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आज दिनांक 10/9/2026 जगदलपुर में एक पेड़ मां के नाम 3.०० में दो हजार से ज्यादा पौधारोपण किया गया एक पेड़ मां के नाम से जगदलपुर में जनजाति वाटिका राष्ट्रीय राजमार्ग जगदलपुर एक पेड़ मां के नाम से लगाया गया इसके मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं वन मंत्री केदार कश्यप जगदलपुर महापौर संजय पांडे जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे और विभिन्न वार्ड के पार्षद गण एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

1 day ago
user_Sudheer tiwari
Sudheer tiwari
जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
1 day ago
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आज दिनांक 10/9/2026 जगदलपुर में एक पेड़ मां के नाम 3.०० में दो हजार से ज्यादा पौधारोपण किया गया एक पेड़ मां के नाम से जगदलपुर में जनजाति वाटिका राष्ट्रीय राजमार्ग जगदलपुर एक पेड़ मां के नाम से लगाया गया इसके मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं वन मंत्री केदार कश्यप जगदलपुर महापौर संजय पांडे जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे और विभिन्न वार्ड के पार्षद गण एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

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  • **गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, अंतिम रूप ले रहीं बप्पा की प्रतिमाएं** **गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, अंतिम रूप ले रहीं बप्पा की प्रतिमाएं** **मूर्तिकार राजेश की प्रतिमाओं की बढ़ी मांग, रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण में** दंतेवाड़ा :- नगर सहित ग्रामीण अंचलों में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गणपति बप्पा के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। समितियों द्वारा जहां भव्य पंडालों को आकर्षक रूप देने की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं घरों में गणेश प्रतिमा विराजित करने वाले परिवार भी बप्पा के स्वागत की तैयारी में जुटे हुए हैं। पंडालों को रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत सज्जा और आकर्षक साज-सज्जा से सजाने का सिलसिला शुरू हो गया है। गणेश चतुर्थी पर्व के लिए अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इसे देखते हुए नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मूर्तिकार गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक का निर्माण और रंग-रोगन का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रतिमाओं की मांग के साथ ही बुकिंग और बिक्री का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दन्तेवाड़ा, गीदम में स्थित मूर्तिकला कला केंद्र के मूर्तिकार राजेश पिछले करीब 10 वर्षों से गणेश भगवान के साथ मां दुर्गा और भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाओं का निर्माण कर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। मूर्तिकार राजेश ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। पर्व को देखते हुए गणपति बप्पा की विभिन्न आकार और स्वरूप की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकांश प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। रंग-रोगन एवं अन्य समानो में वृद्धि हुई है। जिसे देखते हुए प्रतिमाएं की थोड़ी सी रेट में बढ़ोतरी हुई है। बप्पा की अंतिम सजावट का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी गणेश प्रतिमाओं के लिए लोगों द्वारा पहले से आर्डर दिए गए हैं। प्रतिमाओं की बिक्री होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दंतेवाड़ा,गीदम, बचेली,किरंदुल, नकुलनार के बाजार में भी गणपति बप्पा की विभिन्न आकार की प्रतिमाएं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। घरों में स्थापित करने के लिए छोटे आकार की प्रतिमाओं से लेकर गणेशोत्सव समितियों के पंडालों के लिए बड़े आकार की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। गणेशोत्सव को लेकर समितियों के सदस्यों के साथ-साथ बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु बप्पा की प्रतिमा को विधि-विधान से विराजित कर पूजा-अर्चना की तैयारियों में जुटे हैं। नगर और ग्रामीण अंचलों में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच बाजारों में भी पर्व को लेकर चहल-पहल बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में गणपति प्रतिमाओं की खरीदारी और पंडालों की सजावट का कार्य और तेज होने की उम्मीद है।
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    **गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, अंतिम रूप ले रहीं बप्पा की प्रतिमाएं**

**गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, अंतिम रूप ले रहीं बप्पा की प्रतिमाएं**
**मूर्तिकार राजेश की प्रतिमाओं की बढ़ी मांग, रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण में**
दंतेवाड़ा :-  नगर सहित ग्रामीण अंचलों में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गणपति बप्पा के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। समितियों द्वारा जहां भव्य पंडालों को आकर्षक रूप देने की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं घरों में गणेश प्रतिमा विराजित करने वाले परिवार भी बप्पा के स्वागत की तैयारी में जुटे हुए हैं। पंडालों को रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत सज्जा और आकर्षक साज-सज्जा से सजाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
