नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को लैलूंगा पुलिस ने चंद घंटों में दबोचा* 🚨 *लैलूंगा पुलिस ने आरोपित को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर भेजा जेल* 🚨 *रायगढ़ एसएसपी के निर्देशन में नाबालिग और महिला संबंधी शिकायतों पर की जा रही त्वरित कार्रवाई* 🚨 *एसएसपी शशि मोहन सिंह —महिला संबंधी शिकायत पर तत्काल, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई करना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता।"* *जुलाई, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत लैलूंगा पुलिस ने कल नाबालिग से दुष्कर्म के एक बेहद संवेदनशील मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी सूरज विश्वकर्मा (25 वर्ष) को रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को एक महिला थाना लैलूंगा पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 जुलाई 2026 की शाम वह अपनी नातिन को घर पर छोड़कर खेत में रोपाई करने गई थी। वापस लौटने पर बच्ची रो रही थी। पूछताछ करने पर बच्ची ने बताया कि पडोस में रहने वाला सूरज विश्वकर्मा ने उसके साथ कमरे में दुष्कर्म किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह को घटना की जानकारी दी। उनके निर्देशन पर पुलिस टीम ने बिना विलंब कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में है, जिस पर तत्काल उसके पडोस गांव ग्राम लिबरा के पास घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी तथा डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के कुशल मार्गदर्शन पर महिला एवं बाल अपराधों के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित पुलिस कार्रवाई के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, उपनिरीक्षक् चन्द्र कुमार सिंगार, एएसआई परमेश्वर सिंह पैंकरा, प्रधान आरक्षक जयशरण चन्द्रा, आरक्षक विनोद कुजूर, शशि उरांव और राजू तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 👉 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में रायगढ़ पुलिस की नीति स्पष्ट है—महिला संबंधी शिकायत पर तत्काल, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई। ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना और अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"*
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को लैलूंगा पुलिस ने चंद घंटों में दबोचा* 🚨 *लैलूंगा पुलिस ने आरोपित को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर भेजा जेल* 🚨 *रायगढ़ एसएसपी के निर्देशन में नाबालिग और महिला संबंधी शिकायतों पर की जा रही त्वरित कार्रवाई* 🚨 *एसएसपी शशि मोहन सिंह —महिला संबंधी शिकायत पर तत्काल, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई करना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता।"* *जुलाई, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत लैलूंगा पुलिस ने कल नाबालिग से दुष्कर्म के एक बेहद
संवेदनशील मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी सूरज विश्वकर्मा (25 वर्ष) को रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को एक महिला थाना लैलूंगा पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 जुलाई 2026 की शाम वह अपनी नातिन को घर पर छोड़कर खेत में रोपाई करने गई थी। वापस लौटने पर बच्ची रो रही थी। पूछताछ करने पर बच्ची ने बताया कि पडोस में रहने वाला सूरज विश्वकर्मा ने उसके साथ कमरे में दुष्कर्म किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री
शशि मोहन सिंह को घटना की जानकारी दी। उनके निर्देशन पर पुलिस टीम ने बिना विलंब कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में है, जिस पर तत्काल उसके पडोस गांव ग्राम लिबरा के पास घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी तथा डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के कुशल मार्गदर्शन पर महिला एवं बाल अपराधों के
प्रति संवेदनशीलता और त्वरित पुलिस कार्रवाई के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, उपनिरीक्षक् चन्द्र कुमार सिंगार, एएसआई परमेश्वर सिंह पैंकरा, प्रधान आरक्षक जयशरण चन्द्रा, आरक्षक विनोद कुजूर, शशि उरांव और राजू तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 👉 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में रायगढ़ पुलिस की नीति स्पष्ट है—महिला संबंधी शिकायत पर तत्काल, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई। ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना और अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"*
