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नेता हो तो संजय जी जैसा, दोहरे चरित्र वाले नेताओं को गजब धोते हैं किसी नेता के पास कोई जवाब नहीं होता क्यों ? 1क्या सच में मोदी चोर है 2 राम मंदिर में चंदा चोरी हिंदू के लिए बड़ी बात नहीं है 3 क्या बीजेपी भारत के लोगों को धर्म के नाम पर चुटिया बना रही है नेता हो तो संजय जी जैसा, दोहरे चरित्र वाले नेताओं को गजब धोते हैं किसी नेता के पास कोई जवाब नहीं होता क्यों ? 1क्या सच में मोदी चोर है 2 राम मंदिर में चंदा चोरी हिंदू के लिए बड़ी बात नहीं है 3 क्या बीजेपी भारत के लोगों को धर्म के नाम पर चुटिया बना रही है
Arun Lodhi
नेता हो तो संजय जी जैसा, दोहरे चरित्र वाले नेताओं को गजब धोते हैं किसी नेता के पास कोई जवाब नहीं होता क्यों ? 1क्या सच में मोदी चोर है 2 राम मंदिर में चंदा चोरी हिंदू के लिए बड़ी बात नहीं है 3 क्या बीजेपी भारत के लोगों को धर्म के नाम पर चुटिया बना रही है नेता हो तो संजय जी जैसा, दोहरे चरित्र वाले नेताओं को गजब धोते हैं किसी नेता के पास कोई जवाब नहीं होता क्यों ? 1क्या सच में मोदी चोर है 2 राम मंदिर में चंदा चोरी हिंदू के लिए बड़ी बात नहीं है 3 क्या बीजेपी भारत के लोगों को धर्म के नाम पर चुटिया बना रही है
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- जेके सीमेंट पन्ना : पशुधन विकास कार्यक्रम से 22,800 से अधिक किसान हुए लाभान्वित. जेके सीमेंट पन्ना द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत 'जेके ट्रस्ट' के सहयोग से संचालित पशुधन विकास कार्यक्रम ने पन्ना जिले के ग्रामीण अंचल में पशुपालन और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। जिले के 3 ब्लॉकों में स्थापित 30 केंद्रों के माध्यम से 22,854 किसानों एवं पशुपालकों को सीधे तौर पर लाभान्वित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी CSR पहल का मुख्य उद्देश्य उन्नत नस्ल सुधार, त्वरित पशु स्वास्थ्य सेवाएं, संतुलित पोषण तथा पशुपालकों के क्षमता निर्माण के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण परिवारों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करना है। • नस्ल सुधार एवं कृत्रिम गर्भाधान: नस्ल सुधार अभियान के तहत 29,338 कृत्रिम गर्भाधान (AI) संपन्न कराए गए, जिनमें 19,911 मामलों में गर्भाधान की पुष्टि (PDC) हुई। इस प्रयास से क्षेत्र में 8,150 उन्नत नस्ल के बछड़ों का जन्म हुआ। इसके अलावा 1,516 पशुओं का बधियाकरण भी किया गया। • स्वास्थ्य एवं निवारक चिकित्सा: पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए 1,68,690 परजीवी नियंत्रण (Deticking) तथा 64,140 पेट के कीड़ों का उपचार (Deworming) किया गया। इसके साथ ही 26,524 प्राथमिक चिकित्सा, 26,268 टीकाकरण और 12,268 बांझपन निवारण के सफल उपचार किए गए। इस अवधि में कुल 575 विशाल पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। • पोषण एवं आहार प्रबंधन: पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए 6,934 पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण चारा बीज व आहार वितरण के साथ 510 यूनिट/किग्रा मिनरल मिक्स्चर (खनिज मिश्रण) उपलब्ध कराया गया। • जागरूकता एवं क्षमता निर्माण: किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से 4,310 प्रसार कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि 240 अग्रणी पशुपालकों के लिए 4 अध्ययन यात्राएं (Exposure Visits) आयोजित की गईं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला संबल जेके सीमेंट और जेके ट्रस्ट की इस एकीकृत पहल से पन्ना जिले के गांवों में न केवल पशु स्वास्थ्य में सुधार आया है, बल्कि दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों की दैनिक व मासिक आय में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जेके सीमेंट के इस सामाजिक उत्तरदायित्व प्रयास की सराहना की जा रही है।1
- 23 हजार पटवारियों की हड़ताल के बीच सरकार बैकफुट पर, बिना प्रारंभिक जांच अब दर्ज नहीं होगी एफआईआर! #MPNews #PatwariStrike1
