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🚨 गाइज देखो! हमारी VIP रोड बनकर तैयार 😂😂 गाइज देखो 😎🔥 आखिरकार हमारी रोड का VIP वाला काम शुरू हो गया है! 😂 बस थोड़ी सी मिट्टी डली है और रोड का रुतबा देखो… पूरा VIP! 🤣 अब इस रोड पर चलना भी आम आदमी के बस की बात नहीं है! 😂🚧 आपके यहाँ भी ऐसी VIP रोड बनी है क्या? 😂👇 कमेंट में बताओ! #FunnyVideo #Comedy #VIPRoad #DesiComedy #FunnyReels . yah comedy video hai kripya Dil per na len

3 hrs ago
user_Rohan Gaur
Rohan Gaur
Video Creator गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

🚨 गाइज देखो! हमारी VIP रोड बनकर तैयार 😂😂 गाइज देखो 😎🔥 आखिरकार हमारी रोड का VIP वाला काम शुरू हो गया है! 😂 बस थोड़ी सी मिट्टी डली है और रोड का रुतबा देखो… पूरा VIP! 🤣 अब इस रोड पर चलना भी आम आदमी के बस की बात नहीं है! 😂🚧 आपके यहाँ भी ऐसी VIP रोड बनी है क्या? 😂👇 कमेंट में बताओ! #FunnyVideo #Comedy #VIPRoad #DesiComedy #FunnyReels . yah comedy video hai kripya Dil per na len

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  • 🚨 गाइज देखो! हमारी VIP रोड बनकर तैयार 😂😂 गाइज देखो 😎🔥 आखिरकार हमारी रोड का VIP वाला काम शुरू हो गया है! 😂 बस थोड़ी सी मिट्टी डली है और रोड का रुतबा देखो… पूरा VIP! 🤣 अब इस रोड पर चलना भी आम आदमी के बस की बात नहीं है! 😂🚧 आपके यहाँ भी ऐसी VIP रोड बनी है क्या? 😂👇 कमेंट में बताओ! #FunnyVideo #Comedy #VIPRoad #DesiComedy #FunnyReels . yah comedy video hai kripya Dil per na len
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    🚨 गाइज देखो! हमारी VIP रोड बनकर तैयार 😂😂
गाइज देखो 😎🔥 आखिरकार हमारी रोड का VIP वाला काम शुरू हो गया है! 😂
बस थोड़ी सी मिट्टी डली है और रोड का रुतबा देखो… पूरा VIP! 🤣
अब इस रोड पर चलना भी आम आदमी के बस की बात नहीं है! 😂🚧
आपके यहाँ भी ऐसी VIP रोड बनी है क्या? 😂👇
कमेंट में बताओ!
#FunnyVideo #Comedy #VIPRoad #DesiComedy #FunnyReels
.
yah comedy video hai kripya Dil per na len
    user_Rohan Gaur
    Rohan Gaur
    Video Creator गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बंधोली में सरकारी दवाएं जलाने का वायरल वीडियो: मौके पर राख तक नहीं मिली! ग्वालियर मुरार वीडियो करीब एक साल पुराना होने का दावा, स्वास्थ्य विभाग की जांच में दवा या मेडिकल वेस्ट जलाने का प्रमाण नहीं; कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस ग्वालियर अपडेट संवाददाता | ग्वालियर ग्वालियर। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में भेजी जाने वाली दवाओं की खरीद पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। एक्सपायरी या अनुपयोगी दवाओं के निस्तारण के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया है। ऐसे में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र से जोड़कर सरकारी दवाएं जलाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कथित तौर पर दवाओं को आग के हवाले करते हुए दिखाया गया है। मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विभागीय टीम ने बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के संभावित स्थानों पर पहुंचकर जांच की। मौके पर दवा नहीं, मेडिकल वेस्ट नहीं और राख भी नहीं मिली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर के अलावा आसपास के खेतों और अन्य संभावित स्थानों को भी देखा। ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई कि क्या हाल के दिनों में स्वास्थ्य केंद्र के आसपास एक्सपायरी दवाएं या मेडिकल वेस्ट जलाया गया है। लेकिन जांच के दौरान जली हुई दवाओं, मेडिकल वेस्ट या राख का कोई ऐसा अवशेष नहीं मिला, जिससे वायरल वीडियो में दिखाई जा रही घटना की वर्तमान समय में पुष्टि हो सके। यहीं से पूरा मामला और गंभीर सवाल खड़ा करता है—अगर मौके पर कोई अवशेष नहीं मिला तो वीडियो कब का है और वास्तव में कहां का है? एक साल पुराना बताया जा रहा वीडियो स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र की सीएचओ साधना कुशवाहा ने भी वीडियो को पुराना बताया है। उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना का वर्तमान समय से संबंध नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तव में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र का ही है। ऐसे में अब जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि वीडियो की वास्तविक लोकेशन और तारीख क्या है? जनपद अध्यक्ष के निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल वायरल वीडियो के बीच जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने हस्तिनापुर स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्टाफ मौजूद मिला, जबकि श्रीनिवास नामक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर ने अनुपस्थित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीबीएमओ के अनुसार उन्होंने स्वयं जनपद अध्यक्ष के साथ स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। मामले की जानकारी सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर के संज्ञान में भी है। दवा जलाने का प्रमाण नहीं, लेकिन गंदगी ने जरूर खड़े किए सवाल जांच में भले ही सरकारी दवाओं को जलाने का कोई ताजा प्रमाण नहीं मिला, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र परिसर की सफाई व्यवस्था ने जरूर चिंता बढ़ा दी। निरीक्षण के दौरान परिसर में जगह-जगह गोबर और गंदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र के आसपास शासकीय विद्यालय और नल-जल योजना से जुड़ा कुआं भी मौजूद है। ऐसे सार्वजनिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थान के आसपास सफाई व्यवस्था का संतोषजनक नहीं होना अपने आप में गंभीर सवाल है। उपसरपंच का आरोप—गांव में नियमित नहीं आता सफाई कर्मचारी बंधोली के उपसरपंच ने आरोप लगाया कि गांव में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं आते। उनका कहना है कि स्कूल, सार्वजनिक स्थानों और गांव के कई हिस्सों में लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित है। वहीं सीएचओ साधना कुशवाहा के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ नियमित रूप से ड्यूटी पर आता है, लेकिन नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं होने से सफाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें स्वयं स्वास्थ्य केंद्र की सफाई करनी पड़ती है। अगर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है, तो यह भी स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग जांच का विषय बन सकता है। अब वायरल वीडियो की असली कहानी क्या? जांच में मौके से जली हुई दवाएं या मेडिकल वेस्ट नहीं मिलने के बाद फिलहाल वायरल वीडियो को वर्तमान घटना मानने का आधार सामने नहीं आया है। लेकिन इससे वीडियो से जुड़े मूल सवाल खत्म नहीं होते। जांच के घेरे में ये सवाल— वायरल वीडियो आखिर कहां का है? वीडियो कब बनाया गया था? उसमें दिखाई दे रही दवाएं किस सरकारी स्वास्थ्य संस्था की थीं? क्या दवाएं एक्सपायरी थीं? यदि एक्सपायरी थीं तो उनका निस्तारण किस निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया? वीडियो करीब एक साल पुराना है तो अब इसे वायरल करने की वजह क्या है? यदि वीडियो बंधोली का नहीं है तो इसकी वास्तविक लोकेशन क्या है? स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी क्यों नहीं है? स्वास्थ्य संस्थाओं में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की नियमित निगरानी कौन करता है? वीडियो से बड़ा सवाल अब उसकी सच्चाई का बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान जली हुई सरकारी दवाएं, मेडिकल वेस्ट या राख नहीं मिली। इसलिए वायरल वीडियो को वर्तमान घटना बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी। लेकिन मामला सरकारी दवाओं के निस्तारण से जुड़ा होने के कारण वीडियो की तारीख, लोकेशन, उसमें दिखाई दे रही दवाओं और संबंधित स्वास्थ्य संस्था की पहचान की निष्पक्ष जांच जरूरी है। फिलहाल बंधोली में दवा जलाने का ताजा प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने दो बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं— पहला—वीडियो की असली सच्चाई क्या है? दूसरा—स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं आखिर इतनी बदहाल क्यों हैं? अब इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और वीडियो की वास्तविकता सामने आने के बाद ही साफ होगा। अगली खबर अगले अंक में आपको पढ़ने को मिलेगी बंधोली में सरकारी दवाएं जलाने का वायरल वीडियो: मौके पर राख तक नहीं मिली! ग्वालियर मुरार वीडियो करीब एक साल पुराना होने का दावा, स्वास्थ्य विभाग की जांच में दवा या मेडिकल वेस्ट जलाने का प्रमाण नहीं; कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस ग्वालियर अपडेट संवाददाता | ग्वालियर ग्वालियर। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में भेजी जाने वाली दवाओं की खरीद पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। एक्सपायरी या अनुपयोगी दवाओं के निस्तारण के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया है। ऐसे में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र से जोड़कर सरकारी दवाएं जलाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कथित तौर पर दवाओं को आग के हवाले करते हुए दिखाया गया है। मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विभागीय टीम ने बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के संभावित स्थानों पर पहुंचकर जांच की। मौके पर दवा नहीं, मेडिकल वेस्ट नहीं और राख भी नहीं मिली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर के अलावा आसपास के खेतों और अन्य संभावित स्थानों को भी देखा। ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई कि क्या हाल के दिनों में स्वास्थ्य केंद्र के आसपास एक्सपायरी दवाएं या मेडिकल वेस्ट जलाया गया है। लेकिन जांच के दौरान जली हुई दवाओं, मेडिकल वेस्ट या राख का कोई ऐसा अवशेष नहीं मिला, जिससे वायरल वीडियो में दिखाई जा रही घटना की वर्तमान समय में पुष्टि हो सके। यहीं से पूरा मामला और गंभीर सवाल खड़ा करता है—अगर मौके पर कोई अवशेष नहीं मिला तो वीडियो कब का है और वास्तव में कहां का है? एक साल पुराना बताया जा रहा वीडियो स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र की सीएचओ साधना कुशवाहा ने भी वीडियो को पुराना बताया है। उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना का वर्तमान समय से संबंध नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तव में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र का ही है। ऐसे में अब जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि वीडियो की वास्तविक लोकेशन और तारीख क्या है? जनपद अध्यक्ष के निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल वायरल वीडियो के बीच जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने हस्तिनापुर स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्टाफ मौजूद मिला, जबकि श्रीनिवास नामक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर ने अनुपस्थित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीबीएमओ के अनुसार उन्होंने स्वयं जनपद अध्यक्ष के साथ स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। मामले की जानकारी सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर के संज्ञान में भी है। दवा जलाने का प्रमाण नहीं, लेकिन गंदगी ने जरूर खड़े किए सवाल जांच में भले ही सरकारी दवाओं को जलाने का कोई ताजा प्रमाण नहीं मिला, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र परिसर की सफाई व्यवस्था ने जरूर चिंता बढ़ा दी। निरीक्षण के दौरान परिसर में जगह-जगह गोबर और गंदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र के आसपास शासकीय विद्यालय और नल-जल योजना से जुड़ा कुआं भी मौजूद है। ऐसे सार्वजनिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थान के आसपास सफाई व्यवस्था का संतोषजनक नहीं होना अपने आप में गंभीर सवाल है। उपसरपंच का आरोप—गांव में नियमित नहीं आता सफाई कर्मचारी बंधोली के उपसरपंच ने आरोप लगाया कि गांव में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं आते। उनका कहना है कि स्कूल, सार्वजनिक स्थानों और गांव के कई हिस्सों में लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित है। वहीं सीएचओ साधना कुशवाहा के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ नियमित रूप से ड्यूटी पर आता है, लेकिन नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं होने से सफाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें स्वयं स्वास्थ्य केंद्र की सफाई करनी पड़ती है। अगर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है, तो यह भी स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग जांच का विषय बन सकता है। अब वायरल वीडियो की असली कहानी क्या? जांच में मौके से जली हुई दवाएं या मेडिकल वेस्ट नहीं मिलने के बाद फिलहाल वायरल वीडियो को वर्तमान घटना मानने का आधार सामने नहीं आया है। लेकिन इससे वीडियो से जुड़े मूल सवाल खत्म नहीं होते। जांच के घेरे में ये सवाल— वायरल वीडियो आखिर कहां का है? वीडियो कब बनाया गया था? उसमें दिखाई दे रही दवाएं किस सरकारी स्वास्थ्य संस्था की थीं? क्या दवाएं एक्सपायरी थीं? यदि एक्सपायरी थीं तो उनका निस्तारण किस निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया? वीडियो करीब एक साल पुराना है तो अब इसे वायरल करने की वजह क्या है? यदि वीडियो बंधोली का नहीं है तो इसकी वास्तविक लोकेशन क्या है? स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी क्यों नहीं है? स्वास्थ्य संस्थाओं में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की नियमित निगरानी कौन करता है? वीडियो से बड़ा सवाल अब उसकी सच्चाई का बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान जली हुई सरकारी दवाएं, मेडिकल वेस्ट या राख नहीं मिली। इसलिए वायरल वीडियो को वर्तमान घटना बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी। लेकिन मामला सरकारी दवाओं के निस्तारण से जुड़ा होने के कारण वीडियो की तारीख, लोकेशन, उसमें दिखाई दे रही दवाओं और संबंधित स्वास्थ्य संस्था की पहचान की निष्पक्ष जांच जरूरी है। फिलहाल बंधोली में दवा जलाने का ताजा प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने दो बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं— पहला—वीडियो की असली सच्चाई क्या है? दूसरा—स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं आखिर इतनी बदहाल क्यों हैं? अब इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और वीडियो की वास्तविकता सामने आने के बाद ही साफ होगा। अगली खबर अगले अंक में आपको पढ़ने को मिलेगी
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    बंधोली में सरकारी दवाएं जलाने का वायरल वीडियो: मौके पर राख तक नहीं मिली!