- हां जैसा लग रहा है की बारिश नहीं होगा बहुत ज्यादा धूप किया है उमस कर दिया हैगर्मी आज मुझको ऐसा लग रहा है कि एक दो सप्ताह छुट्टी ले रहा है बारिश जैसा लग रहा है हो सकता है कि शाम तक अगर मौसम बदल जाए तो अलग की बात है बाकी बहुत ज्यादा धूप किया है अभी1
- छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष का हंगामा, प्रमोद तिवारी ने अमित शाह से मांगा जवाब राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला। प्रमोद तिवारी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार मंत्रिपरिषद सदन के प्रति उत्तरदायी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के साथ बर्बरता हुई और उन पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर इस पूरे मामले पर जवाब दें और सरकार अपना पक्ष स्पष्ट करे। इस बयान के बाद संसद में छात्र मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। #PramodTiwari #RajyaSabha #Parliament #AmitShah #Students #Article75 #Opposition #Delhi #Politics #BreakingNews #HindiNews1
- Post by Rishi Kisan Machine1
- शिक्षा जीवन बदलने की सबसे बड़ी ताकत: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत कक्षा 10 वीं एवं कक्षा 12 वीं के 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान रायगढ़, जिले के नगर पंचायत पुसौर में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में गुरुवार को जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव-2026 उत्साह और गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री तथा रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन के लिए भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा शिक्षा को उत्सव का स्वरूप देते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी मोहित सतपथी, जिला पंचायत सदस्य ब्रजेश गुप्ता, श्रीमती भाग्यवती डोलनारायण नायक, श्रीमती लक्ष्मी जीवन पटेल, नगर पंचायत पुसौर उपाध्यक्ष उमेश साव, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पुसौर श्रीमती खीरमती चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, विकास केडिया, जैमिनी गुप्ता, श्री अनुपम पाल, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू, एसडीएम महेश शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक एवं अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के पूजन-अर्चन तथा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि किसी भी बच्चे के विद्यालय में प्रवेश के साथ ही उसके सपनों को नई उड़ान मिलती है। शिक्षा वह शक्ति है जो व्यक्ति का ही नहीं, पूरे समाज का भविष्य बदल सकती है। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद लक्ष्य और योजनाबद्ध तैयारी से उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसी के अनुरूप मेहनत करें। केवल पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी तय होना चाहिए कि जीवन में क्या बनना है। उन्होंने कहा कि आज हमारे प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के अनेक शैक्षणिक संस्थान और अवसर उपलब्ध हैं, जिनकी जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। यदि कोई विद्यार्थी राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करता है तो उसे हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को आईएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली भेज रही है, जहां रहने और पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करती है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के सामने गरीबी कभी बाधा नहीं बन सकती। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिन शिक्षकों के बच्चे सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, उनका मंच से सम्मान भी किया गया। उन्होंने प्राचार्यों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे ऐसे उत्कृष्ट विद्यालय विकसित करें, जहां अपने बच्चों का प्रवेश दिलाने के लिए लोग स्वयं आग्रह करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पुसौर में भी नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर बनाया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। स्कूल जाना बच्चों के लिए त्योहार जैसा अनुभव बने: कलेक्टर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का प्रवेश कराना नहीं, बल्कि विद्यालय आने को बच्चों के लिए उत्सव जैसा अनुभव बनाना है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि घर में बच्चों के लिए पढ़ाई का एक विशेष कोना तैयार करें, जहां पुस्तकें और बस्ता व्यवस्थित