उमरिया जिला मुख्यालय के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत नौगमा में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहाँ सभी निर्माण कार्यों में लगातार गुणवत्ताविहीन कार्य कराया जा रहा है। एक चेक डैम बिना किसी ड्राइंग या नक्शे के बनवाया गया था, जो पहली ही बरसात में बह गया। वहीं, अपने निजी फायदे के लिए घर के पास ही ₹18 से ₹20 लाख का एक और चेक डैम बनवाया गया है। इन निर्माण कार्यों पर आज तक कोई लागत बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, और जल बहाव से दिशा बदल देने के कारण यह चेक डैम पूरी तरह से बेकार हो गया है। इसी कड़ी में, ग्राम पंचायत भवन के पीछे स्थित लगभग 100 वर्ष पुराने पूर्वजों द्वारा निर्मित तालाब को ग्राम पंचायत नौगमा के प्रभावशाली व्यक्ति, सरपंच और सचिव मिलकर नियमों का उल्लंघन करते हुए लुप्त कर रहे हैं। जल संवर्धन योजना के तहत इस तालाब को सिर्फ अपने निजी स्वार्थ के लिए मिटाया जा रहा है, जिसकी न तो कोई योजना संबंधी जानकारी उपलब्ध है, न ही कोई कार्य प्रस्ताव है और न ही लागत बोर्ड लगाया गया है। लगातार पाँच दिनों से जेसीबी मशीन लगाकर तालाब के मेड़ को नष्ट किया जा रहा है। यह तालाब खसरा नंबर 363 (रकबा 0.239 हेक्टेयर) और खसरा नंबर 364/1 के कुछ भाग पर स्थित है, जो आज भी खसरे में मध्य प्रदेश शासन तालाब के रूप में दर्ज है। ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव राम लखन सिंह और उप यंत्री संतोष सिंह की कथित मिलीभगत से मुकेश पटेल ने इस तालाब को पूर्ण रूप से गायब कर दिया है। इस तालाब को बदना पटेल और राम सखी पटेल, जो शिव प्रसाद पटेल के पुत्र थे, ने दान किया था। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण और दानदाताओं के वारिसदार मुख्यालय पहुँचे हैं, जहाँ उन्होंने अपने पूर्वजों की संपत्ति को यथावत रखने की गुहार लगाई है और अपनी पीड़ा व्यक्त की है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन ग्रामीण जनों की इस समस्या पर ध्यान देती है या नहीं।
उमरिया जिला मुख्यालय के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत नौगमा में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहाँ सभी निर्माण कार्यों में लगातार गुणवत्ताविहीन कार्य कराया जा रहा है। एक चेक डैम बिना किसी ड्राइंग या नक्शे के बनवाया गया था, जो पहली ही बरसात में बह गया। वहीं, अपने निजी फायदे के लिए घर के पास ही ₹18 से ₹20 लाख का एक और चेक डैम बनवाया गया है। इन निर्माण कार्यों पर आज तक कोई लागत बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, और जल बहाव से दिशा बदल देने के कारण यह चेक डैम पूरी तरह से बेकार हो गया है। इसी कड़ी में, ग्राम पंचायत भवन के पीछे स्थित लगभग 100 वर्ष पुराने पूर्वजों द्वारा निर्मित तालाब को ग्राम पंचायत नौगमा के प्रभावशाली व्यक्ति, सरपंच और सचिव मिलकर नियमों का उल्लंघन करते हुए लुप्त कर रहे हैं। जल संवर्धन योजना के तहत इस तालाब को सिर्फ अपने निजी स्वार्थ के लिए मिटाया जा रहा है, जिसकी न तो कोई योजना संबंधी जानकारी उपलब्ध है, न ही कोई कार्य प्रस्ताव है और न ही लागत बोर्ड लगाया गया है। लगातार पाँच दिनों से जेसीबी मशीन लगाकर तालाब के मेड़ को नष्ट किया जा रहा है। यह तालाब खसरा नंबर 363 (रकबा 0.239 हेक्टेयर) और खसरा नंबर 364/1 के कुछ भाग पर स्थित है, जो आज भी खसरे में मध्य प्रदेश शासन तालाब के रूप में दर्ज है। ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव राम लखन सिंह और उप यंत्री संतोष सिंह की कथित मिलीभगत से मुकेश पटेल ने इस तालाब को पूर्ण रूप से गायब कर दिया है। इस तालाब को बदना पटेल और राम सखी पटेल, जो शिव प्रसाद पटेल के पुत्र थे, ने दान किया था। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण और दानदाताओं के वारिसदार मुख्यालय पहुँचे हैं, जहाँ उन्होंने अपने पूर्वजों की संपत्ति को यथावत रखने की गुहार लगाई है और अपनी पीड़ा व्यक्त की है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन ग्रामीण जनों की इस समस्या पर ध्यान देती है या नहीं।
- आज उमरिया जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और रोजगार सहायिकाओं ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर महोदया, उमरिया को सौंपा। उन्होंने इस ज्ञापन के माध्यम से अपना मानदेय बढ़ाने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने का निवेदन किया। इस मांगों को लेकर हुए ज्ञापन सौंपने के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सहायक संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, जिला सचिव श्रीमती बेबी जान, जिला सह सचिव नेमकली सिंह, ललिता साहू, चयना पटेल, उमा कोल सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह ज्ञापन मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ और भारतीय मजदूर संघ द्वारा कलेक्टर कार्यालय उमरिया में प्रस्तुत किया गया।1
- आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को उमरिया जिले में लगातार बढ़ रही अवैध शराब पैकारी के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर राखी सहाय को ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले के नौरोजाबाद, बीरसिंहपुर पाली, करकेली, चंदिया, मानपुर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम अवैध शराब की पैकारी की जा रही है, लेकिन संबंधित आबकारी विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है। उन्होंने आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही और निष्क्रियता के कारण अवैध शराब का यह कारोबार लगातार फल-फूल रहा है, जिससे सामाजिक और कानून व्यवस्था संबंधी समस्याएं गंभीर रूप से बढ़ रही हैं। आम आदमी पार्टी ने प्रशासन से तत्काल अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जिले में एक प्रभावी अभियान चलाकर इस पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी पार्टी उग्र जन आंदोलन करने के लिए विवश होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।2
- मध्य प्रदेश के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत नौगमा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहाँ सभी निर्माण कार्यों में लगातार गुणवत्ताहीन कार्य कराए जा रहे हैं। इसका एक उदाहरण बिना ड्राइंग-नक्शे के बनाए गए चेक डैम हैं, जो पहली बरसात में ही बह गए। इसके अतिरिक्त, एक प्रभावशाली व्यक्ति ने अपने निजी स्वार्थ के लिए अपने घर के पास ही ₹18 से 20 लाख की लागत से एक और चेक डैम बनवा लिया है, जो पानी के बहाव से अपनी दिशा बदल देता है और अब किसी काम का नहीं रहा। सभी निर्माण कार्यों में आज तक लागत बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। इसी क्रम में, ग्राम पंचायत भवन के पीछे स्थित 100 वर्ष पुराने पूर्वजों द्वारा निर्मित तालाब को ग्राम पंचायत नौगमा के प्रभावशाली व्यक्ति, सरपंच मुकेश पटेल, सचिव राम लखन सिंह और उप यंत्री संतोष सिंह की मिलीभगत से पूर्णतः लुप्त किया जा रहा है। ये लोग अपने स्वार्थ के लिए नियमों को तोड़ते हुए 'जल संवर्धन योजना' के नाम पर तालाब को नष्ट कर रहे हैं। इस निर्माण कार्य की न तो कोई जानकारी उपलब्ध है कि यह किस योजना के तहत किया जा रहा है, न कोई प्रस्ताव पड़ा है और न ही लागत बोर्ड लगाया गया है। लगातार पाँच दिनों से जेसीबी मशीन द्वारा तालाब की मेड़ को नष्ट करते हुए कार्य जारी है। यह तालाब खसरा नंबर 363 (0.239 हेक्टेयर) और 364/1 के कुछ भाग में मध्य प्रदेश शासन तालाब के रूप में आज भी खसरे में दर्ज है। इस तालाब को बदना पटेल और राम सखी पटेल, पिता शिव प्रसाद पटेल ने दान किया था। इस समस्या से दानदाताओं के वारिसदार अत्यधिक दुखी और व्यथित हैं। ग्रामीण जनों ने पूर्वजों की संपत्ति को यथावत रखने की गुहार लगाते हुए मुख्यालय पहुँचकर इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन ग्रामीण जनों की इस समस्या पर क्या कार्रवाई करता है।1
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लेकर अब गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ा होने लगा है। सूत्रों के मुताबिक, टूरिस्ट वाहनों के अलावा अब हाथियों के माध्यम से भी बाघों की स्वच्छंदता पर प्रहार हो रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी कारण बाघ अपना रहवास स्थल छोड़कर गांव की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में ताला जोन में बैठे हुए आराम फरमा रहे बजरंग नामक बाघ को एक महावत द्वारा घास के मैदान से बाहर खदेड़ते हुए दिखाया गया है, जिससे उक्त बाघ काफी परेशान होता हुआ भी दिखाई दे रहा है। जानकारों के अनुसार, ऐसे में टाइगर परेशान होकर अपने वास स्थल से निकल कर जंगल के बाहर पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं, जिसके दुखद परिणाम हो सकते हैं। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर जिम्मेदारों से अविलंब दखल और कार्यवाही की अपेक्षा की जाती है।1
- शहडोल के हाईवे पर चल रही गतिविधियों को लेकर भारी नाराजगी व्यक्त की गई है, जहाँ लोगों का आरोप है कि इन हरकतों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को उपहास का पात्र बना दिया है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ लोग यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। चेतावनी दी गई है कि इस तरह की लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। यह चिंता तब और बढ़ जाती है जब रोज बढ़ती दुर्घटनाओं के बावजूद, शासन द्वारा ऐसी लापरवाह गतिविधियों पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है।1
- शहडोल शहर के एक मकान में एक बुजुर्ग व्यक्ति का लहूलुहान शव मिलने से सनसनी फैल गई है। यह शव एक घर के अंदर से प्राप्त हुआ है, जिसकी जानकारी सामने आई है।1
- शहडोल में आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन के सदस्यों ने बुधवार को दोपहर लगभग 2:15 बजे तक कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने आशा एवं पर्यवेक्षकों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान हर महीने की 5 तारीख तक नियमित रूप से किए जाने की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा ऊषा आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन के सदस्य मौजूद रहे।1
- मध्यप्रदेश के उमरिया जिला मुख्यालय में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से हो रही अवैध शराब पैकारी बिक्री के विरोध में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने जिले में शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और अवैध कारोबार पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।1