गणेश चतुर्थी पर्व के लिए अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इसे देखते हुए नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मूर्तिकार गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक का निर्माण और रंग-रोगन का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रतिमाओं की मांग के साथ ही बुकिंग और बिक्री का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
दन्तेवाड़ा, गीदम में स्थित मूर्तिकला कला केंद्र के मूर्तिकार राजेश  पिछले करीब 10 वर्षों से गणेश भगवान के साथ मां दुर्गा और भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाओं का निर्माण कर अपनी अलग पहचान बना रहे  हैं।  मूर्तिकार राजेश  ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। पर्व को देखते हुए गणपति बप्पा की विभिन्न आकार और स्वरूप की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकांश प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है।
रंग-रोगन एवं अन्य समानो में वृद्धि हुई है। जिसे देखते हुए प्रतिमाएं की थोड़ी सी रेट में बढ़ोतरी हुई है। 
बप्पा की अंतिम सजावट का काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी गणेश प्रतिमाओं के लिए लोगों द्वारा पहले से आर्डर दिए गए हैं। 
प्रतिमाओं की बिक्री होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
दंतेवाड़ा,गीदम, बचेली,किरंदुल, नकुलनार   के बाजार में भी गणपति बप्पा की विभिन्न आकार की प्रतिमाएं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। घरों में स्थापित करने के लिए छोटे आकार की प्रतिमाओं से लेकर गणेशोत्सव समितियों के पंडालों के लिए बड़े आकार की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।
गणेशोत्सव को लेकर समितियों के सदस्यों के साथ-साथ बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु बप्पा की प्रतिमा को विधि-विधान से विराजित कर पूजा-अर्चना की तैयारियों में जुटे हैं। 
नगर और ग्रामीण अंचलों में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच बाजारों में भी पर्व को लेकर चहल-पहल बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में गणपति प्रतिमाओं की खरीदारी और पंडालों की सजावट का कार्य और तेज होने की उम्मीद है।
    user_Bhuneshwar Thakur
    Bhuneshwar Thakur
    Dantewada, Chhattisgarh•
    1 hr ago
  • जादू-टोना के शक में बुजुर्ग की हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार गीदम थाना क्षेत्र के समलूर गांव में बुजुर्ग की हत्या का मामला सामने आया है। करीब 65 वर्षीय सुखराम सोढ़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुंद एवं कठोर वस्तु से चोट के कारण मौत की पुष्टि हुई। जांच में जादू-टोना करने के शक में हत्या किए जाने की बात सामने आई। गीदम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लकड़ी का पट्टा बरामद कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
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    जादू-टोना के शक में बुजुर्ग की हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार
गीदम थाना क्षेत्र के समलूर गांव में बुजुर्ग की हत्या का मामला सामने आया है। करीब 65 वर्षीय सुखराम सोढ़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुंद एवं कठोर वस्तु से चोट के कारण मौत की पुष्टि हुई। जांच में जादू-टोना करने के शक में हत्या किए जाने की बात सामने आई। गीदम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लकड़ी का पट्टा बरामद कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
    user_Kamlesh singh thakur
    Kamlesh singh thakur
    दंतेवाड़ा, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • मुख्यधारा में लौटीं पुनर्वासित महिलाओं के हाथों में तुंगल डैम की कमान मुख्यधारा में लौटीं पुनर्वासित महिलाओं के हाथों में तुंगल डैम की कमान बस्तर का नया पर्यटन हब बनेगा तुंगल: वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने महिला समूहों को सौंपे पैडल बोट और टेंट ​प्रकृति, पर्यटन और पुनर्वास का अनूठा संगम: सुकमा के तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र से स्थानीय रोजगार को लगेंगे पंख सुकमा/ हिंसा और संघर्ष के अंधेरे को पीछे छोड़ शांति की राह चुनने वाली महिलाओं के जीवन में अब विकास और सम्मान का नया सवेरा हो रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील पुनर्वास नीति के तहत नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटीं आत्मसमर्पित महिलाओं को अब तुंगल डैम के खूबसूरत मुहाने पर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। सुकमा प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने "आत्मसमर्पण पुनर्वास महिला स्व-सहायता समूह" को पैडल बोट और आधुनिक टेंट की चाबी सौंपी। यह पहल केवल पर्यटन का विस्तार नहीं, बल्कि उन हाथों को सम्मानजनक आजीविका देने का संवेदनशील प्रयास है, जो कभी भटक गए थे। तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र में गुरुवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने प्रशासन के उस मानवीय दृष्टिकोण को उजागर