छात्र छात्राओ ने किया थाना/ चौकी का शैक्षणिक भ्रमण, पुलिस की कार्यप्रणाली से हुए अवगत। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे छात्र छात्राओं ने सीसीटीएनएस कक्ष, रोजनामचा, बंदीगृह, मालखाना एवं शस्त्रागार की व्यवस्था को करीब से देखा, भ्रमण मे बच्चे रहे उत्साहित। पुलिस टीम द्वारा बच्चों को गुड टच बैड टच, पोक्सो एक्ट के प्रावधान, जे. जे. एक्ट, साइबर सुरक्षा, यातायात सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी किया गया प्रदान। थाना/ चौकी के शैक्षणिक भ्रमण से सकरात्मक रूप से छात्र छात्राओं के मनोबल मे हुई वृद्धि। :- छात्र छात्राओं को नशे के दुष्परिणाम बताकर नशे से दूर रहकर स्वस्थ समाज बनाने की ओर कदम बढ़ाने दी गई समझाईस। छात्र छात्राओं को पुलिस बल की कार्यप्रणाली से अवगत कराकर बच्चों के मन मे पुलिस के प्रति सकरात्मक अवधारणा उत्पन्न करने सहित छात्र छात्राओं को विधिक जागरूकता, महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव, नशे से दूर रहने संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को अपने अपने थाना/चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्कूल के छात्र छात्राओं को थाना/चौकी का शैक्षणिक भ्रमण कराये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना कोतवाली, थाना गांधीनगर, थाना मणीपुर, थाना लखनपुर, थाना लुन्ड्रा, थाना धौरपुर, थाना बतौली पुलिस टीम द्वारा मठपारा मिडिल स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर लखनपुर, हायर सेकंडरी स्कूल बोदा, बतौली, नवीन कॉलेज धौरपुर, स्वामी आत्मानन्द स्कूल गांधीनगर, मिशन स्कूल उदयपुर के छात्र छात्राओं को थाना/चौकी का शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण कराया गया। छात्र छात्राओं को थाना/चौकी के विभिन्न कक्षों, शस्त्रागार, बंदी गृह (हवालात), सीसीटीएन कक्ष, मालखाना, बालकक्ष दिखकर पुलिस बल की कार्यालयीन कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। साथ ही शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आपातकालीन सेवाएँ, महिला हेल्पलाइन 181, डायल 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं अभिव्यक्ति ऐप के संबंध में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया, छात्र छात्राओं को बताया गया कि पुलिस आप सभी सुरक्षा के लिये मुस्तैद है। पुलिस का मुख्य कार्य समाज मे क़ानून व्यवस्था बनाये रखकर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही करना है, उक्त बात छात्र छात्राओं को बहुत ही आसान शब्दों में समझाया गया। जिससे छात्र छात्राओं के मन में पुलिस की एक अच्छी छवि निर्मित हो। किसी भी व्यक्ति का व्यवहार असहज लगने पर या उनके व्यवहार से कुछ गलत महसुस होने पर अपने माता-पिता को उक्त जानकारी से अवगत कराने सहित पुलिस को निःसंकोच साझा करने की जानकारी दी गई, उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में विधिक जागरूकता एवं अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी से अवगत कराना था। थाना/चौकी प्रभारियों ने छात्र छात्राओं को कानून के प्रति जागरूक रहने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में निडर होकर पुलिस से संपर्क करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान सरल भाषा में किया गया। शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण से छात्राओं के आत्मविश्वास मे वृद्धि तथा सुरक्षा संबंधी जागरूकता में वृद्धि हुई। शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण के दौरान थाना चौकी प्रभारी समेत विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं सहित स्कूल के शिक्षकगण एवं पुलिस अधिकारी कर्मचारी सक्रिय रहे।