रखें, ताकि बच्चों में अध्ययन के प्रति आत्मीयता विकसित हो। अभिभावक प्रतिदिन बच्चों से यह अवश्य पूछें कि आज विद्यालय में क्या नया सीखा। कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि कोई भी बच्चा पढ़ाई बीच में न छोड़े। पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अतिरिक्त प्रत्येक विद्यार्थी को वर्ष में कम से कम दो अतिरिक्त पुस्तकें-जैसे महापुरुषों की जीवनी, प्रेरक साहित्य अथवा कहानी संग्रह-पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनमें व्यापक दृष्टिकोण विकसित हो। जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक विद्यार्थी उत्साहपूर्वक विद्यालय से जुड़े। मेधावी, दिव्यांग छात्रा और सेवानिवृत्त शिक्षकों का हुआ सम्मान कार्यक्रम में कक्षा 10 एवं 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले क्षेत्र के 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पूर्णतः दृष्टिबाधित छात्रा कामिनी यादव को 86 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों का भी सम्मान किया गया। स्कूली छात्राओं को सायकल और नवप्रवेशी बच्चों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में न्योता भोज का भी आयोजन किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी ने शाला प्रवेशोत्सव को जनउत्सव का स्वरूप प्रदान किया।4
- विकसित भारत का संकल्प रायगढ़ के एनटीपीसी लारा में छात्राओं को साइकिल और पुस्तकें वितरित,बुजुर्गों का हुआ सम्मान।1
- *जशपुर भूमि महाघोटाला: 11 साल पुराना जमीन सौदा, ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी चूक और प्रशासनिक मिलीभगत से रची गई साजिश की परत-दर-परत इनसाइड स्टोरी...* जशपुर। जिले में प्रशासनिक लापरवाही, पटवारियों की मिलीभगत और भू-माफियाओं के आपराधिक गठजोड़ का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जो सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ही कृषि जमीन को वैध रूप से बेचने के वर्षों बाद, ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामी का फायदा उठाकर उसी जमीन की दोबारा फर्जी रजिस्ट्री कराने का एक बड़ा खेल उजागर हुआ है। इस पूरे प्रकरण में पीड़ित खरीदार पिछले एक दशक से न्याय के लिए तहसीलों से लेकर पुलिस मुख्यालय तक की ठोकरें खाने को मजबूर है, लेकिन रसूखदारों के आगे कानून के हाथ भी बेबस नजर आते हैं। *परत-दर-परत खुली आपराधिक साजिश की दास्तान...* * चरण 1: वैध तरीके से हुआ था जमीन का सौदा (वर्ष 2015) : पीड़ित रविकान्त शर्मा ने 11 मई 2015 को उपपंजीयक कार्यालय बगीचा में विधिवत स्टाम्प शुल्क अदा करते हुए विक्रेता रमेश प्रसाद से ग्राम सन्ना स्थित खसरा नंबर 1764/2278/6 (रकबा 0.29 हे.) का बैनामा कराया था। इस सौदे में गवाहों (संदीप राम भगत और नरेश कुमार पटेल) की मौजूदगी में पूरा प्रतिफल नकद चुकाया गया था। उस समय कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन का नामांतरण हुआ और पीड़ित के नाम पर शासकीय ऋणपुस्तिका (पुस्तिका क्रमांक: P-1368589) भी जारी की गई थी। * चरण 2: पटवारी की तकनीकी चूक ने दिया फर्जीवाड़े को जन्म : वर्षों बाद जब राजस्व अभिलेखों को डिजिटाइज्ड कर 'भुइयां' ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा था, तब हल्का पटवारी की बड़ी लापरवाही सामने आई। कागजों पर नाम दर्ज होने के बावजूद, ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी त्रुटि के कारण विक्रेता रमेश प्रसाद का नाम ही मुख्य रूप से प्रदर्शित होता रहा। * चरण 3: लालच में आकर रची गई फर्जी रजिस्ट्री की साजिश : ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पुराना नाम चमकता देख विक्रेता रमेश प्रसाद की नीयत में खोट आ गया। उसने अपने भतीजे रीशु केसरी (प्रियांशु केशरी) के साथ मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचा। दोनों को अच्छी तरह मालूम था कि यह जमीन पहले ही वैध रूप से बिक चुकी है और रमेश प्रसाद के सभी स्वत्व समाप्त हो चुके हैं। इसके बावजूद, ऑनलाइन रिकॉर्ड का फायदा उठाते हुए उन्होंने उसी खसरा नंबर की एक और 'फर्जी रजिस्ट्री' प्रियांशु केशरी के नाम पर करवा दी। *प्रशासनिक चौखट से लेकर पुलिस दरबार तक लंबी कानूनी जंग दर-दर भटकता पीड़ित :* जब 18 जून 2025 को पीड़ित को इस दोहरी रजिस्ट्री के षड्यंत्र की भनक लगी, तो उसने फौरन थाना सन्ना, पुलिस अधीक्षक (SP) जशपुर, अनुविभागीय अधिकारी (SDO राजस्व) बगीचा, उपपंजीयक और कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इन शिकायतों के बाद आनन-फानन में उस अवैध रजिस्ट्री के नामांतरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई। *तहसीलदार न्यायालय का ऐतिहासिक आदेश (16 जून 