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ब्यावर जिले की ग्राम पंचायत जैताखेड़ा के गांव हीरा का बाड़िया निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मारपीट, अभद्रता और जानलेवा हमले के आरोप लगाए हैं। महिला ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि उसकी शिकायत पर थाने में कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही उसका मेडिकल कराया गया। इसी कारण महिला ने जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।

4 hrs ago
user_Vijay mehraniya
Vijay mehraniya
Media Consultant ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
4 hrs ago

ब्यावर जिले की ग्राम पंचायत जैताखेड़ा के गांव हीरा का बाड़िया निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मारपीट, अभद्रता और जानलेवा हमले के आरोप लगाए हैं। महिला ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि उसकी शिकायत पर थाने में कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही उसका मेडिकल कराया गया। इसी कारण महिला ने जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • ब्यावर जिले की ग्राम पंचायत जैताखेड़ा के गांव हीरा का बाड़िया निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मारपीट, अभद्रता और जानलेवा हमले के आरोप लगाए हैं। महिला ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि उसकी शिकायत पर थाने में कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही उसका मेडिकल कराया गया। इसी कारण महिला ने जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
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    ब्यावर जिले की ग्राम पंचायत जैताखेड़ा के गांव हीरा का बाड़िया निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मारपीट, अभद्रता और जानलेवा हमले के आरोप लगाए हैं। महिला ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि उसकी शिकायत पर थाने में कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही उसका मेडिकल कराया गया। इसी कारण महिला ने जिला पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
    user_Vijay mehraniya
    Vijay mehraniya
    Media Consultant ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • अजमेर के पीसांगन में मांगलियावास पुलिस ने अवैध फेल्सपार खनन और उसके परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फेल्सपार से भरा एक डंपर जब्त किया है। थानाधिकारी हरीश चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई गश्त के दौरान की गई। पुलिस द्वारा खान विभाग को सूचना दिए जाने के बाद, विभाग ने एमएमआरडी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
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    अजमेर के पीसांगन में मांगलियावास पुलिस ने अवैध फेल्सपार खनन और उसके परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फेल्सपार से भरा एक डंपर जब्त किया है। थानाधिकारी हरीश चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई गश्त के दौरान की गई। पुलिस द्वारा खान विभाग को सूचना दिए जाने के बाद, विभाग ने एमएमआरडी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
    user_ओमप्रकाश चौधरी
    ओमप्रकाश चौधरी
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • अजमेर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक कराने के नाम पर ₹5.80 लाख की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने गूगल पर एक डॉक्टर का नंबर खोजा था। इसके बाद साइबर अपराधियों ने महिला से व्हाट्सएप कॉल के ज़रिए संपर्क किया, उसे एक फ़र्ज़ी ऐप डाउनलोड करवाया और उससे वन टाइम पासवर्ड (OTP) साझा करने को कहा। इन तरीकों का इस्तेमाल करते हुए, ठगों ने महिला के बैंक खाते से लाखों रुपये विभिन्न ट्रांजेक्शन के ज़रिए निकाल लिए। बताया जा रहा है कि यह पूरी ठगी लगभग एक घंटे के भीतर अंजाम दी गई, जिसमें बैंक खाते से ₹5.80 लाख की राशि अलग-अलग लेन-देन से निकाल ली गई। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर अपराध थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जाँच शुरू कर दी है। इस घटना को देखते हुए, लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है। सलाह दी गई है कि गूगल से प्राप्त नंबरों पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें, किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें, और अपना OTP या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करने की भी सलाह दी गई है।
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    अजमेर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक कराने के नाम पर ₹5.80 लाख की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया।

जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने गूगल पर एक डॉक्टर का नंबर खोजा था। इसके बाद साइबर अपराधियों ने महिला से व्हाट्सएप कॉल के ज़रिए संपर्क किया, उसे एक फ़र्ज़ी ऐप डाउनलोड करवाया और उससे वन टाइम पासवर्ड (OTP) साझा करने को कहा। इन तरीकों का इस्तेमाल करते हुए, ठगों ने महिला के बैंक खाते से लाखों रुपये विभिन्न ट्रांजेक्शन के ज़रिए निकाल लिए।