 ग्वालियर मुरार वीडियो करीब एक साल पुराना होने का दावा, स्वास्थ्य विभाग की जांच में दवा या मेडिकल वेस्ट जलाने का प्रमाण नहीं; कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस
ग्वालियर अपडेट संवाददाता | ग्वालियर
ग्वालियर। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में भेजी जाने वाली दवाओं की खरीद पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। एक्सपायरी या अनुपयोगी दवाओं के निस्तारण के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया है। ऐसे में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र से जोड़कर सरकारी दवाएं जलाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर दवाओं को आग के हवाले करते हुए दिखाया गया है। मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विभागीय टीम ने बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के संभावित स्थानों पर पहुंचकर जांच की।
मौके पर दवा नहीं, मेडिकल वेस्ट नहीं और राख भी नहीं मिली
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर के अलावा आसपास के खेतों और अन्य संभावित स्थानों को भी देखा। ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई कि क्या हाल के दिनों में स्वास्थ्य केंद्र के आसपास एक्सपायरी दवाएं या मेडिकल वेस्ट जलाया गया है।
लेकिन जांच के दौरान जली हुई दवाओं, मेडिकल वेस्ट या राख का कोई ऐसा अवशेष नहीं मिला, जिससे वायरल वीडियो में दिखाई जा रही घटना की वर्तमान समय में पुष्टि हो सके।
यहीं से पूरा मामला और गंभीर सवाल खड़ा करता है—अगर मौके पर कोई अवशेष नहीं मिला तो वीडियो कब का है और वास्तव में कहां का है?
एक साल पुराना बताया जा रहा वीडियो
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र की सीएचओ साधना कुशवाहा ने भी वीडियो को पुराना बताया है।
उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना का वर्तमान समय से संबंध नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तव में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र का ही है।
ऐसे में अब जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि वीडियो की वास्तविक लोकेशन और तारीख क्या है?
जनपद अध्यक्ष के निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल
वायरल वीडियो के बीच जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने हस्तिनापुर स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्टाफ मौजूद मिला, जबकि श्रीनिवास नामक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर ने अनुपस्थित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सीबीएमओ के अनुसार उन्होंने स्वयं जनपद अध्यक्ष के साथ स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। मामले की जानकारी सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर के संज्ञान में भी है।
दवा जलाने का प्रमाण नहीं, लेकिन गंदगी ने जरूर खड़े किए सवाल
जांच में भले ही सरकारी दवाओं को जलाने का कोई ताजा प्रमाण नहीं मिला, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र परिसर की सफाई व्यवस्था ने जरूर चिंता बढ़ा दी।
निरीक्षण के दौरान परिसर में जगह-जगह गोबर और गंदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र के आसपास शासकीय विद्यालय और नल-जल योजना से जुड़ा कुआं भी मौजूद है।
ऐसे सार्वजनिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थान के आसपास सफाई व्यवस्था का संतोषजनक नहीं होना अपने आप में गंभीर सवाल है।
उपसरपंच का आरोप—गांव में नियमित नहीं आता सफाई कर्मचारी
बंधोली के उपसरपंच ने आरोप लगाया कि गांव में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं आते। उनका कहना है कि स्कूल, सार्वजनिक स्थानों और गांव के कई हिस्सों में लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित है।
वहीं सीएचओ साधना कुशवाहा के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ नियमित रूप से ड्यूटी पर आता है, लेकिन नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं होने से सफाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें स्वयं स्वास्थ्य केंद्र की सफाई करनी पड़ती है।
अगर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है, तो यह भी स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग जांच का विषय बन सकता है।
अब वायरल वीडियो की असली कहानी क्या?
