हाईवे पर दौड़ती इलेक्ट्रिक स्कूटी बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान लालसोट विधानसभा क्षेत्र के रामगढ़ पचवारा/डिडवाना समीप सुबह स्टेट हाईवे-24 पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी अचानक आग का गोला बन गई। घटना डिडवाना गांव के पास की है, जहां रामगढ़ पचवारा से लालसोट की ओर जा रहे स्कूटी सवार ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते अपनी जान बचा ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलते-चलते स्कूटी से अचानक धुआं उठने लगा। खतरा भांपते हुए चालक ने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोक दिया और दूर हट गया। देखते ही देखते स्कूटी ने भीषण आग पकड़ ली और कुछ ही पलों में धू-धू कर जलने लगी। हाईवे पर यह नजारा देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्कूटी चालक लोकेश सैनी ने बताया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही नई इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। वह रामगढ़ पचवारा से लालसोट सामान लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक स्कूटी से धुआं निकलने लगा। उन्होंने तुरंत स्कूटी रोकी, लेकिन कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई और पूरी स्कूटी जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाईवे पर दौड़ती इलेक्ट्रिक स्कूटी बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान लालसोट विधानसभा क्षेत्र के रामगढ़ पचवारा/डिडवाना समीप सुबह स्टेट हाईवे-24 पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी अचानक आग का गोला बन गई। घटना डिडवाना गांव के पास की है, जहां रामगढ़ पचवारा से लालसोट की ओर जा रहे स्कूटी सवार ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते अपनी जान बचा ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलते-चलते स्कूटी से अचानक धुआं उठने लगा। खतरा भांपते हुए चालक ने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोक दिया और दूर हट गया। देखते ही देखते स्कूटी ने भीषण आग पकड़ ली और
कुछ ही पलों में धू-धू कर जलने लगी। हाईवे पर यह नजारा देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्कूटी चालक लोकेश सैनी ने बताया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही नई इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। वह रामगढ़ पचवारा से लालसोट सामान लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक स्कूटी से धुआं निकलने लगा। उन्होंने तुरंत स्कूटी रोकी, लेकिन कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई और पूरी स्कूटी जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- लालसोट विधानसभा क्षेत्र के रामगढ़ पचवारा/डिडवाना समीप सुबह स्टेट हाईवे-24 पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी अचानक आग का गोला बन गई। घटना डिडवाना गांव के पास की है, जहां रामगढ़ पचवारा से लालसोट की ओर जा रहे स्कूटी सवार ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते अपनी जान बचा ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलते-चलते स्कूटी से अचानक धुआं उठने लगा। खतरा भांपते हुए चालक ने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोक दिया और दूर हट गया। देखते ही देखते स्कूटी ने भीषण आग पकड़ ली और कुछ ही पलों में धू-धू कर जलने लगी। हाईवे पर यह नजारा देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्कूटी चालक लोकेश सैनी ने बताया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही नई इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। वह रामगढ़ पचवारा से लालसोट सामान लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक स्कूटी से धुआं निकलने लगा। उन्होंने तुरंत स्कूटी रोकी, लेकिन कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई और पूरी स्कूटी जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।2
- बामनवास। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल की प्रयोगशाला (लैब) का आधुनिकीकरण कर दिया गया है, जिससे अब पहले के 37 टेस्ट की तुलना में 106 प्रकार की जांच सुविधाएँ उपलब्ध हो गई हैं। अब ऑनलाइन मिलेगी टेस्ट रिपोर्ट नई व्यवस्था के तहत मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी जांच रिपोर्ट अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिन्हें मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से देखा जा सकेगा। इससे समय की बचत के साथ-साथ अस्पताल में भीड़ भी कम होगी। लैब का विस्तार, स्टाफ भी हुआ दोगुना लैब के भौतिक क्षेत्र का विस्तार किया गया है और स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई गई है। इससे जांच प्रक्रिया तेज हुई है और मरीजों को समय पर रिपोर्ट मिल रही है।1
- * *ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 का रोड शो 23 अप्रैल 2026 को दिल्ली में होगा आयोजित* इसे सभी जगह शेयर करें * 📍 *दिल्ली रोड शो में क्या-क्या होगा* 1. इंवेस्टर और कंपनियों से सीधा कनेक्शन एग्रीटेक कंपनियां, स्टार्टअप, निवेशक और इंडस्ट्री के लोग शामिल होते है राजस्थान में कृषि निवेश के अवसरों की जानकारी दी जाती है 2. B2B और B2G इंटरैक्शन Business to Business मीटिंग Business to Government (कंपनी–सरकार) चर्चा नए प्रोजेक्ट, पार्टनरशिप और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर बातचीत 3. सरकारी योजनाओं की प्रेजेंटेशन राजस्थान सरकार की कृषि, पशुपालन, सिंचाई आदि योजनाओं का प्रस्तुतीकरण निवेशकों को बताया जाता है कि उन्हें क्या लाभ मिलेगा 4. एग्रीटेक इनोवेशन शोकेस नई कृषि तकनीक (जैसे ड्रोन, स्मार्ट फार्मिंग, मशीनरी) की जानकारी स्टार्टअप अपने आइडिया और प्रोडक्ट दिखाते हैं 5. नेटवर्किंग सेशन वैज्ञानिक, नीति-निर्माता (policymakers), उद्योग प्रतिनिधि और किसान संगठनों के बीच संपर्क भविष्य के सहयोग के लिए नेटवर्क बनाना 6. GRAM 2026 के लिए आमंत्रण सभी प्रतिभागियों को जयपुर में 23–25 मई 2026 को हो को होने वाली मुख्य मीट में शामिल होने का निमंत्रण * *🎯 रोड शो का मुख्य उद्देश्य:-* * राजस्थान को एग्रीटेक निवेश का बड़ा हब बनाना देश-विदेश की कंपनियों को जोड़ना किसानों तक नई तकनीक पहुंचाना GRAM 2026 के लिए अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना *👉 *आसान भाषा में समझें तो:-* दिल्ली रोड शो = “निवेश + तकनीक + पार्टनरशिप + GRAM का प्रचार” का कॉम्बिनेशन इवेंट ✍️नोट:- ऐसी महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारी सभी जगह शेयर कर दिया करें *रोज ऐसी नई जानकारी हेतु आप *View Chennel* पर क्लिक कर हमें *Follow* कर सकते है 🌾*पिन्टू मीना पहाड़ी* सहायक कृषि अधिकारी *गंगापुरसिटी*1
- मलारना डूंगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मलारना चौड़ को ट्रॉमा सेंटर भवन में शिफ्ट करने की प्रस्तावित योजना को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से न केवल वर्तमान चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि ट्रॉमा सेंटर की मूल उपयोगिता भी खत्म हो जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद स्वीकृत ट्रॉमा सेंटर अब शुरू होने से पहले ही अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। वर्तमान में संचालित सीएचसी लालसोट-कोटा मेगा हाईवे पर स्थित है, जहां से आसपास के तारनपुर, श्रीपुरा, रामड़ी, अनियाला, डीडवाना, किरतपुरा, चैनपुरा, बाढ़ बरियारा, बाढ़ शाहपुरा, बरियारा और लाडोता सहित करीब 20 हजार आबादी को सीधी स्वास्थ्य सुविधा मिलती है। वहीं प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर भवन मुख्य सड़क से लगभग 500 मीटर अंदर स्थित है, जहां तक पहुंच मार्ग भी सुगम नहीं है। बरसात के दौरान यहां 1 से 1.5 फीट तक जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा परिसर कच्चा है, बाउंड्री वॉल नहीं है, सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है और स्टाफ आवास की भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थान पर सीएचसी को शिफ्ट करना अव्यवहारिक निर्णय है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बनास नदी पुल से मोरेल नदी पुल तक लगभग 16 किलोमीटर का हाईवे क्षेत्र दुर्घटना की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में इस क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की विशेष आवश्यकता है, ताकि सड़क हादसों में घायल लोगों को त्वरित उपचार मिल सके। स्थानीय निवासी रामराज खाती ने कहा कि “सीएचसी को ट्रॉमा भवन में शिफ्ट करना गलत निर्णय है, इससे चिकित्सा व्यवस्था बिगड़ जाएगी। इसके बजाय नए भवन के लिए अलग से बजट स्वीकृत कराया जाना चाहिए।” वहीं भाजपा मंडल महामंत्री बनवारी लाल मीणा ने भी कहा कि “ट्रॉमा भवन जलभराव क्षेत्र में है और असुरक्षित भी है। वहां सीएचसी शिफ्ट करने से दोनों सुविधाएं प्रभावित होंगी।” मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सीएचसी को ट्रॉमा सेंटर भवन में शिफ्ट करने के निर्देश जिला कलेक्टर द्वारा दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने सड़क, सुरक्षा, स्टाफ आवास और जलभराव जैसी समस्याओं पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: सीएचसी को वर्तमान स्थान पर ही संचालित रखा जाए ट्रॉमा भवन में ट्रॉमा सेंटर ही शुरू किया जाए नए सीएचसी भवन के लिए अलग से बजट स्वीकृत किया जाए ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वे इस मुद्दे को क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के समक्ष उठाएंगे और शीघ्र समाधान की मांग करेंगे।3
