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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा क्षेत्र में 20वां राजापुर कस्बा बांदीपुर बेहद धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस खुशी के मौके पर मिलने पहुंचे दोस्तों में नदीम शेख, समीर शेख और मुन्ना सलमानी शामिल हैं।1
- चित्रकूट जनपद के बरगढ़ थाना क्षेत्र के बोझफार्म कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील खा रहे बच्चों पर एक पागल कुत्ते ने स्कूल के अंदर घुसकर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्र श्याम और परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की बच्ची जानवी को कुत्ते ने काटकर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। कुत्ते के पागलपन को देखकर स्कूल में तैनात शिक्षक और अन्य बच्चे खुद को बचाने के लिए क्लास रूम में छुप गए। इसके बाद बच्चों और ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए डंडे और पत्थर फेंककर किसी तरह पागल कुत्ते को वहां से भगाया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची 112 नंबर पुलिस ने घायल बच्चों को आनन-फानन में इलाज के लिए सीएचसी मऊ में भर्ती कराया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पीड़ित परिजनों ने स्कूल के शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित परिजन भास्कर का कहना है कि जब स्कूल की बाउंड्री वॉल काफी ऊंची है, तब भी खाना खाते समय कुत्ता अंदर कैसे घुस गया? ग्रामीणों के अनुसार, यह कुत्ता रेलवे क्रॉसिंग के पास रहता है और काफी दिनों से पागल है। यह पूर्व में भी कई लोगों और मवेशियों को काट चुका है, जिससे लोग अब दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। मामले पर संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला ने बताया कि दोनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्कूल के अंदर कुत्ता कैसे घुसा और इसमें किसकी लापरवाही है, इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है और जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही स्कूल की बाउंड्री पर जाली लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद के सरधुवा थाना अंतर्गत भदेहदू गाँव में छत की रेलिंग गिरने से एक 52 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। यह हादसा बीते मंगलवार की रात्रि लगभग 9:30 बजे का है। मृतक सुरिजदीन (पुत्र छोटा) रोजाना की तरह भोजन करने के बाद घर के बाहर पड़ोसी रामजी के घर के नीचे खड़ा था, तभी अचानक छत की रेलिंग टूटकर उसके ऊपर गिर गई। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण सुरिजदीन बुरी तरह घायल हो गया। हादसे के बाद परिजन तुरंत सुरिजदीन को निजी साधन से राजापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुरिजदीन की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर बुधवार की दोपहर 12 बजे जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अपना दल एस कमेरावादी द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के विकास भवन परिसर में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में खाद, बिजली और पानी की गंभीर समस्याओं को लेकर किसान संगठनों ने तीखे सवाल उठाए। भाकियू महात्मा टिकैत के जिलाध्यक्ष मधुसूदन तिवारी, भारतीय किसान संघ के बहुआ ब्लाक अध्यक्ष अश्विन तिवारी, किसान नेता रंजीत पटेल और राजू कुर्मी सहित विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने जिले की सभी सहकारी समितियों में खाद की किल्लत और उसकी कालाबाजारी का मुद्दा अधिकारियों के सामने रखा। किसानों ने खाद की किल्लत दूर करने के साथ-साथ पर्याप्त बिजली देने और नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की। इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी पवन सिंह मीणा, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार, एडीसीओ सहकारिता शनि चतुर्वेदी और कृषि विभाग के एडीओ योगेश सिंह सहित संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। इसके बावजूद, किसान नेता अश्विन तिवारी ने आरोप लगाया कि किसान दिवस पर उनकी समस्याएं सुनने के लिए कोई भी बड़ा अधिकारी उपस्थित नहीं था, जिसके कारण समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पाता है। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में धान की रोपाई के लिए खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन सरकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं है और प्राइवेट समितियों में इसे अधिक रेट पर दिया जा रहा है। इसके अलावा, बारिश न होने से खेतों की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है पर नहरों में पानी नहीं है, और बिजली पावर हाउस में लोड का बहाना बनाकर कटौती की जा रही है। किसानों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक किसान दिवस में बड़े अधिकारी मौजूद नहीं होंगे, तब तक उनकी समस्याओं का निदान नहीं हो सकता।1
