शिक्षक, विद्यार्थियो को पूरी ईमानदारी, लगन और समपर्ण के साथ दें शिक्षा- कलेक्टर - विद्यार्थी, देश के भविष्य, राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा जरूरी- कलेक्टर -- विद्यार्थियो को शिक्षा दिलाना हम सबका नैतिक दायित्व- सदस्य जिला योजना समिति -- चंदन-वंदन, पुष्पवर्षा और फूलमाला पहनाकर विद्यार्थियो को कराया गया शाला प्रवेश -- उत्साह, हर्षाेल्लास एवं उमंग के साथ मनाया गया प्रवेशोत्सव कार्यक्रम -- शहडोल 1 अप्रैल 2026- जिला मुख्यालय शहडोल के शासकीय रघुराज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में स्कूल चले हम अभियान के तहत कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, सदस्य योजना योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती फूलवती सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियो, अधिकारियो, अभिभावको एवं विद्यार्थियो की उपस्थिति में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम हर्षाेल्लास, उत्साह एवं उमंग के साथ प्रवेशोत्सव सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी देश के भविष्य है इनके योगदान से ही हमारे समाज और देश का उत्थान संभव है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करना शासन की मंशा है, यह तभी संभव होगा जब हम सब मिलकर बच्चे को शिक्षा के लिए प्रेरित करेंगे, शिक्षा से अनुशासन, सोच और सकारात्मक दिशा में बढने की क्षमता बढती है। उन्होने कहा कि बच्चो के अभिभावक विद्यालय के शिक्षको से बड़ी उम्मीदे रखते है कि मेरे बच्चे पढ़कर लिखकर नाम रोशन करेंगे इन उम्मीदो को पूरा करना शिक्षको का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पूरी ईमानदारी, लगन और समर्पण के साथ विद्यार्थियो को शिक्षा दें जिससे आगे चलकर वे देश और समाज के विकास और उन्नति में अपने योगदान दे सकें। कलेक्टर ने कहा कि बच्चो को शिक्षा ग्रहण के लिए हमेशा प्रेरित करे जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि अभिभावक शासन द्वारा संचालित योजनाओ का लाभ लेते हुए अपने बच्चो को बेहतर से बेहतर शिक्षा दिलाएं और उनका भविष्य मजबूत करें। छोटे छोटे बच्चो को ऑगनवाड़ी केंद्रो के माध्यम से भी बच्चो को प्राथमिक विद्यालयो के प्रवेश भी दिलाया जाता है। सदस्य, जिला योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा ने प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार विद्यार्थियो को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए कार्य कर रही है। बच्चो को शिक्षित करना हम सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियो को निःशुल्क साइकिले, पाठ्य सामग्री, छात्रवृत्ति, गणवेश जैसी अन्य सुविधा निःशुल्क प्रदाय की जा रही है। विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी तथा 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियांे को लैपटॉप उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओ का लाभ लेते हुए अभिभावक अपने बच्चो को नियमित रूप से विद्यालय भेजे तथा बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करें। कार्यक्रम को जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती फूलवती सिंह, अध्यक्ष नगरपालिका श्री घनश्याम जायसवाल ने भी सम्बोंधित किया। कार्यक्रम में उपस्थिति जनप्रतिनिधियो एवं अधिकारियो ने नवप्रवेषित विद्यार्थियो को तिलक, पुष्पवर्षा एवं फूलमाला पहनाकर स्वागत, कक्षा 9वीं प्रवेषित बच्चियो को साइकिल वितरित, उच्चतम अंको से परीक्षा उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियो को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरावती कोल, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण श्री उमेश कुमार धुर्वे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.के. मंगलानी, समाजसेवी श्री रवींद्र वर्मा, श्री प्रियम त्रिपाठी, ए.पी.सी. श्री अरविंद पाण्डेय सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थियो सहित अन्य लोग उपस्थित रहें। कार्यक्रम को संचालन जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विवेक पाण्डेय ने किया।
शिक्षक, विद्यार्थियो को पूरी ईमानदारी, लगन और समपर्ण के साथ दें शिक्षा- कलेक्टर - विद्यार्थी, देश के भविष्य, राष्ट्र उत्थान के लिए शिक्षा जरूरी- कलेक्टर -- विद्यार्थियो को शिक्षा दिलाना हम सबका नैतिक दायित्व- सदस्य जिला योजना समिति -- चंदन-वंदन, पुष्पवर्षा और फूलमाला पहनाकर विद्यार्थियो को कराया गया शाला प्रवेश -- उत्साह, हर्षाेल्लास एवं उमंग के साथ मनाया गया प्रवेशोत्सव कार्यक्रम -- शहडोल 1 अप्रैल 2026- जिला मुख्यालय शहडोल के शासकीय रघुराज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में स्कूल चले हम अभियान के तहत कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, सदस्य योजना योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती फूलवती सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियो, अधिकारियो, अभिभावको एवं विद्यार्थियो की उपस्थिति में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम हर्षाेल्लास, उत्साह एवं उमंग के साथ प्रवेशोत्सव सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी देश के भविष्य है इनके योगदान से ही हमारे