जांच में मौके से जली हुई दवाएं या मेडिकल वेस्ट नहीं मिलने के बाद फिलहाल वायरल वीडियो को वर्तमान घटना मानने का आधार सामने नहीं आया है। लेकिन इससे वीडियो से जुड़े मूल सवाल खत्म नहीं होते।
जांच के घेरे में ये सवाल—
वायरल वीडियो आखिर कहां का है?
वीडियो कब बनाया गया था?
उसमें दिखाई दे रही दवाएं किस सरकारी स्वास्थ्य संस्था की थीं?
क्या दवाएं एक्सपायरी थीं?
यदि एक्सपायरी थीं तो उनका निस्तारण किस निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया?
वीडियो करीब एक साल पुराना है तो अब इसे वायरल करने की वजह क्या है?
यदि वीडियो बंधोली का नहीं है तो इसकी वास्तविक लोकेशन क्या है?
स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी क्यों नहीं है?
स्वास्थ्य संस्थाओं में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की नियमित निगरानी कौन करता है?
वीडियो से बड़ा सवाल अब उसकी सच्चाई का
बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान जली हुई सरकारी दवाएं, मेडिकल वेस्ट या राख नहीं मिली। इसलिए वायरल वीडियो को वर्तमान घटना बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
लेकिन मामला सरकारी दवाओं के निस्तारण से जुड़ा होने के कारण वीडियो की तारीख, लोकेशन, उसमें दिखाई दे रही दवाओं और संबंधित स्वास्थ्य संस्था की पहचान की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
फिलहाल बंधोली में दवा जलाने का ताजा प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने दो बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं—
पहला—वीडियो की असली सच्चाई क्या है?
दूसरा—स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं आखिर इतनी बदहाल क्यों हैं?
अब इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और वीडियो की वास्तविकता सामने आने के बाद ही साफ होगा।
 अगली खबर अगले अंक में आपको पढ़ने को मिलेगी
बंधोली में सरकारी दवाएं जलाने का वायरल वीडियो: मौके पर राख तक नहीं मिली!
ग्वालियर मुरार वीडियो करीब एक साल पुराना होने का दावा, स्वास्थ्य विभाग की जांच में दवा या मेडिकल वेस्ट जलाने का प्रमाण नहीं; कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस
ग्वालियर अपडेट संवाददाता | ग्वालियर
ग्वालियर। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में भेजी जाने वाली दवाओं की खरीद पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। एक्सपायरी या अनुपयोगी दवाओं के निस्तारण के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया है। ऐसे में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र से जोड़कर सरकारी दवाएं जलाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर दवाओं को आग के हवाले करते हुए दिखाया गया है। मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विभागीय टीम ने बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के संभावित स्थानों पर पहुंचकर जांच की।
मौके पर दवा नहीं, मेडिकल वेस्ट नहीं और राख भी नहीं मिली
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर के अलावा आसपास के खेतों और अन्य संभावित स्थानों को भी देखा। ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई कि क्या हाल के दिनों में स्वास्थ्य केंद्र के आसपास एक्सपायरी दवाएं या मेडिकल वेस्ट जलाया गया है।
लेकिन जांच के दौरान जली हुई दवाओं, मेडिकल वेस्ट या राख का कोई ऐसा अवशेष नहीं मिला, जिससे वायरल वीडियो में दिखाई जा रही घटना की वर्तमान समय में पुष्टि हो सके।
यहीं से पूरा मामला और गंभीर सवाल खड़ा करता है—अगर मौके पर कोई अवशेष नहीं मिला तो वीडियो कब का है और वास्तव में कहां का है?
एक साल पुराना बताया जा रहा वीडियो
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र की सीएचओ साधना कुशवाहा ने भी वीडियो को पुराना बताया है।
उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना का वर्तमान समय से संबंध नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तव में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र का ही है।
ऐसे में अब जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि वीडियो की वास्तविक लोकेशन और तारीख क्या है?
