देवरिया डीएम ने तीन विद्यालय का किया निरीक्षण, बने टीचर *विद्यालयों के निरीक्षण में मिली कम उपस्थिति, डीएम ने दिए सुधार के निर्देश* *शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष फोकस के निर्देश* *देवरिया, ।* जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह आठ बजे बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की स्थिति देखी। जिलाधिकारी ने विकास खण्ड बैतालपुर अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय बटुलही एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बटुलही का निरीक्षण किया। दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम पाई गई तथा शिक्षकों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम रही। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित एवं समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने कंपोजिट विद्यालय तेंदुई का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई। हालांकि, निरीक्षण के दौरान बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। जिलाधिकारी ने विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ ही पठन-पाठन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) का भी निरीक्षण किया। यहां 100 के सापेक्ष 91 छात्राएं उपस्थित मिलीं तथा सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए। विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता भी अच्छी मिली। जिलाधिकारी ने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं एवं पठन-पाठन की व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में शिक्षक निर्धारित समय पर नियमित रूप से उपस्थित रहें और बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को विद्यालयों की सतत मॉनिटरिंग करने तथा शिक्षकों की उपस्थिति एवं पठन-पाठन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए संदर्शिका एवं टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मैटेरियल) का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर एवं प्रभावी बनाया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं शिक्षकों को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ उनके सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
देवरिया डीएम ने तीन विद्यालय का किया निरीक्षण, बने टीचर *विद्यालयों के निरीक्षण में मिली कम उपस्थिति, डीएम ने दिए सुधार के निर्देश* *शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष फोकस के निर्देश* *देवरिया, ।* जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह आठ बजे बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की स्थिति देखी। जिलाधिकारी ने विकास खण्ड बैतालपुर अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय बटुलही एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बटुलही का निरीक्षण किया। दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम पाई गई तथा शिक्षकों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम रही। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित एवं समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने कंपोजिट विद्यालय तेंदुई का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई। हालांकि, निरीक्षण के दौरान बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। जिलाधिकारी ने विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ ही पठन-पाठन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) का भी निरीक्षण किया। यहां 100 के सापेक्ष 91 छात्राएं उपस्थित मिलीं तथा सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए। विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता भी अच्छी मिली। जिलाधिकारी ने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं एवं पठन-पाठन की व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में शिक्षक निर्धारित समय पर नियमित रूप से उपस्थित रहें और बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को विद्यालयों की सतत मॉनिटरिंग करने तथा शिक्षकों की उपस्थिति एवं पठन-पाठन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए संदर्शिका एवं टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मैटेरियल) का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर एवं प्रभावी बनाया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं शिक्षकों को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ उनके सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- बरहज पुलिस फरियादियों को मार रही हैं लप्पड.............. देवरिया जिले के थाना बरहज क्षेत्र के बडका गांव निवासी ने बरहज थाना में तैनात सिपाही पर लप्पड़ मारकर गम्भीर रूप से घायल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर से मिलकर आरोपी सिपाही पर विधि संगत कार्यवाही की मांग की हैं।3