किया, जहां पुनर्वास का मतलब सिर्फ सहायता राशि देना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का जरिया तैयार करना है। वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई पैडल बोट और कैंपिंग टेंट के संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह से इन पुनर्वासित महिलाओं के समूह को सौंपी गई है। कल तक जंगलों में अनिश्चित भविष्य से जूझने वाली ये महिलाएं अब पर्यटकों का स्वागत करेंगी और बस्तर के खूबसूरत प्राकृतिक स्वरूप को दुनिया के सामने पेश कर अपनी मेहनत से अपनी तकदीर खुद लिखेंगी। प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विश्वास की राह चुनने वाली पुनर्वासित महिलाओं के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पर्यावरण अनुकूल ईको-टूरिज्म मॉडल न केवल तुंगल को बस्तर संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि स्थानीय और पुनर्वासित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्थायी आजीविका भी प्रदान करेगा। तुंगल डैम में आगामी दिनों में बड़े कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर हर पात्र नागरिक तक त्वरित गति से पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस दूरगामी पहल से सुकमा की छवि में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां कभी असुरक्षा की चर्चाएं होती थीं, आज वहां तुंगल की वादियों में उम्मीद, सशक्तिकरण और मुस्कान तैर रही है। पर्यटकों के लिए तुंगल डैम अब केवल एक पिकनिक स्पॉट नहीं रहेगा, बल्कि यह संघर्ष से उबरकर आत्मनिर्भर बनीं महिलाओं के हौसले और प्रशासनिक संवेदनशीलता की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में पहचाना जाएगा। इससे पूर्व प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने सुकमा सर्किट हाउस में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर श्री अमित कुमार, एसपी श्री मयंक गुर्जर, डीएफओ श्री अक्षय भोंसले, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर, राज्य महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, श्री अरुण सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। बैठक में प्रभारी मंत्री ने प्रशासन को जमीनी स्तर पर सेवा संकल्प यात्रा को प्रभावी बनाने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक त्वरित गति से पहुंचाने के कड़े व व्यावहारिक निर्देश दिए।
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    मुख्यधारा में लौटीं पुनर्वासित महिलाओं के हाथों में तुंगल डैम की कमान

मुख्यधारा में लौटीं पुनर्वासित महिलाओं के हाथों में तुंगल डैम की कमान
बस्तर का नया पर्यटन हब बनेगा तुंगल: वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने महिला समूहों को सौंपे पैडल बोट और टेंट
​प्रकृति, पर्यटन और पुनर्वास का अनूठा संगम: सुकमा के तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र से स्थानीय रोजगार को लगेंगे पंख
सुकमा/ हिंसा और संघर्ष के अंधेरे को पीछे छोड़ शांति की राह चुनने वाली महिलाओं के जीवन में अब विकास और सम्मान का नया सवेरा हो रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील पुनर्वास नीति के तहत नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटीं आत्मसमर्पित महिलाओं को अब तुंगल डैम के खूबसूरत मुहाने पर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। सुकमा प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने "आत्मसमर्पण पुनर्वास महिला स्व-सहायता समूह" को पैडल बोट और आधुनिक टेंट की चाबी सौंपी। यह पहल केवल पर्यटन का विस्तार नहीं, बल्कि उन हाथों को सम्मानजनक आजीविका देने का संवेदनशील प्रयास है, जो कभी भटक गए थे।
तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र में गुरुवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने प्रशासन के उस मानवीय दृष्टिकोण को उजागर किया, जहां पुनर्वास का मतलब सिर्फ सहायता राशि देना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का जरिया तैयार करना है। वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई पैडल बोट और कैंपिंग टेंट के संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह से इन पुनर्वासित महिलाओं के समूह को सौंपी गई है। कल तक जंगलों में अनिश्चित भविष्य से जूझने वाली ये महिलाएं अब पर्यटकों का स्वागत करेंगी और बस्तर के खूबसूरत प्राकृतिक स्वरूप को दुनिया के सामने पेश कर अपनी मेहनत से अपनी तकदीर खुद लिखेंगी।
प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विश्वास की राह चुनने वाली पुनर्वासित महिलाओं के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पर्यावरण अनुकूल ईको-टूरिज्म मॉडल न केवल तुंगल को बस्तर संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि स्थानीय और पुनर्वासित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्थायी आजीविका भी प्रदान करेगा। तुंगल डैम में आगामी दिनों में बड़े कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर हर पात्र नागरिक तक त्वरित गति से पहुंचाने के निर्देश दिए।
प्रशासन की इस दूरगामी पहल से सुकमा की छवि में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां कभी असुरक्षा की चर्चाएं होती थीं, आज वहां तुंगल की वादियों में उम्मीद, सशक्तिकरण और मुस्कान तैर रही है। पर्यटकों के लिए तुंगल डैम अब केवल एक पिकनिक स्पॉट नहीं रहेगा, बल्कि यह संघर्ष से उबरकर आत्मनिर्भर बनीं महिलाओं के हौसले और प्रशासनिक संवेदनशीलता की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में पहचाना जाएगा।
