कानपुर कचहरी परिसर में अधिवक्ता और एक पुलिस कांस्टेबल के बीच हुई मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है और डीसीपी ईस्ट के निर्देश पर जांच शुरू की गई है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि एक कांस्टेबल पहले से ही निलंबित और गैरहाजिर था। वहीं, दूसरे कांस्टेबल पर ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता बरतने और कथित रूप से नशे की हालत में विवाद करने के आरोप लगे हैं, जिसके आधार पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस विभाग ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने कचहरी की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कानपुर कचहरी परिसर में अधिवक्ता और एक पुलिस कांस्टेबल के बीच हुई मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है और डीसीपी ईस्ट के निर्देश पर जांच शुरू की गई है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि एक कांस्टेबल पहले से ही निलंबित और गैरहाजिर था। वहीं, दूसरे कांस्टेबल पर ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता बरतने और कथित रूप से नशे की हालत में विवाद करने के आरोप लगे हैं, जिसके आधार पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस विभाग ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने कचहरी की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- सुल्तानपुर के थाना गोसाईगंज क्षेत्र में हुई एक घटना के अनावरण के संबंध में सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक श्री वृजनारायन सिंह ने स्पष्ट किया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझाई गई इस घटना को लेकर कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर मिथ्या तथ्य प्रकाशित कर रहे हैं और भड़काऊ बयान दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति जातिगत वैमनस्य फैलाने या सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेगा, जिससे सामाजिक शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता हो, तो उसके खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- सुल्तानपुर में एक बिटिया रानी का इस दुनिया में आगमन हुआ है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर अपार हर्ष व्यक्त किया जा रहा है। परिवार और शुभचिंतकों द्वारा बिटिया रानी के जन्म पर उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएँ दी गई हैं।1
- सुल्तानपुर में जनता की समस्याओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर बढ़ती लूटमार, चोरी और छिनैती की घटनाओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या सच बोलना या गरीबों की मदद करना अब अपराध की श्रेणी में आता है। आरोप है कि अधिकारी किसी की फरियाद सुनने को तैयार नहीं हैं, जिससे आमजन बेहाल और परेशान है। व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह भी कहा गया है कि वर्तमान में सरकार न्यायपालिका की भूमिका निभा रही है, जबकि न्यायपालिका पूरी तरह से मूक बनी हुई है। पुलिस तंत्र पर भी मिलीभगत का आरोप लगा है, जिसमें यह दावा किया गया है कि पुलिस अपराधियों के साथ मिलकर मलाई खा रही है और सरकार अपनी मनमर्जी से काम कर रही है।1
- Jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai jai shree ambe maa1
- सुल्तानपुर जिले के प्रतापपुर कमैचा विकासखंड अंतर्गत धौरहरा ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गांव में नालियां चोक पड़ी हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाईकर्मी नियमित रूप से गांव नहीं पहुंचते हैं, जिससे मानसून के दौरान संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस अव्यवस्था के संबंध में जब पत्रकारों ने तैनात सफाईकर्मी राकेश वर्मा से सवाल किया, तो उन्होंने कथित तौर पर असहयोगपूर्ण व्यवहार करते हुए कहा, "इस संबंध में मुझसे बात मत करो।" सफाईकर्मी के इस रवैये ने ग्रामीणों के असंतोष को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि केवल धौरहरा ही नहीं, बल्कि ब्लॉक की कई पंचायतों में सफाईकर्मी गांव आने के बजाय ब्लॉक एवं अन्य कार्यालयों के कार्यों में व्यस्त रहते हैं। इस पूरे मामले की जानकारी जब खंड विकास अधिकारी निशा तिवारी को दी गई, तो उन्होंने कथित तौर पर "उसे बात करती हूं" कहकर मामले को टाल दिया, जिससे ग्रामीणों में और अधिक रोष है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। अब यह मामला जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के संज्ञान में पहुंच चुका है, जिसके बाद ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है ताकि गांवों में स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।4
- कानपुर कचहरी परिसर में अधिवक्ता और एक पुलिस कांस्टेबल के बीच हुई मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है और डीसीपी ईस्ट के निर्देश पर जांच शुरू की गई है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि एक कांस्टेबल पहले से ही निलंबित और गैरहाजिर था। वहीं, दूसरे कांस्टेबल पर ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता बरतने और कथित रूप से नशे की हालत में विवाद करने के आरोप लगे हैं, जिसके आधार पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस विभाग ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने कचहरी की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1