पराली ना जलाने हेतु किसानो को विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है पिपरिया तहसील के ग्राम पंचायत धनाश्री में आज 3:30 बजे शुक्रवार को ग्राम कोटवार एवं सचिव द्वारा पराली ना जलाने हेतु किसानो को विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है मैं किसानों को सूचित कर बताया गया कि अभी सभी किसानों की फसल खेत में खड़ी हुई है अगर किसी भी किसान की फसल जो पक गई है वह कटाई करते हैं तो कृपया कर पराली ना जलाएं जिससे अन्य किसानों को पराली जलने से नुकसान ना हो अगर परली जलते हुए कोई भी किसान पाया जाता है तो उसके ऊपर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी जिसके तहत पिपरिया तहसील के ग्राम पंचायत धनाश्री में पंचायत सचिव, छबील राम पटेल, पटवारी मैडम सुरुचि शर्मा, एवं ग्राम कोटवार दरबार सिंह मेहरा, ग्राम के जागरूक कृषक टीकाराम पटेल एवं हेमंत पटेल, संतोष पटेल शुभम पटेल सीमांत पटेल हरीश पटेल आदि उपस्थित रहे,
पराली ना जलाने हेतु किसानो को विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है पिपरिया तहसील के ग्राम पंचायत धनाश्री में आज 3:30 बजे शुक्रवार को ग्राम कोटवार एवं सचिव द्वारा पराली ना जलाने हेतु किसानो को विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है मैं किसानों को सूचित कर बताया गया कि अभी सभी किसानों की फसल खेत में खड़ी हुई है अगर किसी भी किसान की फसल जो पक गई है वह कटाई करते हैं तो कृपया कर पराली ना जलाएं जिससे अन्य किसानों को पराली जलने से नुकसान ना हो अगर परली जलते हुए कोई भी किसान पाया जाता है तो उसके ऊपर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी जिसके तहत पिपरिया तहसील के ग्राम पंचायत धनाश्री में पंचायत सचिव, छबील राम पटेल, पटवारी मैडम सुरुचि शर्मा, एवं ग्राम कोटवार दरबार सिंह मेहरा, ग्राम के जागरूक कृषक टीकाराम पटेल एवं हेमंत पटेल, संतोष पटेल शुभम पटेल सीमांत पटेल हरीश पटेल आदि उपस्थित रहे,
- सिवनी मालवा में गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर नगर कांग्रेस का ज्ञापन, समस्या समाधान की मांग नगर कांग्रेस सिवनी मालवा ने रसोई गैस की बढ़ती किल्लत को लेकर सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार नितिन झोड़ को सौंपकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है। नगर कांग्रेस का कहना है कि सिवनी मालवा तहसील सहित पूरे मध्य प्रदेश में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडरों की भारी कमी बनी हुई है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर कांग्रेस के अनुसार गैस एजेंसियों में ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था ठप पड़ी हुई है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए बार-बार एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद भी उन्हें समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से कई परिवारों की रसोई तक प्रभावित हो रही है। नगर कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भी बाजार में भारी कमी है, जिसके कारण होटल, ढाबे, चाय-नाश्ते की दुकानों सहित छोटे व्यापारियों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों को गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नगर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि नागरिकों को उनकी मूलभूत आवश्यकताएं भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था तत्काल सुचारु रूप से शुरू की जाए तथा घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही नगर कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि यदि कहीं गैस एजेंसियों द्वारा कृत्रिम कमी पैदा कर कालाबाजारी की जा रही हो तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। नगर कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आम जनता के हित में आंदोलन किया जाएगा।1
- मढ़ई में आयोजित की गई स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पर्यटन रणनीति की समीक्षा की गई सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मढ़ई में स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 5 बजे संपन्न हुई। बैठक में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वन्यप्राणी गलियारों के महत्व एवं पारिस्थितिकी सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की सीमा के निकट भवन एवं अन्य अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक मापदंड निर्धारित किए जाने पर समिति द्वारा सर्वसम्मति व्यक्त की गई। साथ ही संरक्षित क्षेत्र की सीमा के निकट पर्यटन सुविधाओं के पर्यावरण के अनुकूल विस्तार, पर्यटन से रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या तथा इसके संभावित दुष्प्रभावों के न्यूनीकरण एवं पुनर्संयोजन के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।1
- खाड़ी देशों में तनाव से केला निर्यात ठप, 2200 रुपए क्विंटल से गिरकर 1200 रुपए तक पहुंचे भाव बड़वानी का प्रसिद्ध केला निर्यात ठप होने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण मुंबई पोर्ट पर सैकड़ों कंटेनर फंसे हैं, जिससे कीमतें 22–25 रुपये से गिरकर 8–9 रुपये प्रति किलो रह गईं। मांग कम होने से किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बड़वानी का केला अपनी मिठास और गुणवत्ता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। यहां से हर वर्ष बड़ी मात्रा में केला ईरान, इराक, इजरायल, बहरीन, तुर्की और दुबई सहित कई मध्य-पूर्वी देशों में निर्यात होता है। नर्मदा किनारे की उपजाऊ भूमि और नदी के पानी से होने वाली खेती के कारण यहां के केले का स्वाद और आकार विशेष माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर अब किसानों की आय पर पड़ रहा है। रमजान के महीने में सामान्यतः केले की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार बाजार में मांग कमजोर बताई जा रही है।1