2026) :* मामले की लंबी सुनवाई के बाद, तहसीलदार सन्ना के न्यायालय ने राजस्व प्रकरण क्रमांक 202603032500023/अ-6/2025-26 में यह स्पष्ट माना कि मूल खरीदार रविकान्त शर्मा का दावा पूर्णतः वैध है। न्यायालय ने 16 जून 2026 को स्पष्ट आदेश पारित किया कि विक्रेता रमेश प्रसाद का नाम विलोपित कर खसरा नंबर 1764/2278/6 पर वैध क्रेता रविकान्त शर्मा का नाम दर्ज किया जाए और हल्का पटवारी को अभिलेख दुरुस्त करने का कड़ा निर्देश दिया गया। *नया मोड़ : न्यायालय के आदेश को ठेंगा, भ्रष्ट तंत्र की साठगांठ -* न्यायालय से न्याय मिलने के बावजूद भ्रष्टाचार का ऐसा खेल सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया। आरोप है कि आरोपी पक्ष (प्रियांशु केशरी) ने स्थानीय राजस्व व तकनीकी अमले के साथ साठगांठ कर ली और तहसीलदार के स्पष्ट आदेश के उलट, पोर्टल पर फिर से हेरफेर कर प्रियांशु केशरी का नाम दर्ज कराने का कुत्सित प्रयास किया गया। जब पीड़ित ने तहसील कार्यालय में इस बाबत जानकारी चाही, तो नायब तहसीलदार रोशनी तिर्की द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। कलेक्टर कार्यालय में गुहार लगाने के बावजूद जब कोई ठोस और त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला शीर्ष प्रशासनिक चौखट तक जा पहुंचा। *अब डीजीपी (DGP) के दरबार में गुहार :* उठी सख्त FIR की मांग स्थानीय प्रशासन और राजस्व अधिकारियों की कथित मिलीभगत और लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना से त्रस्त होकर पीड़ित रविकान्त शर्मा ने अब सीधे छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) को विस्तृत शिकायत प्रेषित की है। शिकायत के माध्यम से यह पुरजोर मांग की गई है कि : * धोखाधड़ी, कूट रचना और षड्यंत्र में लिप्त मुख्य आरोपी रमेश प्रसाद और उसके भतीजे प्रियांशु केशरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक और सख्त धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए। * इस पूरी फर्जी रजिस्ट्री प्रक्रिया को कानूनी रूप से शून्य (Null and Void) घोषित किया जाए। * इस पूरे घटनाक्रम में संलिप्त भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय विभागीय जाँच कराई जाए, ताकि आम जनता का न्याय व्यवस्था से भरोसा न उठे।4
- नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को लैलूंगा पुलिस ने चंद घंटों में दबोचा* 🚨 *लैलूंगा पुलिस ने आरोपित को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर भेजा जेल* 🚨 *रायगढ़ एसएसपी के निर्देशन में नाबालिग और महिला संबंधी शिकायतों पर की जा रही त्वरित कार्रवाई* 🚨 *एसएसपी शशि मोहन सिंह —महिला संबंधी शिकायत पर तत्काल, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई करना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता।"* *जुलाई, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत लैलूंगा पुलिस ने कल नाबालिग से दुष्कर्म के एक बेहद संवेदनशील मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी सूरज विश्वकर्मा (25 वर्ष) को रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को एक महिला थाना लैलूंगा पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 जुलाई 2026 की शाम वह अपनी नातिन को घर पर छोड़कर खेत में रोपाई करने गई थी। वापस लौटने पर बच्ची रो रही थी। पूछताछ करने पर बच्ची ने बताया कि पडोस में रहने वाला सूरज विश्वकर्मा ने उसके साथ कमरे में दुष्कर्म किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह को घटना की जानकारी दी। उनके निर्देशन पर पुलिस टीम ने बिना विलंब कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में है, जिस पर तत्काल उसके पडोस गांव ग्राम लिबरा के पास घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी तथा डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के कुशल मार्गदर्शन पर महिला एवं बाल अपराधों के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित पुलिस कार्रवाई के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, उपनिरीक्षक् चन्द्र कुमार सिंगार, एएसआई परमेश्वर सिंह पैंकरा, प्रधान आरक्षक जयशरण चन्द्रा, आरक्षक विनोद कुजूर, शशि उरांव और राजू तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 👉 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* *"महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में रायगढ़ पुलिस की नीति स्पष्ट है—महिला संबंधी शिकायत पर तत्काल, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई। ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना और अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"*4