... मांडू का ऐतिहासिक आलमगीर दरवाजा में फंसा ट्राला : मांडू-धार रूट पर सुबह से आवाजाही बंद, दोनों तरफ वाहनों की लगी कतार मांडू के दरवाजा पर बड़ी गाड़ियों के फंसने से मांडू में टूरिस्ट हमेशा होते हैं परेशान ... मांडू का ऐतिहासिक आलमगीर दरवाजा में फंसा ट्राला : मांडू-धार रूट पर सुबह से आवाजाही बंद, दोनों तरफ वाहनों की लगी कतार मांडू के दरवाजा पर बड़ी गाड़ियों के फंसने से मांडू में टूरिस्ट हमेशा होते हैं परेशान राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू-धार मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध आलमगीर दरवाजे में मंगलवार सुबह 8 बजे से ही 50 फीट लंबा कंटेनर फंस गया। इस घटना के कारण दोनों ओर से यातायात बाधित हो गया, जिससे मांडू आने-जाने वाले वाहन फंस गए। कुछ बसें यात्रियों को दरवाजे से कुछ दूर पर उतार कर लौट गईं। सूचना मिलने पर मांडू पुलिस के एएसआई दिनेश वर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर के लोग भी मदद के लिए घटना स्थल पर जमा हो गए। हालांकि, दरवाजा संकरा होने के कारण वाहन को निकालना मुश्किल हो रहा था जिससे वहा पर काफी मशक्कत के बाद क्रेन के माध्यम से दोपहर 3:30 बजे के आसपास निकल गया। गुजरात के इस कंटेनर (Gj 21Y-6448) के चालक पिंटू ने बताया कि वह जीपीएस को फॉलो करते हुए यहां पहुंचा था, उसे रास्ते की जानकारी नहीं थी। वाहन में धरमपुरी के लिए सामग्री भरी हुई थी। इस दौरान कंटेनर से दरवाजे से सटी दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। मांडू के दरवाजा में से बड़े वाहन नहीं जा सकते मांडू के प्राचीन दरवाजों की बनावट ऐसी है कि 20 फीट से अधिक लंबे वाहन यहां से मुश्किल से ही निकल पाते हैं। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक और स्थानीय वाहन, जिनकी लंबाई 19 फीट से अधिक होती है, वे अकसर आलमगीर दरवाजे के बाहर ही रुक जाते हैं। इसके बाद पर्यटक छोटी टैक्सी गाड़ियों से मांडू का भ्रमण करते हैं। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार रॉड को चौड़ा करने में लगी है लेकिन पर्यटक स्थलों पर कोई ध्यान नहीं केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार पूरे देश और प्रदेश में रॉड बड़े स्तर पर रॉड को चौड़ा करने में लगी है लेकिन मध्य प्रदेश के धार जिले के मांडू में टूरिस्ट हमेशा बड़ी गाड़ी की वजह से परेशान होता नजर आता है मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अगर चाहे तो मांडू में आने के लिए एक रास्ता इन दरवाजों के साइड से भी अलग से बना सकता है जिससे मांडू में आने जाने वाले बड़े वाहनों को कोई दिक्कत ना आए और टूरिस्ट भी परेशान ना हो 50 फीट का है कंटेनर यह कंटेनर वाहन अपनी बड़ी लंबाई और ऊंचाई के कारण दरवाजे में फंस गया। इसकी लंबाई लगभग 50 फीट (15.24 मीटर) है। यह एक हाई क्यूब कंटेनर है, जिसकी ऊंचाई अकसर 9 फीट 6 इंच होती है, जो इसे अतिरिक्त जगह देती है। वाहन में 30-40 टन तक की सामग्री भरी हुई थी। जाम की स्थिति 5 घंटे से अधिक समय तक बनी जैसे ही कंटेनर हटा और आवक-जावक शुरू हुई
... मांडू का ऐतिहासिक आलमगीर दरवाजा में फंसा ट्राला : मांडू-धार रूट पर सुबह से आवाजाही बंद, दोनों तरफ वाहनों की लगी कतार मांडू के दरवाजा पर बड़ी गाड़ियों के फंसने से मांडू में टूरिस्ट हमेशा होते हैं परेशान ... मांडू का ऐतिहासिक आलमगीर दरवाजा में फंसा ट्राला : मांडू-धार रूट पर सुबह से आवाजाही बंद, दोनों तरफ वाहनों की लगी कतार मांडू के दरवाजा पर बड़ी गाड़ियों के फंसने से मांडू में टूरिस्ट हमेशा होते हैं परेशान राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू-धार मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध आलमगीर दरवाजे में मंगलवार सुबह 8 बजे से ही 50 फीट लंबा कंटेनर फंस गया। इस घटना के कारण दोनों ओर से यातायात बाधित हो गया, जिससे मांडू आने-जाने वाले वाहन फंस गए। कुछ