- डीएम ने नवीन मंडी के निर्माणाधीन कार्यों का किया औचक निरीक्षण एक सप्ताह में अधूरे कार्य पूरे कराने के निर्देश, लापरवाही पर वेतन रोकने की चेतावनी देवरिया, 16 सितंबर। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को नवीन मंडी स्थल देवरिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का स्थलीय जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन 25 ‘स’ श्रेणी की दुकानों, छायादार नीलामी चबूतरा, चार वाटर स्टैंड पोस्ट, जलापूर्ति व्यवस्था, आरसीसी नाली तथा आंतरिक मार्गों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और अधूरे कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। नाली और आंतरिक मार्गों का कार्य शीघ्र पूरा कराकर मंडी परिसर में जल निकासी और आवागमन की व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने व्यापारियों और आमजन के लिए पेयजल व्यवस्था की जानकारी लेते हुए वाटर स्टैंड पोस्ट एवं जलापूर्ति से संबंधित कार्यों को जल्द पूरा कराने को कहा। साथ ही छायादार नीलामी चबूतरे का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए। डीएम ने मंडी की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। जिन दुकानों में वर्तमान में सामान रखा हुआ है, उन्हें खाली कराकर नियमानुसार हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुरानी दुकानों के आवंटन से संबंधित पत्रावलियां प्रस्तुत करने को कहा, ताकि लंबित कार्रवाई को शीघ्र पूरा किया जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने अथवा निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही मिलने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि मंडी परिसर में व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण और व्यवस्थागत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। निरीक्षण के दौरान डीएसटीओ अरुण कुमार सिंह, एडीएसटीओ आनंद चौरसिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- देवरिया शहर में अचानक हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से मिली राहत देवरिया शहर में बुधवार की दोपहर 1:00 बजे अचानक बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई वहीं उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। वह स्कूलों की छुट्टी होने के बाद छात्रों को भीगते के देखा गया1
- स्कूलों की हकीकत पर डीएम की पैनी नजर, क्लास में बच्चों को पढ़ाकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता देवरिया में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। बुधवार को डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही खुद कक्षा में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाया और उनकी शैक्षिक समझ को परखा। बैतालपुर ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय बटुलही और उच्च प्राथमिक विद्यालय बटुलही में विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम मिली। शिक्षकों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिक्षकों की समय से नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने और विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने कंपोजिट विद्यालय तेंदुई का निरीक्षण किया। यहां भी बच्चों की उपस्थिति कम मिली, हालांकि उनकी शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 100 के सापेक्ष 91 छात्राएं उपस्थित मिलीं और सभी शिक्षक मौजूद पाए गए। यहां शिक्षा की गुणवत्ता भी अच्छी मिली। डीएम ने बीईओ को विद्यालयों की लगातार मॉनिटरिंग करने, शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा करने और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने संदर्शिका और टीएलएम के प्रभावी उपयोग के साथ कक्षा शिक्षण को और रुचिकर बनाने पर भी जोर दिया। डीएम का कक्षा में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाना और सीधे उनकी शैक्षिक क्षमता को परखना, निरीक्षण की गंभीरता को दर्शाता है।1
- चंदाचोरी, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ युवजन सभा का प्रदर्शन राममंदिर चंदाचोरी के आरोपियों पर कार्रवाई और सरकारी स्कूल बंद न करने की मांग, कानून व्यवस्था व भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना देवरिया। समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को संगठन के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव के नेतृत्व में शहर के सुभाष चौक पर विभिन्न मांगों और जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अयोध्या राममंदिर के चंदे में कथित अनियमितता के दोषियों पर कार्रवाई, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद नहीं करने, कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अयोध्या राममंदिर के चंदे में हुई कथित चंदाचोरी के आरोपियों को बचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की धार्मिक आस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने की किसी भी प्रक्रिया का विरोध करते हुए कहा कि इससे गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कहा कि हत्या, लूट, दुष्कर्म, अपहरण, डकैती, छेड़खानी और चोरी जैसी घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। महंगाई का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। युवजन सभा जिलाध्यक्ष ने बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं, जबकि