बताया जा रहा है कि यह पूरी ठगी लगभग एक घंटे के भीतर अंजाम दी गई, जिसमें बैंक खाते से ₹5.80 लाख की राशि अलग-अलग लेन-देन से निकाल ली गई। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर अपराध थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जाँच शुरू कर दी है।

इस घटना को देखते हुए, लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है। सलाह दी गई है कि गूगल से प्राप्त नंबरों पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें, किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें, और अपना OTP या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करने की भी सलाह दी गई है।
    user_Prime News Ajmer
    Prime News Ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शनिवार को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के तारकेश्वर में आयोजित “पीएम किसान उत्सव दिवस” से देशभर के किसानों के खातों में योजना की 23वीं किस्त जारी की। इसी अवसर पर नागौर के जिला परिषद सभागार में भी एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इस योजना के अंतर्गत नागौर जिले के कुल 1 लाख 85 हजार 428 पात्र किसानों को 23वीं किस्त का लाभ मिला। योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उनकी कृषि गतिविधियों को मजबूती प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को योजना से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं, जैसे कि जिन लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी इनेबल नहीं है, वे इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) में खाता खुलवाकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, किसानों को अपनी ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग और भुगतान की स्थिति की नियमित जांच करने के लिए प्रेरित किया गया। नागौर में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष रामधन पोटलिया, प्रदेश कार्य समिति सदस्य रामनिवास सांखला, जिला उपाध्यक्ष रमेश अपूर्वा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान और आमजन उपस्थित रहे।
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    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शनिवार को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के तारकेश्वर में आयोजित “पीएम किसान उत्सव दिवस” से देशभर के किसानों के खातों में योजना की 23वीं किस्त जारी की। इसी अवसर पर नागौर के जिला परिषद सभागार में भी एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया।

इस योजना के अंतर्गत नागौर जिले के कुल 1 लाख 85 हजार 428 पात्र किसानों को 23वीं किस्त का लाभ मिला। योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उनकी कृषि गतिविधियों को मजबूती प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को योजना से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं, जैसे कि जिन लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी इनेबल नहीं है, वे इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) में खाता खुलवाकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, किसानों को अपनी ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग और भुगतान की स्थिति की नियमित जांच करने के लिए प्रेरित किया गया।

नागौर में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष रामधन पोटलिया, प्रदेश कार्य समिति सदस्य रामनिवास सांखला, जिला उपाध्यक्ष रमेश अपूर्वा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान और आमजन उपस्थित रहे।
    user_CITY PRESS  RIYAN BARI
    CITY PRESS RIYAN BARI
    Video Creator रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • रियांबड़ी के पास ग्राम कोड में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जहाँ ग्रामीणों और युवाओं ने मिलकर नव निर्मित जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) परिसर में 200 फलदार और छायादार पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया। जनसहयोग से आयोजित इस अभियान ने ग्रामीणों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया। समाजसेवी हरिराम फाड़ोदा ने बताया कि जीएसएस निर्माण के बाद परिसर में निर्माण सामग्री, घास-फूस और कंटीली झाड़ियाँ फैली हुई थीं, जिससे इसकी सुंदरता प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से परिसर को स्वच्छ और हरित बनाने का निर्णय लिया। इस कार्य में मनरेगा के तहत कार्यरत महिला शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने श्रमदान कर परिसर से झाड़ियाँ और अनावश्यक सामग्री हटाई, जिससे पौधरोपण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सका। गाँव के युवाओं के साथ जीएसएस कर्मी लीलाधर मोदी और प्रदीप कमेडिया ने पौधरोपण अभियान की व्यवस्थाओं और संचालन की जिम्मेदारी संभाली। लगातार तीन दिनों तक चले श्रमदान और सामूहिक प्रयासों के बाद 200 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया गया, जिनमें फलदार और छायादार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, ताकि भविष्य में परिसर हरा-भरा होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी लाभ मिल सके। युवा प्रवीण वैष्णव ने जानकारी दी कि गाँव में पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की यह परंपरा पहले से ही जारी है। इससे पूर्व, पूर्व सरपंच कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में मुक्ति धाम परिसर में लगभग 600 पौधे लगाए गए थे, जो आज विकसित होकर हरियाली का सुंदर उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीएसएस परिसर में 200 पौधों का रोपण कर ग्रामीणों ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। इस अवसर पर रामनिवास जांगिड़, पारसमल, गणपत दास, पिरू शाह, मोहनराम, विक्रम सिंह, सुशील फाड़ोदा, प्रकाश जांगिड़, दीपू गारू, जयप्रकाश बडियासर, कालूराम, सोहनराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला शक्ति उपस्थित रही। ग्रामीणों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
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    रियांबड़ी के पास ग्राम कोड में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जहाँ ग्रामीणों और युवाओं ने मिलकर नव निर्मित जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) परिसर में 200 फलदार और छायादार पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया। जनसहयोग से आयोजित इस अभियान ने ग्रामीणों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया।