बसें यात्रियों को दरवाजे से कुछ दूर पर उतार कर लौट गईं। सूचना मिलने पर मांडू पुलिस के एएसआई दिनेश वर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर के लोग भी मदद के लिए घटना स्थल पर जमा हो गए। हालांकि, दरवाजा संकरा होने के कारण वाहन को निकालना मुश्किल हो रहा था जिससे वहा पर काफी मशक्कत के बाद क्रेन के माध्यम से दोपहर 3:30 बजे के आसपास निकल गया। गुजरात के इस कंटेनर (Gj 21Y-6448) के चालक पिंटू ने बताया कि वह जीपीएस को फॉलो करते हुए यहां पहुंचा था, उसे रास्ते की जानकारी नहीं थी। वाहन में धरमपुरी के लिए सामग्री भरी हुई थी। इस दौरान कंटेनर से दरवाजे से सटी दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। मांडू के दरवाजा में से बड़े वाहन
नहीं जा सकते मांडू के प्राचीन दरवाजों की बनावट ऐसी है कि 20 फीट से अधिक लंबे वाहन यहां से मुश्किल से ही निकल पाते हैं। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक और स्थानीय वाहन, जिनकी लंबाई 19 फीट से अधिक होती है, वे अकसर आलमगीर दरवाजे के बाहर ही रुक जाते हैं। इसके बाद पर्यटक छोटी टैक्सी गाड़ियों से मांडू का भ्रमण करते हैं। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार रॉड को चौड़ा करने में लगी है लेकिन पर्यटक स्थलों पर कोई ध्यान नहीं केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार पूरे देश और प्रदेश में रॉड बड़े स्तर पर रॉड को चौड़ा करने में लगी है लेकिन मध्य प्रदेश के धार जिले के मांडू में टूरिस्ट हमेशा बड़ी गाड़ी की वजह से परेशान होता नजर आता
है मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अगर चाहे तो मांडू में आने के लिए एक रास्ता इन दरवाजों के साइड से भी अलग से बना सकता है जिससे मांडू में आने जाने वाले बड़े वाहनों को कोई दिक्कत ना आए और टूरिस्ट भी परेशान ना हो 50 फीट का है कंटेनर यह कंटेनर वाहन अपनी बड़ी लंबाई और ऊंचाई के कारण दरवाजे में फंस गया। इसकी लंबाई लगभग 50 फीट (15.24 मीटर) है। यह एक हाई क्यूब कंटेनर है, जिसकी ऊंचाई अकसर 9 फीट 6 इंच होती है, जो इसे अतिरिक्त जगह देती है। वाहन में 30-40 टन तक की सामग्री भरी हुई थी। जाम की स्थिति 5 घंटे से अधिक समय तक बनी जैसे ही कंटेनर हटा और आवक-जावक शुरू हुई
- User3406Prithvipur, Niwari😤4 hrs ago
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631
- ... मांडू का ऐतिहासिक आलमगीर दरवाजा में फंसा ट्राला : मांडू-धार रूट पर सुबह से आवाजाही बंद, दोनों तरफ वाहनों की लगी कतार मांडू के दरवाजा पर बड़ी गाड़ियों के फंसने से मांडू में टूरिस्ट हमेशा होते हैं परेशान राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू-धार मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध आलमगीर दरवाजे में मंगलवार सुबह 8 बजे से ही 50 फीट लंबा कंटेनर फंस गया। इस घटना के कारण दोनों ओर से यातायात बाधित हो गया, जिससे मांडू आने-जाने वाले वाहन फंस गए। कुछ बसें यात्रियों को दरवाजे से कुछ दूर पर उतार कर लौट गईं। सूचना मिलने पर मांडू पुलिस के एएसआई दिनेश वर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर के लोग भी मदद के लिए घटना स्थल पर जमा हो गए। हालांकि, दरवाजा संकरा होने के कारण वाहन को निकालना मुश्किल हो रहा था जिससे वहा पर काफी मशक्कत के बाद क्रेन के माध्यम से दोपहर 3:30 बजे के आसपास निकल गया। गुजरात के इस कंटेनर (Gj 21Y-6448) के चालक पिंटू ने बताया कि वह जीपीएस को फॉलो करते हुए यहां पहुंचा था, उसे रास्ते की जानकारी नहीं थी। वाहन में धरमपुरी के लिए सामग्री भरी हुई थी। इस दौरान कंटेनर से दरवाजे से सटी दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। मांडू के दरवाजा में से बड़े वाहन नहीं जा सकते मांडू के प्राचीन दरवाजों की बनावट ऐसी है कि 20 फीट से अधिक लंबे वाहन यहां से मुश्किल से ही निकल पाते हैं। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक और स्थानीय वाहन, जिनकी लंबाई 19 फीट से अधिक होती है, वे अकसर आलमगीर दरवाजे के बाहर ही रुक जाते हैं। इसके बाद पर्यटक छोटी टैक्सी गाड़ियों से मांडू का भ्रमण करते हैं। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार रॉड को चौड़ा करने में लगी है लेकिन पर्यटक स्थलों पर कोई ध्यान नहीं केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार पूरे देश और प्रदेश में रॉड बड़े स्तर पर रॉड को चौड़ा करने में लगी है लेकिन मध्य प्रदेश के धार जिले के मांडू में टूरिस्ट हमेशा बड़ी गाड़ी की वजह से परेशान होता नजर आता है मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अगर चाहे तो मांडू में आने के लिए एक रास्ता इन दरवाजों के साइड से भी अलग से बना सकता है जिससे मांडू में आने जाने वाले बड़े वाहनों को कोई दिक्कत ना आए और टूरिस्ट भी परेशान ना हो 50 फीट का है कंटेनर यह कंटेनर वाहन अपनी बड़ी लंबाई और ऊंचाई के कारण दरवाजे में फंस गया। इसकी लंबाई लगभग 50 फीट (15.24 मीटर) है। यह एक हाई क्यूब कंटेनर है, जिसकी ऊंचाई अकसर 9 फीट 6 इंच होती है, जो इसे अतिरिक्त जगह देती है। वाहन में 30-40 टन तक की सामग्री भरी हुई थी। जाम की स्थिति 5 घंटे से अधिक समय तक बनी जैसे ही कंटेनर हटा और आवक-जावक शुरू हुई4
- hamare naal sab block ke andar jo bhi shaadi Vivah karykram mein DJ daru Dahej sabhi prakar ke niyam lagu kiye Gaye Hain uske liye main is post per jyada share Karen gugli nalchha ka cal pura panchayat1
- बाड़ी विसर्जन के साथ गणगौर उत्सव का समापन, नम आंखों से दी गणगौर मैया को विदाई कालीबावड़ी (निप्र)। निमाड़ के लोकपर्व गणगौर उत्सव का सोमवार को बाड़ी (ज्वारों) के विसर्जन के साथ भावपूर्ण समापन हुआ। ग्यारस तिथि से तीज तक चले इस पारंपरिक पर्व में पूरे ग्राम में उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा। समापन से पूर्व ग्राम के सभी रथों एवं माता की सवारी में शामिल झाड़ों का नगर के प्राचीन श्रीराम मंदिर में एकत्रीकरण किया गया। यहां धनियर राजा और रणु बाई के रूप में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के प्रतीक रथों को महिला-पुरुष युगल दंपत्तियों ने अपने माथे पर उठाकर श्रद्धा के साथ नृत्य किया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति और लोकपरंपरा के रंग में सराबोर नजर आया। इसके बाद निकले चल समारोह ने पूरे नगर का भ्रमण किया। जिस-जिस गली से यह जुलूस गुजरा, वहां ग्रामीणों—जिनमें बच्चे भी शामिल रहे—ने रथों को उठाने वाले, झाड़, आरती, तलवार और कलश धारण करने वालों के चरण धोकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य आस्था, परंपरा और आपसी सम्मान की अनूठी मिसाल बनकर सामने आया। अंत में ग्राम के जगन्नाथ मौर्य के कुएं पर ज्वारों का विसर्जन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। महिलाओं ने नम आंखों से ज्वारों की टोकरी को गले लगाकर गणगौर मैया को विदाई दी। पूरे आयोजन के दौरान निमाड़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली।4
- महू क्षेत्र के पलासिया मानपुर सिमरोल उमरिया साहित् कई पेट्रोल पंप पर लंबी लाइन लगी हे ओर कई पेट्रोल पंप बंद है वही लोग डीजल के लिए भी परेशान हो रहे हैं पर प्रशासन का दावा है कि कोई कमी नहीं है ईंधन की l1
