बाड़ी विसर्जन के साथ गणगौर उत्सव का समापन, नम आंखों से दी गणगौर मैया को विदाई बाड़ी विसर्जन के साथ गणगौर उत्सव का समापन, नम आंखों से दी गणगौर मैया को विदाई कालीबावड़ी (निप्र)। निमाड़ के लोकपर्व गणगौर उत्सव का सोमवार को बाड़ी (ज्वारों) के विसर्जन के साथ भावपूर्ण समापन हुआ। ग्यारस तिथि से तीज तक चले इस पारंपरिक पर्व में पूरे ग्राम में उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा। समापन से पूर्व ग्राम के सभी रथों एवं माता की सवारी में शामिल झाड़ों का नगर के प्राचीन श्रीराम मंदिर में एकत्रीकरण किया गया। यहां धनियर राजा और रणु बाई के रूप में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के प्रतीक रथों को महिला-पुरुष युगल दंपत्तियों ने अपने माथे पर उठाकर श्रद्धा के साथ नृत्य किया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति और लोकपरंपरा के रंग में सराबोर नजर आया। इसके बाद निकले चल समारोह ने पूरे नगर का भ्रमण किया। जिस-जिस गली से यह जुलूस गुजरा, वहां ग्रामीणों—जिनमें बच्चे भी शामिल रहे—ने रथों को उठाने वाले, झाड़, आरती, तलवार और कलश धारण करने वालों के चरण धोकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य आस्था, परंपरा और आपसी सम्मान की अनूठी मिसाल बनकर सामने आया। अंत में ग्राम के जगन्नाथ मौर्य के कुएं पर ज्वारों का विसर्जन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। महिलाओं ने नम आंखों से ज्वारों की टोकरी को गले लगाकर गणगौर मैया को विदाई दी। पूरे आयोजन के दौरान निमाड़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली।
बाड़ी विसर्जन के साथ गणगौर उत्सव का समापन, नम आंखों से दी गणगौर मैया को विदाई बाड़ी विसर्जन के साथ गणगौर उत्सव का समापन, नम आंखों से दी गणगौर मैया को विदाई कालीबावड़ी (निप्र)। निमाड़ के लोकपर्व गणगौर उत्सव का सोमवार को बाड़ी (ज्वारों) के विसर्जन के साथ भावपूर्ण समापन हुआ। ग्यारस तिथि से तीज तक चले इस पारंपरिक पर्व में पूरे
ग्राम में उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा। समापन से पूर्व ग्राम के सभी रथों एवं माता की सवारी में शामिल झाड़ों का नगर के प्राचीन श्रीराम मंदिर में एकत्रीकरण किया गया। यहां धनियर राजा और रणु बाई के रूप में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के प्रतीक रथों को महिला-पुरुष युगल दंपत्तियों ने अपने माथे पर उठाकर श्रद्धा के
साथ नृत्य किया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति और लोकपरंपरा के रंग में सराबोर नजर आया। इसके बाद निकले चल समारोह ने पूरे नगर का भ्रमण किया। जिस-जिस गली से यह जुलूस गुजरा, वहां ग्रामीणों—जिनमें बच्चे भी शामिल रहे—ने रथों को उठाने वाले, झाड़, आरती, तलवार और कलश धारण करने वालों के चरण धोकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य आस्था, परंपरा
और आपसी सम्मान की अनूठी मिसाल बनकर सामने आया। अंत में ग्राम के जगन्नाथ मौर्य के कुएं पर ज्वारों का विसर्जन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। महिलाओं ने नम आंखों से ज्वारों की टोकरी को गले लगाकर गणगौर मैया को विदाई दी। पूरे आयोजन के दौरान निमाड़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली।
- बाड़ी विसर्जन के साथ गणगौर उत्सव का समापन, नम आंखों से दी गणगौर मैया को विदाई कालीबावड़ी (निप्र)। निमाड़ के लोकपर्व गणगौर उत्सव का सोमवार को बाड़ी (ज्वारों) के विसर्जन के साथ भावपूर्ण समापन हुआ। ग्यारस तिथि से तीज तक चले इस पारंपरिक पर्व में पूरे ग्राम में उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा। समापन से पूर्व ग्राम के सभी रथों एवं माता की सवारी में शामिल झाड़ों का नगर के प्राचीन श्रीराम मंदिर में एकत्रीकरण किया गया। यहां धनियर राजा और रणु बाई के रूप में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के प्रतीक रथों को महिला-पुरुष युगल दंपत्तियों ने अपने माथे पर उठाकर श्रद्धा के साथ नृत्य किया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति और लोकपरंपरा के रंग में सराबोर नजर आया। इसके बाद निकले चल समारोह ने पूरे नगर का भ्रमण किया। जिस-जिस गली से यह जुलूस गुजरा, वहां ग्रामीणों—जिनमें बच्चे भी शामिल रहे—ने रथों को उठाने वाले, झाड़, आरती, तलवार और कलश धारण करने वालों के चरण धोकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य आस्था, परंपरा और आपसी सम्मान की अनूठी मिसाल बनकर सामने आया। अंत में ग्राम के जगन्नाथ मौर्य के कुएं पर ज्वारों का विसर्जन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। महिलाओं ने नम आंखों से ज्वारों की टोकरी को गले लगाकर गणगौर मैया को विदाई दी। पूरे आयोजन के दौरान निमाड़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली।4
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778631