जनपद अध्यक्ष के निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल
वायरल वीडियो के बीच जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने हस्तिनापुर स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्टाफ मौजूद मिला, जबकि श्रीनिवास नामक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर ने अनुपस्थित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सीबीएमओ के अनुसार उन्होंने स्वयं जनपद अध्यक्ष के साथ स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। मामले की जानकारी सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर के संज्ञान में भी है।
दवा जलाने का प्रमाण नहीं, लेकिन गंदगी ने जरूर खड़े किए सवाल
जांच में भले ही सरकारी दवाओं को जलाने का कोई ताजा प्रमाण नहीं मिला, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र परिसर की सफाई व्यवस्था ने जरूर चिंता बढ़ा दी।
निरीक्षण के दौरान परिसर में जगह-जगह गोबर और गंदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र के आसपास शासकीय विद्यालय और नल-जल योजना से जुड़ा कुआं भी मौजूद है।
ऐसे सार्वजनिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थान के आसपास सफाई व्यवस्था का संतोषजनक नहीं होना अपने आप में गंभीर सवाल है।
उपसरपंच का आरोप—गांव में नियमित नहीं आता सफाई कर्मचारी
बंधोली के उपसरपंच ने आरोप लगाया कि गांव में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं आते। उनका कहना है कि स्कूल, सार्वजनिक स्थानों और गांव के कई हिस्सों में लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित है।
वहीं सीएचओ साधना कुशवाहा के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ नियमित रूप से ड्यूटी पर आता है, लेकिन नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं होने से सफाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें स्वयं स्वास्थ्य केंद्र की सफाई करनी पड़ती है।
अगर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है, तो यह भी स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग जांच का विषय बन सकता है।
अब वायरल वीडियो की असली कहानी क्या?
जांच में मौके से जली हुई दवाएं या मेडिकल वेस्ट नहीं मिलने के बाद फिलहाल वायरल वीडियो को वर्तमान घटना मानने का आधार सामने नहीं आया है। लेकिन इससे वीडियो से जुड़े मूल सवाल खत्म नहीं होते।
जांच के घेरे में ये सवाल—
वायरल वीडियो आखिर कहां का है?
वीडियो कब बनाया गया था?
उसमें दिखाई दे रही दवाएं किस सरकारी स्वास्थ्य संस्था की थीं?
क्या दवाएं एक्सपायरी थीं?
यदि एक्सपायरी थीं तो उनका निस्तारण किस निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया?
वीडियो करीब एक साल पुराना है तो अब इसे वायरल करने की वजह क्या है?
यदि वीडियो बंधोली का नहीं है तो इसकी वास्तविक लोकेशन क्या है?
स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी क्यों नहीं है?
स्वास्थ्य संस्थाओं में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की नियमित निगरानी कौन करता है?
वीडियो से बड़ा सवाल अब उसकी सच्चाई का
बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान जली हुई सरकारी दवाएं, मेडिकल वेस्ट या राख नहीं मिली। इसलिए वायरल वीडियो को वर्तमान घटना बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
लेकिन मामला सरकारी दवाओं के निस्तारण से जुड़ा होने के कारण वीडियो की तारीख, लोकेशन, उसमें दिखाई दे रही दवाओं और संबंधित स्वास्थ्य संस्था की पहचान की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
फिलहाल बंधोली में दवा जलाने का ताजा प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने दो बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं—
पहला—वीडियो की असली सच्चाई क्या है?
दूसरा—स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं आखिर इतनी बदहाल क्यों हैं?