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- भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें केवल खेतों तक सीमित न रखकर नीति निर्माण, निर्णय प्रक्रिया तथा नेतृत्व के पदों में भी अधिक अवसर दिए जाने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के सशक्तिकरण से कृषि-खाद्य प्रणालियाँ अधिक समावेशी, टिकाऊ और प्रभावी बन सकती हैं। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास के कृषि विज्ञान केंद्र, गोविंदनगर (जिला नर्मदापुरम) का भी प्रतिनिधित्व रहा। केंद्र की पोषण एवं आहार विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा पाण्डेय ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए महिलाओं की पोषण सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्यमिता और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को पोषण, खाद्य प्रसंस्करण, मशरूम उत्पादन तथा अन्य कृषि-आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर की हितग्राही एवं सफल मशरूम उत्पादक श्रीमती मीता ठाकुर ने भी सहभागिता की। श्रीमती मीता ठाकुर ने कृषि विज्ञान केंद्र से प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया है और आज वे अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। उन्होंने सम्मेलन में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिलने से ग्रामीण महिलाएं भी कृषि क्षेत्र में सफल उद्यमी बन सकती हैं। सम्मेलन में विभिन्न देशों और संस्थानों से आए विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों तथा महिला उद्यमियों ने कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, तकनीकी सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा तथा सतत कृषि विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर के लिए यह सहभागिता गर्व का विषय रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र द्वारा ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहे जा रहे हैं।1
- , नर्मदापुरम,पिपरिया पास ग्राम में मटकुली में वरिष्ठ अधिकारियों (राजस्व) के निर्देशन में आज तहसील पिपरिया के अंतर्गत ग्राम मटकुली में शासकीय खसरा नंबर 219 पर सड़क में किए गए अतिक्रमण को पूर्व सूचना उपरांत जेसीबी द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई, वही इसको लेकर शासन प्रशासन को विरोध का सामना भी करना पड़ा नायब तहसीलदार नीरज सिंह बैस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम मटकुली में स्थित पुराना बस स्टेंड की बिल्डिंग, यात्री प्रतीक्षालय, शासकीय छात्रावास एवं आयुर्वेदिक औषद्यालय के सामने का अतिक्रमण को मौके से मुक्त कराया गया एवं ग्राम पंचायत मटकुली एवं शास. आश्रम शाला मटकुली से प्राप्त शिकायत के आधार पर स्कूल के सामने / समीप चिकन, मटन एवं अण्डे की दुकान को हटाया गया । इस दौरान मौके पर नायब तहसीलदार नीरज सिंह बैस, राजस्व निरीक्षक अन्य पुलिस कर्मी, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।1
- गैस सिलेंडर की किल्लत से आमजन परेशान, एजेंसी संचालक पर उपभोक्ताओं ने लगाये आरोप, पुलिस सुरक्षा में हो रहा वितरण नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। एक ओर प्रशासन द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि क्षेत्र में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर सिवनी मालवा में उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि कई दिनों से गैस एजेंसी के चक्कर लगाने के बावजूद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। गैस एजेंसी संचालक भी स्थिति को लेकर कुछ भी स्पष्ट जानकारी देने से इंकार कर रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गैस सिलेंडर लेने आए उपभोक्ता गोपाल हरियाले ने बताया कि शादी समारोहों के लिए गार्डन और बड़े आयोजनों में एक साथ दर्जनों सिलेंडर एजेंसी संचालक द्वारा ब्लैक में दिए जा रहे हैं, जबकि आम उपभोक्ता पिछले चार दिनों से एजेंसी के चक्कर काटने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गैस सिलेंडरों का वितरण अब पुलिस की मौजूदगी में किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सिवनी मालवा थाने से पुलिस सुरक्षा में सिलेंडरों का वितरण कराया जा रहा है, ताकि भीड़ और विवाद की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग बंद कर दी गई है और एजेंसी संचालक ने एजेंसी भी बंद कर रखी है। ऐसे में लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वे गैस सिलेंडर लें तो कहां से लें। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए। थाना प्रभारी सुधाकर बारसकर ने बताया की एजेंसी पर भीड़ अधिक हो रही थी इसलिए थाने से गैस की तबकी का वितरण किया जा रहा है। टंकी की कोई किल्लत नहीं है लोगों के द्वारा अफवाह फैलाई जा रही है वही जब उनसे पूछा गया की 8 दिन पहले की बुकिंग वालों को भी टंकी नहीं मिल पा रही है तो उन्होंने कहा की इसकी जानकारी तो एजेंसी संचालक ही दे पायेंगे। वही जब एजेंसी संचालक मनीष अग्रवाल से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने साफ़ कहा मै कुछ नहीं बोल पाऊंगा आपको जो लिखना हो लिख दो।1
- बनखेड़ी। जनपद पंचायत बनखेड़ी अंतर्गत बाचावानी ग्राम संगठन में करीब 5 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। शिकायत के बाद जांच में गबन की पुष्टि होने पर संबंधित पदाधिकारियों और समूहों को राशि जमा करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन तीन माह बाद भी राशि जमा नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार भाजपा मंडल अध्यक्ष भागवती रमेश पटैल की शिकायत पर मामले की जांच कराई गई थी। 8 अक्टूबर 2025 को गठित जांच दल की रिपोर्ट में पाया गया कि ग्राम संगठन के खाते में 5,25,000 रुपये जमा थे। इसमें से दुर्गा और विनायक आजीविका समूह को 1,05,000-1,05,000 रुपये ऋण दिया गया, जो अब तक वापस नहीं किया गया। वहीं ग्राम संगठन की अध्यक्ष लता पटैल और सचिव नेहा शुक्ला पर मिलीभगत कर 2,86,773 रुपये निकालकर दुरुपयोग करने का आरोप भी जांच में सामने आया। जनपद पंचायत बनखेड़ी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रीना कुमारिया ने एक माह पूर्व स्मरण पत्र जारी कर संबंधितों को 7 दिनों में राशि ब्याज सहित जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक वसूली नहीं हो सकी है।1