समाज और देश का उत्थान संभव है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करना शासन की मंशा है, यह तभी संभव होगा जब हम सब मिलकर बच्चे को शिक्षा के लिए प्रेरित करेंगे, शिक्षा से अनुशासन, सोच और सकारात्मक दिशा में बढने की क्षमता बढती है। उन्होने कहा कि बच्चो के अभिभावक विद्यालय के शिक्षको से बड़ी उम्मीदे रखते है कि मेरे बच्चे पढ़कर लिखकर नाम रोशन करेंगे इन उम्मीदो को पूरा करना शिक्षको का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षक पूरी ईमानदारी, लगन और समर्पण के साथ विद्यार्थियो को शिक्षा दें जिससे आगे चलकर वे देश और समाज के विकास और उन्नति में अपने योगदान दे सकें। कलेक्टर ने कहा कि बच्चो को शिक्षा ग्रहण के लिए हमेशा प्रेरित करे जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि अभिभावक शासन द्वारा संचालित योजनाओ का लाभ लेते हुए अपने बच्चो को बेहतर से बेहतर शिक्षा दिलाएं और उनका भविष्य मजबूत
करें। छोटे छोटे बच्चो को ऑगनवाड़ी केंद्रो के माध्यम से भी बच्चो को प्राथमिक विद्यालयो के प्रवेश भी दिलाया जाता है। सदस्य, जिला योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा ने प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार विद्यार्थियो को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए कार्य कर रही है। बच्चो को शिक्षित करना हम सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियो को निःशुल्क साइकिले, पाठ्य सामग्री, छात्रवृत्ति, गणवेश जैसी अन्य सुविधा निःशुल्क प्रदाय की जा रही है। विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी तथा 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियांे को लैपटॉप उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओ का लाभ लेते हुए अभिभावक अपने बच्चो को नियमित रूप से विद्यालय भेजे तथा बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करें। कार्यक्रम को जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती फूलवती सिंह, अध्यक्ष नगरपालिका श्री घनश्याम जायसवाल ने भी सम्बोंधित
किया। कार्यक्रम में उपस्थिति जनप्रतिनिधियो एवं अधिकारियो ने नवप्रवेषित विद्यार्थियो को तिलक, पुष्पवर्षा एवं फूलमाला पहनाकर स्वागत, कक्षा 9वीं प्रवेषित बच्चियो को साइकिल वितरित, उच्चतम अंको से परीक्षा उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियो को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरावती कोल, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण श्री उमेश कुमार धुर्वे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.के. मंगलानी, समाजसेवी श्री रवींद्र वर्मा, श्री प्रियम त्रिपाठी, ए.पी.सी. श्री अरविंद पाण्डेय सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थियो सहित अन्य लोग उपस्थित रहें। कार्यक्रम को संचालन जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विवेक पाण्डेय ने किया।
- मैहर। शहर के व्यस्त काली माता चौक में गुरुवार सुबह तेज रफ्तार का खतरनाक नजारा देखने को मिला। अनियंत्रित गति से दौड़ रहा एक ऑटो अचानक बेकाबू हो गया और सड़क किनारे खड़ी एक कार से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो मौके पर ही पलट गया। इस हादसे में ऑटो में सवार स्कूल जा रही एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता दिखाते हुए छात्रा को ऑटो से बाहर निकाला और बिना देर किए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ऑटो चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था और संतुलन बिगड़ने के कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया। इससे स्थानीय लोगों में नाराज़गी देखी गई और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक को जल्द पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाए। बढ़ती लापरवाही पर सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। मांग फरार चालक की तुरंत गिरफ्तारी व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक निगरानी बढ़ाई जाए स्कूल टाइम में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू हो1