छात्र छात्राओ ने किया थाना/ चौकी का शैक्षणिक भ्रमण, पुलिस की कार्यप्रणाली से हुए अवगत। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे छात्र छात्राओं ने सीसीटीएनएस कक्ष, रोजनामचा, बंदीगृह, मालखाना एवं शस्त्रागार की व्यवस्था को करीब से देखा, भ्रमण मे बच्चे रहे उत्साहित। पुलिस टीम द्वारा बच्चों को गुड टच बैड टच, पोक्सो एक्ट के प्रावधान, जे. जे. एक्ट, साइबर सुरक्षा, यातायात सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी किया गया प्रदान। थाना/ चौकी के शैक्षणिक भ्रमण से सकरात्मक रूप से छात्र छात्राओं के मनोबल मे हुई वृद्धि। :- छात्र छात्राओं को नशे के दुष्परिणाम बताकर नशे से दूर रहकर स्वस्थ समाज बनाने की ओर कदम बढ़ाने दी गई समझाईस। छात्र छात्राओं को पुलिस बल की कार्यप्रणाली से अवगत कराकर बच्चों के मन मे पुलिस के प्रति सकरात्मक अवधारणा उत्पन्न करने सहित छात्र छात्राओं को विधिक जागरूकता, महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव, नशे से दूर रहने संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को अपने अपने थाना/चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्कूल के छात्र छात्राओं को थाना/चौकी का शैक्षणिक भ्रमण कराये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना कोतवाली, थाना गांधीनगर, थाना मणीपुर, थाना लखनपुर, थाना लुन्ड्रा, थाना धौरपुर, थाना बतौली पुलिस टीम द्वारा मठपारा मिडिल स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर लखनपुर, हायर सेकंडरी स्कूल बोदा, बतौली, नवीन कॉलेज धौरपुर, स्वामी आत्मानन्द स्कूल गांधीनगर, मिशन स्कूल उदयपुर के छात्र छात्राओं को थाना/चौकी का शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण कराया गया। छात्र छात्राओं को थाना/चौकी के विभिन्न कक्षों, शस्त्रागार, बंदी गृह (हवालात), सीसीटीएन कक्ष, मालखाना, बालकक्ष दिखकर पुलिस बल की कार्यालयीन कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। साथ ही शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आपातकालीन सेवाएँ, महिला हेल्पलाइन 181, डायल 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं अभिव्यक्ति ऐप के संबंध में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया, छात्र छात्राओं को बताया गया कि पुलिस आप सभी सुरक्षा के लिये मुस्तैद है। पुलिस का मुख्य कार्य समाज मे क़ानून व्यवस्था बनाये रखकर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही करना है, उक्त बात छात्र छात्राओं को बहुत ही आसान शब्दों में समझाया गया। जिससे छात्र छात्राओं के मन में पुलिस की एक अच्छी छवि निर्मित हो। किसी भी व्यक्ति का व्यवहार असहज लगने पर या उनके व्यवहार से कुछ गलत महसुस होने पर अपने माता-पिता को उक्त जानकारी से अवगत कराने सहित पुलिस को निःसंकोच साझा करने की जानकारी दी गई, उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में विधिक जागरूकता एवं अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी से अवगत कराना था। थाना/चौकी प्रभारियों ने छात्र छात्राओं को कानून के प्रति जागरूक रहने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में निडर होकर पुलिस से संपर्क करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान सरल भाषा में किया गया। शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण से छात्राओं के आत्मविश्वास मे वृद्धि तथा सुरक्षा संबंधी जागरूकता में वृद्धि हुई। शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण के दौरान थाना चौकी प्रभारी समेत विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं सहित स्कूल के शिक्षकगण एवं पुलिस अधिकारी कर्मचारी सक्रिय रहे।
- छात्र छात्राओ ने किया थाना/ चौकी का शैक्षणिक भ्रमण, पुलिस की कार्यप्रणाली से हुए अवगत। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे छात्र छात्राओं ने सीसीटीएनएस कक्ष, रोजनामचा, बंदीगृह, मालखाना एवं शस्त्रागार की व्यवस्था को करीब से देखा, भ्रमण मे बच्चे रहे उत्साहित। पुलिस टीम द्वारा बच्चों को गुड टच बैड टच, पोक्सो एक्ट के प्रावधान, जे. जे. एक्ट, साइबर सुरक्षा, यातायात सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी किया गया प्रदान। थाना/ चौकी के शैक्षणिक भ्रमण से सकरात्मक रूप से छात्र छात्राओं के मनोबल मे हुई वृद्धि। :- छात्र छात्राओं को नशे के दुष्परिणाम बताकर नशे से दूर रहकर स्वस्थ समाज बनाने की ओर कदम बढ़ाने दी गई समझाईस। छात्र छात्राओं को पुलिस बल की कार्यप्रणाली से अवगत कराकर बच्चों के मन मे पुलिस के प्रति सकरात्मक अवधारणा उत्पन्न करने सहित छात्र छात्राओं को विधिक जागरूकता, महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव, नशे से दूर रहने संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को अपने अपने थाना/चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्कूल के छात्र छात्राओं को थाना/चौकी का शैक्षणिक भ्रमण कराये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना कोतवाली, थाना गांधीनगर, थाना मणीपुर, थाना लखनपुर, थाना लुन्ड्रा, थाना धौरपुर, थाना बतौली पुलिस टीम द्वारा मठपारा मिडिल स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर लखनपुर, हायर सेकंडरी स्कूल बोदा, बतौली, नवीन कॉलेज धौरपुर, स्वामी आत्मानन्द स्कूल गांधीनगर, मिशन स्कूल उदयपुर के छात्र छात्राओं को थाना/चौकी का शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण कराया गया। छात्र छात्राओं को थाना/चौकी के विभिन्न कक्षों, शस्त्रागार, बंदी गृह (हवालात), सीसीटीएन कक्ष, मालखाना, बालकक्ष दिखकर पुलिस बल की कार्यालयीन कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। साथ ही शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आपातकालीन सेवाएँ, महिला हेल्पलाइन 181, डायल 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं अभिव्यक्ति ऐप के संबंध में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया, छात्र छात्राओं को बताया गया कि पुलिस आप सभी सुरक्षा के लिये मुस्तैद है। पुलिस का मुख्य कार्य समाज मे क़ानून व्यवस्था बनाये रखकर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही करना है, उक्त बात छात्र छात्राओं को बहुत ही आसान शब्दों में समझाया गया। जिससे छात्र छात्राओं के मन में पुलिस की एक अच्छी छवि निर्मित हो। किसी भी व्यक्ति का व्यवहार असहज लगने पर या उनके व्यवहार से कुछ गलत महसुस होने पर अपने माता-पिता को उक्त जानकारी से अवगत कराने सहित पुलिस को निःसंकोच साझा करने की जानकारी दी गई, उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में विधिक जागरूकता एवं अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी से अवगत कराना था। थाना/चौकी प्रभारियों ने छात्र छात्राओं को कानून के प्रति जागरूक रहने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में निडर होकर पुलिस से संपर्क करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान सरल भाषा में किया गया। शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण से छात्राओं के आत्मविश्वास मे वृद्धि तथा सुरक्षा संबंधी जागरूकता में वृद्धि हुई। शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण के दौरान थाना चौकी प्रभारी समेत विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं सहित स्कूल के शिक्षकगण एवं पुलिस अधिकारी कर्मचारी सक्रिय रहे।1
- रघुनाथपुर चौक प्रेमनगर की हालात देखो पर्यावरण प्रदूषण फैलाने का काम प्रेमनगर रघुनाथपुर क्षेत्र1
- Hamare ghar ke pass ka headphone Pani Lal nikalta hai pipe dalna hai ismein Sarkari head pump hai Pani bahut let se nikalta hai1
- Post by हमर जशपुर1
- Post by Ratan Choudhry1
