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हजारीबाग शहर की पहचान मानी जाने वाली हजारीबाग झील को नो-व्हीकल ज़ोन बनाने और इसे पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने की दिशा में प्रशासनिक व नगर निगम स्तर पर गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। हजारीबाग नगर निगम बोर्ड ने झील क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसके बाद ज़िला प्रशासन ने भी इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। महापौर अरविंद कुमार राणा के उपायुक्त हेमंत सती से किए गए आग्रह के बाद, ज़िला प्रशासन ने झील क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन के रूप में स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही, उपायुक्त ने झील को पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने के लिए पर्यटन विभाग को एक पत्र भी भेजा है। इससे पहले, महापौर भी इसी मांग को लेकर पर्यटन विभाग को पत्र लिख चुके हैं। नो-व्हीकल ज़ोन व्यवस्था को लागू करने की तैयारियों के तहत, मंगलवार को अधिकारियों की एक टीम ने झील क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस टीम ने, जो आयुक्त के निर्देश पर पहुँची थी, संभावित व्यवस्थाओं, यातायात नियंत्रण और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। इस पूरे अभियान की निगरानी स्वयं उपायुक्त हेमंत सती कर रहे हैं। ज़िला प्रशासन का मानना है कि झील क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सीमित होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, और साथ ही स्थानीय लोगों व पर्यटकों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और शांत वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। झील को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने से इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी नया बल मिलने की उम्मीद है। शहरवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे हजारीबाग के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

1 hr ago
user_Kashif Adib
Kashif Adib
Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
1 hr ago

हजारीबाग शहर की पहचान मानी जाने वाली हजारीबाग झील को नो-व्हीकल ज़ोन बनाने और इसे पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने की दिशा में प्रशासनिक व नगर निगम स्तर पर गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। हजारीबाग नगर निगम बोर्ड ने झील क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसके बाद ज़िला प्रशासन ने भी इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। महापौर अरविंद कुमार राणा के उपायुक्त हेमंत सती से किए गए आग्रह के बाद, ज़िला प्रशासन ने झील क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन के रूप में स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही, उपायुक्त ने झील को पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने के लिए पर्यटन विभाग को एक पत्र भी भेजा है। इससे पहले, महापौर भी इसी मांग को लेकर पर्यटन विभाग को पत्र लिख चुके हैं। नो-व्हीकल ज़ोन व्यवस्था को लागू करने की तैयारियों के तहत, मंगलवार को अधिकारियों की एक टीम ने झील क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस टीम ने, जो आयुक्त के निर्देश पर पहुँची थी, संभावित व्यवस्थाओं, यातायात नियंत्रण और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। इस पूरे अभियान की निगरानी स्वयं उपायुक्त हेमंत सती कर रहे हैं। ज़िला प्रशासन का मानना है कि झील क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सीमित होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, और साथ ही स्थानीय लोगों व पर्यटकों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और शांत वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। झील को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने से इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी नया बल मिलने की उम्मीद है। शहरवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे हजारीबाग के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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  • हजारीबाग शहर की पहचान मानी जाने वाली हजारीबाग झील को नो-व्हीकल ज़ोन बनाने और इसे पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने की दिशा में प्रशासनिक व नगर निगम स्तर पर गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। हजारीबाग नगर निगम बोर्ड ने झील क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसके बाद ज़िला प्रशासन ने भी इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। महापौर अरविंद कुमार राणा के उपायुक्त हेमंत सती से किए गए आग्रह के बाद, ज़िला प्रशासन ने झील क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन के रूप में स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही, उपायुक्त ने झील को पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने के लिए पर्यटन विभाग को एक पत्र भी भेजा है। इससे पहले, महापौर भी इसी मांग को लेकर पर्यटन विभाग को पत्र लिख चुके हैं। नो-व्हीकल ज़ोन व्यवस्था को लागू करने की तैयारियों के तहत, मंगलवार को अधिकारियों की एक टीम ने झील क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस टीम ने, जो आयुक्त के निर्देश पर पहुँची थी, संभावित व्यवस्थाओं, यातायात नियंत्रण और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। इस पूरे अभियान की निगरानी स्वयं उपायुक्त हेमंत सती कर रहे हैं। ज़िला प्रशासन का मानना है कि झील क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सीमित होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, और साथ ही स्थानीय लोगों व पर्यटकों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और शांत वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। झील को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने से इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी नया बल मिलने की उम्मीद है। शहरवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे हजारीबाग के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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    हजारीबाग शहर की पहचान मानी जाने वाली हजारीबाग झील को नो-व्हीकल ज़ोन बनाने और इसे पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने की दिशा में प्रशासनिक व नगर निगम स्तर पर गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। हजारीबाग नगर निगम बोर्ड ने झील क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसके बाद ज़िला प्रशासन ने भी इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। महापौर अरविंद कुमार राणा के उपायुक्त हेमंत सती से किए गए आग्रह के बाद, ज़िला प्रशासन ने झील क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन के रूप में स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही, उपायुक्त ने झील को पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने के लिए पर्यटन विभाग को एक पत्र भी भेजा है। इससे पहले, महापौर भी इसी मांग को लेकर पर्यटन विभाग को पत्र लिख चुके हैं।