समाजसेवी हरिराम फाड़ोदा ने बताया कि जीएसएस निर्माण के बाद परिसर में निर्माण सामग्री, घास-फूस और कंटीली झाड़ियाँ फैली हुई थीं, जिससे इसकी सुंदरता प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से परिसर को स्वच्छ और हरित बनाने का निर्णय लिया। इस कार्य में मनरेगा के तहत कार्यरत महिला शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने श्रमदान कर परिसर से झाड़ियाँ और अनावश्यक सामग्री हटाई, जिससे पौधरोपण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सका। गाँव के युवाओं के साथ जीएसएस कर्मी लीलाधर मोदी और प्रदीप कमेडिया ने पौधरोपण अभियान की व्यवस्थाओं और संचालन की जिम्मेदारी संभाली। लगातार तीन दिनों तक चले श्रमदान और सामूहिक प्रयासों के बाद 200 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया गया, जिनमें फलदार और छायादार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, ताकि भविष्य में परिसर हरा-भरा होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी लाभ मिल सके।

युवा प्रवीण वैष्णव ने जानकारी दी कि गाँव में पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की यह परंपरा पहले से ही जारी है। इससे पूर्व, पूर्व सरपंच कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में मुक्ति धाम परिसर में लगभग 600 पौधे लगाए गए थे, जो आज विकसित होकर हरियाली का सुंदर उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीएसएस परिसर में 200 पौधों का रोपण कर ग्रामीणों ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।