- बाणसागर: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाणसागर प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर भव्य 'प्रवेश उत्सव' का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में नव-प्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत पारंपरिक और उत्साहपूर्ण तरीके से तिलक लगाकर हुआ स्वागत विद्यालय की गरिमा के अनुरूप, शिक्षकों और वरिष्ठ छात्रों ने नव-प्रवेशी विद्यार्थियों का प्रवेश द्वार पर ही तिलक लगाकर और फूल-मालाओं के साथ आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान छात्रों के चेहरे पर नई कक्षा और नए सत्र को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।प्रवेश उत्सव के अवसर पर विद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना के साथ हुई। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य और शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित कर माता का आशीर्वाद लिया।। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न लोक गीतों, नृत्यों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के महत्व और 'स्कूल चलें हम' अभियान का संदेश दिया गया। इस दौरान कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं को उनकी अंकसूची प्रदान की गई। साथ ही, आगामी शैक्षणिक सत्र के सुचारू संचालन हेतु शासन की योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। विद्यालय का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा, जिसमें कई छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। अंकसूची प्राप्त करने के तुरंत बाद विद्यार्थियों को नए सत्र की पुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई समय पर शुरू कर सकें। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। अतिथियों का उद्बोधन: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय नगर परिषद खांड (बाणसागर) अध्यक्ष श्री मती सुशीला सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र बैस, वरिष्ठ समाजसेवी गया पयासी और निपेंद्र सिंह, रामजी गौतम संबोधन में विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने हेतु प्रेरित किया। प्राचार्य का संबोधन:इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि "शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। नई पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए नए सपनों की शुरुआत हैं।" उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहें और उन्हें नियमित विद्यालय भेजें।परीक्षा परिणाम पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे और वे नई पुस्तकें पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।1
- Post by Thakur Saheb9
- Post by Ashok Sondhiya1
- गर्मी में मां के संग पानी में मस्ती करते दिखे 4 शावक, बांधवगढ़ का दिल छू लेने वाला VIDEO वायरल उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बेहद खूबसूरत और सुकून देने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो खितोली जोन क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां रविवार की शाम एक बाघिन अपने चार नन्हे शावकों के साथ पानी में खेलती और उन्हें सिखाती नजर आई। गर्मी के इस मौसम में जहां जंगल के अधिकांश हिस्सों में पानी की कमी हो जाती है, वहीं ऐसे जलस्रोत वन्यजीवों के लिए राहत का सबसे बड़ा सहारा बन जाते हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाघिन अपने शावकों के साथ पानी में उतरकर न सिर्फ खुद को ठंडक दे रही है, बल्कि अपने बच्चों को भी पानी में रहने और सुरक्षित रहने के तरीके सिखा रही है। चारों शावक बेहद चंचल अंदाज में कभी पानी में छलांग लगाते दिखे, तो कभी मां के आसपास खेलते नजर आए। उनकी मासूम हरकतों ने इस वीडियो को और भी खास बना दिया है। मां बाघिन पूरे समय सतर्क नजर आई और हर पल अपने शावकों पर नजर रखती दिखी, जो जंगल के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के बीच यह वीडियो खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे बांधवगढ़ के समृद्ध वन्यजीव और सुरक्षित माहौल का प्रतीक मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक साथ चार शावकों का स्वस्थ और सक्रिय नजर आना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शिकार और प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त हैं। गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में से एक है, जहां बाघों की अच्छी खासी संख्या पाई जाती है। यहां का खितोली जोन खासतौर पर बाघों की मूवमेंट और उनके व्यवहार को देखने के लिए जाना जाता है। फिलहाल यह वीडियो लोगों के दिलों को छू रहा है और जंगल के उस खूबसूरत पहलू को सामने ला रहा है, जहां ममता, सुरक्षा और जीवन का संतुलन एक साथ नजर आता है।1