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- बड़वानी।कुंदन नगर के पास गोरीधाम कॉलोनी क्षेत्र स्थित खेत में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि करीब 3 एकड़ में खड़ी फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। इस हादसे में किसान मोहन अगलचा सहित अन्य किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों और किसानों के अनुसार आग लगने का कारण विद्युत लाइन में फॉल्ट माना जा रहा है। पीड़ित किसान संतोष ने आरोप लगाया कि विद्युत मंडल की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों में कई जगह तार ढीले और खुले पड़े हैं, जिनकी समय पर मरम्मत नहीं की जाती, जिससे इस तरह की घटनाएं होती हैं। वहीं सेंगवा निवासी अनिल ने बताया कि उनकी करीब 3 एकड़ की खेती थी, जिसमें से अधिकांश फसल जल गई और केवल थोड़ा हिस्सा ही बच पाया। उन्होंने भी विद्युत मंडल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि समय पर लाइन सुधार कार्य होता, तो यह नुकसान नहीं होता। घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग को अन्य खेतों में फैलने से रोका जा सका। फिलहाल नुकसान के आकलन के लिए सर्वे टीम का इंतजार किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि पटवारी से संपर्क किया गया है, जिन्होंने जल्द मौके पर पहुंचने की बात कही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कर उचित मुआवजा देने और विद्युत व्यवस्था सुधारने की मांग की है।1
- सेंधवा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक चलते हुए ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही सेंधवा फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लेने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक अजय मोर्यवंशी एवं समीर खान ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोक लिया, जिससे जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, हालांकि प्रारंभिक अनुमान शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी का लगाया जा रहा है। फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की तत्परता से स्थिति को जल्द नियंत्रण में ले लिया गया और यातायात भी सामान्य कर दिया गया।1
- नायरा पेट्रोल पंप पीथमपुर में लोगों को नहीं दिया जा रहा है पेट्रोल जिला कलेक्टर पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने का पहल करेंगे क्या? जिला कलेक्टर के निर्देशों के खुलेआम उड़ाई जा रही है धज्जिया तो दोषीयो खिलफ कठोरत्मक कार्यवाही होगी क्या? कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जारी किया वक्तव्य: 🔹जिले में पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है 🔹नागरिक किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। आवश्यकतानुसार ही ईंधन लें। 🔹पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। #Dhar CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh1
- ... मांडू का ऐतिहासिक आलमगीर दरवाजा में फंसा ट्राला : मांडू-धार रूट पर सुबह से आवाजाही बंद, दोनों तरफ वाहनों की लगी कतार मांडू के दरवाजा पर बड़ी गाड़ियों के फंसने से मांडू में टूरिस्ट हमेशा होते हैं परेशान राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू-धार मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध आलमगीर दरवाजे में मंगलवार सुबह 8 बजे से ही 50 फीट लंबा कंटेनर फंस गया। इस घटना के कारण दोनों ओर से यातायात बाधित हो गया, जिससे मांडू आने-जाने वाले वाहन फंस गए। कुछ बसें यात्रियों को दरवाजे से कुछ दूर पर उतार कर लौट गईं। सूचना मिलने पर मांडू पुलिस के एएसआई दिनेश वर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर के लोग भी मदद के लिए घटना स्थल पर जमा हो गए। हालांकि, दरवाजा संकरा होने के कारण वाहन को निकालना मुश्किल हो रहा था जिससे वहा पर काफी मशक्कत के बाद क्रेन के माध्यम से दोपहर 3:30 बजे के आसपास निकल गया। गुजरात के इस कंटेनर (Gj 21Y-6448) के चालक पिंटू ने बताया कि वह जीपीएस को फॉलो करते हुए यहां पहुंचा था, उसे रास्ते की जानकारी नहीं थी। वाहन में धरमपुरी के लिए सामग्री भरी हुई थी। इस दौरान कंटेनर से दरवाजे से सटी दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। मांडू के दरवाजा में से बड़े वाहन नहीं जा सकते मांडू के प्राचीन दरवाजों की बनावट ऐसी है कि 20 फीट से अधिक लंबे वाहन यहां से मुश्किल से ही निकल पाते हैं। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक और स्थानीय वाहन, जिनकी लंबाई 19 फीट से अधिक होती है, वे अकसर आलमगीर दरवाजे के बाहर ही रुक जाते हैं। इसके बाद पर्यटक छोटी टैक्सी गाड़ियों से मांडू का भ्रमण करते हैं। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार रॉड को चौड़ा करने में लगी है लेकिन पर्यटक स्थलों पर कोई ध्यान नहीं केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार पूरे देश और प्रदेश में रॉड बड़े स्तर पर रॉड को चौड़ा करने में लगी है लेकिन मध्य प्रदेश के धार जिले के मांडू में टूरिस्ट हमेशा बड़ी गाड़ी की वजह से परेशान होता नजर आता है मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर अगर चाहे तो मांडू में आने के लिए एक रास्ता इन दरवाजों के साइड से भी अलग से बना सकता है जिससे मांडू में आने जाने वाले बड़े वाहनों को कोई दिक्कत ना आए और टूरिस्ट भी परेशान ना हो 50 फीट का है कंटेनर यह कंटेनर वाहन अपनी बड़ी लंबाई और ऊंचाई के कारण दरवाजे में फंस गया। इसकी लंबाई लगभग 50 फीट (15.24 मीटर) है। यह एक हाई क्यूब कंटेनर है, जिसकी ऊंचाई अकसर 9 फीट 6 इंच होती है, जो इसे अतिरिक्त जगह देती है। वाहन में 30-40 टन तक की सामग्री भरी हुई थी। जाम की स्थिति 5 घंटे से अधिक समय तक बनी जैसे ही कंटेनर हटा और आवक-जावक शुरू हुई4
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631