इससे पूर्व प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने सुकमा सर्किट हाउस में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर श्री अमित कुमार, एसपी श्री मयंक गुर्जर, डीएफओ श्री अक्षय भोंसले, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर, राज्य महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, श्री अरुण सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। बैठक में प्रभारी मंत्री ने प्रशासन को जमीनी स्तर पर सेवा संकल्प यात्रा को प्रभावी बनाने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक त्वरित गति से पहुंचाने के कड़े व व्यावहारिक निर्देश दिए।
    user_Shnakar kumar miahra
    Shnakar kumar miahra
    Local News Reporter सुकमा, सुकमा, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • कोंडागांव: कोरगांव में पुलिस ने लगाया दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर कोंडागांव जिले के दूरस्थ ग्राम कोरगांव में 9 और 10 सितंबर को पुलिस विभाग की पहल पर दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वॉलीबॉल, कबड्डी, मटका फोड़ और नींबू दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ दिया गया। साइबर जागृति अभियान के तहत ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। विजेता प्रतिभागियों और स्कूली बच्चों को पुरस्कार एवं नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।
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    कोंडागांव: कोरगांव में पुलिस ने लगाया दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर
कोंडागांव जिले के दूरस्थ ग्राम कोरगांव में 9 और 10 सितंबर को पुलिस विभाग की पहल पर दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वॉलीबॉल, कबड्डी, मटका फोड़ और नींबू दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ दिया गया। साइबर जागृति अभियान के तहत ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। विजेता प्रतिभागियों और स्कूली बच्चों को पुरस्कार एवं नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    Local News Reporter फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन कांकेर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को कांकेर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिनेश मंडावी एवं एसबीआई अवार्ड यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पवन वर्मा ने किया। कांकेर एवं आसपास की विभिन्न बैंक शाखाओं से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने और उन्हें सफल बनाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंककर्मी पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं, तो उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों के मामले में भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था में कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश मंडावी एवं पवन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर सरकार एवं भारतीय बैंक संघ को सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। हड़ताल के कारण कांकेर जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रोत्साहन व्यवस्था में भेदभाव समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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    पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन

कांकेर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को कांकेर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिनेश मंडावी एवं एसबीआई अवार्ड यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पवन वर्मा ने किया। कांकेर एवं आसपास की विभिन्न बैंक शाखाओं से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने और उन्हें सफल बनाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंककर्मी पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि जब बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं, तो उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों के मामले में भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था में कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।
दिनेश मंडावी एवं पवन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर सरकार एवं भारतीय बैंक संघ को सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
हड़ताल के कारण कांकेर जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रोत्साहन व्यवस्था में भेदभाव समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
    user_Ved Prakash Mishra
    Ved Prakash Mishra
    पत्रकारिता कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • हारम चौक के पास बदहाल सड़क, राहगीरों की बढ़ी परेशानी.. गीदम के हारम चौक के पास सड़क की हालत इन दिनों खराब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत जल्द कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।
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    हारम चौक के पास बदहाल सड़क, राहगीरों की बढ़ी परेशानी..
