनाते हुए पंचायत भवन के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश कर चाकू से रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी
मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब सामने आया कि मृतक ने पंचायत सहायक के ग्रुप में तीन पन्नों का सुसाइड नोट भेजा था। सुसाइड नोट के पहले पन्ने पर मौत का कारण दिव्या शाक्य को बताया गया है, जबकि अंतिम पन्ने पर “The End” लिखकर अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए हैं। नोट में दिव्या शाक्य के अलावा परमजीत, शिव (दिव्या की मौसी का लड़का), बृजेश उर्फ बृजेंद्र (रोजगार सेवक), पंकज शाक्य, अनिकेत, मोनू तथा कुछ अज्ञात लोगों पर आपत्तिजनक फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने, जातिसूचक गाली-गलौज करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं मृतक के पिता रामनरायन कठेरिया ने दिव्या शाक्य समेत 7 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही उन्होंने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत भवन के सभी दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद थीं, जबकि मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा मिला, जो नया बताया जा रहा है। जिससे घटना को लेकर संदेह गहराता जा रहा है घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है
- CITY NEWS: फर्रुखाबाद में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा अस्पताल सील1
- उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक देखते रहिए शुरू एप पर Slug-- गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से हुआ पार, रामगंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी Anchor-- फर्रुखाबाद जिले में गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर को लेकर बाढ़ नियंत्रण विभाग ने मंगलवार को जलस्तर की स्थिति जारी की है सिचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार लोहिया सेतु (पांचालघाट) पर गंगा का जलस्तर सुबह के समय 137.15 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर तथा खतरे का निशान 137.10 मीटर निर्धारित है। ऐसे में गंगा का पानी खतरे के निशान से 5 से.मी. ऊपर बह रहा है।वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर बहमदत्त द्विवेदी सेतु पर 136.80 मीटर से बढ़कर सुबह को 136.85 मीटर दर्ज किया गया। रामगंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर और खतरे का निशान 137.10 मीटर है।बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक नरौरा स्केप से गंगा नदी में 105633 हरिद्वार बैराज से 112979 बिजनौर बैराज से 120443 खो हरेली रामनगर 16660 से पानी छोड़ा गया है गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर आने से से तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद जिले में लगभग एक सैकड़ा से अधिक गांव अब प्रभावित होते हुए नजर आ रहे हैं हालांकि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांव पर निगरानी बनाकर रखे हुए हैं और बाढ़ प्रभावित गांवों को हर संभव मदद देने का भी प्रयास किया जा रहा है फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने अभी तक बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ राहत सामग्री का भी वितरण किया है जिसमें फर्रुखाबाद जनपद में बाढ़ पीड़ितों को मिली राहत है... 29628 बाढ़ राहत किट 111 ग्राम प्रभावित 67 आवास पट्टे 96 मकान 1.20 लाख आवास 29 झोपड़ी 8 हजार राशि 482 किसानों 40 लाख की धनराशि क्रषि का मुआवजा 23 हजार परिवार प्रभाबित 17 हजार पशु टीकाकरण 694 कुंतल भूसा बाढ़ प्रभावित को बांटा 482 कैम्प मेडिकल का आयोजन4
- हनुमान अंश में फर्रुखाबाद के ब्रजपाल बने हैं शंकर नाई इंडिया खास न्यूज़ साप्ताहिक समाचार पत्र के,संवाददाता, फर्रुखाबाद: रुपहले पर्दे पर धूम मचा रही बाबा नीबकरोरी के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश में शंकर नाई का किरदार निभाने वाले कलाकार फर्रुखाबाद के एक छोटे से गांव के हैं। मैनेजमेंट कोर्स करने गए इस कलाकार की दिलचस्पी थियेटर में काम करने की बढ़ी तो सपनों की नगरी मुंबई पहुंच गए। वहां उनकी मुलाकात हनुमान अंश फिल्म के डायरेक्टर से हो गई। उन्होंने अभिनय के लिए पारिश्रमिक तौर पर खुद ही उन्होंने उनका सम्मान किया। अब यह फिल्म हिट हो रही फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर मौजूद ब्रजपाल सिंह स्वयं है तो उन्हें इस बात की खुशी है। हनुमान अंश फिल्म में बाबा नीवकरोरी की दाढ़ी बनाते हुए जो कलाकार दिखते हैं, वह शमसाबाद क्षेत्र के छोटे से गांव खुड़ना वैद्य के निवासी ब्रजपाल सिंह हैं। वर्ष 2006 में वह मैनेजमेंट कोर्स करने के लिए लखनऊ गए थे। वहां वह थियेटर में नाट्य मंचन करने लगे। उसके बाद वह मुंबई चले गए। ब्रजपाल सिंह बताते हैं कि नवंबर 2025 में वह विशाल चतुर्वेदी से मिलने गए थे। वहां उन्होंने फिल्म में शंकर नाई का अभिनय करने को कहा। शंकर नाई बाबा नीबकरोरी की दाढ़ी बनाता