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राजस्थान के बारां जिले में छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं।
Jagdish Chandra Sharma
राजस्थान के बारां जिले में छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं।
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- छीपाबड़ौद के हरनावदाशाहजी में सऊदी अरब के मक्का-मदीना के मुकद्दस हज सफर से सकुशल अपने वतन लौटने पर एक हज जायरीन का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान लोगों ने हाजी का गले मिलकर, मुँह मीठा कराकर और फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। युवा अरबाज खान ने बताया कि हज जायरीन हाजी मोहम्मद जाकिर शेख ईद-उल-अजहा से पहले हज यात्रा के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने मक्का-मदीना के विभिन्न पवित्र स्थलों की ज़ियारत की और देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारा, खुशहाली व तरक्की के लिए दुआएं मांगी। हज से लौटे हाजी मोहम्मद जाकिर शेख ने अपने अनुभव साझा करते हुए खुद को खुशकिस्मत बताया कि उन्हें खुदा के घर जाने का अवसर मिला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मक्का-मदीना का यह सफर हर किसी को नसीब नहीं होता और उन्होंने अल्लाह से सभी को यह सौभाग्य प्रदान करने की दुआ की। इस भव्य स्वागत कार्यक्रम के दौरान उपसरपंच संजय पारेता, सद्दाम मेव, दिलीप जैन, दशरथ नागर, आशु मंसूरी, संजय चौरसिया, अजय पारेता, आदिल शेख और ओम पंचोली सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।3
- झालावाड़ जिले के अकलेरा में कीचड़ मौजूद है।1
- करीब 15 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ी एक माँ का अपने बच्चों के साथ भावुक पुनर्मिलन हुआ है। महिला ने अपनी याददाश्त खो जाने के कारण इतने वर्षों तक अपने परिवार से दूर जीवन बिताया, लेकिन गहन उपचार और अथक प्रयासों के बाद उसकी स्मृति आखिरकार वापस लौट आई और वह अपने परिजनों तक पहुँचने में सफल रही। यह जानकारी मिली है कि महिला का उपचार कोटा स्थित 'अपना घर आश्रम' में कराया गया था। इलाज के बाद जब उसकी याददाश्त वापस लौटी, तो उसने अपने परिवार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। इन जानकारियों के आधार पर, आश्रम प्रशासन ने उसके परिजनों की तलाश शुरू की और लंबे प्रयासों के बाद परिवार का पता लगाने में कामयाबी हासिल की। माँ और परिवार के इस मिलन का क्षण अत्यंत भावुक था; वर्षों से अपनी माँ की तलाश कर रहे परिजनों की आँखें नम हो गईं। माँ को सामने देखकर उनका बेटा भाव-विभोर होकर उनके चरणों में गिर पड़ा, और इस मार्मिक दृश्य ने वहाँ मौजूद सभी लोगों को द्रवित कर दिया। 'अपना घर आश्रम' के अथक प्रयासों से संभव हुए इस पुनर्मिलन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आशा और निरंतर प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाते। 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद माँ का अपने परिवार से यह मिलन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- बारां जिले के शाहाबाद उपखंड मुख्यालय पर प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में ग्रीनको कंपनी द्वारा शाहाबाद क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे हाइड्रो पावर प्लांट के कार्य को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि केंद्र सरकार ने शाहाबाद क्षेत्र के कॉलोनी और शाहपुर में विद्युत उत्पादन एवं पंप स्टोरेज के लिए ग्रीनको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को पावर प्लांट लगाने की स्वीकृति दी है, जिससे हाइड्रो तकनीक से बिजली का उत्पादन होगा। कंपनी ने प्लांट की स्थापना के लिए जमीन खरीदने का काम शुरू कर दिया है और उसे वन विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी ने वन विभाग की डिमांड राशि भी जमा करा दी है। हालांकि, ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ असामाजिक तत्वों और क्षेत्र के बाहर के लोगों द्वारा आमजन को भ्रमित किया जा रहा है और वे इस प्लांट को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इन बाहरी लोगों द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से वन भूमि के पेड़ कटने का हवाला देकर परियोजना का विरोध किया जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। ज्ञापन में कहा गया है कि शाहाबाद क्षेत्र संपूर्ण राजस्थान का एक अति पिछड़ा क्षेत्र है जो पीजीवीटी में भी शामिल है, और इसे विकास, रोजगार तथा उत्थान के लिए उद्योगों की आवश्यकता है। केंद्र सरकार द्वारा इस कंपनी को शाहाबाद क्षेत्र में स्थापित करने के निर्णय से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। इस परियोजना के पूरा होने पर आदिवासी और गरीब क्षेत्र का विकास होगा, बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, और भूमि का जलस्तर भी बढ़ेगा, जिससे कृषि एवं पेयजल की समस्या का समाधान होगा। इसके अलावा, जंगल हरा-भरा रहेगा, विकसित होगा और वन्यजीवों को भी पेयजल उपलब्ध होगा। अतः, ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि क्षेत्र के बाहर के लोगों द्वारा किए जा रहे विरोधाभास पर ध्यान न देते हुए, इस प्रोजेक्ट के कार्य को जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाए ताकि क्षेत्र का विकास हो सके और रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।4