- फतेहपुर जिले में बारिश होते ही हर सड़क पर पानी भर जाता है और यहाँ जल निकासी का कोई उपाय नहीं बचा है। स्थिति यह है कि जिले की कोई भी सड़क हो, बारिश होते ही वह पूरी तरह पानी से भर जाती है। स्थानीय स्तर पर भारी नाराजगी है क्योंकि पूरे फतेहपुर जिले में विकास का 'वि' भी कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। विशेष रूप से गाजीपुर रोड पर रेलवे पुल के नीचे भी इसी तरह पानी जमा हो जाता है और यह सड़क पूरी तरह से टूटी-फूटी पड़ी हुई है। इस जर्जर सड़क और भयंकर जलभराव के कारण आने-जाने वाले राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा में एक महिला द्वारा जबरदस्ती लड़ाई करने और घूर डालने का मामला सामने आया है। महिला द्वारा जबरन विवाद किया जा रहा है और वहां घूर डाला जा रहा है।1
- ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग शुरू किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से सड़क में गड्ढे, दरारें और अन्य खराबियों की जल्दी पहचान की जा सकेगी, जिससे समय पर मरम्मत कर ग्रामीण संपर्क मार्गों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब गांव की सड़कों पर AI की निगरानी रहेगी और सड़क खराब होते ही तुरंत इसका पता चल जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के देवमई ब्लॉक अंतर्गत जाफरपुर सितर्रा गांव में मनरेगा और खनन माफियाओं के गठजोड़ ने मिलकर लगभग 150 वर्ष पुराने ऐतिहासिक 'लाल बिहारा तालाब' (लाल हजारा तालाब) का अस्तित्व ही मिटा दिया है। साल 2020 में मनरेगा के तहत सिल्ट सफाई के बहाने इस पुरातात्विक धरोहर की जेसीबी मशीनों से 15 फीट गहरी अवैध खुदाई की गई थी। सिंचाई विभाग के तत्कालीन अवर अभियंता राम सकुन पटेल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 6 बीघे के ऐतिहासिक तालाब से लगभग 61,668 घनमीटर बेशकीमती मिट्टी का अवैध खनन किया गया। इस मिट्टी को खनन माफियाओं ने पास की ही प्लॉटिंग की जमीनों को पाटने के लिए खुलेआम बेच दिया। सेठ लाल बिहारी द्वारा निर्मित इस पक्के तालाब में चारों तरफ पक्की चारदीवारी, सात सीढ़ीदार रास्ते और प्राचीन ईंटों की सुंदर दीवारें थीं, जिन्हें जेसीबी चलाकर पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। जब समाचार पत्रों में इस महाघोटाले की खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई, तो तत्कालीन ग्राम प्रधान और जिम्मेदार अधिकारियों ने तालाब की 15 फीट गहराई को छिपाने और साक्ष्य मिटाने के लिए रातभर निजी ट्यूबवेलों से इसमें पानी भरवा दिया। तत्कालीन एसडीएम प्रहलाद सिंह ने मामले का संज्ञान लेकर तहसीलदार गणेश सिंह से दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन स्थानीय ब्लॉक प्रशासन और कानूनगो की गोलमोल रिपोर्ट व लीपापोती के कारण आज 6 साल बीत जाने के बाद भी फाइलें धूल फांक रही हैं और दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी प्रशासनिक विडंबना जुलाई 2026 की रिपोर्टों में देखने को मिल रही है। प्रशासन जिले में 'अमृत सरोवर' अभियान के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रहा है। अकेले फतेहपुर और आसपास के क्षेत्रों में ₹3 करोड़ से अधिक खर्च किए जाने के बावजूद 279 अमृत सरोवर पूरी तरह सूखे और बदहाल पड़े हैं। जहां नए तालाब खोदने के लिए करोड़ों का बजट स्वीकृत हो रहा है, वहीं इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए अब खुदाई की नहीं, बल्कि माफियाओं द्वारा लूटी गई 61 हजार घनमीटर मिट्टी को वापस भरकर इसके प्राचीन स्वरूप को बहाल करने की आवश्यकता है। इस गंभीर अपराध पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई और वित्तीय रिकवरी न होने से स्थानीय ग्रामीणों व समाजसेवियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।4