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- *भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव पर पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत।* गंगापुर सिटी में भगवान परशुराम जी का जन्म उत्सव पर पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत। *22 तारीख बुधवार प्रातः* काल 10 बजे श्रीगोपाल गौशाला प्रांगण में श्री परशुराम जन्मोत्सव के अंतर्गत ब्राह्मण समाज गंगापुर सिटी के द्वारा गौमाता पूजा आरती व हरा चारा व गुड़ खिला कर बड़े धूमधाम से गो सेवा कार्य किया। श्री गोपाल गौशाला समिति के उपाध्यक्ष श्रीमती पूनम जी जगवानी ,महामंत्री कृपा शंकर उपाध्याय, प्रीतम एवं मंत्री ओमप्रकाश गुप्ता पीएनबी द्वारा सभी आगंतुकोंका स्वागत किया।कार्यक्रम में बाबू लाल सेकेट्री, श्यामलाल शर्मा, कुलदीप जैमिनी ,डॉ अनुज कुमार शर्मा, कमलेश जोशी ,अजय पाराशर ,राकेश उपाध्याय,राजेश शर्मा, कौशल बौहरा, दिलीप तिवाड़ी ,मदनमोहन भारद्वाज, सीताराम ,गिर्राज ,श्याम सुंदर जी ,मुकेश व्यास, धर्मेंद्र ,जितेंद्र ,श्याम,कमलेशजी शर्मा ,घनश्याम मिश्र ,सुरेश गोपाल जी, रमाकांत शर्मा ,शुभम , अवधबिहारी जी , गौरी शंकर शुक्ला एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे। *भगवान परशुराम जन्मोत्सव आगामी कार्यक्रम इस प्रकार है 23 ,24 अप्रैल 2026 को* महिलाओं,पुरुषों ,बालक बालिकाओं के लिए , साहित्यिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जावेगा।इसके अंतर्गत मेहंदी रंगोली श्लोक, आशुभाषण ,रस्साकसी, कुर्सी दौड़ , चम्मच दौड़, कैरम और शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।शाम 5 बजे से परशुराम छात्रावास दशहरा मैदान में। *25 तारीख को शाम 5 बजे से सालौदा मोड़ से बाइक रैली का आयोजन होगा* । *26 तारीख रविवार को भगवान परशुराम जी की जन्म उत्सव पर भव्य और दिव्य शोभायात्रा का आयोजन होगा जो दोपहर 2:00 से सीताराम जी के मंदिर से शुरुआत होगी।* आप सभी से निवेदन है कि संस्कृति ,संस्कार,सामाजिक सौहार्द एवं एकता बनाए रखने के उद्देश्य आयोजित इस कार्यक्रम में आप सभी जरूर पधारे एवं कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं ।1
- Post by Anil Kumar journalist1
- बामनवास। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल की प्रयोगशाला (लैब) का आधुनिकीकरण कर दिया गया है, जिससे अब पहले के 37 टेस्ट की तुलना में 106 प्रकार की जांच सुविधाएँ उपलब्ध हो गई हैं। अब ऑनलाइन मिलेगी टेस्ट रिपोर्ट नई व्यवस्था के तहत मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी जांच रिपोर्ट अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिन्हें मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से देखा जा सकेगा। इससे समय की बचत के साथ-साथ अस्पताल में भीड़ भी कम होगी। लैब का विस्तार, स्टाफ भी हुआ दोगुना लैब के भौतिक क्षेत्र का विस्तार किया गया है और स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई गई है। इससे जांच प्रक्रिया तेज हुई है और मरीजों को समय पर रिपोर्ट मिल रही है। ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल से ग्रामीणों को राहत नई व्यवस्था के तहत सवाई माधोपुर जिला अस्पताल को “मदर लैब” बनाया गया है, जबकि गंगापुर सिटी, खण्डार, बामनवास और बौंली की स्वास्थ्य इकाइयाँ “हब लैब” के रूप में कार्य करेंगी। वहीं CHC/PHC केंद्र “स्पोक” के रूप में जुड़ेंगे। गाँवों से एकत्रित सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजे जाएंगे, जिससे दूर-दराज के मरीजों को भी उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधाएँ मिल सकेंगी—जिनमें कई जांचें निःशुल्क होंगी। अब महंगे टेस्ट भी स्थानीय स्तर पर संभव नई सुविधाओं के चलते कई जटिल और महंगे डायग्नोस्टिक टेस्ट अब स्थानीय स्तर पर ही किए जा सकेंगे। पहले इन जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। 24×7 उपलब्ध रहेंगी लैब सेवाएँ कृष्णा डायग्नोस्टिक्स के सहयोग से संचालित लैब सेवाएँ अब 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी, जिससे मरीजों को हर समय जांच सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस पहल से क्षेत्र के मरीजों को तेज, सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलेंगी, जिससे पूरे इलाके की चिकित्सा व्यवस्था और मजबूत होगी।5