- गुना जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त से पीड़ित डेढ़ दर्जन से ज़्यादा बच्चों को भर्ती कराया गया है। जाँच के बाद इनमें से कुछ बच्चों में नई पीलिया और हेपेटाइटिस ए की पुष्टि हुई है। ये सभी बच्चे बूढ़े बालाजी, पुरानी छावनी और हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके घरों में कई दिनों से बदबूदार पानी आ रहा है, जिसके कारण बीते करीब 15 दिनों से कई बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। शुरुआत में अभिभावकों ने बच्चों को प्राइवेट डॉक्टरों को दिखाया था। बच्चों की हालत में सुधार न होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लोगों ने मामले की जानकारी कलेक्टर को भी दी, जिसके परिणामस्वरूप तत्काल डॉक्टरों की एक टीम क्षेत्र में भेजी गई। इसके साथ ही, नगर पालिका के जल प्रकोष्ठ ने भी प्रभावित क्षेत्र में पानी की सप्लाई करने वाली टंकी और घरों से पानी के नमूने एकत्र किए हैं। डॉक्टरों ने बताया है कि बच्चे दूषित पानी पीने के कारण बीमार पड़ रहे हैं।2
- गुना जिले के रुठियाई जंक्शन पर यात्रियों के साथ बेज़ुबान जानवर भी खुलेआम सफर के लिए तैयार दिख रहे हैं, जिसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह पोल खोल दी है। इन जानवरों को प्लेटफार्म पर बिना टिकट घूमते देखा जा रहा है, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या इन्हें भी प्लेटफार्म टिकट लेने की जरूरत पड़ती है।1
- एक योग वीडियो में शारीरिक लचीलेपन को बढ़ाने और हृदय गति को कम करने के लिए ताली बजाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। यह वीडियो ऐसे अभ्यासों को प्रस्तुत करता है, और दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे इसे अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक करें, कमेंट करें और साझा करें। धन्यवाद।1
- इंदौर में दूषित जल आपूर्ति के मामले के बाद अब गुना शहर में भी पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के बूढ़े बालाजी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 8 और 9 में दूषित पेयजल सप्लाई की आशंका के बीच एक दर्जन से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए हैं, जिनमें से आधा दर्जन से अधिक बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों के अनुसार, बच्चों को अचानक उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार जैसी शिकायतें होने लगी थीं। तबीयत बिगड़ने पर बच्चों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर दूषित पानी से होने वाले संक्रमण की ओर संकेत किया है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। डॉक्टरों ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों को एहतियात के तौर पर पानी उबालकर पीने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि उनके क्षेत्र में कई दिनों से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही थी, जिसकी शिकायतें संबंधित विभाग को भी की गई थीं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। बच्चों के बीमार पड़ने की घटनाओं के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया है। प्रभावित क्षेत्र से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। यदि जल आपूर्ति में लापरवाही या दूषित पानी की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।2
- कोटा में मठ मायापुरी अखाड़े के महंत देवानंद महाराज की हत्या के विरोध में रामगंजमंडी में सर्व हिंदू समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम चारु शंकर को सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई है। जानकारी के अनुसार, सर्व हिंदू समाज के प्रतिनिधि अंबेडकर चौराहे पर एकत्रित हुए और फिर बाइक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे। वहां, नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा गया। समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बताया कि लगभग 1100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मठ मायापुरी अखाड़े के महंत श्री देवानंद महाराज की 5 जून 2026 की रात को अज्ञात बदमाशों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। यह मठ संत समाज और हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इस घटना के बाद से संत समाज और हिंदू समाज में भारी रोष व्याप्त है। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ज्ञापन में मांग की गई कि हत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए, दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग की।1