अब इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और वीडियो की वास्तविकता सामने आने के बाद ही साफ होगा।
अगली खबर अगले अंक में आपको पढ़ने को मिलेगी
    user_मीडिया लाइन
    मीडिया लाइन
    भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • दतिया में आन बान और शान से लहराया तिरंगा केबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने ली परेड की सलामी
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    दतिया में आन बान और शान से लहराया तिरंगा केबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने ली परेड की सलामी
    user_P7 News Channel MP
    P7 News Channel MP
    Local News Reporter सिटी सेंटर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • ग्वालियर सेंट्रल जेल से 6 बंदियों को मिली आजादी 15 अगस्त के दिन #awajofgwalior #GwaliorNews #gwalior #gwaliorjail ग्वालियर सेंट्रल जेल से 6 बंदियों को मिली आजादी 15 अगस्त के दिन #awajofgwalior #GwaliorNews #gwalior #gwaliorjail
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    ग्वालियर सेंट्रल जेल से 6 बंदियों को मिली आजादी 15 अगस्त के दिन 
#awajofgwalior #GwaliorNews #gwalior #gwaliorjail
ग्वालियर सेंट्रल जेल से 6 बंदियों को मिली आजादी 15 अगस्त के दिन 
#awajofgwalior #GwaliorNews #gwalior #gwaliorjail
    user_Amit Chauhan
    Amit Chauhan
    तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपद अध्यक्ष प्रवेश मेहताब सिंह गुर्जर और एसडीएम जूही गर्ग ने किया डबरा के स्टेडियम ग्राउंड में ध्वजारोहण डबरा ( ग्वालियर)मध्य प्रदेश स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपद अध्यक्ष प्रवेश मेहताब सिंह गुर्जर और एसडीएम जूही गर्ग ने किया डबरा के स्टेडियम ग्राउंड में ध्वजारोहण, इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व मंत्री इमरती देवी , डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार ,नगर पालिका सीएमओ साक्षी वाजपेई, रहे मौजूद , जनपद अध्यक्ष और एसडीम ने ली परेड की सलामी , स्टेडियम ग्राउंड में किया गया स्कूल के छात्रों द्वारा मनमोहक रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन ।
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    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपद अध्यक्ष प्रवेश मेहताब सिंह गुर्जर और एसडीएम जूही गर्ग ने किया डबरा के स्टेडियम ग्राउंड में ध्वजारोहण
डबरा ( ग्वालियर)मध्य प्रदेश 
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपद अध्यक्ष प्रवेश मेहताब सिंह गुर्जर और एसडीएम जूही गर्ग ने किया डबरा के स्टेडियम ग्राउंड में ध्वजारोहण, इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व मंत्री इमरती देवी , डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार ,नगर पालिका सीएमओ साक्षी वाजपेई, रहे मौजूद , जनपद अध्यक्ष और एसडीम ने ली परेड की सलामी , स्टेडियम ग्राउंड में किया गया स्कूल के छात्रों द्वारा मनमोहक रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन ।
    user_Rajesh kumar soni
    Rajesh kumar soni
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • 80वे स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये, डबरा के नेशनल हाइवे 44 पर मिट मार्किट का दृश्य आज एक आध छोड़कर सारी दुकाने बंद दिखी,
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    80वे स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये, डबरा के नेशनल हाइवे 44 पर मिट मार्किट का दृश्य 
आज एक आध छोड़कर  सारी दुकाने बंद दिखी,
    user_दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
    दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • डबरा में ABVP का जोरदार प्रदर्शन 🔥 झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में ABVP डबरा ने हेमंत सोरेन सरकार का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने शवयात्रा निकालकर सिंधिया चौराहे पर पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। ABVP ने परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच CBI से कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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    डबरा में ABVP का जोरदार प्रदर्शन 🔥
झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में ABVP डबरा ने हेमंत सोरेन सरकार का पुतला दहन किया।
कार्यकर्ताओं ने शवयात्रा निकालकर सिंधिया चौराहे पर पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की।
ABVP ने परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच CBI से कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
    user_Ashish shukla
    Ashish shukla
    Social Media Manager पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • 🇮🇳 ग्वालियर अपडेट हिंदी समाचार पत्र 🇮🇳 🌹 सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा, हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलसितां हमारा। 🌹 देश की आन, बान और शान का पर्व 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 🇮🇳 आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सभी देश की एकता, अखंडता, भाईचारे और स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लें। जय हिंद! 🇮🇳 वंदे मातरम्! 🇮🇳 शुभकामनाएं डॉ. श्री सुनील पाराशर सीबीएमओ एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण मुरार
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    🇮🇳 ग्वालियर अपडेट हिंदी समाचार पत्र 🇮🇳
🌹 सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,
हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलसितां हमारा। 🌹
देश की आन, बान और शान का पर्व 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 🇮🇳
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सभी देश की एकता, अखंडता, भाईचारे और स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लें।
जय हिंद! 🇮🇳
वंदे मातरम्! 🇮🇳
शुभकामनाएं
डॉ. श्री सुनील पाराशर
सीबीएमओ एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण मुरार
    user_मीडिया लाइन
    मीडिया लाइन
    भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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