है। ब्रजपाल ने बताया कि फिल्म में अभिनय में चार दिन लगे थे। इसमें दो दिन खाली बैठे रहे, दो दिन में अपना काम पूरा कर लिया था। हनुमान अंश में फर्रुखाबाद के ब्रजपाल बने हैं शंकर नाई इंडिया खास न्यूज़ साप्ताहिक समाचार पत्र के,संवाददाता, फर्रुखाबाद: रुपहले पर्दे पर धूम मचा रही बाबा नीबकरोरी के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश में शंकर नाई का किरदार निभाने वाले कलाकार फर्रुखाबाद के एक छोटे से गांव के हैं। मैनेजमेंट कोर्स करने गए इस कलाकार की दिलचस्पी थियेटर में काम करने की बढ़ी तो सपनों की नगरी मुंबई पहुंच गए। वहां उनकी मुलाकात हनुमान अंश फिल्म के डायरेक्टर से हो गई। उन्होंने अभिनय के लिए पारिश्रमिक तौर पर खुद ही उन्होंने उनका सम्मान किया। अब यह फिल्म हिट हो रही फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर मौजूद ब्रजपाल सिंह स्वयं है तो उन्हें इस बात की खुशी है। हनुमान अंश फिल्म में बाबा नीवकरोरी की दाढ़ी बनाते हुए जो कलाकार दिखते हैं, वह शमसाबाद क्षेत्र के छोटे से गांव खुड़ना वैद्य के निवासी ब्रजपाल सिंह हैं। वर्ष 2006 में वह मैनेजमेंट कोर्स करने के लिए लखनऊ गए थे। वहां वह थियेटर में नाट्य मंचन करने लगे। उसके बाद वह मुंबई चले गए। ब्रजपाल सिंह बताते हैं कि नवंबर 2025 में वह विशाल चतुर्वेदी से मिलने गए थे। वहां उन्होंने फिल्म में शंकर नाई का अभिनय करने को कहा। शंकर नाई बाबा नीबकरोरी की दाढ़ी बनाता है। ब्रजपाल ने बताया कि फिल्म में अभिनय में चार दिन लगे थे। इसमें दो दिन खाली बैठे रहे, दो दिन में अपना काम पूरा कर लिया था।3
- इस बंजारा बहन ने संजय बंजारा द्वारा गरीब बंजारा समाज के लोगों से किए जा रहे धन उगाही और आवास के नाम से लिए जा रहे 20/30 हजार रुपए की उजागर करती यह बहादुर महिला श्रीमति सरोज सिंह। इस बंजारा बहन ने संजय बंजारा द्वारा गरीब बंजारा समाज के लोगों से किए जा रहे धन उगाही और आवास के नाम से लिए जा रहे 20/30 हजार रुपए की उजागर करती यह बहादुर महिला श्रीमति सरोज सिंह। इसी को दलाली कहते हैं। Suheldev Bhartiya Samaj Party Yogi Adityanath Office Akhilesh Yadav ADGPI - Indian Army ABP News Ajit Saluja Aaj Tak Aaj Ka Satya Arun Rajbhar Arvind Rajbhar Om Prakash Rajbhar NBT Uttar Pradesh Manjinder Singh Sirsa Bjp Uttar Pradesh Mayawati Fans Club Mahesh Trivedi MYogiAdityanath MD Sajid Narendra Modi Nitin Nabin News Tank Nayab Saini Nation NOW Samachar Kunwar Avinash Singh Chauhan Keshav Prasad Maurya Republic Bharat PMO India : Report Card samajvadi Dimpal Yadav बंजारा एकता क्रांति मिशन Akash Nayyak1
- गर्भवती महिला के साथ पड़ोसियों ने की मारपीट महिला के ब्लड बहने लगा पुलिस ने थाने से भगाया पुलिस ने घुटने टेक ए कन्नौज ब्यूरो रिपोर्ट सुश्री अनुष्का यादव थाना तिर्वा क्षेत्र के अंतर्गत गणपति महिला घर पर काम कर रही थी पड़ोसी घर में आकर अचानक मारपीटकरने लगे पति-पत्नी ने इतना मारा की महिला गंभीर रूप से घायल हो गई तिर्वा पुलिस ने महिला को थाने से भगा दिया महिला ने पुलिस अधीक्षक के दरबार पर लगाई फरियाद युवा पत्रकार अनुष्का यादव ने एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भिजवाया1
- यूजीसी के प्रस्तावित प्रावधानों के विरोध में सड़कों पर उतरा राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा - मंडी गेट से सदर तहसील तक निकाला विरोध मार्च, नियम वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग औरैया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित प्रावधानों के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को शहर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मंडी गेट से विरोध मार्च शुरू किया, जो जेसीज चौराहे से होते हुए सदर तहसील पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के हाथों में ‘काला कानून वापस लो’ और ‘प्रावधानों को रद्द करो’ लिखी तख्तियां थीं। सदर तहसील पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने आयोग के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने के साथ ही आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग रखी। मोर्चा के जिलाध्यक्ष विमल पांडे ने कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर सामान्य वर्ग में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि औरैया से लेकर दिल्ली तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि प्रस्तावित नियमों को जल्द वापस लिया जाए। उनका आरोप है कि इन प्रावधानों से समाज में शोषित और शोषक जैसी धारणा बनती है, जिसे सामान्य वर्ग स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कराने और एससी-एसटी कानून के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल प्रीति त्रिपाठी ने कहा कि सामान्य वर्ग को भी न्याय और समान अवसर मिलना चाहिए। सामान्य वर्ग को शोषक मानना उचित नहीं है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में सुधार को समय की मांग बताया।1