- गुनौर में प्रशासनिक तंत्र की बड़ी लापरवाही तहसीलदार का गलत आराजी नंबर लिखना पड़ा भारी *गुनौर में प्रशासनिक तंत्र की बड़ी लापरवाही: तहसीलदार का गलत आराजी नंबर लिखना पड़ा भारी, बिना अतिक्रमण हटाए बैरंग लौटी बुलडोजर टीम* गुनौर :- गुनौर तहसील प्रशासन की एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिससे पूरी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। शासकीय आदेश में एक मामूली-सी दिखने वाली लेकिन बड़ी तकनीकी भूल के कारण प्रशासन को न सिर्फ बैकफुट पर आना पड़ा, बल्कि पूरे दलबल और बुलडोजर के साथ पहुंची टीम को बिना कोई कार्रवाई किए खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। *क्या है पूरा मामला?* प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक सुषमा पटेल का भी अतिक्रमण है एवं धपूरा खान का अतिक्रमण है जबकि तहसीलदार की टीम धपुरा खान पर एक तरफा कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी गुनौर तहसील कार्यालय द्वारा सुंगरहा की पत्र न. 488 राजस्व प्रकरण क्रमांक 0011अ -68/26-27 आदेश दिनांक -03/8/26 है आराजी क्रमांक 724 /2 सुषमा पटेल के नाम पर है (रकबा/स्थल) से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए आधिकारिक आदेश जारी किए गए थे। आदेश मिलते ही राजस्व विभाग और पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम बुलडोजर और पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंची। लेकिन जब टीम ने संबंधित स्थल पर पहुंचकर कागजातों का मिलान किया, तो एक बड़ी तकनीकी खामी उजागर हुई। असल में जिस स्थान का अतिक्रमण हटाया जाना था और जहां पूरी टीम कार्रवाई के लिए खड़ी थी, वह आराजी क्रमांक 720 पर धपुरा खान चोपड़ी बना कर रहा रहा है वही सुषमा पटेल का एक कमरा,बोर एवं बिजली ट्रांसफार्मर कर अतिक्रमण किया हुआ है,पूर्व मै पटवारी द्वारा प्रतिवेदन मै 720 नंबर पर दोना का अतिक्रमण बताया गया है जबकि कार्यालय से जारी लिखित आदेश में आराजी क्रमांक 724 दर्ज था। *बिना कार्रवाई लौटी टीम, उठ रहे सवाल* आदेश में दर्ज आराजी नंबर और मौके की वास्तविक जमीन के नंबर में भिन्नता होने के कारण मौके पर मौजूद टीम कानूनन कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। गलत दस्तावेज के आधार पर कार्रवाई करने से कानूनी पेंच फंसने की आशंका को देखते हुए तहसीलदार की टीम को बिना अतिक्रमण हटाए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। तहसीलदार संतोष अरिहा की कार्यप्रणाली पर गहराया संशय इतने महत्वपूर्ण बेदखली आदेश में गलत आराजी नंबर दर्ज हो जाना तहसील कार्यालय की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध जनों द्वारा अब तहसीलदार की कार्यशैली पर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं: क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा फाइल पर हस्ताक्षर करने से पहले दस्तावेजों का सत्यापन नहीं किया गया? प्रशासनिक अमले की इस चूक से सरकार के राजस्व, समय और संसाधनों का जो नुकसान हुआ, उसका जिम्मेदार कौन है? फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और देखना यह होगा कि इस बड़ी प्रशासनिक चूक पर वरिष्ठ अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं।3
- हटा में 79वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज एसडीएम राकेश मरकाम ने दी समय-सीमा में काम पूरा करने की हिदायत1
- ग्राम पंचायत सिंगपुर के ग्राम रमपुरा में भ्रष्टाचार के आरोप, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग दमोह पटेरा। जनपद पंचायत पटेरा की ग्राम पंचायत सिंगपुर अंतर्गत ग्राम रमपुरा में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम शिकायत प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता सतेन्द्र सिंह राजपूत ने आवेदन में आरोप लगाया है कि वर्ष 2024-25 में ग्राम रमपुरा में सीसी रोड, नाली निर्माण, तालाब गहरीकरण एवं सरकारी हैंडपंप स्थापना जैसे विकास कार्यों के लिए राशि आहरित कर ली गई, लेकिन कई कार्य या तो मौके पर कराए ही नहीं गए या अधूरे छोड़ दिए गए। शिकायत में कहा गया है कि हनुमान मंदिर के बगीचे में सरकारी हैंडपंप लगाने के नाम पर स्वीकृत राशि निकाल ली गई, जबकि स्थल पर हैंडपंप स्थापित नहीं किया गया। वहीं तालाब गहरीकरण के लिए भी राशि निकाले जाने का आरोप लगाया गया है, लेकिन मौके पर कार्य नहीं होने की बात कही गई है। आवेदन के अनुसार 5 अगस्त 2026 को नीम के चबूतरे से एक मकान तक बनाए जा रहे सीसी रोड में घटिया एवं निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही लगभग एक वर्ष पहले निर्मित नाली आज तक अधूरी पड़ी है और उसे ऊपर से ढंका भी नहीं गया, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा शासकीय राशि के दुरुपयोग की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।1
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