नो-व्हीकल ज़ोन व्यवस्था को लागू करने की तैयारियों के तहत, मंगलवार को अधिकारियों की एक टीम ने झील क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस टीम ने, जो आयुक्त के निर्देश पर पहुँची थी, संभावित व्यवस्थाओं, यातायात नियंत्रण और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। इस पूरे अभियान की निगरानी स्वयं उपायुक्त हेमंत सती कर रहे हैं।

ज़िला प्रशासन का मानना है कि झील क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सीमित होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, और साथ ही स्थानीय लोगों व पर्यटकों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और शांत वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। झील को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने से इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी नया बल मिलने की उम्मीद है। शहरवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे हजारीबाग के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    1 hr ago
  • झारखंड के एक मेडिकल कॉलेज में बिजली नहीं होने के कारण मरीज बेहाल हैं, जहाँ व्यवस्था के लिए लगाए गए जनरेटर भी फेल हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्थापित की गई व्यवस्था के बावजूद, डॉक्टरों को मरीजों का इलाज टॉर्च की रोशनी में करना पड़ रहा है। यह चौंकाने वाली स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करती है और गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर इस अव्यवस्था और मरीजों की परेशानी के लिए जिम्मेदार कौन है, जब मूलभूत सुविधाओं के नाम पर इतनी बड़ी राशि खर्च की गई है।
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    झारखंड के एक मेडिकल कॉलेज में बिजली नहीं होने के कारण मरीज बेहाल हैं, जहाँ व्यवस्था के लिए लगाए गए जनरेटर भी फेल हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्थापित की गई व्यवस्था के बावजूद, डॉक्टरों को मरीजों का इलाज टॉर्च की रोशनी में करना पड़ रहा है।

यह चौंकाने वाली स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करती है और गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर इस अव्यवस्था और मरीजों की परेशानी के लिए जिम्मेदार कौन है, जब मूलभूत सुविधाओं के नाम पर इतनी बड़ी राशि खर्च की गई है।
    user_Shashikant
    Shashikant
    Court reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    4 hrs ago
  • हजारीबाग शहर में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि वे पुलिस को खुली चुनौती देते हुए लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में आज सुबह करीब 10 बजे सदर थाना क्षेत्र की नवाबगंज गली में दिनदहाड़े एक महिला को निशाना बनाया गया। दो बाइक सवार अपराधियों ने घर के सामने से गुजर रही महिला के गले से सोने की चेन झपटी और मौके से तेजी से फरार हो गए। यह पूरी वारदात गली में लगे एक घर के सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से कैद हो गई है, जिसमें अपराधियों की तस्वीरें और चेन छीनने की लाइव घटना साफ देखी जा सकती है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि दिन के उजाले में ऐसी वारदात का होना शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी और मोहल्ले में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और अपराधियों के हुलिए के आधार पर अपनी छानबीन में जुट गई है।
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    हजारीबाग शहर में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि वे पुलिस को खुली चुनौती देते हुए लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में आज सुबह करीब 10 बजे सदर थाना क्षेत्र की नवाबगंज गली में दिनदहाड़े एक महिला को निशाना बनाया गया। दो बाइक सवार अपराधियों ने घर के सामने से गुजर रही महिला के गले से सोने की चेन झपटी और मौके से तेजी से फरार हो गए।

यह पूरी वारदात गली में लगे एक घर के सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से कैद हो गई है, जिसमें अपराधियों की तस्वीरें और चेन छीनने की लाइव घटना साफ देखी जा सकती है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि दिन के उजाले में ऐसी वारदात का होना शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी और मोहल्ले में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और अपराधियों के हुलिए के आधार पर अपनी छानबीन में जुट गई है।
    user_Abhay Kumar Singh
    Abhay Kumar Singh
    पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    4 hrs ago
  • हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने आज पुराने समाहरणालय भवन परिसर का औचक निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि परिसर में कई भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि कुछ भवन जर्जर अवस्था में हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से इन भवनों की वर्तमान स्थिति और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने बताया कि जो भवन अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में हैं, उन्हें कार्यालय संचालन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले में कई ऐसे कार्यालय हैं जहाँ कमरों की कमी है, और ऐसे कार्यालयों को आवश्यकता के अनुसार पुराने समाहरणालय परिसर में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारू बनाना है।
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    हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने आज पुराने समाहरणालय भवन परिसर का औचक निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि परिसर में कई भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि कुछ भवन जर्जर अवस्था में हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से इन भवनों की वर्तमान स्थिति और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