इस अवसर पर रामनिवास जांगिड़, पारसमल, गणपत दास, पिरू शाह, मोहनराम, विक्रम सिंह, सुशील फाड़ोदा, प्रकाश जांगिड़, दीपू गारू, जयप्रकाश बडियासर, कालूराम, सोहनराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला शक्ति उपस्थित रही। ग्रामीणों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • ब्यावर में महिलाओं के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा का संदेश दिया जा रहा है। इस पहल के तहत, महिलाओं को नियमित रूप से योग अभ्यास जारी रखने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
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    ब्यावर में महिलाओं के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा का संदेश दिया जा रहा है। इस पहल के तहत, महिलाओं को नियमित रूप से योग अभ्यास जारी रखने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 20 जून को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से आयोजित पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी की। इस पहल के तहत, देशभर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लगभग 18 हजार 880 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। इस योजना का लाभ राजस्थान सहित अजमेर जिले के किसानों को भी मिला, जहाँ लगभग एक लाख 65 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किया गया। अजमेर में जिला स्तरीय कार्यक्रम राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र, तबीजी में आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 300 किसानों और महिला प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन लाइव देखा। इस दौरान किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी, प्राकृतिक खेती के महत्व, डीबीटी प्रणाली और पोर्टल पर लाभार्थी स्थिति की जानकारी भी प्रदान की गई। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'खेत बचाओ अभियान' के माध्यम से मिट्टी की सेहत बचाने पर विशेष जोर देते हुए हर किसान से रसायनों का न्यूनतम उपयोग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। वहीं, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्चुअल संबोधन में किसानों से आने वाली पीढ़ियों के लिए उर्वर भूमि सुरक्षित रखने हेतु प्राकृतिक खेती अपनाने तथा जल संरक्षण के लिए बूंद-बूंद सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने पर बल दिया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के किसानों के परिश्रम का सम्मान कर रहे हैं, जिसके फलस्वरूप पिछले 12 वर्षों में किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि और विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित कर रही है। श्री चौधरी ने किसानों से अपनी खेती के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने, गौ-आधारित खेती को बढ़ावा देने तथा जीवामृत जैसे जैविक पोषक तत्वों एवं जैविक कीटनाशकों का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि उत्पादन लागत कम हो और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है और दलहन एवं तिलहन के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार और किसान मिलकर कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. अभिषेक गोयल, सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार श्री राजीव कजोट, कृषि विज्ञान केंद्र तबीजी के अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र सिंह भाटी, राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. विनय भारद्वाज, डॉ. के.पी. सिंह, कृषि अनुसंधान उप केन्द्र के डॉ. रमाकांत शर्मा, कृषि विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती उषा चितारा, प्रगतिशील किसान और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 20 जून को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से आयोजित पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी की। इस पहल के तहत, देशभर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लगभग 18 हजार 880 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। इस योजना का लाभ राजस्थान सहित अजमेर जिले के किसानों को भी मिला, जहाँ लगभग एक लाख 65 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किया गया। अजमेर में जिला स्तरीय कार्यक्रम राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र, तबीजी में आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 300 किसानों और महिला प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन लाइव देखा। इस दौरान किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी, प्राकृतिक खेती के महत्व, डीबीटी प्रणाली और पोर्टल पर लाभार्थी स्थिति की जानकारी भी प्रदान की गई।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'खेत बचाओ अभियान' के माध्यम से मिट्टी की सेहत बचाने पर विशेष जोर देते हुए हर किसान से रसायनों का न्यूनतम उपयोग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। वहीं, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्चुअल संबोधन में किसानों से आने वाली पीढ़ियों के लिए उर्वर भूमि सुरक्षित रखने हेतु प्राकृतिक खेती अपनाने तथा जल संरक्षण के लिए बूंद-बूंद सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने पर बल दिया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के किसानों के परिश्रम का सम्मान कर रहे हैं, जिसके फलस्वरूप पिछले 12 वर्षों में किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि और विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित कर रही है। श्री चौधरी ने किसानों से अपनी खेती के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने, गौ-आधारित खेती को बढ़ावा देने तथा जीवामृत जैसे जैविक पोषक तत्वों एवं जैविक कीटनाशकों का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि उत्पादन लागत कम हो और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है और दलहन एवं तिलहन के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार और किसान मिलकर कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. अभिषेक गोयल, सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार श्री राजीव कजोट, कृषि विज्ञान केंद्र तबीजी के अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र सिंह भाटी, राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. विनय भारद्वाज, डॉ. के.पी. सिंह, कृषि अनुसंधान उप केन्द्र के डॉ. रमाकांत शर्मा, कृषि विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती उषा चितारा, प्रगतिशील किसान और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
    user_ओमप्रकाश चौधरी
    ओमप्रकाश चौधरी
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मानवत तालुका के यशवाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में एक बड़ा हादसा हो गया है। जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में बन रहे एक सभा मंडप की छत अचानक ढह गई। इस हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, 30 से 40 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया जा रहा है। फिलहाल, हताहतों और घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है, और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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    महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मानवत तालुका के यशवाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में एक बड़ा हादसा हो गया है। जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में बन रहे एक सभा मंडप की छत अचानक ढह गई। इस हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, 30 से 40 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया जा रहा है। फिलहाल, हताहतों और घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है, और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
    user_Atma Ram Saini
    Atma Ram Saini
    Journalist Raipur, Pali•
    6 hrs ago
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