गीदम के हारम चौक के पास सड़क की हालत इन दिनों खराब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत जल्द कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।
    user_Kamlesh singh thakur
    Kamlesh singh thakur
    दंतेवाड़ा, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • चाकू लहराकर दहशत फैलाने वाला युवक गिरफ्तार, धारदार हथियार जब्त चाकू लहराकर दहशत फैलाने वाला युवक गिरफ्तार, धारदार हथियार जब्त जगदलपुर। बोधघाट थाना क्षेत्र के कुम्हारपारा में चाकू लहराकर दहशत फैलाने और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में बस्तर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू भी बरामद किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, कुम्हारपारा निवासी कुरसो सोना ने बोधघाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 सितंबर की सुबह उसके ऑटो के पीछे कुम्हारपारा निवासी रोनित बघेल उर्फ खरगोश (20) नशा कर रहा था। प्रार्थी द्वारा उसे वहां नशा करने से मना करने पर आरोपी कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगा। आरोप है कि आरोपी ने बांस के डंडे से मारपीट कर प्रार्थी को चोट पहुंचाई और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने अपने पास रखा धारदार चाकू निकालकर उसे लहराया और प्रार्थी को धमकाया। मामले की रिपोर्ट पर बोधघाट पुलिस ने अपराध दर्ज कर तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक डी. धोत्रे के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी टामेश्वर चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा घटना करना स्वीकार किए जाने पर उसके कब्जे से धारदार चाकू जब्त किया गया। पुलिस ने आरोपी रोनित बघेल उर्फ खरगोश, पिता लखीराम बघेल, उम्र 20 वर्ष, निवासी कुम्हारपारा, गुरु घासीदास वार्ड, जगदलपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।
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    चाकू लहराकर दहशत फैलाने वाला युवक गिरफ्तार, धारदार हथियार जब्त


चाकू लहराकर दहशत फैलाने वाला युवक गिरफ्तार, धारदार हथियार जब्त
जगदलपुर। बोधघाट थाना क्षेत्र के कुम्हारपारा में चाकू लहराकर दहशत फैलाने और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में बस्तर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू भी बरामद किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, कुम्हारपारा निवासी कुरसो सोना ने बोधघाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 सितंबर की सुबह उसके ऑटो के पीछे कुम्हारपारा निवासी रोनित बघेल उर्फ खरगोश (20) नशा कर रहा था। प्रार्थी द्वारा उसे वहां नशा करने से मना करने पर आरोपी कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगा। आरोप है कि आरोपी ने बांस के डंडे से मारपीट कर प्रार्थी को चोट पहुंचाई और जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपी ने अपने पास रखा धारदार चाकू निकालकर उसे लहराया और प्रार्थी को धमकाया। मामले की रिपोर्ट पर बोधघाट पुलिस ने अपराध दर्ज कर तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक डी. धोत्रे के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी टामेश्वर चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा घटना करना स्वीकार किए जाने पर उसके कब्जे से धारदार चाकू जब्त किया गया।
पुलिस ने आरोपी रोनित बघेल उर्फ खरगोश, पिता लखीराम बघेल, उम्र 20 वर्ष, निवासी कुम्हारपारा, गुरु घासीदास वार्ड, जगदलपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।
    user_Hari singh Thakur
    Hari singh Thakur
    Pharmacist बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर सुकमा जिला कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस मध्यप्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर सुकमा जिला कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस *जिला अध्यक्ष हरीश कवासी* एवं *आदिवासी प्रकोष्ठ अध्यक्ष वेको हुगा ने कहा*- यह सामान्य मौत नहीं, सरकार द्वारा की गई हत्या है, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे और मृतक परिवारों को 1 करोड़ मुआवजे की मांग की,
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    मध्यप्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर सुकमा जिला कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस

मध्यप्रदेश के बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर सुकमा जिला कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस
*जिला अध्यक्ष हरीश कवासी* एवं *आदिवासी प्रकोष्ठ अध्यक्ष वेको हुगा ने कहा*- यह सामान्य मौत नहीं, सरकार द्वारा की गई हत्या है,
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे और मृतक परिवारों को 1 करोड़ मुआवजे की मांग की,
    user_संवाद TAK
    संवाद TAK
    सुकमा, सुकमा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
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