उपायुक्त ने बताया कि जो भवन अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में हैं, उन्हें कार्यालय संचालन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले में कई ऐसे कार्यालय हैं जहाँ कमरों की कमी है, और ऐसे कार्यालयों को आवश्यकता के अनुसार पुराने समाहरणालय परिसर में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारू बनाना है।
    user_News nation
    News nation
    Barkagaon हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    8 hrs ago
  • एक पिता ने अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की है, जिसका सीधा आरोप उन्होंने सिस्टम की लापरवाही पर लगाया है। इस दुख और लाचारी के बीच उन्होंने अपनी अशिक्षा का भी उल्लेख किया, जो उनकी स्थिति को और भी अधिक गंभीर बना देती है।
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    एक पिता ने अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की है, जिसका सीधा आरोप उन्होंने सिस्टम की लापरवाही पर लगाया है। इस दुख और लाचारी के बीच उन्होंने अपनी अशिक्षा का भी उल्लेख किया, जो उनकी स्थिति को और भी अधिक गंभीर बना देती है।
    user_Aakash Kumar paswan
    Aakash Kumar paswan
    Artist तांडवा, चतरा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • हजारीबाग के सिंदूर क्षेत्र में हुए चर्चित डबल मर्डर मामले को लेकर बड़कागांव की पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने कुद स्थित उनके आवास पर परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। अंबा प्रसाद ने मृत बच्चों के परिजनों को सांत्वना देते हुए इस घटना को बेहद दर्दनाक और मानवता को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में पीड़ित परिवार अकेला नहीं है और वह हर स्तर पर उनके साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से फोन पर बात कर मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की, साथ ही यह भी कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। पूर्व विधायक ने बताया कि पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का रहने वाला है और रोजगार की तलाश में हजारीबाग आया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह झारखंड के लोग भी दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं, उसी तरह यहां रहने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि मासूम बच्ची तमन्ना और उसके छोटे भाई की निर्मम हत्या ने पूरे हजारीबाग को दुखी कर दिया है, खासकर जब दोनों बच्चे खिलौने और गुब्बारे बेचकर परिवार का सहारा बन रहे थे। अंबा प्रसाद ने पीड़ित परिवार को आर्थिक और कानूनी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरकार से परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी प्रदान करने की मांग उठाने की बात भी कही। गौरतलब है कि हजारीबाग में दो बच्चों की इस हत्या के मामले के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं लोग जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
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    हजारीबाग के सिंदूर क्षेत्र में हुए चर्चित डबल मर्डर मामले को लेकर बड़कागांव की पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने कुद स्थित उनके आवास पर परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

अंबा प्रसाद ने मृत बच्चों के परिजनों को सांत्वना देते हुए इस घटना को बेहद दर्दनाक और मानवता को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में पीड़ित परिवार अकेला नहीं है और वह हर स्तर पर उनके साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से फोन पर बात कर मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की, साथ ही यह भी कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

पूर्व विधायक ने बताया कि पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का रहने वाला है और रोजगार की तलाश में हजारीबाग आया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह झारखंड के लोग भी दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं, उसी तरह यहां रहने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि मासूम बच्ची तमन्ना और उसके छोटे भाई की निर्मम हत्या ने पूरे हजारीबाग को दुखी कर दिया है, खासकर जब दोनों बच्चे खिलौने और गुब्बारे बेचकर परिवार का सहारा बन रहे थे।

अंबा प्रसाद ने पीड़ित परिवार को आर्थिक और कानूनी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरकार से परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी प्रदान करने की मांग उठाने की बात भी कही। गौरतलब है कि हजारीबाग में दो बच्चों की इस हत्या के मामले के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं लोग जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    1 hr ago
  • यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि न्याय के नाम पर किए जा रहे अत्याचार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया है कि प्रत्येक नागरिक की जान और उसके सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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    यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि न्याय के नाम पर किए जा रहे अत्याचार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया है कि प्रत्येक नागरिक की जान और उसके सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Hazaribag, Hazaribagh•
    9 hrs ago
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