सरकार की नीतियों से उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिल रहे हैं। पेपर लीक, फीस वृद्धि और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने छात्र-नौजवानों की समस्याओं को उठाया। किसानों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य तथा एमएसपी नहीं मिल रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्य जनसमस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान सयुस उपाध्यक्ष हरिओम लाला, विजय यादव, अभयशंकर, ज्ञानप्रकाश, दयाशंकर, सुनील, संदीप, रामनरायण, वसिष्ठ, नीरज विश्वकर्मा, हरिकेश, राजकिशोर, शिवानंद यादव, प्रभात यादव, विराट खान, आजम अहमद, आजाद अंसारी, वीरेंद्र यादव, अनिल यादव, रामविश्वास, दिनेश सिंह, मनीष सिंह सैथवार, अनिल प्रसाद, सुनैना सिंह कुशवाहा, सीमा मौर्या, सन्नी गौड़, सूरज प्रताप, शेषनाथ, शाकिर अली, बबलू कुशवाहा आदि मौजूद रहे।1
- *********दो महीने बाद छठ पूजा, अभी से बदहाल पड़ा घाट** # **दो महीने बाद छठ पूजा, अभी से बदहाल पड़ा घाट** ### **चमाडिया के छठ घाट पर जलकुंभी और झाड़ियां जमा, सफाई को लेकर जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल** **बंजारी पट्टी।** छठ महापर्व में अभी करीब दो महीने का समय बाकी है, लेकिन बंजारी पट्टी क्षेत्र के **चमाडिया गांव स्थित छठ घाट** की स्थिति अभी से चिंता बढ़ाने वाली है। घाट के पानी में जगह-जगह **जलकुंभी जमा है**, जबकि किनारों पर घास-फूस और झाड़ियां उग आई हैं। तस्वीरें देखकर सवाल उठ रहा है कि आखिर छठ पूजा के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले इस घाट की सफाई कौन कराएगा? ग्रामीणों का कहना है कि छठ पूजा आस्था का बड़ा पर्व है। व्रती महिलाएं इसी घाट पर पहुंचकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देती हैं। ऐसे में घाट की सफाई और पानी से जलकुंभी हटाने का काम समय रहते शुरू हो जाना चाहिए। **जब सफाई के लिए अभी पर्याप्त समय है, तो जिम्मेदार विभाग की नजर इस घाट की बदहाल स्थिति पर क्यों नहीं पड़ रही है?** ### **क्या धार्मिक स्थल को साफ रखना भी जिम्मेदारी नहीं?** ग्रामीणों का सवाल है कि **क्या धार्मिक स्थलों और छठ घाटों की साफ-सफाई करना भी अब किसी की जिम्मेदारी नहीं रह गई है?** यदि अभी से सफाई अभियान शुरू कर दिया जाए तो छठ पर्व तक घाट को पूरी तरह व्यवस्थित किया जा सकता है। लेकिन यदि अंतिम समय तक इंतजार किया गया तो सफाई के लिए जल्दबाजी में काम करना पड़ेगा और श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदारों से मांग की है कि **चमाडिया छठ घाट का निरीक्षण कराकर जलकुंभी, झाड़ियों और अन्य गंदगी को समय रहते हटाया जाए**, ताकि छठ पर्व के दौरान व्रती और श्रद्धालु साफ-सुथरे एवं सुरक्षित घाट पर पूजा कर सकें।4
- देवरिया डीएम ने तीन विद्यालय का किया निरीक्षण, बने टीचर *विद्यालयों के निरीक्षण में मिली कम उपस्थिति, डीएम ने दिए सुधार के निर्देश* *शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष फोकस के निर्देश* *देवरिया, ।* जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह आठ बजे बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की स्थिति देखी। जिलाधिकारी ने विकास खण्ड बैतालपुर अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय बटुलही एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बटुलही का निरीक्षण किया। दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम पाई गई तथा शिक्षकों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम रही। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित एवं समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने कंपोजिट विद्यालय तेंदुई का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई। हालांकि, निरीक्षण के दौरान बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। जिलाधिकारी ने विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ ही पठन-पाठन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) का भी निरीक्षण किया। यहां 100 के सापेक्ष 91 छात्राएं उपस्थित मिलीं तथा सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए। विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता भी अच्छी मिली। जिलाधिकारी ने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं एवं पठन-पाठन की व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में शिक्षक निर्धारित समय पर नियमित रूप से उपस्थित रहें और बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को विद्यालयों की सतत मॉनिटरिंग करने तथा शिक्षकों की उपस्थिति एवं पठन-पाठन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए संदर्शिका एवं टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मैटेरियल) का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर एवं प्रभावी बनाया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं शिक्षकों को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ उनके सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।1
- पॉक्सो मामले में दोषी को आजीवन कारावास, 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड1