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संभल जनपद की सदर तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन पिशाच मोचन तीर्थ का लेंटर अचानक गिर गया। मुख्यमंत्री बंधन योजना के तहत 1.95 करोड़ रुपये की लागत से इस स्थल का निर्माण कार्य चल रहा था। घटना के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पालिका ईओ ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया गया है और इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Nitin Sagar
संभल जनपद की सदर तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन पिशाच मोचन तीर्थ का लेंटर अचानक गिर गया। मुख्यमंत्री बंधन योजना के तहत 1.95 करोड़ रुपये की लागत से इस स्थल का निर्माण कार्य चल रहा था। घटना के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पालिका ईओ ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया गया है और इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- संभल जनपद की सदर तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन पिशाच मोचन तीर्थ का लेंटर अचानक गिर गया। मुख्यमंत्री बंधन योजना के तहत 1.95 करोड़ रुपये की लागत से इस स्थल का निर्माण कार्य चल रहा था। घटना के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पालिका ईओ ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया गया है और इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील के निवासी सड़क की खराब हालत के कारण भारी संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच साल से सड़क पूरी तरह से जर्जर है, जिसके कारण यहां से आना-जाना दूभर हो गया है। विशेषकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है, क्योंकि सड़क पर हर तरफ कीचड़ फैल जाता है। अपनी इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई जगह शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें सीएम पोर्टल पर की गई शिकायतें भी शामिल हैं। हालांकि, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है और न ही किसी अधिकारी की तरफ से कोई रिस्पांस मिला है। सड़क की बदहाली से परेशान लोग जल्द से जल्द अपनी समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौसी में एक यादव परिवार में आयोजित शादी समारोह में बच्चों के डांस ने खासा उत्साह पैदा कर दिया। शादी के दौरान बच्चों ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बना रहा। इस आयोजन में बच्चों के लिए खास तोहफों का भी प्रबंध किया गया था।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली तहसील क्षेत्र के निवासियों ने ग्रामीण सड़कों की बनावट में सुधार की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर एक गांव में सड़कों को इसी तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए जिससे आम जनता को आवागमन में कोई परेशानी न हो। इसके साथ ही, बेहतर सड़क डिजाइन के पक्ष में तर्क देते हुए यह भी कहा गया है कि इससे बच्चे भी सुरक्षित रहेंगे।1
- Post by Raj kumar1
- संभल जिले के गुनौर स्थित गांव गुरेठा भुजिया में एक मुख्य रास्ता बेहद जर्जर और खराब स्थिति में है। इस रास्ते पर एक सरकारी स्कूल स्थित है, जिसके कारण विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते की बदहाली का आलम यह है कि बच्चों के लिए स्कूल तक आवाजाही करना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर गहरी चिंता जताई है और जल्द से जल्द इस रास्ते के निर्माण एवं सुधार की पुरजोर मांग की है।1
- संभल जनपद की गुन्नौर तहसील के ग्राम इसमपुर डांडा में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया गया। ऋषिपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव शामिल हुए। पंचायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक (असली) से जुड़े 111 किसानों ने संगठन छोड़कर भाकियू (टिकैत) की सदस्यता ग्रहण की। यह सदस्यता सचिन कुमार यादव, दिलीप कुमार यादव, एडवोकेट रामविरेश यादव और प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में ली गई। पंचायत में यूरिया और डीएपी खाद की कमी, बिजली कटौती और आलू किसानों की बदहाल स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई। विजेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया कि किसान खाद के लिए घंटों लाइनों में लगने के बावजूद उससे वंचित हैं और निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। साथ ही, उन्होंने बिजली व्यवस्था को भी बेहद खराब बताया। आलू किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने मांग की कि सरकार को आलू निर्यात की प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर किसानों की समस्याओं को अनदेखा करने और उनकी जमीनों पर नजर रखने का आरोप लगाया। विजेंद्र सिंह यादव ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो जिला मुख्यालय और प्रदेश सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी रणनीति जल्द ही घोषित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट रामविरेश यादव ने किया और इसे महावीर सिंह, रामवीर सिंह यादव, देशराज सिंह यादव, राजपाल सिंह यादव, मुकेश यादव, अमर सिंह राजपूत, शिवनारायण सिंह, डॉ. दिनेश कुमार, नरेंद्र सिंह यादव, वीरू यादव, देवेंद्र सिंह यादव, विनीत शर्मा, प्रदीप कुमार आर्य, प्रमोद यादव और रामबाबू सिंह समेत कई किसान नेताओं ने संबोधित किया।3
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। नगीना से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद को मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल ने रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चंद्रशेखर आजाद ने एसएसपी अविनाश पांडे पर निशाना साधते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की है। चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि ललिता गौतम की हत्या के मामले में न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उन्हें बंदी गाड़ी में ले जाकर पीटा गया। उन्होंने सवाल किया कि संविधान द्वारा मिले शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर किस कानून के तहत बल प्रयोग किया गया। आजाद ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए, न कि जनता के साथ ऐसी बर्बरता। इस घटनाक्रम के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि उन्हें तीन गाड़ियों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए या फिर परिवार को गेस्ट हाउस में बुलाकर उनसे मुलाकात करवाई जाए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिले बिना यहाँ से नहीं हटेंगे। उन्होंने शासन और प्रशासन को चेतावनी देते हुए लोकतंत्र में पीड़ित परिवार से मिलने को अपराध बताए जाने पर सवाल खड़े किए।1