- CITY NEWS: याकूतगंज में लुईस खुर्शीद ने किया जनसंवाद, समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत1
- *पंचायत भवन में फांसी पर लटका मिला पंचायत सहायक, सुसाइड नोट में 7 नामजद—परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल* *सौरिख, कन्नौज* थाना सौरिख क्षेत्र के खड़िनी चौकी अंतर्गत राजपुर गांव निवासी बीपी सिंह कठेरिया (पुत्र रामनरायन कठेरिया), जो निजामपुर राजपुर ग्राम पंचायत में संविदा पंचायत सहायक के पद पर तैनात थे, का शव पंचायत भवन के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों के अनुसार बीपी सिंह सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे पंचायत भवन गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की और ग्राम प्रधान शेखर कुमार से जानकारी ली। प्रधान ने बताया कि रोजगार सेवक बृजेश उर्फ बृजेंद्र यादव ने भी उनके गांव में न होने की बात कही थी। देर रात करीब 11 बजे तलाश के दौरान पंचायत भवन के मीटिंग हॉल की खिड़की से अंदर देखा गया तो बीपी सिंह पंखे से पीले रंग की प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटके हुए थे। नीचे टेबल रखी थी और पास में प्लास्टिक की कुर्सी उल्टी पड़ी मिली परिजनों ने मौके पर वीडियो बनाते हुए पंचायत भवन के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश कर चाकू से रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब सामने आया कि मृतक ने पंचायत सहायक के ग्रुप में तीन पन्नों का सुसाइड नोट भेजा था। सुसाइड नोट के पहले पन्ने पर मौत का कारण दिव्या शाक्य को बताया गया है, जबकि अंतिम पन्ने पर “The End” लिखकर अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए हैं। नोट में दिव्या शाक्य के अलावा परमजीत, शिव (दिव्या की मौसी का लड़का), बृजेश उर्फ बृजेंद्र (रोजगार सेवक), पंकज शाक्य, अनिकेत, मोनू तथा कुछ अज्ञात लोगों पर आपत्तिजनक फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने, जातिसूचक गाली-गलौज करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं मृतक के पिता रामनरायन कठेरिया ने दिव्या शाक्य समेत 7 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही उन्होंने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत भवन के सभी दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद थीं, जबकि मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा मिला, जो नया बताया जा रहा है। जिससे घटना को लेकर संदेह गहराता जा रहा है घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है *पंचायत भवन में फांसी पर लटका मिला पंचायत सहायक, सुसाइड नोट में 7 नामजद—परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल* *सौरिख, कन्नौज* थाना सौरिख क्षेत्र के खड़िनी चौकी अंतर्गत राजपुर गांव निवासी बीपी सिंह कठेरिया (पुत्र रामनरायन कठेरिया), जो निजामपुर राजपुर ग्राम पंचायत में संविदा पंचायत सहायक के पद पर तैनात थे, का शव पंचायत भवन के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों के अनुसार बीपी सिंह सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे पंचायत भवन गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की और ग्राम प्रधान शेखर कुमार से जानकारी ली। प्रधान ने बताया कि रोजगार सेवक बृजेश उर्फ बृजेंद्र यादव ने भी उनके गांव में न होने की बात कही थी। देर रात करीब 11 बजे तलाश के दौरान पंचायत भवन के मीटिंग हॉल की खिड़की से अंदर देखा गया तो बीपी सिंह पंखे से पीले रंग की प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटके हुए थे। नीचे टेबल रखी थी और पास में प्लास्टिक की कुर्सी उल्टी पड़ी मिली परिजनों ने मौके पर वीडियो बनाते हुए पंचायत भवन के मुख्य गेट का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश कर चाकू से रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब सामने आया कि मृतक ने पंचायत सहायक के ग्रुप में तीन पन्नों का सुसाइड नोट भेजा था। सुसाइड नोट के पहले पन्ने पर मौत का कारण दिव्या शाक्य को बताया गया है, जबकि अंतिम पन्ने पर “The End” लिखकर अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए हैं। नोट में दिव्या शाक्य के अलावा परमजीत, शिव (दिव्या की मौसी का लड़का), बृजेश उर्फ बृजेंद्र (रोजगार सेवक), पंकज शाक्य, अनिकेत, मोनू तथा कुछ अज्ञात लोगों पर आपत्तिजनक फोटो भेजकर ब्लैकमेल करने, जातिसूचक गाली-गलौज करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं मृतक के पिता रामनरायन कठेरिया ने दिव्या शाक्य समेत 7 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही उन्होंने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत भवन के सभी दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद थीं, जबकि मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा मिला, जो नया बताया जा रहा है। जिससे घटना को लेकर संदेह गहराता जा रहा है घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है4