- इंदौर में मानवता का नया अध्याय: अंगदान हेतु 67वां ग्रीन कॉरिडोर द्वारा संपन्न हुए अंगदान इंदौर। लोक कल्याणी माँ अहिल्या की पावन नगरी में एक बार फिर मानवता और सेवा की मिसाल देखने को मिली है। शुजालपुर निवासी 34 वर्षीय सिविल इंजीनियर अनुपम नालमे गंभीर ब्रेन हेमरेज के बाद सीएचएल केयर हॉस्पिटल में भर्ती थे। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने परिवार जनों को संभावित ब्रेन डेथ स्थिति की जानकारी दी गई। नालमे परिवार के पारिवारिक मित्र महिदपुर निवासी श्री जवाहर जी दोषी के पुत्र विश्वास दोषी के 10 वर्ष पूर्व इंदौर में संपन्न हुए अंगदान से प्रेरित नालमे परिवार ने संभावित अंगदान के लिए मुस्कान ग्रुप सेवादारों से संपर्क किया। मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतु बगानी और संदीपन आर्य ने परिवार से काउंसलिंग की। इस दौरान अनुपम के पिता जगदीश जी, बुआ डॉ. वर्षा,भाई अनुराग और जुबीन नालमे ने अंगदान की प्रक्रिया में अहम योगदान दिया एवं यथा संभावित अंगों के दान हेतु स्वीकृति प्रदान की। प्रथम ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन कल शाम 5:13 बजे और द्वितीय ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन रात 12:00 बजे संपन्न हुआ। दानदाता का लिवर सीएचएल केयर हॉस्पिटल में 44 वर्षीय इंदौर निवासी महिला रोगी को प्रत्यारोपित किया गया,एक किडनी 34 वर्षीय रतलाम निवासी पुरुष रोगी को शेल्बी हॉस्पिटल में प्रत्यारोपित किया गया। इंदौर संभाग आयुक्त के आदेश अनुसार दूसरी किडनी सीएचएल केयर हॉस्पिटल की 34 वर्षीय महिला को आवंटित की गई थी परंतु अंतिम समय में रोगी प्रतिकूल स्थिति के चलते हुए उस प्रत्यारोपण को स्थगित किया गया और प्रतीक्षा सूची के अनुसार संभाग आयुक्त द्वारा जारी संशोधित आदेश अनुसार उसे शेल्बी हॉस्पिटल में उपचाररत इंदौर निवासी 55 वर्षीय महिला रोगी को आवंटित किया गया, जो यह समाचार लिखे जाने तक प्रत्यारोपण के प्रक्रिया में थी। बेंगलुरु एस्टर हॉस्पिटल के लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. वचन एस. होकेरी,CHL CARE के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज जैन की टीम द्वारा लिवर प्रत्यर्पण किया गया। डाॅ वचन होकेरी की टीम एक दिन पूर्व प्रत्यारोपण हेतु इंदौर पहुंच गई थी। CHL CARE अस्पताल के श्री मनीष गुप्ता, सीनियर इंटेंसिवेस्ट डॉ निखिलेश जी जैन,ऑर्गन ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर श्रीमती मोनिशा बगानी, डॉ उत्तम पाटीदार अंगदान की व्यवस्था बनाए हुए थे। मध्य प्रदेश शासन के SOTTO कार्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पुरोहित, श्रीमती निधि शर्मा और शुभम वर्मा अंग एलोकेशन की प्रक्रिया को विधान पूर्वक पूर्ण किया। इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, संभाग आयुक्त डॉ. सुदाम खेड़े और एप्रोप्रिएट अथॉरिटी डॉ. अरविंद धनघरिया भी पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आज ग्रीन कॉरिडोर. CHL केयर हॉस्पिटल से शेल्बी हॉस्पिटल के 12:35 पर बना जो 12:39 (4 मिनट) में पूर्ण हुआ, जिसमें इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन जी यादव द्वारा अंगदानी के सम्मान में प्रारंभ किए गए गार्ड ऑफ ऑनर अंगदानी अभिनव के शव विदाई के समय मानव श्रृंखला बनाकर पुष्प वर्षा करते हुए CHL CARE हॉस्पिटल के प्रांगण में दी गई। मध्य प्रदेश शासन की ओर से इंदौर डिप्टी कलेक्टर SDM श्री ओम नारायण बड़कुल ने पुष्पमाला अर्पित की। विदाई के समय में शोक संवेदनाएं एवं धन्यवाद का भाव शेल्बी हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ विवेक जोशी,सीईओ सीएचएल केयर हॉस्पिटल श्री मनीष गुप्ता, अंगदानी श्री जवाहर जी दोषी एवं मुस्कान ग्रुप सेवादार जीतू बगानी और संदीपन आर्य द्वारा रखे गए। मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट इस पुनीत कार्य में प्राप्त हुए नालमे परिवार एवं सभी सहायकों के प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष योगदान के लिए आभार व्यक्त करता है।2
- मेरा पत्रकार मित्रों से निवेदन है मैं एक छोटा सा किसान हूं और नुकसान से परेशान हो चुका हूं अगर इसको कोई में छाप के इस मुद्दे को उठा सके जो भी फीस वह मुझसे संपर्क कर सके मेरा नंबर है लेकिन इस घोड़ा रोज़ के मुद्दे को थोड़ा उठा दे🙏1
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631