- उमरिया जिले की सियासत में कांग्रेस की एक सूची ने ऐसा बवंडर खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब संगठन की साख तक पहुंच गई है। मामला मध्य प्रदेश कांग्रेस केश कला शिल्पी प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय नव-नियुक्त प्रबंध समिति से जुड़ा है जहां एक नाम ने पूरी राजनीति गरमा दी। सूची में उमरिया निवासी अनुज सेन को प्रदेश सचिव घोषित कर दिया गया लेकिन असली विवाद यहीं से शुरू हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि अनुज सेन खुद को भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हैं और वर्तमान में भाजपा नगर मंडल उमरिया में मंत्री पद पर काबिज हैं। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सूची में उनका नाम शामिल होना सीधे-सीधे संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अनुज सेन ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे वर्षों पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, बिना जानकारी और सहमति के उनका नाम जोड़ना सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है। सेन ने दो टूक कहा कि वे आगे भी भाजपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। बताया जा रहा है कि अनुज सेन करीब 8 साल पहले कांग्रेस से अलग हो चुके थे और तब से लगातार भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कांग्रेस की सूची तैयार करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर संगठन के भीतर गहरी गड़बड़ी? इस पूरे मामले ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। विपक्ष को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका मिल गया है वहीं संगठन के भीतर भी असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एक साधारण सूची में इस तरह की गलती ने कांग्रेस की गंभीरता और विश्वसनीयता दोनों पर चोट पहुंचाई है। विवाद बढ़ता देख कांग्रेस संगठन के महासचिव एडवोकेट पुष्पराज सिंह सामने आए और सफाई दी। उन्होंने स्वीकार किया कि अनुज सेन पहले कांग्रेस में थे लेकिन अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उनके अनुसार सूची में नाम शामिल होना एक तकनीकी त्रुटि है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि यह सफाई कई सवालों को शांत करने में नाकाफी साबित हो रही है। क्या इतनी अहम नियुक्ति सूची बिना सही जांच के जारी कर दी गई? क्या संगठन में समन्वय की कमी है या फिर जिम्मेदारी तय करने का अभाव? उमरिया का यह मामला अब एक साधारण नाम जुड़ने की गलती नहीं रह गया है बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और कार्यशैली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है या यह मुद्दा आगे और सियासी रंग लेता है।1
- शहडोल बुधवार को नगर के शासकीय रघुराज स्कूल में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस आयोजन में जिले के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे हैं, जहां बड़े ही धूमधाम के साथ प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षक सहित जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे हैं।1
- शहडोल। जिले के गोहपारू वन क्षेत्र में हाल ही में हुई घटनाओं ने प्रशासनिक सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां एक तेंदुए की कुएं में गिरने से मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के कर्मचारियों पर हमले की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। इससे लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। मुख्य सवाल जो उठ रहे हैं: 👉 वन्यजीव सुरक्षा पर लापरवाही? तेंदुए की मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे। यदि कुएं के आसपास सुरक्षा दीवार या घेराबंदी होती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। 👉 कर्मचारियों की सुरक्षा पर खतरा वन विभाग की टीम पर हमले की घटना ने यह साफ कर दिया है कि फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा पर्याप्त नहीं है। ऐसे में उनके मनोबल पर भी असर पड़ रहा है। 👉 जिम्मेदारी तय क्यों नहीं? घटनाओं के बाद भी अब तक किसी स्तर पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं होने से प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर बढ़ रही चिंता गोहपारू क्षेत्र में लगातार सामने आ रही घटनाओं से ग्रामीणों और कर्मचारियों दोनों में असुरक्षा की भावना है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। क्या होनी चाहिए आगे की कार्रवाई? पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए वन्यजीव सुरक्षा के लिए मूलभूत ढांचे (जैसे कुओं की सुरक्षा) को मजबूत किया जाए फील्ड कर्मचारियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए संबंधित मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए निष्कर्ष गोहपारू की घटनाएं सिर्फ एक इलाके की समस्या नहीं, बल्कि सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन संकेतों को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाता है या नहीं।1