- *आरोपियों का नाम* 1. संजय मानिकपुरी पिता रामभरोष मानिकपुरी उम्र 31 वर्ष जाति पनिका निवासी सिथमा 2. परमेश्वरी उर्फ पनेसरी पति संजय मानिकपुरी उम्र 28 वर्ष निवासी सिथमा चौकी बरियों 3. सरस्वती उर्फ बुधो पति सियाराम उम्र 40 वर्ष निवासी भेलवाडीह थाना बलरामपुर छ.ग.। 4. राजकुमारी उर्फ जुईया पति चैतू मानिकपुरी उम्र 45 वर्ष निवासी रजपुरी थाना सिटी कोतवाली अंबिकापुर छ.ग.। 5. चैतू मानिकपुरी पिता स्व. सुधीर मानिकपुरी उम्र 45 वर्ष निवासी रजपुरी थाना सिटी कोतवाली अंबिकापुर छ.ग.। 6. फुलकुंबर पति मौहन मानिकपुरी उम्र 50 वर्ष जाति पनिका निवासी कोटा गहना थाना राजपुर जिला बलरामपुर छ.ग.। *मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी कुलन राम पिता स्व. मोहरलाल उम्र 60 वर्ष निवासी ग्राम सिथमा चौकी बरियों के द्वारा चौकी में उपस्थित आकर जुबानी मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया कि दिनांक 15.04. 2026 को यह अपने बेटा बहू के साथ घर के पास बाड़ी में मुगफली लगाये थे जिसमें घास निकालने एवं पानी पटाने गये थे घर में इसकी पत्नी राजी बाई एवं नतनी पायल घर पर थी शाम करीब 05/00 बजे इसकी नतनी पायल चिल्लाते दौड़ते हुए मुंगफली बाड़ी में आकर बोली कि दादी को मार रहे हैं। तब कुलन, अमृत सुनीता तीनों दौड़ते हुए घर आये तो देखे कि संजय एवं उसकी पत्नी परमेश्वरी उर्फ पनेसरी, सरस्वती उर्फ बुधो एवं राजकुमारी उर्फ जुईया एवं उसका पति चैतू तथा फुलकुंवर सभी लोग जमीन हिस्सा बंटवारा को लेकर जमीन हिस्सा में नहीं दोगे तो आज तुमको जान से मार देगें बोलकर हाथ मुक्का पैर से मारपीट कर रहे थे। तब यह अपने बेटा बहू के साथ पहुंचकर बीच बचाव कर छुडाया है। इसके वाद आरोपी मारपीट कर भाग गये। प्रार्थी दिनांक 16.04. 2026 को गांव में अपने भतीजा के फलदान कार्यक्रम में गया था शाम करीब 04/00 बजे इसका लडका अमृत बताया कि मां का तबियत बहुत ज्यादा खराब हो गया है। घर चलो बोला तब यह वापस घर आया तो इसकी पत्नी दर्द हो रहा है, शाम करीब 06/00 बजे बातचीत करना बंद कर दी हिला डुला कर देखे तो कोई हलचल नही था। इसकी पत्नी की मृत्यु भांजा भांजी के मारने पीटने के कारण मानसिक तनाव एवं घबराहट होने व दर्द होने से फौत हुआ है।* *प्रार्थी सुचक के रिपोर्ट पर मर्ग इंटीमेशन दर्ज कर मर्ग पंचनामा बाद मृतिका के शव का सीएचसी राजपुर से कराया गया है। मर्ग क्रमांक 37/26 बारा 194 बीएनएसएस के मृतिका राजो बाई पति कुलन राम उम्र 55 वर्ष जाति पनिका निवासी ग्राम सिथमा की जांच के दौरान मृतिका की मृत्यु उपरोक्त आरोपीगण के द्वारा जमीन हिस्सा बंटवारा को लेकर जान से मारने की नियत से हाथ मुक्का व पैर से मारपीट करने से होना पाए जाने पर आरोपियों के विरूद्ध धारा सदर का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है विवेचना के दौरान आरोपियों के विरूद्ध धारा सदर का अपराध घटित करना पाये जाने से आरोपीगणों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है*1
- बलरामपुर में 2027 की जनगणना शुरू हो चुका है प्रथम चरण में और जिन भाइयों को जनगणना खुद से करना है वह पोर्टल में जाकर कर सकते हैं1
- सरगुजिहा बोलने पर बच्चे को दाखिला देने से किया मना, स्कूल को बंद करने कारण बताओ नोटिस जारी… अम्बिकापुर । जिला शिक्षा अधिकारी ने स्वरंग किड्स एकेडमी को एक कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से यह मामला सामने आया कि विद्यालय ने एक चार वर्षीय मासूम बच्चे को प्रवेश देने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि वह हिंदी के बजाय स्थानीय सरगुजिहा में बात करता है। रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने बच्चे के पिता से कहा कि यहाँ बड़े घरों के बच्चे पढ़ते हैं और वे भी सरगुजिहा सीख जाएंगे, साथ ही शिक्षक भी बच्चे की बात नहीं समझ पा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूल के इस व्यवहार को बच्चे और अभिभावक के लिए मानसिक आघात पहुंचाने वाला और नई शिक्षा नीति 2020 के नियमों का उल्लंघन माना है। नोटिस में कड़ी चेतावनी देते हुए पूछा गया है कि नियमों के विपरीत कार्य करने पर क्यों न संस्था को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाए। स्कूल प्रबंधन को तत्काल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी दे दी गई है।1